डिमांड ड्राफ्ट में गलत नाम? कैंसिल, दोबारा बनवाएं या सुधारें
डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) गलत नाम से बन गया? बैंक इसे क्यों नहीं सुधारते, कैंसिल करके नया डीडी कैसे बनता है, चार्ज, समय-सीमा और बैंक से क्या पूछें।

इस लेख में
"मैंने बच्चे की कॉलेज फीस के लिए डिमांड ड्राफ्ट बनवाया, और उस पर संस्थान का नाम गलत है।" या लाभार्थी के नाम की स्पेलिंग गलत है, या आपने आवेदन में ही गलत पेयी लिख दिया। सबसे जल्दी हल आमतौर पर यह है कि ओरिजिनल ड्राफ्ट लेकर जारी करने वाली ब्रांच में उसे कैंसिल करवाएं और सही नाम से नया बनवाएं, क्योंकि बैंक जारी हो चुके ड्राफ्ट पर पेयी का नाम आमतौर पर नहीं बदलते। अगर गलती बैंक की थी, तो लिखित में चार्ज माफ करने को कहें।
यह गाइड बताती है कि बैंक से कौन से विकल्प पूछें, कौन से दस्तावेज चाहिए, कितने चार्ज लगते हैं, और अगर ड्राफ्ट किसी को दे दिया गया या खो गया तो क्या करें। यह अक्टूबर 2026 तक की सामान्य जानकारी है; प्रक्रिया और चार्ज हर बैंक में अलग होते हैं।
डीडी का नाम आमतौर पर क्यों नहीं सुधरता
डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) एक भुगतान इंस्ट्रूमेंट है जो बैंक खुद पर जारी करता है। जारी करने वाला बैंक आपके खाते से पैसे पहले ही काट चुका होता है और एक नामित पेयी को भुगतान करने का वादा कर चुका होता है। बाद में नाम बदलने से इंस्ट्रूमेंट कमजोर होगा और धोखाधड़ी का रास्ता खुलेगा, इसलिए बैंक पेयी का नाम, रकम और जहां देय है वह जगह तय मानते हैं।
15 सितंबर 2018 से आरबीआई ने बैंकों के लिए यह भी जरूरी किया है कि गुमनामी कम करने के लिए डिमांड ड्राफ्ट, पे ऑर्डर और बैंकर्स चेक पर खरीदार का नाम छापा जाए। और आरबीआई के केवाईसी निर्देशों के तहत ₹50,000 और उससे ज्यादा के ड्राफ्ट आपके खाते से डेबिट करके या चेक के बदले ही जारी होने चाहिए, कैश के बदले नहीं। दोनों नियम यहां आपकी मदद करते हैं: बैंक पता लगा सकता है कि ड्राफ्ट आपने खरीदा था, और पैसा आपके खाते में लौटा सकता है।
आपके विकल्प
| स्थिति | किस विकल्प के बारे में पूछें | क्या चाहिए |
|---|---|---|
| ड्राफ्ट अभी आपके पास है, नाम गलत है | कैंसिल करके सही नाम से दोबारा बनवाएं | ओरिजिनल ड्राफ्ट, आवेदन पत्र, आईडी; नया आवेदन |
| स्पेलिंग की छोटी गलती, पेयी कोशिश करने को तैयार | पेयी का बैंक डिक्लेरेशन के साथ ले सकता है (गारंटी नहीं) | पेयी का पहचान प्रूफ, पत्र |
| आपका फॉर्म सही था फिर भी बैंक ने गलत नाम लिखा | चार्ज माफ करवाकर कैंसिल और दोबारा जारी | सही नाम वाले आपके आवेदन फॉर्म की कॉपी |
| ड्राफ्ट दे दिया गया और पेयी से खो गया | डुप्लीकेट ड्राफ्ट का आवेदन (सिर्फ अगर नाम सही था) या कैंसिलेशन | इंडेम्निटी, भुगतान न होने की पुष्टि |
| ड्राफ्ट तीन महीने से पुराना | रीवैलिडेशन या कैंसिलेशन | ओरिजिनल ड्राफ्ट |
कैंसिल करके दोबारा बनवाना: आम रास्ता
- ओरिजिनल ड्राफ्ट वापस लें अगर आपने पेयी को दे दिया था। कैंसिलेशन के लिए लगभग हमेशा असली ड्राफ्ट चाहिए।
- जारी करने वाली ब्रांच में कैंसिलेशन का आवेदन लिखें (नीचे टेम्पलेट है)। आवेदन खरीदार की तरफ से होना चाहिए; अगर ड्राफ्ट जॉइंट खाते से डेबिट करके खरीदा गया था, तो बैंक के साइन वाले नियम मानें।
- मांगे जाने पर पीछे साइन करें। कुछ बैंक कैंसिलेशन की पुष्टि के लिए पीछे की तरफ या रेवेन्यू स्टैंप पर खरीदार के साइन मांगते हैं।
- पावती लें जिस पर तारीख, मुहर और रेफरेंस नंबर हो।
- रिफंड जांचें। बैंक अपना कैंसिलेशन चार्ज काटकर आमतौर पर पैसा आपके खाते में डाल देता है; कैश से खरीदे गए ड्राफ्ट का रिफंड रकम के हिसाब से बैंक के नियमों के अनुसार हो सकता है।
- नए ड्राफ्ट के लिए आवेदन करें, पेयी का बिल्कुल वही नाम लिखें जो उनके बैंक खाते या संस्थान के फीस नोटिस में है। आवेदन से पहले पेयी से सही स्पेलिंग और "payable at" शहर पक्का करवा लें।
अगर पेयी फिर भी इसे जमा करके देखना चाहे
अगर कलेक्ट करने वाले बैंक को भरोसा हो कि खाताधारक ही पेयी है, तो वह बहुत मामूली स्पेलिंग फर्क वाला ड्राफ्ट ले सकता है, कभी-कभी डिक्लेरेशन के बदले। यह पूरी तरह कलेक्ट करने वाले बैंक की मर्जी पर है। अगर ड्राफ्ट लौट आया, तो आप फिर कैंसिलेशन पर पहुंच जाएंगे, और दिन बर्बाद होंगे, इसलिए फीस की आखिरी तारीख हो तो सीधे कैंसिल करके नया बनवाएं।
अगर गलती बैंक की थी
डीडी आवेदन फॉर्म की वह कॉपी रखें जिसमें सही नाम लिखा है। ब्रांच से कहें कि:
- हो सके तो उसी दिन ड्राफ्ट कैंसिल करके नया जारी करे।
- कैंसिलेशन चार्ज और नए ड्राफ्ट का कमीशन, दोनों माफ करे।
- अगर कोई आखिरी तारीख है, तो पेयी (जैसे कॉलेज) के लिए देरी की वजह बताने वाला पत्र दे।
गलत चार्ज पर किसी भी दूसरे चार्ज की तरह आपत्ति की जा सकती है; देखें बैंक के छिपे चार्ज का रिफंड।
उदाहरण से समझें: कैंसिल करके नया बनवाने में कितना खर्च
आपने ₹45,000 का ड्राफ्ट बनवाया जिस पर संस्थान का नाम गलत है। आपके बैंक की चार्ज लिस्ट (उदाहरण के आंकड़े, अपने बैंक के देखें) में कैंसिलेशन चार्ज ₹150 और साथ में 18% जीएसटी है।
| मद | रकम |
|---|---|
| ड्राफ्ट की रकम | ₹45,000 |
| कैंसिलेशन चार्ज | ₹150 |
| चार्ज पर जीएसटी (18%) | ₹27 |
| कुल कटौती | ₹177 |
| आपके खाते में रिफंड | ₹45,000 − ₹177 = ₹44,823 |
इसके बाद नए ड्राफ्ट पर आप चार्ज लिस्ट के हिसाब से इश्यू कमीशन देंगे। अगर गलती बैंक की थी, तो ₹177 और नया कमीशन माफ करने या लौटाने को कहें।
खोया हुआ या एक्सपायर्ड ड्राफ्ट
- खोया ड्राफ्ट (सही नाम वाला): आरबीआई के निर्देश बैंकों से कहते हैं कि खरीदार या लाभार्थी के आवेदन के एक पखवाड़े (15 दिन) के अंदर डुप्लीकेट ड्राफ्ट जारी करें, और उससे ज्यादा देरी पर उतनी अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट रेट पर ब्याज दें। बैंक आमतौर पर इंडेम्निटी मांगते हैं और पक्का करते हैं कि ओरिजिनल का भुगतान नहीं हुआ। यह थर्ड पार्टी एंडोर्समेंट पर लागू नहीं होता।
- एक्सपायर्ड ड्राफ्ट: ड्राफ्ट अपनी तारीख से तीन महीने तक वैध रहता है। उसके बाद जारी करने वाला बैंक इसे रीवैलिडेट कर सकता है या कैंसिल करके पैसा लौटा सकता है। गलत नाम वाले ड्राफ्ट को रीवैलिडेट करवाने के बजाय कैंसिल करवाना चाहिए।
अगर किसी ने आपका ड्राफ्ट गलत तरीके से भुना लिया, तो इसे धोखाधड़ी मानें: तुरंत बैंक को लिखित शिकायत दें, और अगर इसमें ऑनलाइन धोखा शामिल है तो cybercrime.gov.in या 1930 पर रिपोर्ट करें।
शिकायत कहां करें
| समस्या | कहां जाएं |
|---|---|
| ब्रांच बिना साफ वजह कैंसिल करने से मना करे | ब्रांच मैनेजर, फिर बैंक का ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर |
| गलती बैंक की, फिर भी चार्ज माफ नहीं | ग्रीवांस ऑफिसर, अपने आवेदन की कॉपी के साथ |
| डुप्लीकेट ड्राफ्ट में एक पखवाड़े से ज्यादा देरी | ग्रीवांस ऑफिसर; देरी का ब्याज मांगें |
| 30 दिन में जवाब नहीं या जवाब से संतुष्ट नहीं | cms.rbi.org.in पर आरबीआई ओम्बड्समैन (हेल्पलाइन 14448) |
शिकायत आगे ले जाने के पूरे स्टेप बैंक शिकायत हल नहीं कर रहा में हैं।
कॉपी करने लायक कैंसिलेशन आवेदन
सेवा में,
शाखा प्रबंधक,
[बैंक का नाम], [ब्रांच]
विषय: डिमांड ड्राफ्ट नं. [नंबर] का कैंसिलेशन और दोबारा जारी करना
मैंने अपने खाता नं. [नंबर] से डेबिट करके डिमांड ड्राफ्ट नं. [नंबर],
दिनांक [तारीख], ₹[रकम] का, [शहर] में देय, खरीदा था। ड्राफ्ट पर पेयी
का नाम "[छपा हुआ नाम]" है, जबकि यह "[सही नाम]" होना चाहिए।
मैं ओरिजिनल ड्राफ्ट लौटा रहा/रही हूं और अनुरोध करता/करती हूं कि इसे
कैंसिल करके रकम मेरे खाते में क्रेडिट करें। साथ ही "[सही नाम]" के
पक्ष में, [शहर] में देय, ₹[रकम] का नया ड्राफ्ट जारी करें।
[अगर गलती बैंक की हो: मेरे आवेदन फॉर्म में, जिसकी कॉपी संलग्न है,
सही नाम लिखा है। कृपया कैंसिलेशन और इश्यू चार्ज माफ करें।]
कृपया इस आवेदन की पावती दें।
[नाम], [हस्ताक्षर], [मोबाइल], [तारीख]
क्या न करें
- ड्राफ्ट पर नाम खुद न बदलें। ओवरराइटिंग या करेक्शन फ्लूइड से इंस्ट्रूमेंट अमान्य हो जाता है और छेड़छाड़ जैसा लग सकता है।
- ओरिजिनल ड्राफ्ट किसी ऐसे व्यक्ति को न दें जो "सुधरवा देने" का दावा करे।
- डीडी में मदद की पेशकश करने वाले कॉल करने वालों को ओटीपी, पिन या नेट बैंकिंग पासवर्ड न बताएं। अपनी पासबुक या वेबसाइट पर दिया बैंक का आधिकारिक नंबर इस्तेमाल करें, सर्च विज्ञापनों में मिला नंबर नहीं।
- फीस की आखिरी तारीख तक इंतजार न करें। कुछ ब्रांच में कैंसिल करके नया बनाने में एक दिन या ज्यादा लग सकता है।
मुख्य बातें
- बैंक आमतौर पर जारी हो चुके डिमांड ड्राफ्ट पर पेयी का नाम नहीं सुधारते; कैंसिल करके दोबारा बनवाना ही सामान्य रास्ता है।
- कैंसिलेशन के लिए ओरिजिनल ड्राफ्ट और खरीदार का आवेदन चाहिए; रिफंड बैंक का चार्ज और जीएसटी काटकर मिलता है।
- अगर गलती बैंक की थी, तो अपना आवेदन फॉर्म दिखाएं और चार्ज माफ करने को कहें।
- खोया ड्राफ्ट: बैंक को एक पखवाड़े के अंदर डुप्लीकेट जारी करना चाहिए, उससे ज्यादा देरी पर ब्याज के साथ।
- ड्राफ्ट तीन महीने तक वैध रहते हैं; हल न होने वाले मामले 30 दिन बाद cms.rbi.org.in पर ले जाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बैंक डिमांड ड्राफ्ट पर पेयी का नाम सुधार सकता है?
आमतौर पर नहीं। एक बार जारी होने के बाद डिमांड ड्राफ्ट पर पेयी का नाम, रकम और जहां देय है वह जगह तय मानी जाती है, और बैंक इंस्ट्रूमेंट पर इन्हें नहीं बदलते। आम रास्ता है ड्राफ्ट कैंसिल करके सही नाम से नया बनवाना।
डिमांड ड्राफ्ट कैंसिल कैसे करें?
डीडी खरीदने वाला ओरिजिनल ड्राफ्ट कैंसिलेशन के आवेदन के साथ जारी करने वाली ब्रांच में जमा करता है, साथ में आईडी प्रूफ, और मांगे जाने पर पीछे रेवेन्यू स्टैंप या साइन। बैंक अपना कैंसिलेशन चार्ज काटकर रकम खरीदार के खाते में डाल देता है या अपने नियमों के अनुसार भुगतान करता है।
डिमांड ड्राफ्ट कैंसिल करने का चार्ज कितना है?
कैंसिलेशन चार्ज हर बैंक अपनी सर्विस चार्ज लिस्ट में तय करता है, साथ में जीएसटी। अगर गलत नाम बैंक की अपनी गलती से लिखा गया, तो लिखित में कैंसिलेशन और नया डीडी बनाने के चार्ज माफ करने को कहें।
क्या नाम में छोटी स्पेलिंग गलती वाला डीडी पेयी जमा कर सकता है?
यह कलेक्ट करने वाले बैंक पर निर्भर है। अगर साफ हो कि खाताधारक वही व्यक्ति है, तो कुछ बैंक मामूली स्पेलिंग फर्क वाला डीडी ले सकते हैं, कभी-कभी डिक्लेरेशन के साथ, लेकिन वे इसके लिए बाध्य नहीं हैं। किसी दूसरे व्यक्ति के नाम का ड्राफ्ट लौटा दिया जाएगा।
डिमांड ड्राफ्ट कितने समय तक वैध रहता है?
डिमांड ड्राफ्ट, चेक की तरह, जारी होने की तारीख से तीन महीने तक वैध रहता है। उसके बाद जारी करने वाले बैंक से इसे रीवैलिडेट करवाना होगा, या कैंसिल करवाकर पैसा वापस लेना होगा।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।