लोन वाली पुरानी कार कैसे खरीदें: NOC और आरसी ट्रांसफर
जिस पुरानी कार पर अभी लोन चल रहा है उसे खरीद रहे हैं? जानें विक्रेता का लोन सुरक्षित कैसे बंद करें, NOC व फॉर्म 35 लें और फॉर्म 29-30 से आरसी ट्रांसफर करें।

इस लेख में
जिस पुरानी कार पर अभी लोन चल रहा है, उसे आप सुरक्षित रूप से खरीद सकते हैं, लेकिन तभी जब मालिकाना हक आपके पास आने से पहले विक्रेता का लोन बंद हो और रजिस्ट्रेशन से लेंडर का नाम (हाइपोथिकेशन) हटे। सबसे साफ रास्ता है कि आधिकारिक फोरक्लोजर लेटर के आधार पर विक्रेता के लेंडर को सीधे भुगतान करें, NOC और फॉर्म 35 लें, और उसके बाद ही विक्रेता को बाकी रकम दें और ट्रांसफर फॉर्म भरें। अक्टूबर 2026 की स्थिति के अनुसार, यह रहा पूरा क्रम।
बकाया लोन क्यों मायने रखता है
जब कार लोन पर खरीदी जाती है, तो लेंडर का हक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) पर हाइपोथिकेशन के रूप में दर्ज होता है। जब तक यह एंट्री है:
- आरटीओ आमतौर पर फाइनेंसर की सहमति या हाइपोथिकेशन खत्म हुए बिना कार नए मालिक के नाम नहीं करता
- अगर विक्रेता भुगतान बंद कर दे तो लेंडर अब भी कार पर दावा कर सकता है
- आप ज्यादातर कीमत चुका कर भी साफ मालिकाना हक से वंचित रह सकते हैं
इसलिए यह सौदा असल में तीन जुड़े लेन-देन हैं: विक्रेता का लोन बंद करना, हाइपोथिकेशन हटाना और मालिकाना हक ट्रांसफर करना। अगर आप भी लोन ले रहे हैं, तो चौथा कदम है: अपने लेंडर का हाइपोथिकेशन जुड़वाना।
| कदम | फॉर्म या दस्तावेज | कौन करता है |
|---|---|---|
| लोन बंद करना | फोरक्लोजर लेटर, भुगतान रसीद, लोन क्लोजर लेटर | विक्रेता और विक्रेता का लेंडर |
| हाइपोथिकेशन हटाना | बैंक NOC, फाइनेंसर के साइन वाला फॉर्म 35 | विक्रेता का लेंडर, फिर मालिक आवेदन करता है |
| मालिकाना हक ट्रांसफर | फॉर्म 29 (नोटिस), फॉर्म 30 (ट्रांसफर रिपोर्ट) | विक्रेता और खरीदार |
| दूसरे राज्य में ट्रांसफर | फॉर्म 28 (आरटीओ का अनापत्ति प्रमाणपत्र) | विक्रेता मौजूदा आरटीओ में आवेदन करता है |
| नया लोन, अगर हो | हाइपोथिकेशन जोड़ना, फॉर्म 34 | खरीदार और खरीदार का लेंडर |
फॉर्म के नाम और पूरी सूची राज्य के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए अपने राज्य का ट्रांसपोर्ट पोर्टल या आरटीओ जांचें।
कीमत तय करने से पहले
वाहन का रिकॉर्ड जांचें
parivahan.gov.in पर VAHAN सिटिजन सर्विसेज या mParivahan ऐप से पक्का करें:
- मालिक का नाम विक्रेता की आईडी से मिलता है
- रिकॉर्ड में फाइनेंसर का नाम
- रजिस्ट्रेशन की वैधता, फिटनेस, बीमा और पीयूसी की स्थिति
- बकाया ई-चालान (echallan.parivahan.gov.in पर देखें)
लोन की जानकारी लिखित में लें
विक्रेता से कहें कि वह लेंडर से आधिकारिक फोरक्लोजर या "पेऑफ" स्टेटमेंट ले, जिसमें बकाया मूलधन, पेऑफ तारीख तक का ब्याज, फोरक्लोजर चार्ज और उसकी वैधता तारीख हो। सिर्फ विक्रेता के ऐप के स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें।
फोरक्लोजर चार्ज लोन पर निर्भर करता है। आरबीआई के Pre-payment Charges on Loans Directions, 2025 के तहत, व्यक्तियों को गैर-कारोबारी इस्तेमाल के लिए दिए गए फ्लोटिंग रेट लोन, जो 1 जनवरी 2026 या उसके बाद सैंक्शन या रिन्यू हुए, उन पर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लग सकता। ज्यादातर कार लोन फिक्स्ड रेट होते हैं, इसलिए विक्रेता के KFS या एग्रीमेंट में लिखा चार्ज अब भी लग सकता है।
स्टेप बाय स्टेप: लोन बंद करना और कार ट्रांसफर करना
1. एक सरल बिक्री एग्रीमेंट साइन करें
इसमें कीमत, कार की जानकारी (रजिस्ट्रेशन, इंजन और चेसिस नंबर), लोन कैसे बंद होगा, फोरक्लोजर चार्ज कौन देगा, भुगतान का शेड्यूल और कार सौंपने की तारीख व समय लिखें। सौंपने का समय बाद में होने वाले हादसों और चालानों की जिम्मेदारी तय करने के लिए जरूरी है।
2. बकाया रकम लेंडर को दें, विक्रेता को नहीं
पेऑफ रकम बैंक ट्रांसफर या डिमांड ड्राफ्ट से उसी लोन अकाउंट या कलेक्शन अकाउंट में भरें जो लेंडर के आधिकारिक लेटर में लिखा है। ये जानकारी लेंडर की आधिकारिक वेबसाइट या ब्रांच से पक्की करें। UTR या DD की कॉपी रखें। विक्रेता को भुगतान रसीद और प्रोसेस होने के बाद लोन क्लोजर लेटर मिलना चाहिए।
कुछ खरीदार चाहते हैं कि विक्रेता पहले खुद लोन बंद करे। यह आपके लिए तभी सुरक्षित है जब आप क्लोजर पक्का होने से पहले विक्रेता को भुगतान न करें।
3. NOC और फॉर्म 35 लें
लोन बंद होने के बाद लेंडर रजिस्टरिंग अथॉरिटी के नाम अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करता है और फॉर्म 35 पर साइन करता है (अक्सर दो कॉपी)। कई लेंडर अब NOC का डेटा इलेक्ट्रॉनिक रूप से VAHAN को भेजते हैं। NOC की तारीख देखें; आरटीओ आमतौर पर इसके करीब 90 दिन के अंदर इस्तेमाल की उम्मीद करते हैं, इसलिए इसे लैप्स न होने दें।
संपत्ति के दस्तावेज लौटाने पर आरबीआई के निर्देश रेगुलेटेड लेंडर्स से पूरा भुगतान होने के 30 दिन के अंदर मूल दस्तावेज लौटाने और किसी भी रजिस्ट्री में दर्ज चार्ज हटाने को कहते हैं, और लेंडर की वजह से देरी पर ₹5,000 प्रति दिन मुआवजा तय है। अगर कागजों में देरी हो तो लेंडर से पूछें कि वह इसे वाहन NOC पर कैसे लागू करता है।
4. हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन और ट्रांसफर के लिए आवेदन करें
VAHAN पर मालिक NOC और फॉर्म 35 के साथ हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन के लिए आवेदन करता है, और ट्रांसफर इनके साथ होता है:
- फॉर्म 29 (दो कॉपी) और फॉर्म 30, विक्रेता और खरीदार के साइन के साथ
- मूल आरसी, वैध बीमा और पीयूसी
- खरीदार का पते का प्रमाण और आईडी, और जहां जरूरी हो पैन या फॉर्म 60
- अगर कार दूसरे राज्य जा रही है तो फॉर्म 28
कई आरटीओ इन सेवाओं के लिए एक साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देते हैं, उसके बाद दस्तावेज अपलोड या वेरिफिकेशन होता है; फीस और प्रक्रिया राज्य के हिसाब से अलग है। पोर्टल पर एप्लिकेशन स्टेटस विकल्प से आवेदन ट्रैक करें।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 50 के तहत, उसी राज्य में रजिस्टर्ड वाहन के लिए विक्रेता को 14 दिन में (दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड हो तो 45 दिन) और खरीदार को 30 दिन में ट्रांसफर की सूचना देनी होती है। बीमा पॉलिसी भी ट्रांसफर करें; धारा 157 के तहत बीमा कंपनी से 14 दिन के अंदर सर्टिफिकेट बदलने को कहना होता है।
5. विक्रेता को बाकी रकम दें
बाकी कीमत NOC और फॉर्म 35 हाथ में आने के बाद दें, और बेहतर हो कि विक्रेता के साइन के साथ ट्रांसफर आवेदन जमा होने के बाद।
उदाहरण
आप ₹6,50,000 में एक कार खरीदना तय करते हैं। विक्रेता का फोरक्लोजर लेटर, जो 10 नवंबर तक वैध है, यह दिखाता है:
| मद | रकम |
|---|---|
| बकाया मूलधन | ₹2,31,000 |
| पेऑफ तारीख तक ब्याज | ₹1,900 |
| फोरक्लोजर चार्ज (मान लें 2% + 18% जीएसटी) | ₹5,452 |
| पेऑफ रकम | ₹2,38,352 |
चार्ज: ₹2,31,000 का 2% = ₹4,620, उस पर जीएसटी ₹832 (राउंड करके) = ₹5,452।
- आप ₹2,38,352 सीधे लेटर में लिखे लेंडर के अकाउंट में भरते हैं।
- विक्रेता को देय बाकी रकम: ₹6,50,000 − ₹2,38,352 = ₹4,11,648, जो NOC और फॉर्म 35 के बाद दी जाएगी।
- फोरक्लोजर चार्ज कौन देगा, यह कीमत की बातचीत का हिस्सा है; यहां यह विक्रेता के हिस्से में शामिल है।
अगर आप खुद 11% पर 4 साल के लिए ₹4,00,000 का लोन ले रहे हैं, तो ईएमआई करीब ₹10,338 होगी (हमारे ईएमआई कैलकुलेटर पर जांचें)। कुछ यूज्ड कार लेंडर आपके लोन से सीधे विक्रेता के लेंडर को भुगतान कर देते हैं; अपने लेंडर से पूछें कि क्या वह लोन बंद करवाने का काम संभालता है और डिस्बर्समेंट से पहले उसे क्या चाहिए। दरों में अंतर के लिए देखें यूज्ड कार लोन बनाम नई कार लोन।
आम गलतियां और क्या न करें
- लोन बंद होने से पहले विक्रेता को पूरी कीमत न दें। अगर विक्रेता लोन बंद नहीं करता, तो लेंडर अब भी कार पर दावा कर सकता है।
- लेंडर का एजेंट बताने वाले किसी व्यक्ति के भेजे पर्सनल अकाउंट या यूपीआई आईडी में भुगतान न करें। सिर्फ आधिकारिक फोरक्लोजर लेटर में लिखे और लेंडर से पक्के किए गए अकाउंट इस्तेमाल करें।
- सौंपने का समय लिखे बिना डिलीवरी न लें, और साइन किए फॉर्म 29 और फॉर्म 30 की कॉपी रखें।
- इंतजार में NOC को एक्सपायर न होने दें; नया NOC लेने में ज्यादा समय और फीस लग सकती है।
- VAHAN या बीमा प्रक्रिया के दौरान आए ओटीपी ट्रांसफर "जल्दी करवाने" का ऑफर देने वाले किसी कॉलर को न बताएं।
- "आरसी ट्रांसफर एजेंट" से सावधान रहें। अगर किसी की मदद लें, तो रसीदें रखें और पोर्टल पर खुद आवेदन ट्रैक करें।
अगर कुछ गड़बड़ हो
- लेंडर NOC में देरी करे: क्लोजर की तारीख और भुगतान के सबूत के साथ लेंडर के ग्रीवांस ऑफिसर को लिखें। अगर 30 दिन में संतोषजनक जवाब न मिले, तो cms.rbi.org.in पर आरबीआई ओम्बड्समैन से शिकायत करें या 14448 पर कॉल करें। कर्जदार होने के नाते आमतौर पर यह शिकायत विक्रेता को करनी होती है।
- विक्रेता की क्रेडिट रिपोर्ट में क्लोजर न दिखे: यह विक्रेता की समस्या है, लेकिन इससे कागजी काम में देरी हो सकती है; देखें लोन क्लोजर चेकलिस्ट।
- आरटीओ की आपत्ति: पोर्टल पर आपत्ति लिखित में मांगें और वही दस्तावेज ठीक करें।
मुख्य बातें
- बकाया लोन आरसी पर हाइपोथिकेशन के रूप में दिखता है; साफ ट्रांसफर से पहले इसे बंद करवाकर हटवाना जरूरी है।
- आधिकारिक फोरक्लोजर लेटर के आधार पर विक्रेता के लेंडर को सीधे भुगतान करें, फिर विक्रेता को बाकी रकम दें।
- NOC और फॉर्म 35 लें, और लैप्स होने से पहले (आमतौर पर करीब 90 दिन) इस्तेमाल करें।
- फॉर्म 29 और फॉर्म 30 (दूसरे राज्य के लिए फॉर्म 28 भी) भरें; विक्रेता 14 दिन में, खरीदार 30 दिन में सूचना दे।
- बीमा ट्रांसफर करें, हर रसीद रखें, और कभी पर्सनल अकाउंट में भुगतान न करें या ओटीपी साझा न करें।
संबंधित गाइड: कार लोन गाइड, यूज्ड कार लोन बनाम नई कार लोन, लोन क्लोजर चेकलिस्ट: NOC और सिबिल।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं ऐसी पुरानी कार खरीद सकता हूं जिस पर अभी लोन चल रहा है?
हां, लेकिन आरसी साफ तरीके से आपके नाम ट्रांसफर होने से पहले विक्रेता का लोन बंद होना और लेंडर का हाइपोथिकेशन हटना जरूरी है। सबसे सुरक्षित तरीका है कि बकाया रकम सीधे विक्रेता के लेंडर को दें और बाकी रकम विक्रेता को NOC और फॉर्म 35 जारी होने के बाद ही दें।
कार के लिए फॉर्म 35 क्या है?
फॉर्म 35 हायर-परचेज, लीज या हाइपोथिकेशन एग्रीमेंट खत्म होने का नोटिस है। लोन बंद होने के बाद फाइनेंसर इस पर साइन करता है, और मालिक इसे आमतौर पर VAHAN पोर्टल के जरिए आरटीओ में जमा करता है ताकि रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से लेंडर का नाम हटे।
फॉर्म 29 और फॉर्म 30 कौन जमा करता है?
फॉर्म 29 विक्रेता का ट्रांसफर नोटिस है और फॉर्म 30 ट्रांसफर की रिपोर्ट है जिस पर विक्रेता और खरीदार दोनों साइन करते हैं। मोटर वाहन अधिनियम के तहत विक्रेता को 14 दिन में (दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड वाहन के लिए 45 दिन) और खरीदार को 30 दिन में ट्रांसफर की सूचना देनी होती है।
लेंडर NOC देने में कितना समय लेता है?
समय लेंडर के हिसाब से अलग होता है। आरबीआई के निर्देश रेगुलेटेड लेंडर्स से पूरा भुगतान होने के 30 दिन के अंदर मूल दस्तावेज लौटाने और रजिस्टर्ड चार्ज हटाने को कहते हैं, और उनकी वजह से देरी पर ₹5,000 प्रति दिन मुआवजा तय है; अपने लेंडर से पूछें कि वह इसे वाहन NOC पर कैसे लागू करता है।
क्या मुझे विक्रेता के लेंडर को सीधे भुगतान करना चाहिए?
हां, बेहतर यही है। भुगतान सिर्फ उसी लोन अकाउंट या कलेक्शन अकाउंट में करें जो लेंडर के आधिकारिक फोरक्लोजर लेटर में लिखा हो और जिसे लेंडर की आधिकारिक वेबसाइट या ब्रांच से जांचा गया हो, किसी कॉलर या एजेंट के बताए पर्सनल अकाउंट में कभी नहीं।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।