डीमैट अकाउंट कैसे खोलें: डॉक्यूमेंट, चार्ज और स्टेप्स
ऑनलाइन डीमैट अकाउंट कैसे खोलें: जरूरी डॉक्यूमेंट, eKYC और वीडियो जांच, तुलना करने लायक चार्ज, BSDA, सितंबर 2026 से नॉमिनी नियम और सुरक्षा।

इस लेख में
डीमैट अकाउंट खोलने के लिए सेबी (SEBI) में रजिस्टर्ड डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (ब्रोकर या बैंक) चुनें, अपने PAN, आधार और बैंक डिटेल से ऑनलाइन KYC पूरा करें, छोटा सा वीडियो वेरिफिकेशन करें, आधार eSign से फॉर्म साइन करें, और नॉमिनी जोड़ें या ऑप्ट आउट करें। अक्टूबर 2026 तक ज्यादातर अकाउंट कुछ ही कामकाजी दिनों में चालू हो जाते हैं, और तुलना करने लायक असली चीज खोलने की फीस नहीं बल्कि सालाना और हर ट्रांजैक्शन पर लगने वाले चार्ज हैं।
डीमैट अकाउंट आपके शेयर और दूसरी सिक्योरिटीज इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखता है। ट्रेडिंग अकाउंट, जो आम तौर पर इसके साथ ही खुलता है, स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदने और बेचने के ऑर्डर देने के काम आता है। ज्यादातर ब्रोकर दोनों साथ में खोलते हैं।
भारत में डीमैट अकाउंट कैसे काम करता है
आपकी सिक्योरिटीज दो डिपॉजिटरी, NSDL या CDSL, में से किसी एक के पास रहती हैं, और दोनों सेबी से रेगुलेटेड हैं। आप इनसे सीधे डील नहीं करते। आप अकाउंट एक डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) के जरिए खोलते हैं, जो स्टॉक ब्रोकर, बैंक या सेबी में रजिस्टर्ड कोई और संस्था हो सकती है।
| अकाउंट | क्या करता है | कौन चलाता है |
|---|---|---|
| डीमैट अकाउंट | शेयर, ETF, बॉन्ड, REIT और InvIT यूनिट और SGB इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखता है | डिपॉजिटरी (NSDL या CDSL), आपके DP के जरिए |
| ट्रेडिंग अकाउंट | NSE या BSE पर ऑर्डर देता है | आपका स्टॉक ब्रोकर |
| बैंक खाता | खरीदारी के लिए पैसा और बिक्री की रकम आती है | आपका बैंक |
आपके शेयर डिपॉजिटरी में आपके अपने डीमैट अकाउंट में रहते हैं, ब्रोकर की किताबों में नहीं। अगर आपका ब्रोकर बंद हो जाए, तब भी सिक्योरिटीज आपकी ही रहती हैं और उन्हें किसी दूसरे DP में ट्रांसफर किया जा सकता है।
जरूरी डॉक्यूमेंट
- PAN कार्ड। हर होल्डर के लिए जरूरी।
- आधार, जो PAN से लिंक हो और जिसमें OTP के लिए चालू मोबाइल नंबर हो।
- बैंक का सबूत: कैंसल चेक या हाल का बैंक स्टेटमेंट, जिसमें आपका नाम, खाता नंबर और IFSC हो।
- फोटो और सिग्नेचर: आम तौर पर ऑनलाइन प्रोसेस के दौरान ही लिए जाते हैं।
- आय का सबूत (वैकल्पिक): सिर्फ फ्यूचर्स और ऑप्शंस चालू करने के लिए, जैसे सैलरी स्लिप, ITR एक्नॉलेजमेंट या बैंक स्टेटमेंट।
PAN, आधार और बैंक खाते में आपका नाम एक जैसा हो, यह पक्का करें। नाम का मेल न होना रिजेक्शन की सबसे आम वजह है।
स्टेप-बाय-स्टेप: ऑनलाइन डीमैट अकाउंट खोलना
- DP चुनें। सेबी की वेबसाइट पर ब्रोकर का सेबी रजिस्ट्रेशन नंबर और NSDL या CDSL पर उसकी DP ID जांच लें।
- मोबाइल और ईमेल से रजिस्टर करें। दोनों को OTP से वेरिफाई करें।
- PAN और जन्मतिथि डालें। ब्रोकर KYC Registration Agency से आपका KYC स्टेटस निकाल लेता है।
- eKYC पूरा करें। आधार OTP या DigiLocker फेच को मंजूरी दें, ताकि आपका पता और फोटो अपने-आप आ जाए।
- बैंक डिटेल जोड़ें, और अगर बैंक तुरंत वेरिफाई न हो तो बैंक का सबूत अपलोड करें।
- प्रोफाइल भरें: पेशा, आय की रेंज, ट्रेडिंग का अनुभव और जिन सेगमेंट में ट्रेड करना है (इक्विटी, F&O, कमोडिटी)।
- वीडियो इन-पर्सन वेरिफिकेशन (IPV)। एक छोटा लाइव वीडियो रिकॉर्ड करें, कभी-कभी PAN कार्ड हाथ में पकड़कर या कोई कोड बोलकर।
- नॉमिनी। तीन तक नॉमिनी जोड़ें, या लिखित में ऑप्ट आउट करें (नीचे देखें)।
- eSign। आधार OTP से अकाउंट खोलने का फॉर्म साइन करें।
- एक्टिवेशन। अकाउंट मंजूर होने पर आपको ईमेल से क्लाइंट ID और DP ID, या BO ID, मिल जाती है।
ब्रोकर जो "Rights and Obligations" और "Do's and Don'ts" डॉक्यूमेंट देता है, उन्हें जरूर पढ़ें। ये सेबी के तय किए हुए हैं और छोटे हैं।
1 सितंबर 2026 से नॉमिनी के नियम
सेबी ने 29 मई 2026 के सर्कुलर से डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए नॉमिनेशन का ढांचा बदला है, जो नए और मौजूदा दोनों अकाउंट पर 1 सितंबर 2026 से लागू है:
- सिंगल होल्डर अकाउंट में या तो नॉमिनी होना चाहिए या साइन किया हुआ ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन। ऑप्ट आउट करने पर आप मानते हैं कि आपके वारिसों के लिए ट्रांसफर धीमा और महंगा हो सकता है।
- आप तीन तक नॉमिनी बना सकते हैं और हर एक का प्रतिशत हिस्सा तय कर सकते हैं। बंटवारा न लिखने पर सबको बराबर हिस्सा मिलता है।
- नॉमिनी का सिर्फ नाम और रिश्ता जरूरी है, और नाबालिग हो तो जन्मतिथि भी।
- जिन होल्डर्स ने न नॉमिनी जोड़ा है और न ऑप्ट आउट किया है, उन्हें DP को साल में दो बार याद दिलाना होगा।
- जॉइंट अकाउंट में नॉमिनी जोड़े जा सकते हैं, लेकिन यह वैकल्पिक है।
नॉमिनी सिक्योरिटीज पर कैसे क्लेम करते हैं, यह हमारी मृत्यु के बाद बैंक खाते और निवेश वाली गाइड में बताया गया है।
तुलना करने लायक चार्ज (अक्टूबर 2026 तक)
| चार्ज | आम रेंज | ध्यान दें |
|---|---|---|
| अकाउंट खोलना | अक्सर मुफ्त; कुछ ब्रोकर छोटी फीस लेते हैं | एक बार |
| सालाना मेंटेनेंस चार्ज (AMC) | शून्य से लेकर कुछ सौ रुपये सालाना, साथ में GST | देखें कि बिल सालाना आता है या तिमाही |
| बेचने पर DP चार्ज | बिक्री वाले दिन हर कंपनी पर लगभग ₹13 से ₹25 और GST | शेयर डीमैट से बाहर जाने पर लगता है, खरीदने पर नहीं |
| ब्रोकरेज | शून्य से लेकर हर ऑर्डर पर फ्लैट फीस या प्रतिशत | कई डिस्काउंट ब्रोकर डिलीवरी ट्रेड पर शून्य लेते हैं |
| सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) | इक्विटी डिलीवरी में खरीद और बिक्री दोनों पर 0.1% | बजट 2026 में कोई बदलाव नहीं; F&O की दरें 1 अप्रैल 2026 से बढ़ीं |
| स्टांप ड्यूटी | डिलीवरी में खरीद की रकम पर 0.015% | ब्रोकर राज्य के लिए वसूलता है |
| एक्सचेंज और सेबी फीस | टर्नओवर का छोटा सा प्रतिशत | ब्रोकरेज, एक्सचेंज और DP चार्ज पर 18% GST अलग |
बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट (BSDA)
अगर आप छोटे निवेशक हैं, तो BSDA मांगें। सितंबर 2024 से लागू सेबी के नियमों के तहत:
- आप ₹10 लाख तक की सिक्योरिटीज रख सकते हैं।
- ₹4 लाख तक की होल्डिंग पर कोई AMC नहीं, और ₹4-10 लाख पर सालाना ₹100 तक (और GST)।
- सिंगल या पहले होल्डर के तौर पर आपका सिर्फ एक डीमैट अकाउंट होना चाहिए, और सभी डिपॉजिटरी को मिलाकर सिर्फ एक BSDA।
- अगर कीमत ₹10 लाख से ऊपर चली जाए, तो यह रेगुलर डीमैट अकाउंट में बदल जाता है।
उदाहरण: एक निवेश की असली लागत (समझने के लिए)
अनिल ऐसे ब्रोकर के पास BSDA खोलता है जो डिलीवरी पर शून्य ब्रोकरेज लेता है। वह ₹50,000 के शेयर खरीदता है और 14 महीने बाद ₹60,000 में बेच देता है।
| लागत | हिसाब | रकम |
|---|---|---|
| खरीद पर STT | 0.1% × ₹50,000 | ₹50 |
| खरीद पर स्टांप ड्यूटी | 0.015% × ₹50,000 | ₹7.50 |
| बिक्री पर STT | 0.1% × ₹60,000 | ₹60 |
| बिक्री पर DP चार्ज (मान लिया ₹15 + 18% GST) | ₹17.70 | |
| GST के साथ एक्सचेंज और सेबी चार्ज (अनुमानित) | ₹5 | |
| AMC (BSDA, ₹4 लाख से कम होल्डिंग) | शून्य | |
| कुल लागत | करीब ₹140 |
उसका मुनाफा ₹10,000 है, जिसमें से करीब ₹140 लागत घटेगी। चूंकि उसने 12 महीने से ज्यादा शेयर रखे, यह लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन है, और यह ₹1.25 लाख की सालाना छूट के अंदर आता है, इसलिए कोई टैक्स नहीं बनता। अगर ब्रोकर हर ऑर्डर पर ₹20 लेता, तो GST मिलाकर लागत करीब ₹47 बढ़ जाती। ये आंकड़े सिर्फ समझाने के लिए हैं; अपने ब्रोकर की टैरिफ शीट जरूर देखें। किसी भी अवधि में अपने पोर्टफोलियो की सालाना बढ़त मापने के लिए हमारा CAGR कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
अकाउंट खुलने के बाद सुरक्षा के लिए जांच
- अपना लॉगिन, TPIN या OTP कभी किसी को न बताएं। आपके डीमैट से बिक्री के लिए डिपॉजिटरी के eDIS या Demat Debit and Pledge Instruction से मंजूरी चाहिए होती है।
- हर महीने NSDL या CDSL का Consolidated Account Statement देखें। इसमें सभी DP की हर होल्डिंग और हर ट्रांजैक्शन होता है।
- हर ट्रेड के बाद डिपॉजिटरी और एक्सचेंज के SMS और ईमेल अलर्ट पर नजर रखें।
- यूपीआई ब्लॉक सुविधा के बारे में पूछें। कई ब्रोकर ट्रेड के लिए ब्रोकर को पैसा भेजने की जगह आपके बैंक खाते में ही फंड ब्लॉक करने देते हैं।
- "टिप्स" ग्रुप और पक्के रिटर्न वाले ऑफर से सावधान रहें। हमारी गाइड निवेश धोखाधड़ी कैसे पहचानें में चेतावनी के संकेत दिए गए हैं। ब्रोकर और DP के खिलाफ शिकायत पहले उसी संस्था से करें, फिर सेबी SCORES पर, और फिर SMART ODR पोर्टल के जरिए ऑनलाइन विवाद समाधान में।
अकाउंट तैयार होने के बाद आप ETF और आईपीओ के शेयर भी खरीद सकते हैं। देखें ETF क्या है और हमारी गाइड आईपीओ निवेश और ऑफर डॉक्यूमेंट।
मुख्य बातें
- डीमैट अकाउंट सेबी में रजिस्टर्ड डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के जरिए खुलता है, और आपकी सिक्योरिटीज आपके नाम पर NSDL या CDSL में रहती हैं।
- डॉक्यूमेंट: PAN, PAN और मोबाइल से लिंक आधार, बैंक का सबूत, फोटो और सिग्नेचर। आय का सबूत सिर्फ F&O के लिए चाहिए।
- ऑनलाइन प्रोसेस में eKYC, वीडियो वेरिफिकेशन, नॉमिनी और eSign होते हैं, और अकाउंट आम तौर पर कुछ दिनों में चालू हो जाता है।
- 1 सितंबर 2026 से सिंगल होल्डर को तीन तक नॉमिनी बनाने होंगे या लिखित में ऑप्ट आउट करना होगा।
- सिर्फ खोलने की फीस नहीं, बल्कि AMC, DP चार्ज और ब्रोकरेज की तुलना करें। BSDA में ₹4 लाख तक की होल्डिंग पर कोई AMC नहीं है।
- अक्टूबर 2026 तक डिलीवरी पर STT दोनों तरफ 0.1% है और खरीद पर स्टांप ड्यूटी 0.015% है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डीमैट अकाउंट खोलने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
आपको PAN कार्ड, PAN और मोबाइल नंबर से लिंक आधार, बैंक खाते का सबूत जैसे कैंसल चेक या स्टेटमेंट, फोटो और सिग्नेचर चाहिए। आय का सबूत सिर्फ तब चाहिए जब आप फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ट्रेड करना चाहते हैं।
ऑनलाइन डीमैट अकाउंट खुलने में कितना समय लगता है?
आधार eKYC और वीडियो वेरिफिकेशन के साथ कई ब्रोकर एक से तीन कामकाजी दिनों में अकाउंट चालू कर देते हैं। देरी आम तौर पर PAN-आधार में नाम का मेल न होने, साफ न दिखने वाले सिग्नेचर या वीडियो जांच फेल होने से होती है।
क्या डीमैट अकाउंट मुफ्त है?
कई ब्रोकर के यहां अकाउंट खोलना मुफ्त है, लेकिन आम तौर पर आपको सालाना मेंटेनेंस चार्ज, हर बार शेयर बेचने पर डिपॉजिटरी चार्ज, ब्रोकरेज और सरकारी शुल्क देने होते हैं। बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट में ₹4 लाख तक की होल्डिंग पर कोई मेंटेनेंस चार्ज नहीं लगता।
क्या मेरे एक से ज्यादा डीमैट अकाउंट हो सकते हैं?
हां, आप अलग-अलग डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के पास डीमैट अकाउंट खोल सकते हैं, जो सभी एक ही PAN से जुड़े होंगे। लेकिन बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट सिर्फ एक हो सकता है, और वह भी तभी जब पहले होल्डर के तौर पर वही आपका इकलौता डीमैट अकाउंट हो।
क्या डीमैट अकाउंट में नॉमिनेशन जरूरी है?
सिंगल होल्डर अकाउंट में 1 सितंबर 2026 से आपको या तो तीन तक नॉमिनी बनाने होंगे या नॉमिनेशन न करने का डिक्लेरेशन साइन करना होगा। जॉइंट अकाउंट में नॉमिनेशन अब भी वैकल्पिक है।
क्या म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है?
नहीं। म्यूचुअल फंड यूनिट सीधे AMC के पास स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट के रूप में रखी जा सकती हैं। शेयर, ETF, लिस्टेड बॉन्ड, REIT और आईपीओ के लिए डीमैट अकाउंट चाहिए।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।