Skip to content
Neminath Traders

SHG बिजनेस और घर का खर्च अलग कैसे रखें

SHG लोन से छोटा बिजनेस चला रही हैं? दो कैश बॉक्स, रोज का रजिस्टर और तय निकासी से घर का खर्च बिजनेस के पैसे से अलग रखें, ₹ उदाहरण के साथ।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 6 मिनट में पढ़ें
SHG बिजनेस और घर का खर्च अलग कैसे रखें
इस लेख में
  1. पैसा मिलाने से क्या दिक्कत होती है
  2. क्या बिजनेस का है और क्या घर का
  3. कदम-दर-कदम: अलग रखने का तरीका
  4. उदाहरण: ₹50,000 लोन वाली सिलाई यूनिट
  5. जब घर में अचानक पैसे चाहिए
  6. आम गलतियां
  7. इससे लोन और मदद में कैसे फायदा
  8. मुख्य बातें
फ्री टूलEMI Calculatorखोलें →

घर के खर्च को SHG बिजनेस से अलग रखने के लिए बिजनेस का कैश अलग रखें, बिजनेस में आने-जाने वाला हर रुपया एक रजिस्टर में लिखें, और घर के लिए पैसा सिर्फ एक तय, दर्ज "निकासी" के रूप में लें। यही एक आदत बताती है कि सिलाई, डेयरी, दुकान या खाने का काम असल में कमा रहा है या नहीं, और इससे लोन की किस्त सुरक्षित रहती है। नीचे दिए कदम नकद, यूपीआई या दोनों तरह की बिक्री में काम करते हैं। यहां बताए नियम नवंबर 2026 तक के हैं; समूह और बैंक का तरीका अलग हो सकता है, इसलिए अपने SHG, ग्राम संगठन (VO) या बैंक से पुष्टि करें।

DAY-NRLM के तहत स्वयं सहायता समूह पंचसूत्र मानते हैं, जिनमें से एक है किताबें अपडेट रखना। वे समूह की किताबें हैं। यह गाइड सदस्य के अपने छोटे बिजनेस के बारे में है, जिसका भी अपना सादा हिसाब चाहिए। लोन की शर्तों और डोज के लिए NRLM SHG लोन और लखपति दीदी देखें।

पैसा मिलाने से क्या दिक्कत होती है

जब स्कूल फीस, राशन और दवा उसी बटुए से जाती है जिससे आटा, धागा या चारा खरीदा जाता है, तो तीन चीजें होती हैं:

  • मुनाफा दिखता ही नहीं। बिक्री अच्छी लगती है, पर लागत के बाद क्या बचा, पता नहीं चलता।
  • किस्त दब जाती है। SHG या बैंक किस्त के लिए रखा पैसा घर में खर्च हो जाता है और समूह का खाता ओवरड्यू हो सकता है। DAY-NRLM पर आरबीआई मास्टर सर्कुलर के तहत ब्याज सबवेंशन तभी मिलता है जब लोन खाता स्टैंडर्ड हो, इसलिए देरी का नुकसान पूरे समूह को हो सकता है।
  • कार्यशील पूंजी घटती है। अगर आप बार-बार स्टॉक के पैसे में से खाती रहें, तो अगली खरीद छोटी होती है, बिक्री घटती है और बिजनेस धीरे-धीरे बंद हो जाता है।

बड़े कारोबार के लिए करंट खाता और मालिक की सैलरी की बात निजी और बिजनेस फाइनेंस अलग रखने की गाइड में है। नीचे घर से या गांव में चलने वाले काम के लिए आसान तरीका है।

क्या बिजनेस का है और क्या घर का

चीज बिजनेस घर नोट
कच्चा माल (दूध, कपड़ा, आटा, बीज) हां बिल रखें या बेचने वाले का नाम लिखें
बाजार जाने या माल लाने का किराया हां छोटे ऑटो या बस किराए भी
बिजली, गैस, किराया कुछ हिस्सा कुछ हिस्सा काम घर से चलता है तो सही हिस्सा बांटें
मोबाइल रिचार्ज कुछ हिस्सा कुछ हिस्सा ऑर्डर के लिए इस्तेमाल हो तो बिजनेस हिस्सा
बिजनेस के लिए लिए SHG लोन की किस्त हां ब्याज बिजनेस लागत है; मूलधन चुकौती है
परिवार का खाना, स्कूल फीस, दवा हां निकासी से दें, बिजनेस बॉक्स से नहीं
आपकी अपनी मेहनत रजिस्टर में खर्च नहीं; यह निकासी से मिलती है
स्टॉक से घर ले गया सामान हां लागत मूल्य पर निकासी के रूप में लिखें

आखिरी लाइन ज्यादातर लोग भूल जाते हैं। अगर आप किराना दुकान चलाती हैं और दो किलो दाल घर ले गईं, तो वह घर की निकासी है, "नुकसान" नहीं।

कदम-दर-कदम: अलग रखने का तरीका

  1. दो डिब्बे रखें। एक बॉक्स, बटुआ या थैली सिर्फ बिजनेस कैश के लिए। घर का पैसा कहीं और।
  2. एक रजिस्टर खोलें। कॉलम: तारीख, मिली बिक्री, चुकाया खर्च, विवरण, घर के लिए निकासी, बैलेंस। अगर आपका SRLM कोई फॉर्मेट इस्तेमाल करता है, तो गांव की CRP या बुककीपर दिखा सकती है।
  3. निकासी तय करें। हर हफ्ते या महीने घर ले जाने की एक तय रकम चुनें। कम से शुरू करें; बिजनेस साफ तौर पर संभाल ले तभी बढ़ाएं।
  4. पहले किस्त अलग रखें। हर बिक्री वाले दिन सबसे पहले लोन का हिस्सा अलग रखें। मासिक रकम जानने के लिए ईएमआई कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
  5. हो सके तो यूपीआई अलग रखें। ग्राहक यूपीआई से दें तो ऐसा QR कोड रखें जो सिर्फ बिजनेस वाले बैंक खाते से जुड़ा हो, या हर यूपीआई रसीद उसी दिन रजिस्टर में लिखें।
  6. हर हफ्ते गिनें। हफ्ते में एक बार बॉक्स गिनें, रजिस्टर बैलेंस मिलाएं और फर्क तभी ठीक करें जब याद ताजा हो।
  7. महीने का सार बनाएं। कुल बिक्री, कुल खर्च, निकासी, चुकाया लोन और बचा कैश। महीने की यही एक लाइन SHG, VO या बैंक देखना चाहेगा।

रजिस्टर का सादा फॉर्मेट

तारीख विवरण आया पैसा (₹) गया पैसा (₹) घर के लिए निकासी (₹) कैश बैलेंस (₹)
1 नवंबर शुरुआती बैलेंस 2,000
1 नवंबर 20 ब्लाउज बेचे 3,000 5,000
2 नवंबर कपड़ा और धागा 1,800 3,200
3 नवंबर साप्ताहिक निकासी 1,000 2,200

उदाहरण: ₹50,000 लोन वाली सिलाई यूनिट

सुनीता अपने SHG के बैंक लोन से ₹50,000 लेकर मोटर वाली सिलाई मशीन और स्टॉक खरीदती है। मान लें समूह उससे 3 साल तक करीब ₹1,544 मासिक किस्त लेता है (₹50,000 पर 7% से 36 महीने; उदाहरण भर, असली रकम उस दर और अवधि पर निर्भर है जो आपका समूह बैंक और सदस्यों के साथ तय करता है)।

अक्टूबर में उसने दर्ज किया:

  • बिक्री: ₹18,000
  • कपड़ा, धागा, बटन: ₹7,500
  • बिजली का हिस्सा और किराया: ₹900
  • लोन किस्त: ₹1,544

निकासी से पहले बिजनेस की बचत: ₹18,000 − ₹7,500 − ₹900 − ₹1,544 = ₹8,056।

वह जरूरत पड़ते ही घर के लिए पैसा ले लेती थी और महीने के आखिर में बॉक्स लगभग खाली मिला। रजिस्टर जोड़ा तो घर की निकासी ₹9,200 निकली, जो बिजनेस की कमाई से ₹1,144 ज्यादा थी। वह स्टॉक के पैसे में से खा रही थी।

वह ₹1,500 हर हफ्ते (₹6,000 महीना) की निकासी तय करती है। इससे हर महीने करीब ₹2,056 बिजनेस में बचते हैं, जो त्योहार के सीजन का स्टॉक और कमजोर महीने के लिए छोटा बफर बनाते हैं।

महीना निकासी से पहले बचत निकासी बिजनेस में बचा
पहले (अक्टूबर) ₹8,056 ₹9,200 −₹1,144
बाद में (तय निकासी) ₹8,056 ₹6,000 ₹2,056

जब घर में अचानक पैसे चाहिए

इमरजेंसी आती है। उसे ऐसे संभालें कि बिजनेस बचा रहे:

  • घर की इमरजेंसी के लिए SHG का आंतरिक लोन लें, स्टॉक का पैसा खाली न करें। कई समूह अपनी बचत से उपभोग की जरूरतों के लिए उधार देते हैं; शर्तें समूह तय करता है।
  • हर अतिरिक्त निकासी कारण के साथ साफ लिखें और स्टॉक का पैसा फिर से भरने की योजना बनाएं।
  • समूह को बताएं अगर किस्त समय पर नहीं दे पा रहीं। चूकी किस्त जो पूरे समूह पर असर डाले, उससे पहले बात करना बेहतर है।
  • लोन पर लोन न लें। पहले लोन को चुकाने के लिए माइक्रोफाइनेंस कंपनी से दूसरा लोन लेने से कर्ज बहुत बढ़ सकता है। आरबीआई के माइक्रोफाइनेंस नियम कर्जदाताओं से घर की आय का आकलन करने और चुकौती पर सीमा रखने को कहते हैं; माइक्रोफाइनेंस लोन नियम पढ़ें।

आम गलतियां

गलती सुधार
घर ले गए सामान की गिनती न करना लागत मूल्य पर निकासी लिखें
बिजनेस यूपीआई से घर के बिल भरना रकम घर के खाते में डालें और निकासी लिखें
पूरी किस्त को खर्च गिनना सिर्फ ब्याज लागत है; मूलधन लोन घटाता है
व्यस्त हफ्तों में हिसाब छोड़ देना कम से कम रोज का जोड़ लिखें, फोन नोट में ही सही
एक अच्छे महीने के बाद निकासी बढ़ाना दो-तीन स्थिर महीनों का इंतजार करें

इससे लोन और मदद में कैसे फायदा

साफ रिकॉर्ड तीन तरह से मदद करते हैं। ये अगले लोन डोज के लिए SHG के माइक्रो क्रेडिट प्लान को मजबूत करते हैं। ये उस काम से घर की आय दिखाते हैं, जिससे SRLM स्टाफ लखपति दीदी की प्रगति (साल में ₹1 लाख या ज्यादा घरेलू आय) ट्रैक करता है। और आगे चलकर व्यक्तिगत बिजनेस लोन के लिए आवेदन आसान बनाते हैं; महिला उद्यमियों के लिए लोन योजनाएं देखें।

अगर आप मुद्रा जैसे बड़े लोन की ओर बढ़ना चाहती हैं, तो बैंक बिक्री और लागत पूछेगा। आज रखा गया रजिस्टर उस प्रोजेक्ट रिपोर्ट की नींव बनता है।

मुख्य बातें

  • बिजनेस का कैश अलग बॉक्स या खाते में रखें और घर का पैसा अलग।
  • हर बिक्री, खर्च और घरेलू निकासी एक रजिस्टर में लिखें और हर हफ्ते गिनें।
  • निकासी से पहले लोन किस्त अलग रखें; निकासी उतनी तय करें जितनी बिजनेस झेल सके।
  • उदाहरण में ₹6,000 की तय मासिक निकासी से ₹1,144 की कमी हर महीने बिजनेस में ₹2,056 की बचत में बदल गई।
  • इमरजेंसी में समूह का आंतरिक लोन लें और किस्त पर खतरा हो तो समूह को जल्दी बताएं।

संबंधित गाइड: SHG पासबुक को समूह के लेजर से कैसे मिलाएं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

SHG सदस्य को घर और बिजनेस का पैसा अलग क्यों रखना चाहिए?

दोनों को मिलाने से पता ही नहीं चलता कि बिजनेस असल में मुनाफा कमा रहा है या नहीं। इससे SHG या बैंक लोन समय पर चुकाना भी मुश्किल होता है, और समूह की किताबें व माइक्रो क्रेडिट प्लान मानकर चलते हैं कि लोन बताए गए आजीविका काम में ही लगा है।

क्या छोटे SHG बिजनेस के लिए अलग बैंक खाता जरूरी है?

हमेशा नहीं। शुरुआत में अलग कैश बॉक्स या थैली और एक सादा रजिस्टर काफी हो सकता है। जब बिजनेस का भुगतान यूपीआई से आने लगे, तो सिर्फ बिजनेस के लिए दूसरा सेविंग या करंट खाता रखने से हिसाब बहुत आसान हो जाता है; चार्ज और मिनिमम बैलेंस बैंक से पूछ लें।

घर की जरूरतों के लिए बिजनेस से कितना पैसा निकाल सकती हूं?

एक तय रकम रखें, जैसे हर हफ्ते या हर महीने की निकासी, जो कच्चे माल और लोन किस्त का पैसा अलग रखने के बाद बिजनेस झेल सके। हर निकासी रजिस्टर में लिखें ताकि वह बिजनेस खर्च न समझी जाए।

क्या मैं SHG लोन का कुछ हिस्सा घर की इमरजेंसी में लगा सकती हूं?

लोन माइक्रो क्रेडिट प्लान में लिखे काम के लिए मंजूर होता है। अगर इमरजेंसी में बदलाव करना पड़े, तो अगली बैठक में समूह को बताएं और दर्ज करें, क्योंकि चुकाने की जिम्मेदारी पूरे समूह की है और पैसे का दूसरा इस्तेमाल समूह की ग्रेडिंग और अगले लोन डोज पर असर डाल सकता है।

लखपति दीदी ट्रैकिंग के लिए आय दिखाने में कौन से रिकॉर्ड काम आते हैं?

रोज की बिक्री और खर्च का रजिस्टर, बड़ी खरीद की रसीदें और मुनाफे व घरेलू निकासी का मासिक सार। इनसे SHG, ग्राम संगठन या ब्लॉक स्टाफ अलग-अलग सीजन में उस काम से घर की आय देख पाते हैं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

और हिंदी गाइड