फसल बीमा क्लेम: 72 घंटे में नुकसान बताएं, ऐसे ट्रैक करें
फसल खराब हुई? PMFBY में क्लेम कैसे करें: 72 घंटे में 14447 या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर सूचना, क्लेम का हिसाब, स्टेटस ट्रैक करना और शिकायत।

इस लेख में
अगर ओलावृष्टि, खेत में पानी भरने या कटी फसल पर बेमौसम बारिश से आपकी फसल खराब हुई है और आपका बीमा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में है, तो सबसे जरूरी नियम समय का है: नुकसान की सूचना 72 घंटे के अंदर दें, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, कृषि रक्षक हेल्पलाइन 14447, अपनी बीमा कंपनी, बैंक या कृषि कार्यालय के जरिए, और डॉकेट नंबर संभालकर रखें। सूखे जैसे पूरे क्षेत्र के नुकसान का आकलन अपने-आप होता है, लेकिन खेत स्तर के नुकसान का भुगतान तभी होता है जब समय पर सूचना दी गई हो।
PMFBY 2026-27 के लिए चालू है। अक्टूबर 2026 तक, खरीफ 2026 में इसे 25 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश लागू कर रहे हैं, और केंद्रीय बजट 2026-27 में इसके लिए ₹12,200 करोड़ रखे गए हैं। पश्चिम बंगाल खरीफ 2026 से दोबारा जुड़ा है और बिहार रबी 2026-27 से दोबारा जुड़ने की योजना बना रहा है (PIB, अगस्त 2026)। अगर आपका राज्य इसकी जगह अपनी फसल योजना चलाता है, तो नीचे के नियम लागू नहीं भी हो सकते; अपने कृषि कार्यालय से पता करें।
कौन क्लेम कर सकता है
- ऋणी किसान जिनके पास मौसमी फसल लोन या स्टैंडर्ड केसीसी है, और जिनका प्रीमियम बैंक काटता है।
- गैर-ऋणी किसान जिन्होंने बैंक, CSC, बीमा कंपनी के एजेंट या पोर्टल से अपनी मर्जी से नामांकन कराया।
- बटाईदार और काश्तकार किसान, अगर उन्होंने आपके राज्य में मान्य दस्तावेजों के साथ नामांकन कराया।
आप सिर्फ उसी मौसम में अधिसूचित क्षेत्र की अधिसूचित फसल के लिए क्लेम कर सकते हैं जिसके लिए प्रीमियम दिया। बुवाई से पहले के नुकसान, खेत से फसल हटाने के बाद के नुकसान (कटाई के बाद वाली अवधि को छोड़कर), और युद्ध, दंगे, चोरी या रोके जा सकने वाले कारणों से हुए नुकसान कवर नहीं होते।
कौन-से नुकसान कवर हैं और हर एक का क्लेम कैसे होता है
| नुकसान का प्रकार | उदाहरण | क्या सूचना देनी है? | आकलन कैसे |
|---|---|---|---|
| खड़ी फसल, पूरा क्षेत्र | सूखा, सूखे का दौर, बाढ़, कीट, रोग | व्यक्तिगत सूचना जरूरी नहीं | बीमा इकाई के लिए क्रॉप कटिंग प्रयोग और तकनीक (YES-TECH) |
| बुवाई न हो पाना | खराब मौसम के कारण बुवाई फेल | राज्य अधिसूचित करता है | बीमित राशि का अधिकतम 25% |
| स्थानीय आपदा | ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, बादल फटना, प्राकृतिक आग | हां, 72 घंटे में | खेत स्तर का सर्वे |
| कटाई के बाद नुकसान | कटाई के 14 दिन तक "कटी और फैली" फसल पर चक्रवाती या बेमौसम बारिश | हां, 72 घंटे में | खेत स्तर का सर्वे |
| जंगली जानवरों का हमला, धान में जलभराव | नवंबर 2025 में घोषित तौर-तरीकों के तहत खरीफ 2026 से जोड़ा गया | हां, 72 घंटे में, जहां आपके राज्य ने अधिसूचित किया हो | खेत स्तर का सर्वे |
आपने कितना प्रीमियम दिया (संदर्भ के लिए)
| फसल | किसान का अधिकतम प्रीमियम |
|---|---|
| खरीफ अनाज और तिलहन | बीमित राशि का 2% |
| रबी अनाज और तिलहन | बीमित राशि का 1.5% |
| व्यावसायिक और बागवानी फसलें | बीमित राशि का 5% |
बाकी प्रीमियम केंद्र और राज्य 50:50 में बांटते हैं (पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में 90:10)।
उदाहरण: क्षेत्र आधारित उपज क्लेम
मान लीजिए एक किसान ने 2 हेक्टेयर खरीफ धान का बीमा ₹60,000 प्रति हेक्टेयर की बीमित राशि पर कराया।
- दिया गया प्रीमियम: 2% × ₹60,000 × 2 हेक्टेयर = ₹2,400
- बीमा इकाई की थ्रेशोल्ड उपज: 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
- क्रॉप कटिंग प्रयोगों से मापी गई वास्तविक उपज: 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
- कमी: (20 − 14) ÷ 20 = 30%
- प्रति हेक्टेयर क्लेम: 30% × ₹60,000 = ₹18,000
- कुल क्लेम: ₹18,000 × 2 = ₹36,000
यह उदाहरण के लिए है। थ्रेशोल्ड उपज, बीमित राशि और वास्तविक उपज आपकी बीमा इकाई के लिए राज्य और बीमा कंपनी तय करते हैं। आपकी व्यक्तिगत उपज से क्षेत्र आधारित क्लेम नहीं बदलता, इसीलिए स्थानीय नुकसान की सूचना अलग से देनी होती है।
तैयार रखने वाले दस्तावेज
- PMFBY एप्लिकेशन या पॉलिसी नंबर (रसीद या एसएमएस पर)
- आधार और आवेदन वाले खाते की बैंक पासबुक
- नामांकन के समय दिया गया जमीन का रिकॉर्ड या बटाई/बुवाई प्रमाणपत्र
- खराब फसल की तारीख और जगह के साथ फोटो (हो सके तो जियो-टैग्ड)
- नुकसान की सूचना से मिला डॉकेट या टिकट नंबर
फसल नुकसान की सूचना कैसे दें, स्टेप बाय स्टेप
- 72 घंटे के अंदर नुकसान की सूचना दें, इनमें से किसी एक माध्यम से:
- क्रॉप इंश्योरेंस ऐप (नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल का आधिकारिक ऐप)
- कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन 14447
- आपकी बीमा कंपनी का टोल-फ्री नंबर (पॉलिसी रसीद पर)
- आपकी बैंक शाखा या कृषि विभाग कार्यालय
- विवरण दें: नाम, मोबाइल, एप्लिकेशन/पॉलिसी नंबर, फसल, सर्वे/खसरा नंबर, नुकसान की तारीख और कारण, और खराब हुआ अनुमानित क्षेत्र।
- डॉकेट नंबर लिख लें। यही आपका सबूत है कि आपने समय पर सूचना दी।
- सर्वे होने तक खराब फसल न काटें, न साफ करें, जब तक कि पहले अच्छी तरह फोटो न ले लें।
- सर्वे: उम्मीद की जाती है कि बीमा कंपनी 48 घंटे में लॉस असेसर नियुक्त करे और उसके बाद करीब 72 घंटे में आकलन पूरा करे (राज्य की अधिसूचना के अनुसार समय-सीमा बदल सकती है)। मौजूद रहें, और सर्वे शीट की कॉपी या फोटो मांगें।
- क्लेम का हिसाब और भुगतान: क्लेम नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल पर DigiClaim मॉड्यूल से गिने जाते हैं और PFMS के जरिए सीधे आपके बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
अपना क्लेम कैसे ट्रैक करें
- pmfby.gov.in या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर एप्लिकेशन या पॉलिसी नंबर से आवेदन और क्लेम का स्टेटस देखें।
- अपडेट के लिए डॉकेट नंबर के साथ 14447 पर कॉल करें।
- बैंक स्टेटमेंट में रकम देखें। अगर बैंक खाता बंद है या आधार से सीड नहीं है, तो भुगतान फेल हो सकता है, इसलिए खाता चालू रखें।
देरी पर 12% का नियम
PMFBY दिशानिर्देशों के अनुसार देरी से निपटाए गए क्लेम पर बीमा कंपनियों को 12% ब्याज देना होता है। जुलाई 2025 के एक लोकसभा जवाब में बताया गया कि खरीफ 2024 से यह जुर्माना पोर्टल पर अपने-आप गिना जाता है, और कृषि मंत्री ने कहा कि यह किसानों के खाते में जमा होगा। सरकार ने यह भी अनुमति दी है कि किसी राज्य का प्रीमियम सब्सिडी हिस्सा देर से आए तब भी केंद्र के हिस्से पर क्लेम का भुगतान किया जा सके।
आम समस्याएं और उनका हल
| समस्या | हल |
|---|---|
| 72 घंटे की समय-सीमा निकल गई | फिर भी लिखित में सूचना दें, कारण बताएं; कृषि कार्यालय से आगे भेजने को कहें। स्वीकार होने की गारंटी नहीं है। |
| सर्वेयर कभी नहीं आया | डॉकेट नंबर के साथ 14447 पर कॉल करें और जिला कृषि अधिकारी को लिखें |
| क्लेम उम्मीद से कम | सर्वे रिपोर्ट या बीमा इकाई की उपज के आंकड़े मांगें; पॉलिसी पर बीमित राशि और क्षेत्र जांचें |
| नामांकित क्षेत्र या फसल गलत | जिस बैंक या CSC ने नामांकन किया, उसके पास जमीन के रिकॉर्ड के साथ उठाएं |
| क्लेम मंजूर पर जमा नहीं | बैंक खाते का स्टेटस और आधार सीडिंग जांचें; बीमा कंपनी से भुगतान का रेफरेंस मांगें |
बीमा में क्लेम खारिज होने के आम कारणों के लिए देखें इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट: कारण।
शिकायत कैसे करें
- कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन (14447): शिकायत दर्ज करें और टिकट नंबर लिख लें। सरकार के मुताबिक जनवरी 2024 में शुरू होने के बाद से 26 लाख से ज्यादा शिकायतें निपटाई गई हैं।
- बीमा कंपनी का शिकायत अधिकारी: पॉलिसी और डॉकेट नंबर के साथ लिखें।
- जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति: हल न हो तो जिला कृषि अधिकारी के जरिए लिखित शिकायत दें।
- राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समिति और फिर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के लिए CPGRAMS (pgportal.gov.in)।
क्या न करें
- क्लेम "पास कराने" के लिए किसी को पैसे न दें। सूचना, सर्वे और भुगतान मुफ्त हैं।
- सिर्फ आधिकारिक माध्यम इस्तेमाल करें: pmfby.gov.in, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप और 14447। ओटीपी या बैंक पिन मांगने वाले नकली ऐप और कॉलर धोखाधड़ी हैं।
- सूचना देने के लिए सर्वे का इंतजार न करें। 72 घंटे की गिनती घटना से शुरू होती है।
अगर फसल नुकसान से फसल लोन चुकाना मुश्किल हो गया है, तो किसान क्रेडिट कार्ड लोन और ब्याज सबवेंशन योजना के बारे में पढ़ें, जो आपकी देनदारी और रीस्ट्रक्चरिंग पर असर डालते हैं।
मुख्य बातें
- PMFBY 2026-27 में चालू है; पता करें कि आपका राज्य आपके मौसम के लिए इसे लागू करता है या नहीं।
- स्थानीय और कटाई के बाद के नुकसान की सूचना 72 घंटे में क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, 14447, बीमा कंपनी, बैंक या कृषि कार्यालय को दें, और डॉकेट नंबर रखें।
- क्षेत्र आधारित उपज क्लेम = (थ्रेशोल्ड उपज − वास्तविक उपज) ÷ थ्रेशोल्ड उपज × बीमित राशि।
- क्लेम DigiClaim से सीधे आपके बैंक में आता है; देरी पर बीमा कंपनी को 12% ब्याज देना होता है।
- 14447 → बीमा कंपनी → जिला शिकायत समिति → राज्य समिति / CPGRAMS के क्रम में आगे बढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMFBY में फसल नुकसान की सूचना कितने दिन में देनी होती है?
ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, बादल फटना या प्राकृतिक आग जैसी स्थानीय आपदाओं के लिए, और चक्रवाती या बेमौसम बारिश से कटाई के बाद के नुकसान के लिए, घटना के 72 घंटे के अंदर सूचना देनी होती है। सूखा, बाढ़ या कीटों से पूरे क्षेत्र के उपज नुकसान का आकलन क्रॉप कटिंग प्रयोगों से होता है और उसके लिए अलग सूचना की जरूरत नहीं।
PMFBY के लिए फसल नुकसान की सूचना कैसे दें?
क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन 14447, अपनी बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर, अपने बैंक या कृषि विभाग कार्यालय से सूचना दें। समय पर सूचना के सबूत के रूप में मिला डॉकेट या टिकट नंबर लिख लें।
PMFBY क्लेम का हिसाब कैसे होता है?
क्षेत्र आधारित उपज नुकसान में क्लेम = (थ्रेशोल्ड उपज − वास्तविक उपज) ÷ थ्रेशोल्ड उपज × बीमित राशि। स्थानीय और कटाई के बाद के नुकसान में बीमा कंपनी आपके खेत पर नुकसान का प्रतिशत आंकती है।
PMFBY क्लेम स्टेटस कैसे चेक करें?
pmfby.gov.in या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर अपने एप्लिकेशन या पॉलिसी नंबर से देखें, या डॉकेट नंबर के साथ 14447 पर कॉल करें। क्लेम सीधे आपके आवेदन से जुड़े बैंक खाते में आता है।
बीमा कंपनी PMFBY क्लेम में देरी करे तो क्या होता है?
PMFBY नियमों के तहत देरी से क्लेम निपटाने पर बीमा कंपनियों को 12% ब्याज देना होता है। खरीफ 2024 से यह जुर्माना नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल पर अपने-आप गिना जाता है और, सरकार के मुताबिक, किसानों के खाते में जमा होता है।
PMFBY में किसान कितना प्रीमियम देता है?
खरीफ अनाज और तिलहन फसलों के लिए किसान बीमित राशि का अधिकतम 2%, रबी अनाज और तिलहन के लिए 1.5%, और व्यावसायिक व बागवानी फसलों के लिए 5% देता है। बाकी केंद्र और राज्य देते हैं।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।