अनधिकृत ट्रांजैक्शन? आरबीआई जीरो लायबिलिटी नियम 2026
खाते या कार्ड से बिना मंजूरी पैसा कटा? जानें आरबीआई के जीरो लायबिलिटी नियम, 3 दिन और 5 दिन की रिपोर्टिंग सीमा, 2027 के बदलाव और रिफंड पाने का तरीका।

इस लेख में
"मेरे खाते से ₹38,000 कटे हैं, जो मैंने कभी खर्च ही नहीं किए।" अगर आपके साथ ऐसा हुआ है, तो एक लाइन में उपाय यह है: अभी उस चैनल को ब्लॉक करें और बैंक की 24x7 फ्रॉड लाइन पर ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट करें, फिर 1930 या cybercrime.gov.in पर, क्योंकि आरबीआई (RBI) के नियमों में आप किस दिन रिपोर्ट करते हैं, उसी से तय होता है कि आपकी जिम्मेदारी शून्य होगी या नहीं। 31 दिसंबर 2026 तक लागू नियमों में तीन कामकाजी दिनों के अंदर रिपोर्ट किया गया थर्ड-पार्टी ब्रीच आपको कुछ नहीं पड़ता; 1 जनवरी 2027 से कमर्शियल बैंक आपको पांच कैलेंडर दिन देते हैं।
यह गाइड खुद जिम्मेदारी के नियमों पर है: कौन भरेगा, कितना और कब तक। अलग-अलग स्कैम में पैसा वापस पाने के कदमों के लिए हमारी गाइड यूपीआई स्कैम और साइबर फ्रॉड में पैसा वापसी देखें।
स्टेप-बाय-स्टेप क्या करें
पहले घंटे में
- कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग ब्लॉक करें, ऐप, नेट बैंकिंग, बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या एसएमएस से ब्लॉकिंग के जरिए। बैंकों को अनधिकृत ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट के लिए 24x7 चैनल देने होते हैं।
- उसी चैनल से उस खास ट्रांजैक्शन को अनधिकृत बताकर रिपोर्ट करें। शिकायत नंबर और सही समय नोट करें; आरबीआई के नियम के मुताबिक बैंक को तुरंत शिकायत नंबर और आपकी रिपोर्ट की तारीख व समय के साथ पावती देनी होती है।
- 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। इससे पैसा पाने वाले खाते में रकम रोकी जा सकती है। 2027 के नियमों में छोटे नुकसान के मुआवजे के लिए साइबर पोर्टल पर रिपोर्ट करना भी शर्त है।
पहले दिन
- नीचे दिए नमूने से बैंक को लिखित शिकायत दें, जिसमें साफ लिखा हो कि आपने यह ट्रांजैक्शन न मंजूर किया, न शुरू किया और न ही इससे कोई फायदा लिया।
- पासवर्ड और पिन बदलें, बैंकिंग ऐप से अनजान डिवाइस हटाएं, और कोई भी रिमोट-एक्सेस ऐप अनइंस्टॉल करें।
- सबूत जमा करें: एसएमएस अलर्ट, ईमेल अलर्ट, कॉल लॉग, स्क्रीनशॉट और 1930 की एक्नॉलेजमेंट।
अगर मामला न सुलझे
- शैडो रिवर्सल पर नजर रखें। मौजूदा नियमों में योग्य मामलों में बैंक को आपकी रिपोर्ट के 10 कामकाजी दिनों के अंदर रकम अस्थायी रूप से खाते में डालनी चाहिए।
- ग्रीवांस या नोडल ऑफिसर तक जाएं, फिर अगर 30 दिन में अंतिम जवाब न मिले या बैंक बिना सबूत आपको जिम्मेदार ठहराए, तो cms.rbi.org.in पर आरबीआई ओम्बड्समैन के पास जाएं। देखें बैंक शिकायत नहीं सुलझा रहा।
31 दिसंबर 2026 तक के नियम
आरबीआई का जुलाई 2017 का सर्कुलर Customer Protection – Limiting Liability of Customers in Unauthorised Electronic Banking Transactions बैंक खातों से यूपीआई, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और बैंकों के जारी किए प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट जैसे ट्रांजैक्शन पर लागू होता है।
| स्थिति | आपकी जिम्मेदारी |
|---|---|
| बैंक की लापरवाही या कमी (सिस्टम फेल होने समेत) | शून्य, चाहे आप रिपोर्ट करें या नहीं |
| थर्ड-पार्टी ब्रीच, 3 कामकाजी दिनों में रिपोर्ट | शून्य |
| थर्ड-पार्टी ब्रीच, 4 से 7 कामकाजी दिनों में रिपोर्ट | सीमित (अगली टेबल देखें) |
| थर्ड-पार्टी ब्रीच, 7 कामकाजी दिनों के बाद रिपोर्ट | बैंक की बोर्ड से मंजूर पॉलिसी के मुताबिक |
| आपकी लापरवाही (जैसे पिन या ओटीपी बताना) | रिपोर्ट करने तक पूरा नुकसान आपका; रिपोर्ट के बाद का नुकसान बैंक का |
4 से 7 कामकाजी दिनों में रिपोर्ट करने पर सीमा (ट्रांजैक्शन की रकम या सीमा, जो कम हो, वह आप भरेंगे):
| अकाउंट या कार्ड | अधिकतम जिम्मेदारी |
|---|---|
| बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट | ₹5,000 |
| बाकी सेविंग्स अकाउंट, प्रीपेड और गिफ्ट कार्ड, MSME के करंट/कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट अकाउंट, ₹25 लाख तक के औसत बैलेंस वाले व्यक्तियों के करंट अकाउंट, ₹5 लाख तक की लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड | ₹10,000 |
| बाकी सभी करंट, कैश क्रेडिट और ओवरड्राफ्ट अकाउंट; ₹5 लाख से ज्यादा लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड | ₹25,000 |
दूसरी सुरक्षाएं: बैंक को 10 कामकाजी दिनों में रकम लौटानी (शैडो रिवर्सल) और 90 दिनों में निपटारा करना होगा, और अगर वह ऐसा न करे तो उसे ऐसे भुगतान करना होगा जैसे आपकी जिम्मेदारी शून्य थी। क्रेडिट कार्ड में आपका ब्याज-मुक्त समय नहीं जाना चाहिए और लौटाई गई रकम पर ब्याज नहीं लगना चाहिए। ग्राहक की जिम्मेदारी साबित करने का बोझ बैंक पर है।
1 जनवरी 2027 से नियम (कमर्शियल बैंक)
आरबीआई ने 24 जून 2026 को Commercial Banks (Responsible Business Conduct) Third Amendment Directions, 2026 जारी किए। ये 1 जनवरी 2027 या उसके बाद के इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन के लिए 2017 के प्रावधानों की जगह लेंगे। दूसरे तरह के बैंकों के लिए भी ऐसे निर्देश जारी या प्रस्तावित किए गए हैं; अपने बैंक की कस्टमर प्रोटेक्शन पॉलिसी देखें, जो उसकी वेबसाइट पर होनी जरूरी है।
| फीचर | 31 दिसंबर 2026 तक | 1 जनवरी 2027 से |
|---|---|---|
| थर्ड-पार्टी ब्रीच में जीरो लायबिलिटी की सीमा | 3 कामकाजी दिन | 5 कैलेंडर दिन |
| थर्ड-पार्टी ब्रीच की देर से रिपोर्ट | दिन 4 से 7 के लिए ₹5,000 / ₹10,000 / ₹25,000 की सीमा | बैंक की पॉलिसी के मुताबिक |
| आपकी लापरवाही होने पर मुआवजा | कोई नहीं (रिपोर्ट करने तक नुकसान आपका) | जीवन में एक बार: नेट नुकसान का 85% या ₹25,000, जो कम हो, ₹50,000 तक के कुल नुकसान पर, अगर 5 कैलेंडर दिनों में बैंक और साइबर पोर्टल/1930 पर रिपोर्ट किया गया हो |
| उस मुआवजे का भुगतान | लागू नहीं | आपके आवेदन के 5 कैलेंडर दिनों में |
| शैडो रिवर्सल | 10 कामकाजी दिनों में | क्रेडिट कार्ड फ्रॉड: 5 कैलेंडर दिनों में अस्थायी क्रेडिट |
| निपटारे की समय सीमा | 90 दिन | 45 कैलेंडर दिन (घरेलू), 60 (क्रॉस-बॉर्डर) |
| सबूत का बोझ | बैंक पर | बैंक पर |
रिवर्सल मूल ट्रांजैक्शन की तारीख से वैल्यू-डेटेड होने चाहिए, ताकि आपका कोई ब्याज न जाए। मुआवजा व्यक्तियों के लिए है, जिनमें सोल प्रोप्राइटर भी शामिल हैं, और जॉइंट होल्डर सभी खातों को मिलाकर इसे सिर्फ एक बार ले सकते हैं।
उदाहरण से समझें
केस A, कार्ड स्किम हुआ (थर्ड-पार्टी ब्रीच), सेविंग्स अकाउंट से ₹38,000।
| रिपोर्ट कब की | दिसंबर 2026 के फ्रॉड पर नियम | जनवरी 2027 के फ्रॉड पर नियम |
|---|---|---|
| कामकाजी दिन 2 | जिम्मेदारी ₹0; रिफंड ₹38,000 | जिम्मेदारी ₹0; रिफंड ₹38,000 |
| कामकाजी दिन 5 (बीच में वीकेंड आने से कैलेंडर दिन 7) | ₹38,000 और ₹10,000 में से कम = ₹10,000; रिफंड ₹28,000 | 5 कैलेंडर दिन से ज्यादा: बैंक की पॉलिसी लागू |
यह फर्क ध्यान रखें: ज्यादातर हफ्तों में नई पांच दिन की सीमा लंबी है, लेकिन इसमें वीकेंड और छुट्टियां भी गिनी जाती हैं।
केस B, आपने फर्जी कॉलर को ओटीपी बता दिया (लापरवाही), 15 जनवरी 2027 को ₹20,000 गए। आप उसी दिन बैंक और 1930 पर रिपोर्ट करते हैं। 2027 के नियमों में मुआवजा 85% × ₹20,000 = ₹17,000 और ₹25,000 में से कम, यानी ₹17,000 होगा। अगर बाद में ठग के खाते से ₹4,000 वसूल हो जाते हैं, तो नेट नुकसान ₹16,000 रह जाता है, जिसका 85% ₹13,600 है, और बैंक दोबारा हिसाब लगाता है।
अगर क्रेडिट कार्ड का अनधिकृत चार्ज ड्यू डेट से पहले रिवर्स नहीं होता, तो ब्याज तेजी से बढ़ सकता है; हमारा क्रेडिट कार्ड इंटरेस्ट कैलकुलेटर इसका खर्च दिखाता है, और शैडो रिवर्सल पर जोर देने की यह एक और वजह है। जो कार्ड विवाद फ्रॉड नहीं हैं (जैसे सामान डिलीवर न होना), उनके लिए क्रेडिट कार्ड चार्जबैक बनाम रिफंड देखें।
शिकायत कहां करें
| कदम | कहां |
|---|---|
| तुरंत | बैंक की 24x7 फ्रॉड लाइन, ऐप या एसएमएस ब्लॉक; 1930 या cybercrime.gov.in |
| उसी दिन | बैंक को लिखित शिकायत; बैंक कहे तो पुलिस शिकायत |
| अगर हल न हो | ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर, फिर अपने-आप इंटरनल ओम्बड्समैन की समीक्षा |
| 30 दिन बाद | cms.rbi.org.in या 14448 पर आरबीआई ओम्बड्समैन, 90 दिनों के अंदर |
कॉपी करने लायक शिकायत
विषय: अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन – आरबीआई के ग्राहक जिम्मेदारी नियमों के तहत रिवर्सल का अनुरोध
महोदय/महोदया,
मैं अपने अकाउंट/कार्ड [आखिरी 4 अंक] पर हुए नीचे दिए ट्रांजैक्शन को
अनधिकृत बताकर रिपोर्ट कर रहा/रही हूं। मैंने इन्हें न शुरू किया, न
मंजूर किया और न ही इनसे कोई फायदा लिया।
तारीख/समय: [ ] रकम: ₹[ ] रेफरेंस/UTR: [ ] चैनल: [यूपीआई/कार्ड/नेट बैंकिंग]
मुझे इसकी जानकारी [तारीख] को [समय] पर [एसएमएस/ईमेल/स्टेटमेंट] से मिली
और मैंने [तारीख] को [समय] पर इसकी रिपोर्ट की, शिकायत नंबर [ ]। मैंने
cybercrime.gov.in / 1930 पर भी रिपोर्ट की है, एक्नॉलेजमेंट नंबर [ ]।
आरबीआई के ग्राहक जिम्मेदारी ढांचे के तहत कृपया:
1. प्रभावित चैनल पर आगे के डेबिट ब्लॉक करें;
2. तय समय के अंदर रकम (शैडो रिवर्सल) खाते में डालें; और
3. नतीजा लिखित में बताएं, और अगर आप ग्राहक की कोई जिम्मेदारी मानते
हैं तो उसका आधार भी, क्योंकि सबूत का बोझ बैंक पर है।
[नाम], [रजिस्टर्ड मोबाइल], [अकाउंट/कार्ड के आखिरी 4 अंक]
क्या न करें
- "घरवालों से पूछकर" या सोमवार के इंतजार में रिपोर्ट करने में देर न करें। एक-एक दिन मायने रखता है; 24x7 चैनल इस्तेमाल करें।
- "आपने ओटीपी बताया था, इसलिए रिफंड नहीं" जैसी मौखिक बात न मानें। बैंक से लिखित में सबूत मांगें।
- लापरवाही मानने वाले किसी ऐसे बयान पर साइन न करें जिससे आप सहमत नहीं हैं।
- पैसा वापस दिलाने का वादा करने वाले "रिकवरी एजेंट" या किसी को भी फीस न दें।
- एसएमएस और ईमेल अलर्ट बंद न रखें। बैंकों को ये भेजने होते हैं, और यही आपकी सबसे पहली चेतावनी हैं।
संबंधित गाइड
मुख्य बातें
- 31 दिसंबर 2026 तक: 3 कामकाजी दिनों में रिपोर्ट किए गए थर्ड-पार्टी ब्रीच में जीरो लायबिलिटी, दिन 4 से 7 तक ₹5,000 से ₹25,000 की सीमित जिम्मेदारी।
- 1 जनवरी 2027 से (कमर्शियल बैंक): 5 कैलेंडर दिनों में जीरो लायबिलिटी, और ₹50,000 तक के नुकसान पर आपकी लापरवाही होने पर भी ₹25,000 तक का एक बार का मुआवजा।
- बैंक की अपनी लापरवाही से हुआ नुकसान बैंक उठाता है, चाहे आप रिपोर्ट करें या नहीं।
- आपकी जिम्मेदारी बैंक को साबित करनी होगी, रिवर्सल वैल्यू-डेटेड होना चाहिए, और निपटारा अभी 90 दिन में और 2027 से 45 दिन में होना चाहिए।
- तुरंत बैंक और 1930 पर रिपोर्ट करें, सब कुछ लिखित में दें, और 30 दिन बाद cms.rbi.org.in पर जाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अनधिकृत बैंक ट्रांजैक्शन में जीरो लायबिलिटी क्या है?
जीरो लायबिलिटी का मतलब है कि नुकसान का कोई हिस्सा आपको नहीं उठाना पड़ता। आरबीआई के नियमों के तहत अगर गलती बैंक या उसके सिस्टम की है, या थर्ड-पार्टी ब्रीच (जिसमें न आपकी गलती हो न बैंक की) तय समय में रिपोर्ट किया गया है, तो आपकी जिम्मेदारी शून्य है: मौजूदा नियमों में यह समय तीन कामकाजी दिन है।
1 जनवरी 2027 से क्या बदल रहा है?
कमर्शियल बैंकों के लिए आरबीआई के Responsible Business Conduct Third Amendment Directions, 2026 थर्ड-पार्टी ब्रीच में जीरो लायबिलिटी की सीमा पांच कैलेंडर दिन कर देते हैं, और ग्राहक की लापरवाही से हुए ₹50,000 तक के नुकसान पर जीवन में एक बार, नेट नुकसान का 85% या ₹25,000, जो कम हो, उतना मुआवजा जोड़ते हैं।
बैंक को मेरा पैसा कितने दिन में वापस डालना होगा?
मौजूदा 2017 के नियमों के तहत योग्य मामलों में बैंक को आपकी रिपोर्ट के 10 कामकाजी दिनों के अंदर विवादित रकम खाते में डालनी होती है, जिसे शैडो रिवर्सल कहते हैं, और 90 दिनों में शिकायत का निपटारा करना होता है। 2027 के नियमों में घरेलू फ्रॉड का निपटारा 45 कैलेंडर दिनों में करना होगा।
मेरी लापरवाही किसे साबित करनी होगी?
बैंक को। आरबीआई के मौजूदा और नए, दोनों नियमों में ग्राहक की जिम्मेदारी साबित करने का बोझ बैंक पर है। बैंक सिर्फ यह कहकर नहीं बच सकता कि आपने ओटीपी बताया था; उसे यह दिखाना होगा।
क्या ये नियम क्रेडिट कार्ड पर भी लागू होते हैं?
हां। आरबीआई का ग्राहक जिम्मेदारी वाला ढांचा कार्ड समेत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन पर लागू होता है। मौजूदा नियमों में देर से रिपोर्ट करने पर सीमित जिम्मेदारी कार्ड की क्रेडिट लिमिट पर निर्भर करती है: ₹5 लाख तक की लिमिट पर ₹10,000 और उससे ऊपर ₹25,000।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।