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साझा SHG यूनिट में सदस्यों का योगदान कैसे दर्ज करें

साझा SHG दुकान या यूनिट में पैसा लगा रही हैं? नकद, मशीन और मेहनत का हिसाब, मुनाफे का सही बंटवारा और सदस्य के बाहर जाने के नियम, ₹ उदाहरण के साथ।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 5 मिनट में पढ़ें
साझा SHG यूनिट में सदस्यों का योगदान कैसे दर्ज करें
इस लेख में
  1. उद्यम को SHG बचत से अलग रखें
  2. योगदान के प्रकार और उन्हें कैसे दर्ज करें
  3. योगदान रजिस्टर
  4. सदस्यों के पूंजी खाते
  5. उदाहरण: पांच सदस्यों की आटा और मसाला यूनिट
  6. लिखित समझौते में क्या हो
  7. आम गलतियां
  8. मुख्य बातें
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जब कई SHG सदस्य साझा दुकान या उत्पादन यूनिट के लिए पैसा, मशीन या जगह मिलाती हैं, तो हर योगदान हस्ताक्षर वाले योगदान रजिस्टर में दर्ज करें, उसी दिन उसकी कीमत लिखकर तय करें, और हर सदस्य का एक खाता रखें जिसमें योगदान, निकासी और मुनाफे का हिस्सा दिखे। पहली बिक्री से पहले मुनाफा बांटने और छोड़ने के नियम कागज पर लिख लें। इससे सामूहिक उद्यम टूटने की सबसे आम वजह, यानी किसने क्या लगाया का झगड़ा, रुकता है। यहां बताए तरीके नवंबर 2026 तक के और सामान्य हैं; आप जो कानूनी रूप चुनें और जिस योजना से मदद लें, उसके अपने नियम हो सकते हैं, इसलिए अपने SRLM, ब्लॉक ऑफिस या बैंक से पुष्टि करें।

उद्यम को SHG बचत से अलग रखें

आपके SHG की किताबें (बैठक की कार्यवाही, बचत रजिस्टर, आंतरिक लोन रजिस्टर) सदस्यों की बचत और उधार का हिसाब रखती हैं, जैसा DAY-NRLM के पंचसूत्र कहते हैं। दुकान या उत्पादन यूनिट एक बिजनेस है जिसमें बिक्री, स्टॉक और जोखिम है। दोनों मिलाने से बिजनेस का घाटा सदस्यों की बचत खा सकता है। उद्यम का अपना रजिस्टर और हो सके तो अपना बैंक खाता रखें, वही सिद्धांत जो घर और SHG बिजनेस खर्च अलग रखने में बताया गया है।

कानूनी रूप भी मायने रखता है। कुछ सदस्य यूनिट को अनौपचारिक रूप से या पार्टनरशिप डीड के तहत चला सकती हैं; SRLM के तहत बड़े समूह अक्सर उत्पादक समूह, सहकारी समिति या प्रोड्यूसर कंपनी बनाते हैं। योजना की पात्रता इस रूप पर निर्भर हो सकती है; क्या बिजनेस का ढांचा योजना की पात्रता पर असर डालता है देखें।

योगदान के प्रकार और उन्हें कैसे दर्ज करें

योगदान कीमत कैसे लगाएं रखने वाला सबूत
नकद मिली रकम रसीद, बैंक जमा पर्ची या यूपीआई रेफरेंस
मशीन (चक्की, फ्रिज, तराजू) तय की गई मौजूदा कीमत, मूल दाम नहीं फोटो, हो तो मूल बिल, हस्ताक्षर वाला मूल्यांकन
कच्चा माल या स्टॉक सदस्यों द्वारा तय लागत मूल्य मात्रा और दर की सूची
दुकान की जगह या कमरा आमतौर पर मासिक किराया, पूंजी नहीं सदस्यों के हस्ताक्षर वाला किराया नोट
मेहनत मजदूरी या प्रति पीस दर, जब तक सभी पूंजी मानने पर सहमत न हों हाजिरी या उत्पादन रजिस्टर
सदस्य का लिया लोन जो यूनिट में लगा यूनिट को दिए लोन के रूप में, चुकौती की शर्तों के साथ लोन के कागज और हस्ताक्षर वाला नोट

आखिरी लाइन अहम है। अगर कोई सदस्य अपने नाम पर बैंक या SHG लोन लेकर पैसा यूनिट में लगाती है, तो तय करें कि यह उसकी पूंजी है (चुकौती वह करेगी) या ऐसा लोन जो यूनिट चुकाएगी। इसे लिख लें।

योगदान रजिस्टर

तारीख सदस्य प्रकार विवरण तय कीमत (₹) रसीद नं. हस्ताक्षर
1 नवंबर आशा नकद बैंक ट्रांसफर 20,000 001 आशा, अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष
1 नवंबर लता मशीन आटा चक्की, 2 साल पुरानी 15,000 002 लता, अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष
2 नवंबर रुक्मिणी नकद जमा पर्ची 10,000 003 रुक्मिणी, अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष

हर महीने बैठक में रजिस्टर पढ़कर सुनाएं और सदस्यों से मासिक जोड़ पर हस्ताक्षर कराएं। इससे बाद के विवाद सुलझाना बहुत आसान हो जाता है।

सदस्यों के पूंजी खाते

हर सदस्य का चालू खाता रखें:

अंतिम बैलेंस = शुरुआती बैलेंस + नए योगदान + मुनाफे का हिस्सा − निकासी − घाटे का हिस्सा

हर महीने सभी सदस्यों के बैलेंस जोड़ें और जांचें कि वे यूनिट की कुल संपत्ति (कैश + बैंक + स्टॉक + मशीन − बकाया लोन) के बराबर हैं।

उदाहरण: पांच सदस्यों की आटा और मसाला यूनिट

पांच सदस्य एक यूनिट शुरू करती हैं। योगदान:

सदस्य नकद मशीन कुल पूंजी पूंजी में हिस्सा
आशा ₹20,000 ₹20,000 25%
लता आटा चक्की ₹15,000 ₹15,000 18.75%
रुक्मिणी ₹10,000 तराजू ₹5,000 ₹15,000 18.75%
सीता ₹15,000 ₹15,000 18.75%
कमला ₹15,000 ₹15,000 18.75%
कुल ₹60,000 ₹20,000 ₹80,000 100%

वे लिखकर तय करती हैं: यूनिट में काम करने वाली सदस्यों को हर कार्यदिवस ₹150 मजदूरी मिलेगी, जो खर्च में दर्ज होगी; बचा मुनाफा 50% बराबर और 50% पूंजी के हिस्से के अनुसार बंटेगा।

पहली तिमाही में मजदूरी, माल, किराया और बिजली के बाद मुनाफा ₹24,000 है।

  • बराबर हिस्सा: ₹12,000 ÷ 5 = ₹2,400 हर एक को
  • पूंजी वाला हिस्सा: आशा के लिए ₹12,000 × 25% = ₹3,000; बाकी चार में हर एक के लिए ₹12,000 × 18.75% = ₹2,250
  • आशा: ₹2,400 + ₹3,000 = ₹5,400
  • बाकी हर एक: ₹2,400 + ₹2,250 = ₹4,650
  • जांच: ₹5,400 + (4 × ₹4,650) = ₹5,400 + ₹18,600 = ₹24,000

वे स्टॉक के लिए आधा मुनाफा यूनिट में रखने का फैसला करती हैं। हर सदस्य के खाते में उसका पूरा हिस्सा जमा होता है और उसकी निकासी उसका आधा दर्ज होती है, इसलिए आशा का बैलेंस ₹20,000 + ₹5,400 − ₹2,700 = ₹22,700 हो जाता है।

अगर यूनिट आगे पैकेजिंग मशीन के लिए लोन लेती है, तो मुनाफा बांटने से पहले किस्त निकलती है। किस्त ईएमआई कैलकुलेटर में जांचें और लिखकर तय करें कि लोन की गारंटी कौन सी सदस्य देंगी।

लिखित समझौते में क्या हो

  1. सदस्यों के नाम और यूनिट का नाम-पता
  2. हर सदस्य का शुरुआती योगदान और उसकी कीमत कैसे लगी
  3. बैंक खाते पर कौन हस्ताक्षर करेगा (कम से कम दो हस्ताक्षरकर्ता)
  4. काम के लिए मजदूरी या भुगतान, मुनाफे से अलग
  5. मुनाफा और घाटा बांटने का नियम
  6. हिसाब कितनी बार पेश होगा और कौन रखेगा
  7. नए योगदान और नए सदस्यों के नियम
  8. छोड़ने का नियम: जाने वाली सदस्य के हिस्से की कीमत कैसे लगेगी (रजिस्टर की बुक वैल्यू या तय पुनर्मूल्यांकन), क्या घटेगा, और भुगतान की अवधि
  9. सदस्य के छोड़ने पर उसकी लगाई मशीन का क्या होगा
  10. विवाद कैसे सुलझेंगे (पहले VO या CLF की मध्यस्थता)

औपचारिक पार्टनरशिप के लिए पार्टनरशिप डीड पर आमतौर पर स्टांप लगता है और राज्य के नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन हो सकता है; स्थानीय जानकार से पूछें। अगर यूनिट ऐसा ग्रांट लेना चाहती है जिसमें अपना हिस्सा लगाना जरूरी हो, तो अपना योगदान कैसे साबित करें देखें।

आम गलतियां

गलती सुधार
पुरानी मशीन की कीमत मूल दाम पर लगाना लाने के दिन ही मौजूदा कीमत लिखकर तय करें
बिना रसीद नकद योगदान नंबर वाली रसीद बुक या बैंक ट्रांसफर इस्तेमाल करें
यूनिट के लिए एक सदस्य का निजी खाता यूनिट या समूह के नाम पर खाता खोलें
मजदूरी और मुनाफे का हिस्सा मिलाना काम का भुगतान अलग करें, फिर मुनाफा बांटें
छोड़ने का कोई नियम नहीं यूनिट शुरू होने से पहले लिख लें
पदाधिकारी बिना समीक्षा किताबें रखें हर महीने रजिस्टर पढ़कर सुनाएं और हस्ताक्षर लें

मुख्य बातें

  • हर योगदान तारीख, प्रकार, तय कीमत, रसीद और तीन हस्ताक्षर के साथ दर्ज करें।
  • साझा यूनिट का पैसा और किताबें SHG सेविंग खाते से अलग रखें।
  • हर सदस्य का पूंजी खाता रखें और हर महीने उसे यूनिट की कुल संपत्ति से मिलाएं।
  • उदाहरण में लिखित 50:50 बराबर-और-पूंजी नियम से ₹24,000 में आशा को ₹5,400 और बाकी हर सदस्य को ₹4,650 मिले।
  • पहली बिक्री से पहले मजदूरी, मुनाफे का बंटवारा, लोन और छोड़ने की शर्तें लिखकर तय करें।

संबंधित गाइड: SHG डिजिटल बुककीपिंग: एंट्री कौन मंजूर करे, एक्सेस किसे.

संबंधित गाइड: साझा ट्रैक्टर लोन: खर्च और किस्त का बंटवारा कैसे करें, एफपीओ का लोन बनाम सदस्य का लोन: कौन किसका जिम्मेदार.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

साझा यूनिट में हर सदस्य का लगाया हिस्सा समूह कैसे दर्ज करे?

एक योगदान रजिस्टर रखें जिसमें तारीख, सदस्य का नाम, योगदान का प्रकार (नकद, मशीन, कच्चा माल, जगह या मेहनत), तय कीमत, और सदस्य व दो पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हों। हर सदस्य को रसीद दें और हर महीने हर सदस्य का खाता जोड़ें।

क्या मेहनत को योगदान गिनना चाहिए?

तभी, जब सभी सदस्य पहले से लिखकर सहमत हों। कई समूह मेहनत का भुगतान मजदूरी या प्रति पीस दर से करते हैं और पूंजी योगदान अलग रखते हैं, जो आसान है और विवाद से बचाता है।

समूह उद्यम में मुनाफा कैसे बंटता है?

जैसा सदस्य तय करके लिख दें, जैसे पूंजी के अनुपात में, बराबर, या कुछ हिस्सा किए गए काम के हिसाब से। लिखित समझौते के बिना विवाद आम हैं, इसलिए यूनिट शुरू होने से पहले नियम लिख लें।

जब कोई सदस्य छोड़ना चाहे तो क्या होता है?

लिखित समझौते में होना चाहिए कि उसके हिस्से की कीमत कैसे लगेगी, क्या पहले कोई लोन बकाया घटेगा, और समूह को भुगतान के लिए कितना समय मिलेगा। बैंक ट्रांसफर से भुगतान करें और दर्ज करें, ताकि बाकी सदस्यों के हिस्से साफ रहें।

क्या साझा बिजनेस के लिए SHG का सेविंग खाता सही जगह है?

आमतौर पर नहीं। SHG सेविंग खाते में समूह की बचत और आंतरिक लेन-देन का पैसा रहता है। साझा उद्यम का अपना खाता और किताबें होना बेहतर है, ताकि बिजनेस का मुनाफा या घाटा सदस्यों की बचत में न मिले।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

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