आजीविका कार्यक्रम: जुड़ने से पहले घंटे और कमाई आंकें
SHG आजीविका काम, RSETI कोर्स या DDU-GKY ट्रेनिंग से पहले हफ्ते के घंटे, प्रति घंटा असली कमाई और खर्च का अनुमान लगाएं। चेकलिस्ट और ₹ उदाहरण।

इस लेख में
किसी आजीविका कार्यक्रम से जुड़ने से पहले दो आंकड़े निकालें: हफ्ते में असल में कितने घंटे लगेंगे (आना-जाना, खरीदना और बेचना मिलाकर), और हर खर्च व लोन किस्त के बाद हर महीने हाथ में क्या बचेगा। दूसरे को पहले से भाग दें तो प्रति घंटा कमाई मिलती है, जिसे आप स्थानीय मजदूरी या दूसरे विकल्पों से मिला सकती हैं। DAY-NRLM के तहत SHG से जुड़े आजीविका काम, RSETI स्वरोजगार कोर्स और DDU-GKY प्लेसमेंट-लिंक्ड ट्रेनिंग जैसे कार्यक्रम आय बढ़ा सकते हैं, पर आंकड़े ट्रेड, सीजन और बाजार के हिसाब से बहुत अलग होते हैं। यहां के आंकड़े नवंबर 2026 तक के हैं और उदाहरण भर हैं; विवरण अपने ब्लॉक ऑफिस, SRLM स्टाफ या ट्रेनिंग सेंटर से जांचें।
तीन तरह के कार्यक्रम, तीन अलग हिसाब
| कार्यक्रम का प्रकार | आपको क्या मिलता है | आप क्या लगाती हैं | मुख्य सवाल |
|---|---|---|---|
| SHG आजीविका काम (डेयरी, बकरी पालन, सिलाई, खाना, दुकान) | समूह से लोन, ट्रेनिंग, SRLM से बाजार मदद | रोज की मेहनत, अपना हिस्सा, लोन चुकौती | घंटों के मुकाबले मासिक शुद्ध आय |
| RSETI स्वरोजगार कोर्स | मुफ्त छोटी आवासीय ट्रेनिंग; बाद में मदद | घर से दूर दिन, फिर यूनिट लगाना | क्या मैं यूनिट शुरू कर पाऊंगी और कब कमाएगी? |
| DDU-GKY प्लेसमेंट-लिंक्ड ट्रेनिंग | ग्रामीण युवाओं को स्किल ट्रेनिंग, प्लेसमेंट मदद | महीनों की ट्रेनिंग, शायद पलायन | सैलरी बनाम शहर में रहने और आने-जाने का खर्च |
RSETI कोर्स मुफ्त और आवासीय होते हैं, ट्रेड के हिसाब से आमतौर पर करीब एक हफ्ते से छह हफ्ते तक। DDU-GKY कोर्स आमतौर पर तीन, छह, नौ या बारह महीने के होते हैं, और आधिकारिक जवाबों में ट्रेनिंग पार्टनर के लिए न्यूनतम प्लेसमेंट लक्ष्य प्रशिक्षित उम्मीदवारों का 70% बताया गया है। अपने कोर्स के आंकड़े सेंटर से ही मांगें।
कदम 1: असली घंटे गिनें
लोग घंटे कम आंकते हैं क्योंकि सिर्फ "मुख्य" काम गिनते हैं। एक सामान्य हफ्ते के लिए ये सब जोड़ें:
- मुख्य काम (दूध निकालना, सिलाई, खाना बनाना, दुकान खुलने के घंटे)
- सामान खरीदना (चारा, कपड़ा, कच्चा माल)
- बाजार, बैंक, SHG बैठक तक आना-जाना
- बेचना, डिलीवरी, भुगतान वसूलना
- सफाई, रखरखाव, हिसाब रखना
- परिवार के सदस्यों के घंटे
एक सामान्य हफ्ते और एक व्यस्त हफ्ते (जैसे त्योहार का सीजन) की तालिका बनाएं।
कदम 2: मासिक आय और खर्च का अनुमान
स्थानीय, मौजूदा दाम लें। अपने SHG या VO की उन सदस्यों से पूछें जो पहले से यही काम करती हैं। लिखें:
- सामान्य और कमजोर महीने में अनुमानित बिक्री
- कच्चा माल, चारा, बिजली, किराया, पैकेजिंग
- लोन किस्त (ईएमआई कैलकुलेटर से जांचें)
- मरम्मत, पशु डॉक्टर या रखरखाव का महीने का औसत खर्च
- नुकसान (पशु की बीमारी, बिना बिका माल, वापसी)
कदम 3: प्रति घंटा कमाई निकालें
शुद्ध मासिक कमाई = बिक्री − सारे खर्च − लोन किस्त
प्रति घंटा कमाई = शुद्ध मासिक कमाई ÷ मासिक घंटे
फिर उतने ही घंटों में स्थानीय मजदूरी या नौकरी से होने वाली कमाई से मिलाएं। अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी राज्य और काम के प्रकार के हिसाब से अलग होती है; पुराने आंकड़ों के बजाय अपने राज्य के श्रम विभाग की मौजूदा दरें देखें।
उदाहरण: दो गाय बनाम सिलाई
SHG सदस्य मीना सोच रही है कि ₹1,20,000 के SHG-लिंक्ड लोन से दो गाय खरीदे या ₹40,000 की मशीन और स्टॉक से सिलाई करे।
डेयरी (उदाहरण):
- बेचा दूध: 14 लीटर रोज × ₹40 × 30 दिन = ₹16,800
- दाना, चारा, पशु डॉक्टर, बीमा: ₹9,000
- लोन किस्त (₹1,20,000 पर 7% से 3 साल): ₹3,705
- शुद्ध: ₹16,800 − ₹9,000 − ₹3,705 = ₹4,095
- घंटे: उसके 4 घंटे रोज और पति का 1 घंटा रोज = 5 × 30 = 150 घंटे
- प्रति घंटा कमाई: ₹4,095 ÷ 150 = करीब ₹27
सिलाई (उदाहरण):
- बिक्री: ₹12,000
- माल और बिजली: ₹4,800
- लोन किस्त (₹40,000 पर 7% से 3 साल): ₹1,235
- शुद्ध: ₹12,000 − ₹4,800 − ₹1,235 = ₹5,965
- घंटे: 6 घंटे रोज × 25 दिन = 150 घंटे
- प्रति घंटा कमाई: ₹5,965 ÷ 150 = करीब ₹40
| पैमाना | डेयरी | सिलाई |
|---|---|---|
| मासिक बिक्री | ₹16,800 | ₹12,000 |
| खर्च और ईएमआई के बाद शुद्ध | ₹4,095 | ₹5,965 |
| घर के महीने के घंटे | 150 | 150 |
| प्रति घंटा कमाई | ~₹27 | ~₹40 |
| लोन चुकने के बाद | ~₹7,800 महीना | ~₹7,200 महीना |
जवाब अपने आप तय नहीं होता। लोन चलने तक डेयरी में प्रति घंटा कमाई कम है, पर लोन खत्म होने पर उसके पास उत्पादक पशु रहते हैं और शुद्ध आय ज्यादा (करीब ₹7,800) होती है, बशर्ते दूध उतना ही रहे। सिलाई अभी प्रति घंटा बेहतर देती है पर ऑर्डर पर निर्भर है। कमजोर महीने भी मायने रखते हैं: गर्मी में दूध 9 लीटर रह जाए तो डेयरी की शुद्ध आय ₹6,000 घटकर उस महीने घाटे में चली जाती है।
कदम 4: तंगी वाले महीने जांचें
अपने सबसे खराब संभावित महीने के लिए यही हिसाब लगाएं। शुद्ध आय माइनस में जाए तो बचत या छोटा लोन चाहिए। जो काम अच्छे महीनों में अच्छा दे पर कमजोर महीनों में किस्त न निकाल सके, वह आपको दूसरी जगह से उधार लेने पर मजबूर करेगा। अनियमित आय में बजट की गाइड बफर बनाने का तरीका बताती है।
कदम 5: शुरुआत की लागत गिनें
ट्रेनिंग और सेटअप में भी समय और पैसा लगता है। आवासीय कोर्स का मतलब है मजदूरी या घर से कुछ दिन दूर रहना; प्लेसमेंट-लिंक्ड कोर्स में कुछ महीने बिना कमाई और फिर शहर जाना पड़ सकता है। ट्रेनिंग के दौरान छूटी मजदूरी, आना-जाना, किसी संपत्ति में अपना हिस्सा, और पहले महीने की कार्यशील पूंजी जोड़ें। अगर यूनिट को स्थिर कमाई में तीन महीने लगें, तो शुरुआती लागत को अनुमानित मासिक शुद्ध आय से भाग देकर देखें कि उसे वसूलने में कितने महीने लगेंगे। जैसे, ₹12,000 की शुरुआती लागत ₹4,000 महीने से तीन महीने में वसूल होती है।
कदम 6: दाखिले से पहले पूछे जाने वाले सवाल
- इस काम में मौजूदा सदस्य अच्छे और खराब महीनों में असल में कितना कमाती हैं?
- माल कौन खरीदता है, किस दाम पर, और भुगतान कब करता है?
- कौन सी ट्रेनिंग मिलती है, कितने समय की, और क्या बाद में मदद मिलती है?
- प्लेसमेंट कार्यक्रम के लिए: नौकरी कहां है, हाथ में कितनी सैलरी आएगी, और वहां किराया-खाना कितने का होगा?
- पशु मर जाए, मशीन टूट जाए या मैं बीमार पड़ जाऊं तो क्या होगा? क्या बीमा मिलता है?
- क्या कोई फीस है? RSETI और DDU-GKY ट्रेनिंग जैसे सरकारी कार्यक्रम प्रशिक्षुओं के लिए मुफ्त होने चाहिए; "दाखिला दिलाने" के नाम पर पैसा मांगने वालों से सावधान रहें।
पैमाने के रूप में लखपति दीदी
लखपति दीदी लक्ष्य में ऐसी SHG सदस्य गिनी जाती है जिसकी घरेलू आय साल में कम से कम ₹1 लाख हो और कम से कम चार सीजन या बिजनेस चक्र तक बनी रहे, यानी औसतन करीब ₹8,300 महीना। यह उपयोगी पैमाना है, पर यह सभी स्रोतों से घर की कुल आय है, किसी एक काम की कमाई नहीं। लोन की जानकारी के लिए NRLM SHG लोन और लखपति दीदी देखें।
मुख्य बातें
- सामान्य और व्यस्त हफ्ते के लिए हर घंटा गिनें, जिसमें आना-जाना, बेचना और परिवार की मदद भी हो।
- शुद्ध कमाई = बिक्री में से सारे खर्च और लोन किस्त घटाकर; घंटों से भाग दें तो प्रति घंटा कमाई मिलती है।
- उदाहरण में लोन चलते समय डेयरी से करीब ₹27 और सिलाई से करीब ₹40 प्रति घंटा मिले।
- हमेशा सबसे खराब महीना जांचें; माइनस में जाए तो लोन घटाएं या पहले बचत बनाएं।
- मौजूदा सदस्यों और ट्रेनिंग सेंटर से असली आंकड़े पूछें, और मुफ्त कार्यक्रम में जुड़ने के लिए एजेंट को कभी पैसा न दें।
संबंधित गाइड: स्किल कोर्स में प्लेसमेंट है या नहीं? ऐसे जांचें, आजीविका आवेदन लंबित है और जिला बदल गया: क्या करें.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आजीविका कार्यक्रम में जुड़ने से पहले कमाई का अनुमान कैसे लगाएं?
हर हफ्ते लगने वाले घंटे लिखें, जिसमें आना-जाना, खरीदने और बेचने का समय भी हो। मासिक बिक्री का अनुमान लगाएं और लोन किस्त समेत सारे खर्च घटाएं। बची रकम को मासिक घंटों से भाग दें तो प्रति घंटा कमाई मिलती है; इसे उस स्थानीय दिहाड़ी से मिलाएं जो आप वैसे कमातीं।
RSETI ट्रेनिंग कोर्स कितने लंबे होते हैं?
RSETI कोर्स छोटे, मुफ्त और आवासीय होते हैं, ट्रेड के हिसाब से आमतौर पर करीब एक हफ्ते से छह हफ्ते तक। सही अवधि अपने जिले के RSETI या प्रायोजक बैंक से पूछें।
क्या DDU-GKY ट्रेनिंग के बाद नौकरी की गारंटी है?
किसी व्यक्ति को गारंटी नहीं दी जाती। ट्रेनिंग पार्टनर को प्लेसमेंट लक्ष्य पूरे करने होते हैं, जिन्हें आधिकारिक जवाबों में प्रशिक्षित उम्मीदवारों का न्यूनतम 70% बताया गया है। दाखिले से पहले सेंटर से कोर्स की अवधि, नौकरी की जगह, अनुमानित सैलरी और पिछला प्लेसमेंट रिकॉर्ड पूछें।
लखपति दीदी गिने जाने के लिए कितनी कमाई चाहिए?
ऐसी SHG सदस्य जिसकी घरेलू आय साल में कम से कम ₹1 लाख हो और कम से कम चार कृषि सीजन या बिजनेस चक्र तक बनी रहे। यह औसतन करीब ₹8,300 महीना है।
क्या परिवार की बिना वेतन वाली मदद भी गिननी चाहिए?
हां। परिवार के सदस्यों के घंटे भी जोड़ें। अगर काम सिर्फ इसलिए फायदे में है कि दूसरे मुफ्त में काम करते हैं, तो घर के लिए प्रति घंटा कमाई जितनी दिखती है उससे कम है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।