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बैंक केवाईसी अपडेट (री-केवाईसी): कब, कैसे, कौन से डॉक्यूमेंट

बैंक री-केवाईसी: आरबीआई के 2-8-10 साल के नियम से केवाईसी कब ड्यू है, ऑनलाइन या किसी भी ब्रांच में कैसे करें, और खाता फ्रीज हो जाए तो क्या करें।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 7 मिनट में पढ़ें
बैंक केवाईसी अपडेट (री-केवाईसी): कब, कैसे, कौन से डॉक्यूमेंट
इस लेख में
  1. आपका री-केवाईसी कब ड्यू है?
  2. तीन स्थितियां, तीन तरीके
  3. ऑनलाइन केवाईसी कैसे अपडेट करें: स्टेप बाय स्टेप
  4. अपडेट नहीं किया तो क्या होगा
  5. री-केवाईसी फ्रॉड: कैसे होता है और कैसे बचें
  6. अपने सभी खातों की केवाईसी अपडेट कैसे रखें
  7. शिकायत कहां करें
  8. मुख्य बातें
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बैंकों को समय-समय पर आपकी केवाईसी (Know Your Customer) जानकारी अपडेट करनी होती है, जिसे आम तौर पर री-केवाईसी कहा जाता है। अक्टूबर 2026 की स्थिति में आरबीआई के मुताबिक हाई-रिस्क ग्राहकों के लिए यह कम से कम हर 2 साल, मीडियम-रिस्क के लिए 8 साल और लो-रिस्क के लिए 10 साल में जरूरी है। अगर कुछ नहीं बदला है, तो आप नेट बैंकिंग, ऐप, रजिस्टर्ड ईमेल या एटीएम से सेल्फ-डिक्लेरेशन देकर कुछ ही मिनटों में यह काम कर सकते हैं; अगर पता बदल गया है, तो नए पते का सेल्फ-डिक्लेरेशन भी चलता है, और आप होम ब्रांच की जगह किसी भी ब्रांच में जा सकते हैं।

आपका री-केवाईसी कब ड्यू है?

बैंक हर ग्राहक को पेशे, लेनदेन के तरीके और पैसे के स्रोत जैसी बातों के आधार पर रिस्क कैटेगरी में रखते हैं। ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों और पेंशनर्स को लो-रिस्क माना जाता है, लेकिन आपकी कैटेगरी सिर्फ आपका बैंक ही बता सकता है।

रिस्क कैटेगरी केवाईसी अपडेट का अंतराल (अक्टूबर 2026 की स्थिति) कब से गिना जाता है
हाई रिस्क कम से कम हर 2 साल में एक बार खाता खुलने या पिछली केवाईसी अपडेट से
मीडियम रिस्क कम से कम हर 8 साल में एक बार खाता खुलने या पिछली केवाईसी अपडेट से
लो रिस्क कम से कम हर 10 साल में एक बार खाता खुलने या पिछली केवाईसी अपडेट से

आरबीआई के 2025 के संशोधनों के तहत बैंकों को ड्यू डेट से पहले सूचना और उसके बाद रिमाइंडर भेजने होते हैं, जिनमें कम से कम एक चिट्ठी से हो, इसलिए अपना रजिस्टर्ड ईमेल, SMS और डाक देखते रहें।

उदाहरण: ड्यू डेट कैसे निकालें

  • रमेश (मीडियम रिस्क): पिछली केवाईसी 10 अगस्त 2018 को। ड्यू डेट = 10 अगस्त 2018 + 8 साल = 10 अगस्त 2026। अक्टूबर 2026 तक उसकी अपडेट करीब दो महीने से बकाया है।
  • सुनीता (लो रिस्क): खाता 1 जनवरी 2015 को पूरी केवाईसी के साथ खुला। ड्यू डेट = 1 जनवरी 2015 + 10 साल = 1 जनवरी 2025। आरबीआई की जून 2025 की राहत में लो-रिस्क लोगों को ड्यू डेट के एक साल बाद तक या 30 जून 2026 तक, जो भी बाद में हो, का समय मिला। उसकी ड्यू डेट के एक साल बाद 1 जनवरी 2026 है, जो 30 जून 2026 से पहले है, इसलिए उसकी बढ़ी हुई डेडलाइन 30 जून 2026 थी। वह तारीख निकल चुकी है, इसलिए उसे अभी अपडेट करना चाहिए।
  • अर्जुन (हाई रिस्क, अक्सर विदेश पैसा भेजता है): पिछली केवाईसी 5 दिसंबर 2024 को। ड्यू डेट = 5 दिसंबर 2026, यानी उसके पास करीब सात हफ्ते बचे हैं।

लो-रिस्क खातों को मिली राहत सिर्फ समय बढ़ाने की थी, छूट नहीं। अक्टूबर 2026 तक कोई नया आम एक्सटेंशन घोषित नहीं हुआ था, इसलिए अगर आपका री-केवाईसी 2025 के मध्य से पहले ड्यू था और अब भी बाकी है, तो मानकर चलें कि वह बकाया है।

तीन स्थितियां, तीन तरीके

आपको क्या जमा करना है, यह इस पर निर्भर करता है कि पिछली केवाईसी के बाद क्या बदला है।

आपकी स्थिति बैंक को क्या चाहिए कैसे जमा कर सकते हैं
केवाईसी जानकारी में कोई बदलाव नहीं "कोई बदलाव नहीं" का सेल्फ-डिक्लेरेशन रजिस्टर्ड ईमेल, रजिस्टर्ड मोबाइल, नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप, एटीएम, चिट्ठी, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट, या कोई भी ब्रांच
सिर्फ पता बदला नए पते का सेल्फ-डिक्लेरेशन; बैंक दो महीने में इसकी जांच करता है ऊपर वाले ही तरीके
नाम, फोटो, आईडी या दूसरी जानकारी बदली, या केवाईसी डॉक्यूमेंट की वैधता खत्म नई केवाईसी: आधिकारिक रूप से मान्य डॉक्यूमेंट, PAN या फॉर्म 60, हाल की फोटो ब्रांच, आधार ओटीपी ई-केवाईसी, या जहां सुविधा हो वहां वीडियो केवाईसी (V-CIP)

आधिकारिक रूप से मान्य डॉक्यूमेंट (OVD) में आधार (प्रूफ ऑफ पजेशन), पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, नरेगा जॉब कार्ड और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर का पत्र शामिल हैं। PAN साथ रखें, क्योंकि बैंक यह भी जांचते हैं कि आपका PAN वैध है।

ऑनलाइन केवाईसी कैसे अपडेट करें: स्टेप बाय स्टेप

हर बैंक के मेन्यू अलग होते हैं, लेकिन SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank, Kotak और दूसरे बैंकों में तरीका लगभग एक जैसा है।

  1. आधिकारिक ऐप या नेट बैंकिंग में लॉग इन करें। SMS, WhatsApp मैसेज या ईमेल में आए लिंक का कभी इस्तेमाल न करें।
  2. केवाईसी सेक्शन ढूंढें। यह अक्सर Profile, Service Requests या "Re-KYC / Update KYC" में होता है। री-केवाईसी ड्यू होने पर कई बैंक बैनर दिखाते हैं।
  3. अपनी स्थिति चुनें। "कोई बदलाव नहीं", "पता बदला" या "पूरी केवाईसी अपडेट"।
  4. जानकारी जांचें। नाम, जन्म तिथि, पता, PAN, पेशा और आय की रेंज देखें। मांगा जाए तो सबूत अपलोड करें।
  5. वेरिफाई करें। आम तौर पर रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी आता है। पूरी केवाईसी के लिए बैंक आधार ओटीपी ई-केवाईसी इस्तेमाल कर सकता है या किसी अधिकारी के साथ वीडियो केवाईसी कॉल तय कर सकता है।
  6. रेफरेंस नंबर संभालकर रखें और कन्फर्मेशन SMS या ईमेल का इंतजार करें। कुछ बैंक प्रोसेस करने में कुछ कामकाजी दिन लेते हैं।

ब्रांच या बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट से अपडेट करना

आरबीआई के जून 2025 के संशोधन के तहत आप अपने बैंक की किसी भी ब्रांच में केवाईसी अपडेट कर सकते हैं, सिर्फ उसी में नहीं जहां खाता खोला था। बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) आउटलेट भी "कोई बदलाव नहीं" या पता बदलने का सेल्फ-डिक्लेरेशन ले सकते हैं, जिसे वे वेरिफाई करके ब्रांच भेजते हैं। ओरिजिनल आईडी और उसकी फोटोकॉपी साथ ले जाएं, और रसीद जरूर मांगें।

अपडेट नहीं किया तो क्या होगा

बैंक बकाया केवाईसी को नियमों के पालन का जोखिम मानते हैं। ग्राहक कई तरह की रोक की शिकायत करते हैं:

  • पैसा निकालने पर रोक जबकि पैसा आता रहता है (इसे कभी-कभी आंशिक फ्रीज कहा जाता है);
  • यूपीआई, कार्ड, नेट बैंकिंग या चेक की सुविधा बंद;
  • केवाईसी अपडेट होने तक नई एफडी, लोन या लॉकर देने से मना।

बकाया केवाईसी पर खाता फ्रीज करने को लेकर आरबीआई के निर्देश सालों में बदलते रहे हैं और हर बैंक का तरीका अलग है। अगर आपके खाते पर रोक लगी है, तो बैंक से लिखित में पूछें कि वह किस निर्देश के आधार पर ऐसा कर रहा है, केवाईसी अपडेट करें, और पूरी सुविधा बहाल होने पर लिखित पुष्टि मांगें। देरी से एफडी रिन्यूअल या समय से पहले निकासी भी रुक सकती है। अगर केवाईसी ठीक होने के बाद आप पड़ी हुई बचत को एफडी में डालना चाहते हैं, तो एफडी कैलकुलेटर से देखें कि उस पर कितना मिलेगा।

लंबे समय से इस्तेमाल न हुआ खाता, जिसकी केवाईसी भी बकाया हो, इनऑपरेटिव भी हो सकता है। इसकी प्रक्रिया हमारी डॉर्मेंट बैंक खाता दोबारा चालू करने वाली गाइड में है।

री-केवाईसी फ्रॉड: कैसे होता है और कैसे बचें

"आपका खाता आज ब्लॉक हो जाएगा, अभी केवाईसी अपडेट करें" भारत में सबसे आम धोखाधड़ी वाले मैसेज में से एक है। आम तरीके:

  • SMS या WhatsApp पर नकली बैंक पेज का लिंक, जो आपका लॉगिन, कार्ड नंबर या ओटीपी ले लेता है;
  • "बैंक अधिकारी" की कॉल, जो आपसे स्क्रीन-शेयरिंग या रिमोट-एक्सेस ऐप इंस्टॉल करवाता है;
  • यूपीआई से ₹1 भेजकर "वेरिफाई" करने को कहना, जिससे असल में कलेक्ट रिक्वेस्ट या मैंडेट मंजूर हो जाता है।

केवाईसी अपडेट के लिए बैंक कभी आपका पिन, पासवर्ड, CVV या ओटीपी नहीं मांगते। अगर आपने इनमें से कुछ भी शेयर कर दिया है, तो तुरंत बैंक को कॉल करके कार्ड और नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं, cybercrime.gov.in पर या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें, और बिना रजिस्ट्रेशन वाली संस्थाओं के लिए आरबीआई का Sachet पोर्टल (sachet.rbi.org.in) देखें। पैसा वापस पाने के पूरे स्टेप हमारी यूपीआई फ्रॉड गाइड में हैं।

अपने सभी खातों की केवाईसी अपडेट कैसे रखें

  • हर बैंक खाते की लिस्ट बनाएं, पुराने सैलरी खाते और जॉइंट खाते भी, साथ में पिछली केवाईसी की तारीख।
  • हर जगह एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल रजिस्टर रखें ताकि रिमाइंडर मिलते रहें।
  • जो खाते इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें बंद करें। कम खाते यानी कम री-केवाईसी डेडलाइन।
  • घर बदलते ही अपडेट करें, ड्यू डेट का इंतजार न करें। पते में अंतर से चेकबुक, कार्ड डिलीवरी और लोन आवेदन में दिक्कत आती है।
  • साथ ही नॉमिनी भी अपडेट करें। 1 नवंबर 2025 से आप डिपॉजिट खाते के लिए चार लोगों तक को नॉमिनी बना सकते हैं।

अलग से, म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों की केवाईसी SEBI के नियमों के तहत केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसियों के जरिए होती है, और CKYC (Central KYC) में एक साझा रिकॉर्ड रहता है। बैंक का री-केवाईसी हर दूसरे वित्तीय खाते को अपने-आप अपडेट नहीं करता, इसलिए हर खाता अलग से जांचें।

शिकायत कहां करें

अगर बैंक वैध सेल्फ-डिक्लेरेशन लेने से मना करता है, सिर्फ होम ब्रांच जाने पर जोर देता है, या केवाईसी अपडेट के बाद भी खाता फ्रीज रखता है:

  1. अपने रेफरेंस नंबर के साथ बैंक के ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर या प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर को लिखें।
  2. 30 दिन में जवाब न मिले या जवाब संतोषजनक न हो, तो cms.rbi.org.in पर आरबीआई इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन के पास शिकायत करें।

मुख्य बातें

  • अक्टूबर 2026 की स्थिति में हाई, मीडियम और लो-रिस्क ग्राहकों का री-केवाईसी कम से कम हर 2, 8 या 10 साल में ड्यू होता है।
  • कोई बदलाव नहीं या सिर्फ पता बदला? नेट बैंकिंग, ऐप, रजिस्टर्ड ईमेल या एटीएम से सेल्फ-डिक्लेरेशन आम तौर पर काफी है।
  • आप किसी भी ब्रांच में केवाईसी अपडेट कर सकते हैं; आधार ओटीपी ई-केवाईसी और वीडियो केवाईसी की भी अनुमति है।
  • लो-रिस्क वालों की 30 जून 2026 तक की बढ़ी हुई डेडलाइन निकल चुकी है, इसलिए बाकी अपडेट अब बकाया होने की संभावना है।
  • किसी लिंक, कॉल या स्क्रीन-शेयरिंग ऐप से कभी केवाईसी अपडेट न करें; बैंक ओटीपी, पिन या CVV नहीं मांगते।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बैंक में केवाईसी कितने समय में अपडेट करनी होती है?

अक्टूबर 2026 की स्थिति में आरबीआई के केवाईसी निर्देशों के मुताबिक हाई-रिस्क ग्राहकों को कम से कम हर दो साल, मीडियम-रिस्क को हर आठ साल और लो-रिस्क को हर दस साल में केवाईसी अपडेट करनी होती है। यह समय खाता खुलने या पिछली केवाईसी अपडेट से गिना जाता है।

क्या ब्रांच गए बिना बैंक केवाईसी अपडेट हो सकती है?

आम तौर पर हां। अगर कुछ नहीं बदला है, या सिर्फ पता बदला है, तो बैंक रजिस्टर्ड ईमेल, मोबाइल, नेट बैंकिंग, ऐप, एटीएम या चिट्ठी से सेल्फ-डिक्लेरेशन ले सकते हैं। आधार ओटीपी ई-केवाईसी और वीडियो केवाईसी की भी अनुमति है।

क्या री-केवाईसी के लिए होम ब्रांच जाना जरूरी है?

नहीं। आरबीआई के जून 2025 के संशोधन के बाद आप अपने बैंक की किसी भी ब्रांच में केवाईसी अपडेट कर सकते हैं, और तय मामलों में बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट भी सेल्फ-डिक्लेरेशन ले सकते हैं।

क्या केवाईसी अपडेट न होने पर बैंक खाता फ्रीज कर सकता है?

बैंक केवाईसी बकाया होने पर खाते पर रोक लगाते हैं, अक्सर पैसा निकालने पर रोक लगाकर जबकि पैसा आता रहता है। हर बैंक का तरीका अलग है, इसलिए बैंक से लिखित में पूछें कि वह कौन सा नियम लागू कर रहा है, और पूरी सुविधा वापस पाने के लिए केवाईसी अपडेट करें।

क्या बैंक कभी लिंक के जरिए केवाईसी अपडेट करने को कहेगा?

बैंक रिमाइंडर भेजते हैं, लेकिन किसी भी SMS या WhatsApp लिंक, ओटीपी, पिन या कार्ड डिटेल मांगने वाली कॉल, या स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने की मांग को धोखाधड़ी मानें। केवाईसी सिर्फ बैंक के आधिकारिक ऐप, नेट बैंकिंग या ब्रांच से ही अपडेट करें।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

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