Skip to content
Neminath Traders

लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी: ब्याज दर, LTV, योग्यता और जोखिम

प्रॉपर्टी पर लोन की पूरी जानकारी: कितना लोन मिलता है, 2026 की ब्याज दरें, योग्यता, जरूरी दस्तावेज, टैक्स के नियम और घर गिरवी रखने के जोखिम।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 7 मिनट में पढ़ें
लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी: ब्याज दर, LTV, योग्यता और जोखिम
इस लेख में
  1. लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किन कामों में हो सकता है
  2. कितना लोन मिल सकता है?
  3. 2026 में ब्याज दरें
  4. उदाहरण से समझें
  5. योग्यता
  6. जरूरी दस्तावेज
  7. आवेदन की प्रक्रिया
  8. टैक्स के नियम
  9. प्रीपेमेंट और लोन ट्रांसफर
  10. इन जोखिमों पर ध्यान दें
  11. संबंधित गाइड
  12. मुख्य बातें
फ्री टूलEMI Calculatorखोलें →

लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP) में आप अपने मकान, फ्लैट, दुकान या प्लॉट को गिरवी (मॉर्गेज) रखकर लोन लेते हैं, आम तौर पर उसकी मार्केट वैल्यू के 50% से 70% तक, और 15 साल या उससे ज्यादा की अवधि के लिए। सिक्योर्ड लोन होने की वजह से यह पर्सनल लोन से सस्ता है, और बैंकों में इसकी दरें आम तौर पर करीब 9% से 13% सालाना होती हैं। लेकिन इसकी कीमत बड़ी है: अगर आप लोन नहीं चुकाते, तो लेंडर मॉर्गेज पर कार्रवाई करके प्रॉपर्टी बेच सकता है।

लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किन कामों में हो सकता है

LAP कई कामों में इस्तेमाल होने वाला लोन है। आम इस्तेमाल:

  • बिजनेस बढ़ाना या वर्किंग कैपिटल
  • बच्चों की उच्च शिक्षा या शादी
  • इलाज
  • महंगे पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के कर्ज को एक साथ चुकाना
  • दूसरी प्रॉपर्टी खरीदना (कुछ लेंडर इस पर रोक लगाते हैं या इसे अलग प्रोडक्ट मानते हैं)

लेंडर LAP का पैसा शेयर या सोने की ट्रेडिंग जैसे सट्टे वाले कामों में लगाने की इजाजत नहीं देते। आपको पैसे का इस्तेमाल बताना पड़ सकता है।

कितना लोन मिल सकता है?

दो सीमाएं लागू होती हैं, और दोनों में से जो कम हो, वही मिलता है।

1. लोन-टू-वैल्यू (LTV)

लेंडर अपनी क्रेडिट पॉलिसी में LTV सीमा तय करते हैं। आम रेंज:

प्रॉपर्टी का प्रकार आम LTV रेंज
खुद के रहने वाली रिहायशी करीब 60% से 70%
किराये पर दी गई रिहायशी करीब 55% से 65%
कमर्शियल (दुकान, ऑफिस) करीब 50% से 60%
इंडस्ट्रियल या खास इस्तेमाल वाली कम, केस के हिसाब से

कीमत लेंडर के पैनल वाला वैल्यूअर लगाता है, और यह आपकी सोची हुई मार्केट कीमत से कम हो सकती है। कई लेंडर लोन की रकम बढ़ने के साथ LTV भी घटाते जाते हैं।

2. लोन चुकाने की क्षमता

किसी भी लोन की तरह, कुल ईएमआई लेंडर के FOIR (फिक्स्ड ऑब्लिगेशंस टू इनकम रेशियो) के अंदर रहनी चाहिए, जो LAP के लिए आम तौर पर 50% से 65% होता है। सेल्फ-एम्प्लॉयड कर्जदारों की आय आईटीआर और बैंक स्टेटमेंट से आंकी जाती है। इसका अंदाजा लगाने के लिए हमारा लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

2026 में ब्याज दरें

LAP की दरें आम तौर पर फ्लोटिंग होती हैं और रेपो रेट जैसे एक्सटर्नल बेंचमार्क से, या पुराने लोन में MCLR से, जुड़ी होती हैं। आरबीआई ने 7 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50% कर दिया, इसलिए रेपो से जुड़ी LAP दरें अपने अगले रीसेट पर बढ़ सकती हैं। अनुमानित दरें:

लेंडर का प्रकार आम ब्याज दर (सालाना)
सरकारी बैंक करीब 9% से 11%
प्राइवेट बैंक करीब 9% से 13.5%
NBFC और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां करीब 10% से 16%

आपकी दर आपके सिबिल स्कोर, आय के प्रकार (नौकरीपेशा लोगों को आम तौर पर सेल्फ-एम्प्लॉयड से बेहतर दर मिलती है), प्रॉपर्टी के प्रकार और लोन की रकम पर निर्भर करती है। कमर्शियल प्रॉपर्टी पर आम तौर पर दर थोड़ी ज्यादा होती है। बेंचमार्क में बदलाव का असर कैसे आता है, यह हमारी रेपो रेट का ईएमआई पर असर वाली गाइड में समझाया गया है।

उदाहरण से समझें

सुरेश के पास ₹1 करोड़ का खुद के रहने वाला फ्लैट है और उसे बिजनेस बढ़ाने के लिए ₹60 लाख चाहिए। उसका लेंडर 15 साल के लिए 9.5% पर 60% LTV देता है।

  • LTV सीमा: 60% × ₹1 करोड़ = ₹60 लाख
  • 180 महीने के लिए 9.5% पर ईएमआई: करीब ₹62,653
  • 15 साल में कुल ब्याज: करीब ₹52.8 लाख

छोटी जरूरत के लिए LAP बनाम पर्सनल लोन

मान लीजिए किसी को पांच साल के लिए ₹10 लाख चाहिए।

विकल्प दर ईएमआई कुल ब्याज
लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी 9.5% ₹21,002 ₹2.60 लाख
पर्सनल लोन 13% ₹22,753 ₹3.65 लाख

यहां LAP से करीब ₹1.05 लाख ब्याज बचता है। लेकिन LAP में ऐसे खर्च हैं जो पर्सनल लोन में नहीं होते: लीगल और टेक्निकल वैल्यूएशन फीस, रकम के हिसाब से ज्यादा प्रोसेसिंग फीस, और कई राज्यों में मॉर्गेज डीड पर स्टांप ड्यूटी। छोटे लोन में ये खर्च बचत का बड़ा हिस्सा खा सकते हैं, और प्रोसेसिंग में एक से तीन हफ्ते लगते हैं, जबकि पर्सनल लोन कुछ दिनों में मिल जाता है। अपनी तुलना हमारे ईएमआई कैलकुलेटर में करें।

योग्यता

  • उम्र: आवेदन के समय आम तौर पर 21 या 25 साल, और मैच्योरिटी पर 65 से 70 साल तक
  • आय: नौकरी या बिजनेस की स्थिर आय; सेल्फ-एम्प्लॉयड आवेदकों को आम तौर पर दो से तीन साल के आईटीआर चाहिए
  • सिबिल स्कोर: करीब 700 या ज्यादा; बेहतर दर के लिए 750+
  • मालिकाना हक: प्रॉपर्टी आपके नाम पर या साझे नाम पर होनी चाहिए, और सभी सह-मालिकों को को-बॉरोअर बनना होगा
  • प्रॉपर्टी: साफ और बिकने लायक टाइटल, मंजूर नक्शा, और कोई अनधिकृत निर्माण नहीं

जरूरी दस्तावेज

  • सभी आवेदकों का केवाईसी: पैन, आधार या पते का कोई और सबूत
  • आय का सबूत: सैलरी स्लिप और फॉर्म 16, या सेल्फ-एम्प्लॉयड के लिए आईटीआर, फाइनेंशियल स्टेटमेंट और बिजनेस का सबूत
  • छह से बारह महीने के बैंक स्टेटमेंट
  • प्रॉपर्टी के कागजात: टाइटल डीड, पहले के मालिकाना हक की चेन के दस्तावेज, मंजूर बिल्डिंग प्लान, प्रॉपर्टी टैक्स की ताजा रसीदें, एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट, और जहां लागू हो वहां सोसाइटी या बिल्डर की NOC
  • जहां लागू हो, ऑक्यूपेंसी या कम्प्लीशन सर्टिफिकेट

आवेदन की प्रक्रिया

  1. आवेदन और सैद्धांतिक मंजूरी। लेंडर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट और आय जांचकर एक रकम बताता है।
  2. टेक्निकल वैल्यूएशन। पैनल वाला वैल्यूअर प्रॉपर्टी देखकर उसकी मार्केट वैल्यू का अनुमान लगाता है।
  3. लीगल जांच। लेंडर का वकील टाइटल चेन, एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट और मंजूरियां जांचता है, आम तौर पर पिछले 13 से 30 साल के मालिकाना इतिहास तक।
  4. मंजूरी और Key Facts Statement। आपको सैंक्शन लेटर और KFS मिलता है, जिसमें दर, फीस और APR लिखे होते हैं।
  5. मॉर्गेज बनाना। राज्य और लेंडर के हिसाब से, या तो असली टाइटल दस्तावेज लेंडर के पास जमा किए जाते हैं (इक्विटेबल मॉर्गेज) या रजिस्टर्ड मॉर्गेज डीड साइन की जाती है। स्टांप ड्यूटी लग सकती है।
  6. पैसा मिलना। रकम आपके खाते में आती है, या कर्ज चुकाने के लिए लोन हो तो सीधे लेनदारों को जाती है।

इस प्रक्रिया में एक से तीन हफ्ते लग सकते हैं। अस्पष्ट टाइटल, अधूरी मंजूरियां या साइन के लिए सह-मालिकों का उपलब्ध न होना देरी की सबसे आम वजहें हैं।

टैक्स के नियम

LAP पर अपने-आप कोई टैक्स फायदा नहीं मिलता। यह पैसे के इस्तेमाल पर निर्भर करता है:

  • रिहायशी मकान खरीदने या बनाने में इस्तेमाल: Income-tax Act, 2025 की धारा 22 (पुरानी धारा 24(b)) के तहत लागू सीमाओं के अंदर ब्याज पर छूट ली जा सकती है। हमारी होम लोन टैक्स बेनिफिट वाली गाइड देखें।
  • अपने बिजनेस या प्रोफेशन में इस्तेमाल: ब्याज को बिजनेस खर्च के रूप में दिखाया जा सकता है।
  • निजी इस्तेमाल (शादी, यात्रा, इलाज): कोई छूट नहीं।

पैसा कहां इस्तेमाल हुआ, इसका रिकॉर्ड रखें, और बिजनेस से जुड़े दावों के लिए किसी टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें।

प्रीपेमेंट और लोन ट्रांसफर

आरबीआई के Pre-payment Charges on Loans Directions, 2025 के तहत, 1 जनवरी 2026 से मंजूर या रिन्यू हुए लोन में, व्यक्तियों को गैर-बिजनेस कामों के लिए दिए गए फ्लोटिंग रेट लोन पर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लग सकता, और ये निर्देश व्यक्तियों और माइक्रो व स्मॉल एंटरप्राइजेज को दिए गए फ्लोटिंग रेट बिजनेस लोन पर भी कुछ शर्तों के साथ चार्ज सीमित करते हैं। फिक्स्ड रेट LAP पर फोरक्लोजर फीस लग सकती है। साइन करने से पहले Key Facts Statement जरूर देखें।

अगर आपकी दर ज्यादा है, तो साफ भुगतान रिकॉर्ड बनने के बाद आप बैलेंस ट्रांसफर से लोन दूसरे लेंडर के पास ले जा सकते हैं; हमारी होम लोन बैलेंस ट्रांसफर वाली गाइड इसकी प्रक्रिया समझाती है, जो LAP के लिए भी लगभग वैसी ही है।

इन जोखिमों पर ध्यान दें

  1. आपका घर दांव पर है। डिफॉल्ट होने पर बैंक और योग्य NBFC जरूरी नोटिस देने के बाद SARFAESI Act के तहत पहले कोर्ट गए बिना प्रॉपर्टी पर कब्जा करके उसे बेच सकते हैं।
  2. लंबी अवधि, भारी ब्याज। कम समय की जरूरत के लिए 15 साल का लोन लेने का मतलब है सालों तक ब्याज भरना।
  3. फ्लोटिंग रेट का जोखिम। रेपो रेट बढ़ने पर आपकी ईएमआई या अवधि बढ़ सकती है।
  4. सह-मालिक भी बंधे होते हैं। हर सह-मालिक साइन करता है और लोन के लिए जिम्मेदार बनता है।

अगर लोन चुकाना मुश्किल हो रहा है, तो खाता ओवरड्यू होने से पहले कदम उठाएं। हमारी लोन रीस्ट्रक्चरिंग के विकल्प वाली गाइड बताती है कि लेंडर क्या-क्या दे सकते हैं।

संबंधित गाइड

मुख्य बातें

  • LAP में आम तौर पर प्रॉपर्टी की कीमत का 50% से 70% तक मिलता है, जिसे आपकी लोन चुकाने की क्षमता और सीमित करती है।
  • बैंकों में LAP की दरें करीब 9% से 13% हैं और ज्यादातर फ्लोटिंग हैं, इसलिए रेपो रेट के साथ बदलती हैं।
  • यह पर्सनल लोन से सस्ता है, लेकिन वैल्यूएशन, लीगल और स्टांप ड्यूटी के खर्च की वजह से यह बड़ी रकम के लिए ज्यादा सही है।
  • टैक्स फायदा पैसे के इस्तेमाल पर निर्भर है: मकान खरीदना या बनाना, या बिजनेस में इस्तेमाल।
  • डिफॉल्ट होने पर SARFAESI Act के तहत कार्रवाई हो सकती है, इसलिए उतना ही लोन लें जितना चुका सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी के लिए योग्यता क्या है?

लेंडर आम तौर पर चाहते हैं कि आवेदन के समय आपकी उम्र 21 से 25 साल और मैच्योरिटी पर 65 से 70 साल तक हो, आपकी नौकरी या बिजनेस की आय स्थिर हो (सेल्फ-एम्प्लॉयड आवेदकों को आम तौर पर दो से तीन साल के आईटीआर चाहिए), सिबिल स्कोर करीब 700 या ज्यादा हो, और प्रॉपर्टी आपके नाम पर हो जिसका टाइटल साफ और बिकने लायक हो और नक्शा मंजूर हो।

लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी के लिए आवेदन कैसे करें?

लेंडर्स की ब्याज दर और LTV की तुलना करें, फिर केवाईसी, आय के सबूत और प्रॉपर्टी के कागजात के साथ ऑनलाइन या ब्रांच में आवेदन करें। लेंडर प्रॉपर्टी की कीमत लगवाता है, टाइटल की कानूनी जांच करता है, लोन मंजूर करता है और पैसा देने से पहले मॉर्गेज रजिस्टर करता है; इसमें आम तौर पर एक से तीन हफ्ते लगते हैं।

मेरी प्रॉपर्टी पर कितना लोन मिल सकता है?

ज्यादातर लेंडर प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू का करीब 50% से 70% तक देते हैं, जो इस पर निर्भर है कि प्रॉपर्टी रिहायशी है या कमर्शियल, कहां है और आपकी आय कितनी है। आपकी लोन चुकाने की क्षमता भी रकम पर सीमा लगाती है, इसलिए दोनों में से जो कम हो, वही मिलता है।

लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी की ब्याज दर कितनी है?

बैंकों में लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी की दरें आम तौर पर करीब 9% से 13% सालाना होती हैं, और NBFC की दरें इससे ज्यादा हो सकती हैं। दरें आम तौर पर फ्लोटिंग होती हैं और किसी बेंचमार्क से जुड़ी होती हैं, इसलिए आरबीआई के रेपो रेट बदलने के बाद बदल सकती हैं।

क्या लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है?

यह इस पर निर्भर है कि आप पैसे का इस्तेमाल कैसे करते हैं। अगर पैसा घर खरीदने या बनाने में लगता है, तो Income-tax Act, 2025 की धारा 22 (पुरानी धारा 24(b)) के तहत उसकी सीमा के अंदर ब्याज पर छूट ली जा सकती है। बिजनेस में इस्तेमाल होने पर ब्याज बिजनेस खर्च माना जा सकता है। निजी इस्तेमाल पर कोई छूट नहीं मिलती।

क्या होम लोन चल रही प्रॉपर्टी पर लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी मिल सकता है?

कुछ लेंडर टॉप-अप के जरिए या अतिरिक्त रकम के साथ बैलेंस ट्रांसफर के जरिए यह सुविधा देते हैं, बशर्ते प्रॉपर्टी की कीमत इसके लिए काफी हो। आम तौर पर पहले लेंडर की सहमति के बिना एक ही प्रॉपर्टी किसी दूसरे लेंडर के पास गिरवी नहीं रखी जा सकती।

लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी नहीं चुकाया तो क्या होगा?

खाता NPA होने और जरूरी नोटिस देने के बाद बैंक और कई NBFC SARFAESI Act के तहत सिक्योरिटी पर कार्रवाई कर सकते हैं, जिससे प्रॉपर्टी पर कब्जा करके उसे बेचा जा सकता है। अगर आपको दिक्कत आती दिख रही है, तो जल्दी लेंडर से संपर्क करके रीस्ट्रक्चरिंग पर बात करें।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

और हिंदी गाइड