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SHG में सदस्यों को दिए लोन का रिकॉर्ड कैसे रखें?

स्वयं सहायता समूह सदस्यों को दिए आंतरिक लोन का रिकॉर्ड कैसे रखे: प्रस्ताव, लोन लेजर, घटते बैलेंस पर ब्याज, बकाया, और ₹10,000 का उदाहरण।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 5 मिनट में पढ़ें
SHG में सदस्यों को दिए लोन का रिकॉर्ड कैसे रखें?
इस लेख में
  1. एक आंतरिक लोन दर्ज करने के कदम
  2. हर रिकॉर्ड में क्या लिखें
  3. जब पैसा बैंक लोन से आए
  4. उदाहरण: ₹10,000 पर 1% महीना
  5. बकाया को ईमानदारी से संभालें
  6. एक बार लिखकर रखने वाले नियम
  7. लोन लेने वाली सदस्य क्या रखे
  8. आम गलतियां
  9. मुख्य बातें
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SHG को सदस्य को दिया हर लोन चार जगह दर्ज करना चाहिए: मिनट्स बुक में प्रस्ताव, लोन लेजर में सदस्य का पेज, कैश बुक, और सदस्य की पासबुक, साथ में लिखित चुकौती शेड्यूल और फंड का स्रोत। ब्याज उस तरीके से लगे जो समूह ने अपने नियमों में तय किया है, बेहतर है घटते बैलेंस पर, और बकाया हर महीने खुलकर दिखाया जाए। यहां बताए तरीके नवंबर 2026 तक के हैं; आपका राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) या प्रमोट करने वाली संस्था अपने फॉर्मेट दे सकती है।

DAY-NRLM पर आरबीआई के मास्टर सर्कुलर में आंतरिक लोन पंचसूत्रों में से एक है (नियमित बैठक, नियमित बचत, नियमित आंतरिक लोन, नियमित वसूली और सही खाता बही)। बैंक क्रेडिट से जोड़ने से पहले SHG की ग्रेडिंग इसी आधार पर करते हैं; हमारी NRLM SHG लोन गाइड देखें।

एक आंतरिक लोन दर्ज करने के कदम

  1. बैठक में आवेदन। सदस्य रकम, उद्देश्य और चुकाने का तरीका बताती है।
  2. समूह का फैसला। सदस्य चर्चा कर मंजूरी देते हैं। मिनट्स में लिखें: नाम, रकम, उद्देश्य, ब्याज दर, तरीका (फ्लैट या घटता बैलेंस), किस्तों की संख्या, पहली किस्त की तारीख, और फंड का स्रोत (अपनी बचत, रिवॉल्विंग फंड, CIF लोन या बैंक लोन)।
  3. भुगतान। बैंक ट्रांसफर से या सदस्यों के सामने नकद दें। कैश बुक में भुगतान दर्ज करें और सदस्य के साइन या अंगूठा लगवाएं।
  4. लोन लेजर। सदस्य के सेक्शन में लोन का पेज खोलें, जिसमें तारीख, रकम, दर, शेड्यूल और स्रोत हो।
  5. पासबुक। सदस्य की पासबुक में लोन लिखें ताकि उसके पास अपनी कॉपी रहे।
  6. हर बैठक में। मूलधन और ब्याज की वसूली अलग-अलग लिखें, बैलेंस अपडेट करें, और जो रकम न आए उसे बकाया दिखाएं।
  7. बंद होने पर। पूरा चुकने पर लेजर और पासबुक में तारीख के साथ "बंद" लिखें।

हर रिकॉर्ड में क्या लिखें

रिकॉर्ड क्या लिखें
मिनट्स बुक मंजूरी, रकम, दर, तरीका, अवधि, फंड का स्रोत, उद्देश्य
लोन लेजर (हर सदस्य) तारीख, मूलधन, देय किस्तें, चुकाया मूलधन, चुकाया ब्याज, बैलेंस, बकाया
कैश बुक दिया गया लोन; हर वसूली, मूलधन और ब्याज अलग करके
जनरल लेजर कुल बकाया लोन; ब्याज आय
पासबुक उस सदस्य की वही एंट्री जो लेजर में है
मांग-वसूली-बैलेंस शीट हर महीने: देय, वसूला, बकाया, सदस्यवार

चुकाया गया मूलधन उसी फंड में लौटता है जहां से आया था। ब्याज समूह की ब्याज आय में जाता है, सदस्य की बचत में नहीं। इन्हें अलग रखने का तरीका SHG बचत और लोन फंड का अलग हिसाब में है।

जब पैसा बैंक लोन से आए

आरबीआई के DAY-NRLM सर्कुलर के तहत SHG का बैंक लोन सदस्यों में समूह के माइक्रो क्रेडिट प्लान (MCP) के आधार पर बांटा जाता है। सर्कुलर कमाई वाले काम के लिए न्यूनतम हिस्सा भी तय करता है: ₹1 लाख से ऊपर के लोन का कम से कम 50%, ₹4 लाख से ऊपर का 75% और ₹6 लाख से ऊपर का 85% मुख्य रूप से उत्पादक कामों में लगना चाहिए, और उद्देश्य व उपयोग MCP तय करता है।

इसलिए बैंक से आए लोन के लिए:

  • हर सदस्य की MCP रकम और उद्देश्य मिनट्स और लोन लेजर में लिखें।
  • स्रोत "बैंक लोन" लिखें ताकि समूह बैंक को दिखा सके कि उसका पैसा कैसे लगा।
  • सदस्य का शेड्यूल ऐसा रखें कि समूह बैंक की किस्त समय पर, थोड़ी गुंजाइश के साथ, भर सके।
  • अगर समूह सदस्यों से बैंक की दर से ज्यादा ब्याज लेता है, तो अंतर समूह की आय है; इसे ब्याज आय में लिखें और इसका उपयोग बैठक में तय करें।

उदाहरण: ₹10,000 पर 1% महीना

दर केवल उदाहरण है; आपका समूह अपनी दर तय करता है।

एक सदस्य ₹10,000 उधार लेती है, जो 10 मासिक किस्तों में ₹1,000 मूलधन और घटते बैलेंस पर 1% महीना ब्याज के साथ चुकाना है।

महीना शुरुआती बैलेंस (₹) 1% ब्याज (₹) मूलधन (₹) कुल भुगतान (₹) अंतिम बैलेंस (₹)
1 10,000 100 1,000 1,100 9,000
2 9,000 90 1,000 1,090 8,000
3 8,000 80 1,000 1,080 7,000
... ... ... ... ... ...
10 1,000 10 1,000 1,010 0

कुल ब्याज = ₹100 + ₹90 + ... + ₹10 = ₹550। कुल चुकाया = ₹10,550।

मूल ₹10,000 पर फ्लैट 1% महीना लगाने पर ब्याज ₹100 × 10 = ₹1,000 होगा, लगभग दोगुना, क्योंकि सदस्य लौटाए जा चुके पैसे पर भी ब्याज देती रहती है। अगर आपका समूह फ्लैट ब्याज लेता है, तो सदस्यों को समझना चाहिए कि असल लागत ज्यादा है।

अगर सदस्य बराबर किस्त चाहे, तो 10 महीने के लिए 1% महीना पर ईएमआई लगभग ₹1,056 और कुल ब्याज लगभग ₹558 होगा। ईएमआई कैलकुलेटर में 12% सालाना डालकर ऐसे आंकड़े जांच सकते हैं।

बकाया को ईमानदारी से संभालें

  • हर महीने लेजर और मांग-वसूली-बैलेंस शीट में बकाया रकम दिखाएं।
  • बैठक में कारणों पर चर्चा करें और तय नया शेड्यूल मिनट्स में लिखें।
  • जुर्माना तभी लगाएं जब लिखित नियमों में हो, और उसे अलग दर्ज करें।
  • पुराना लोन चुकाने के लिए नया लोन बिना मिनट्स के फैसले के न दें; इससे समस्या छिपती है जो बाद में बैंक और संगठन देख लेते हैं।
  • आरबीआई सर्कुलर कहता है कि जानबूझकर डिफॉल्ट करने वालों (विलफुल डिफॉल्टर) को DAY-NRLM के तहत फाइनेंस नहीं करना चाहिए, हालांकि वे समूह की बचत और लोन गतिविधि का फायदा ले सकते हैं, और समूह को उन्हें छोड़कर फाइनेंस किया जा सकता है; बिना जानबूझे डिफॉल्ट करने वालों को रोका नहीं जाना चाहिए। इसलिए साफ रिकॉर्ड रखें कि कोई सदस्य क्यों पीछे है।

एक बार लिखकर रखने वाले नियम

  • प्रति सदस्य अधिकतम लोन, उसकी बचत के गुणक या तय सीमा के रूप में
  • ब्याज दर और तरीका (घटता बैलेंस या फ्लैट)
  • चुकौती की आवृत्ति और अधिकतम अवधि
  • जब कई सदस्य एक साथ मांगें तो प्राथमिकता (आपात, आजीविका, अन्य)
  • देरी पर जुर्माना, अगर हो
  • सदस्य के छोड़ने पर लोन का क्या होगा; देखें बकाया लोन के साथ सदस्य का छोड़ना

लोन लेने वाली सदस्य क्या रखे

  • अपनी पासबुक, जिसमें लोन रकम, दर, तरीका और शेड्यूल लिखा हो
  • हर चुकौती का नोट, कोषाध्यक्ष के साइन या शॉर्ट साइन के साथ
  • लोन बंद होने की तारीख, पासबुक में लिखी हुई

अगर उसकी पासबुक और समूह का लेजर कभी अलग दिखें, तो समूह अगली बैठक में कैश बुक और मिनट्स जांचकर गलत एंट्री को नोट के साथ सुधारे, ऊपर से लिखकर नहीं।

आम गलतियां

गलती समाधान
बिना मिनट्स के लोन देना अगली बैठक में पूरा ब्योरा लिखकर फैसला दर्ज करें
ब्याज सदस्य की बचत में जोड़ना इसे समूह की ब्याज आय में डालें
सभी लोन का एक ही जोड़, सदस्यवार पेज नहीं हर सदस्य के हर लोन का अलग लेजर पेज खोलें
फंड का स्रोत न लिखना हर लोन पर बचत, RF, CIF या बैंक लिखें
अच्छा दिखाने के लिए बकाया को "चुकाया" लिखना असल वसूली लिखें; जरूरत हो तो खुलकर नया शेड्यूल बनाएं

मुख्य बातें

  • हर आंतरिक लोन के लिए मिनट्स में फैसला, लेजर पेज, कैश एंट्री और पासबुक एंट्री जरूरी है।
  • फंड का स्रोत लिखें और ब्याज को बचत से अलग रखें।
  • बैंक लोन समूह के माइक्रो क्रेडिट प्लान के अनुसार सदस्यों में बांटा जाता है।
  • उदाहरण में ₹10,000 पर 1% महीना घटते बैलेंस पर ₹550 पड़ा, जबकि फ्लैट पर ₹1,000।
  • बकाया खुलकर दिखाएं और जुर्माने व नए शेड्यूल के लिखित नियमों का पालन करें।

संबंधित गाइड: SHG पासबुक को समूह के लेजर से कैसे मिलाएं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

SHG जब किसी सदस्य को लोन दे तो कौन से रिकॉर्ड जरूरी हैं?

लोन मंजूरी का मिनट्स में लिखा प्रस्ताव, सदस्य के लोन लेजर और पासबुक में एंट्री, कैश बुक में भुगतान की एंट्री, और चुकौती का शेड्यूल। कई समूह बकाया पर नजर रखने के लिए मांग, वसूली और बैलेंस की शीट भी रखते हैं।

SHG आंतरिक लोन पर कितना ब्याज ले?

ब्याज दर समूह अपने नियमों में तय करता है और मिनट्स में लिखता है। आंतरिक लोन के लिए कोई एक सरकारी दर नहीं है; एक तरह के लोन पर सभी सदस्यों के लिए दर एक जैसी रखें और हर लोन एंट्री में लिखें।

SHG ब्याज फ्लैट लगाए या घटते बैलेंस पर?

घटते बैलेंस पर ब्याज ज्यादा न्यायसंगत और समझाने में आसान है, क्योंकि सदस्य केवल बकाया रकम पर ब्याज देती है। जो भी तरीका अपनाएं, नियमों में लिखें और सब पर एक जैसा लागू करें।

SHG का बैंक लोन सदस्यों में कैसे बांटा जाए, यह कौन तय करता है?

DAY-NRLM पर आरबीआई के मास्टर सर्कुलर के अनुसार लोन SHG द्वारा बनाए माइक्रो क्रेडिट प्लान के आधार पर सदस्यों में बांटा जाता है। समूह को हर सदस्य का हिस्सा और उद्देश्य मिनट्स और लोन लेजर में लिखना चाहिए।

अगर कोई सदस्य आंतरिक लोन चुकाना बंद कर दे तो?

हर महीने बकाया दर्ज करें, बैठक में चर्चा करें और जुर्माने व वसूली पर समूह के नियमों का पालन करें। नया लोन लिखकर बकाया न छिपाएं; बैंक और संगठन चुकौती का अनुशासन देखते हैं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

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