वाजपेयी बैंकेबल योजना 2026: ₹25 लाख लोन, सब्सिडी, आवेदन
श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना गुजरात: ₹25 लाख तक लोन, 20-40% सब्सिडी (अधिकतम ₹3.75-5 लाख), पात्रता, दस्तावेज और BLP पोर्टल पर आवेदन का तरीका।

इस लेख में
- वाजपेयी बैंकेबल योजना क्या है
- क्या बदला: ₹8 लाख से ₹25 लाख
- अक्टूबर 2026 तक सब्सिडी की दरें
- पात्रता
- आमतौर पर जरूरी दस्तावेज
- उदाहरण: सब्सिडी की सीमा कैसे लगती है
- बैंकेबल लोन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- आवेदन अटकने या खारिज होने के आम कारण
- आवेदन में देरी हो तो शिकायत कैसे करें
- तुलना के लिए दूसरी योजनाएं
- मुख्य बातें
श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना गुजरात सरकार की योजना है, जिसमें छोटा उद्योग, सर्विस या व्यापार शुरू करने के लिए लिए गए बैंक लोन पर एक बार की कैपिटल सब्सिडी मिलती है। अक्टूबर 2026 तक अधिकतम लोन ₹25 लाख है, और आपकी कैटेगरी तथा कारोबार ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में होने के आधार पर लोन का 20% से 40% सब्सिडी मिलती है, जो जनरल कैटेगरी के लिए अधिकतम ₹3.75 लाख और SC, ST व दिव्यांग आवेदकों के लिए ₹5 लाख है। आवेदन राज्य के बैंकेबल लोन पोर्टल पर ऑनलाइन होता है, और लोन देना है या नहीं, यह सरकार नहीं बल्कि बैंक तय करता है।
वाजपेयी बैंकेबल योजना क्या है
यह योजना गुजरात के खादी, कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग के तहत कुटीर और ग्रामोद्योग आयुक्त कार्यालय चलाता है, और जिला स्तर पर आवेदनों का काम जिला उद्योग केंद्र (DIC) देखता है। यह शहरों और गांवों के बेरोजगार युवाओं और छोटे स्वरोजगार करने वालों के लिए है।
व्यवहार में यह ऐसे काम करती है:
- आप बैंक की सामान्य ब्याज दर पर बैंक से बिजनेस लोन लेते हैं।
- राज्य सरकार उस लोन से जुड़ी कैपिटल सब्सिडी देती है। राज्य सरकार के अनुसार बैंक लोन मंजूर करके देने के बाद सब्सिडी जमा होती है।
- सब्सिडी अलग से मिलने वाला नकद अनुदान नहीं है जिसे आप मनमर्जी से खर्च कर सकें। यह आपका असल में चुकाया जाने वाला कर्ज घटाती है।
राज्य के स्तर पर यह बड़ी योजना है। गुजरात सरकार ने मई 2026 में बताया कि 2021 से 2025 के बीच 1.42 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को ₹1,243 करोड़ से अधिक सब्सिडी मिली, और सिर्फ वित्त वर्ष 2025-26 में 47,462 लाभार्थियों को ₹466 करोड़ मिले।
क्या बदला: ₹8 लाख से ₹25 लाख
नवंबर 2024 में घोषित गुजरात की नई कुटीर और ग्रामोद्योग नीति ने योजना की सीमाएं बढ़ाईं। राज्य के अनुसार ये वित्त वर्ष 2025-26 से लागू हैं:
| विवरण | पहले | वित्त वर्ष 2025-26 से |
|---|---|---|
| अधिकतम लोन | ₹8 लाख | ₹25 लाख |
| अधिकतम सब्सिडी (जनरल कैटेगरी) | ₹1.25 लाख | ₹3.75 लाख |
| अधिकतम सब्सिडी (SC, ST, दिव्यांग) | क्षेत्र के अनुसार कम सीमा | ₹5 लाख |
कई वेबसाइट अब भी पुरानी ₹8 लाख की सीमा और क्षेत्र-वार पुरानी सीमाएं दिखाती हैं। आधिकारिक पोर्टल या अपने DIC के आंकड़ों को ही मानें, क्योंकि खास क्षेत्र और कैटेगरी की सीमाएं सरकारी प्रस्ताव (GR) में तय होती हैं।
अक्टूबर 2026 तक सब्सिडी की दरें
| क्षेत्र | जनरल कैटेगरी | आरक्षित कैटेगरी |
|---|---|---|
| ग्रामीण | लोन का 25% | लोन का 40% |
| शहरी | लोन का 20% | लोन का 30% |
आरक्षित कैटेगरी में परंपरागत रूप से SC और ST आवेदक, महिलाएं, पूर्व सैनिक और दिव्यांग शामिल रहे हैं। आप किस कैटेगरी में आते हैं, यह DIC से पक्का कर लें, क्योंकि सब्सिडी की सीमा भी इसी पर निर्भर करती है। हर मामले में सब्सिडी प्रतिशत और रुपये की सीमा में से जो कम हो, वही मिलती है।
पात्रता
- निवास: गुजरात के स्थायी निवासी।
- उम्र: 18 से 65 वर्ष।
- शिक्षा या कौशल (कोई एक): कम से कम कक्षा 4 पास; या निजी संस्थान से कारोबार से जुड़ी कम से कम तीन महीने की ट्रेनिंग; या सरकार मान्य संस्थान से कम से कम एक महीने की ट्रेनिंग; या कारोबार का एक साल का अनुभव; या पारंपरिक कारीगर परिवार।
- आय: कोई आय सीमा नहीं।
- गतिविधि: उद्योग (मैन्युफैक्चरिंग), सर्विस या व्यापार।
बैंक अलग से आपका क्रेडिट इतिहास और कारोबार चल पाएगा या नहीं, यह जांचेगा। सब्सिडी वाला लोन बैंक द्वारा ठुकराने का सबसे आम कारण खराब सिबिल रिकॉर्ड है, इसलिए आवेदन से पहले मुफ्त में सिबिल स्कोर चेक करें।
आमतौर पर जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड और PAN
- गुजरात में निवास का प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- शिक्षा, ट्रेनिंग, अनुभव या पारंपरिक कारीगर होने का प्रमाण
- ज्यादा सब्सिडी मांग रहे हों तो जाति प्रमाणपत्र (SC/ST) या दिव्यांगता प्रमाणपत्र
- मशीनरी या माल के कोटेशन के साथ प्रोजेक्ट रिपोर्ट
- बैंक खाते का विवरण
सटीक सूची गतिविधि और बैंक के हिसाब से बदल सकती है। आपके आवेदन के लिए क्या अपलोड करना है, यह पोर्टल पर दिखता है।
उदाहरण: सब्सिडी की सीमा कैसे लगती है
जनरल कैटेगरी के दो आवेदक लेते हैं।
आवेदक A: ग्रामीण सर्विस यूनिट, ₹10 लाख का लोन
- 25% सब्सिडी = 25% × ₹10,00,000 = ₹2,50,000
- यह ₹3.75 लाख की सीमा से कम है, इसलिए पूरे ₹2,50,000 मिलेंगे।
- असल में चुकाया जाने वाला कर्ज = ₹10,00,000 − ₹2,50,000 = ₹7,50,000
आवेदक B: शहरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, ₹20 लाख का लोन
- 20% सब्सिडी = 20% × ₹20,00,000 = ₹4,00,000
- यह ₹3.75 लाख की सीमा से ज्यादा है, इसलिए सब्सिडी ₹3,75,000 तक सीमित रहेगी।
- असल में चुकाया जाने वाला कर्ज = ₹20,00,000 − ₹3,75,000 = ₹16,25,000
उदाहरण के तौर पर 11% ब्याज दर और 5 साल (60 महीने) की अवधि मानें, तो ईएमआई पर असर:
| लोन | सब्सिडी के बिना | सब्सिडी के बाद |
|---|---|---|
| आवेदक A | ₹10,00,000 → ईएमआई ₹21,742 | ₹7,50,000 → ईएमआई ₹16,307 |
| आवेदक B | ₹20,00,000 → ईएमआई ₹43,485 | ₹16,25,000 → ईएमआई ₹35,331 |
आवेदक A का कुल ब्याज लगभग ₹3,04,545 से घटकर लगभग ₹2,28,409 हो जाता है। यह सिर्फ उदाहरण है: व्यवहार में सब्सिडी कब और कैसे समायोजित होगी, यह बैंक तय करता है, और शुरुआती ईएमआई पूरे लोन पर गिनी जा सकती है। अपने बैंक की असली दर और अवधि के साथ ईएमआई कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
ध्यान दें कि लगभग ₹15 लाख (जनरल ग्रामीण) या ₹18.75 लाख (जनरल शहरी) से ज्यादा लोन पर सीमा लग जाती है और सब्सिडी नहीं बढ़ती। जरूरत से ज्यादा लोन लेने से ज्यादा सब्सिडी नहीं मिलती।
बैंकेबल लोन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें। इसमें कारोबार का विवरण, मशीनरी या माल के कोटेशन, वर्किंग कैपिटल, अनुमानित मासिक बिक्री और ईएमआई कैसे चुकेगी, यह लिखें। आंकड़े वास्तविक रखें।
- पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें। blp.gujarat.gov.in पर गुजरात बैंकेबल लोन पोर्टल खोलकर मोबाइल नंबर और OTP से Citizen Register करें।
- आवेदन भरें। लॉगिन करके श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना चुनें और व्यक्तिगत, कारोबार, प्रोजेक्ट लागत और बैंक शाखा का विवरण भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें। आवेदन नंबर संभालकर रखें।
- DIC द्वारा जांच। जिला उद्योग केंद्र पात्रता जांचता है, इंटरव्यू या सत्यापन के लिए बुला सकता है, फिर आवेदन बैंक को भेजता है।
- बैंक द्वारा मूल्यांकन और मंजूरी। बैंक आपकी सिबिल रिपोर्ट, प्रोजेक्ट और किस्त चुकाने की क्षमता जांचकर लोन मंजूर करता है और देता है।
- सब्सिडी जारी होना। लोन मिलने के बाद योजना के नियमों के अनुसार बैंक के जरिए सब्सिडी जारी होती है।
- स्टेटस देखें पोर्टल के Application Status विकल्प से।
आपके जिले का DIC फॉर्म भरने में मदद कर सकता है। नए कारोबार के लिए लोन फाइल कैसे तैयार करें, इसके लिए नए बिजनेस के लिए मुद्रा लोन का आवेदन देखें; ज्यादातर तैयारी वही है।
आवेदन अटकने या खारिज होने के आम कारण
- कमजोर या बढ़ा-चढ़ाकर बनाई गई प्रोजेक्ट रिपोर्ट। जहां बिक्री अवास्तविक लगे या ईएमआई साफ तौर पर कवर न हो, ऐसे प्रस्ताव बैंक ठुकरा देते हैं।
- खराब क्रेडिट इतिहास। पुराना डिफॉल्ट, सेटलमेंट या राइट-ऑफ लोन सिबिल में दिखता है।
- अधूरे दस्तावेज। ट्रेनिंग, जाति या निवास का प्रमाण न होने पर DIC की जांच में देरी होती है।
- कोटेशन में अंतर। असल में खरीदी गई मशीनरी या माल से कोटेशन मेल न खाएं तो लोन वितरण और निरीक्षण के समय दिक्कत होती है।
- यूनिट बंद। सत्यापन के समय कारोबार चालू न मिले तो सब्सिडी रोकी या वसूली जा सकती है।
आवेदन में देरी हो तो शिकायत कैसे करें
- पहले DIC। आवेदन नंबर के साथ अपने जिला उद्योग केंद्र के जनरल मैनेजर से मिलें।
- बैंक में शिकायत। बैंक फाइल रोककर बैठा हो तो शाखा को और फिर बैंक के ग्रीवेंस रिड्रेसल ऑफिसर को लिखें।
- आरबीआई इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन। बैंक 30 दिन में जवाब न दे, या जवाब से संतुष्ट न हों, तो cms.rbi.org.in पर बैंक के खिलाफ शिकायत करें।
- राज्य का शिकायत पोर्टल। सरकारी स्तर पर देरी के लिए गुजरात की SWAGAT ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था (swagat.gujarat.gov.in) या केंद्र का CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) इस्तेमाल कर सकते हैं।
फीस लेकर "पक्की मंजूरी" का वादा करने वाले एजेंटों और फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें। योजना में कोई पैसे लेने वाला बिचौलिया नहीं है, और अपने आवेदन के लिए कभी किसी को OTP न दें या पैसे न दें।
तुलना के लिए दूसरी योजनाएं
अगर आप पात्र नहीं हैं या बैंक मना कर दे, तो केंद्र की PMEGP लोन सब्सिडी, जिसमें 15% से 35% सब्सिडी है, और सरकारी बिजनेस लोन योजनाओं की पूरी सूची से तुलना करें। आमतौर पर एक ही प्रोजेक्ट के लिए एक ही कैपिटल सब्सिडी ली जा सकती है, इसलिए जिस योजना से आपके मामले में ज्यादा फायदा हो, उसे चुनें।
मुख्य बातें
- श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना गुजरात में नए उद्योग, सर्विस या व्यापार के बैंक लोन पर कैपिटल सब्सिडी देती है।
- वित्त वर्ष 2025-26 से लोन सीमा ₹25 लाख है; सब्सिडी 25-40% (ग्रामीण) या 20-30% (शहरी), अधिकतम ₹3.75 लाख (जनरल) और ₹5 लाख (SC, ST, दिव्यांग)।
- पात्रता: गुजरात निवासी, उम्र 18-65, कक्षा 4 पास या संबंधित ट्रेनिंग या अनुभव; कोई आय सीमा नहीं।
- blp.gujarat.gov.in पर मुफ्त आवेदन करें; DIC जांच करता है और लोन बैंक तय करता है।
- सब्सिडी प्रतिशत और सीमा में से जो कम हो वही मिलती है, इसलिए ज्यादा लोन लेने से हमेशा ज्यादा सब्सिडी नहीं मिलती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वाजपेयी बैंकेबल योजना में अधिकतम कितना लोन मिलता है?
गुजरात सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 से श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना में अधिकतम लोन ₹8 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया गया है। असल में कितना लोन मिलेगा, यह बैंक आपके प्रोजेक्ट और किस्त चुकाने की क्षमता देखकर तय करता है।
वाजपेयी बैंकेबल योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
कैटेगरी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में लोन का 25% से 40% और शहरी क्षेत्र में 20% से 30% सब्सिडी मिलती है। अक्टूबर 2026 तक राज्य द्वारा बताई गई अधिकतम सीमा जनरल कैटेगरी के लिए ₹3.75 लाख और SC, ST व दिव्यांग लाभार्थियों के लिए ₹5 लाख है।
वाजपेयी बैंकेबल योजना के लिए कौन पात्र है?
18 से 65 वर्ष के गुजरात निवासी, जिन्होंने कम से कम कक्षा 4 पास की हो, या संबंधित ट्रेनिंग ली हो, कारोबार का एक साल का अनुभव हो या पारंपरिक कारीगर परिवार से हों। कोई आय सीमा नहीं है।
वाजपेयी बैंकेबल योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
गुजरात बैंकेबल लोन पोर्टल (blp.gujarat.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन करें, आवेदन भरें, दस्तावेज अपलोड करके सबमिट करें। जिला उद्योग केंद्र उसकी जांच करके आपके चुने हुए बैंक को भेजता है, और बैंक लोन मंजूर करता है।
क्या वाजपेयी बैंकेबल योजना का लोन ब्याज मुक्त है?
नहीं। बैंक अपनी सामान्य ब्याज दर लेता है। सरकार बैंक के जरिए एक बार की कैपिटल सब्सिडी देती है, जिससे आपको असल में चुकाई जाने वाली रकम घट जाती है।
क्या वाजपेयी बैंकेबल योजना के लोन के लिए एजेंट को पैसे देने पड़ते हैं?
नहीं। पोर्टल पर आवेदन मुफ्त है और जिला उद्योग केंद्र बिना किसी फीस के मार्गदर्शन देता है। लोन या सब्सिडी मंजूर कराने के लिए फीस मांगने वाला व्यक्ति योजना का हिस्सा नहीं है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।