पीएम ई-ड्राइव सब्सिडी 2026: इलेक्ट्रिक स्कूटर पर कितनी छूट
पीएम ई-ड्राइव योजना 2026: मार्च 2028 तक इलेक्ट्रिक दोपहिया पर अधिकतम ₹5,000 सब्सिडी, ई-थ्रीव्हीलर की स्थिति, आधार ई-वाउचर प्रक्रिया और जांच का तरीका।

इस लेख में
पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत भारत में खरीदे गए इलेक्ट्रिक स्कूटर या मोटरसाइकिल पर बैटरी के हर kWh पर ₹2,500, अधिकतम ₹5,000 प्रति वाहन की कीमत में कटौती मिलती है, बशर्ते मॉडल योजना में रजिस्टर्ड हो और उसकी एक्स-फैक्ट्री कीमत ₹1.5 लाख तक हो। अक्टूबर 2026 तक भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) के 10 अगस्त 2026 के संशोधन के बाद दोपहिया प्रोत्साहन 31 मार्च 2028 तक चालू है। आपको कहीं आवेदन नहीं करना होता: आधार फेस जांच और ई-वाउचर के बाद डीलर बिक्री के समय ही इसे घटा देता है।
यह गाइड बताती है कि असल में आपकी बचत कितनी है, कौन से वाहन पात्र हैं, तिपहिया के लिए क्या बदला, और कैसे पक्का करें कि छूट सच में आपको मिली।
पीएम ई-ड्राइव क्या है
पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवॉल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (PM E-DRIVE) योजना 29 सितंबर 2024 को अधिसूचित हुई। इसने FAME-II की जगह ली और कुछ महीनों की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS-2024) को अपने अंदर मिला लिया। यह ई-दोपहिया (e-2W), ई-तिपहिया (e-3W), ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक, ई-बस और चार्जिंग स्टेशनों को सहायता देती है, और इसका कुल खर्च अब बढ़कर ₹11,900 करोड़ हो गया है। योजना फंड पर निर्भर है: अगर किसी श्रेणी का पैसा 31 मार्च 2028 से पहले खत्म हो गया तो वह श्रेणी बंद हो जाएगी, और किसी भी क्लेम की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2027 है।
सब्सिडी की राशि (अक्टूबर 2026 तक)
| श्रेणी | प्रोत्साहन | प्रति वाहन सीमा | स्थिति |
|---|---|---|---|
| ई-दोपहिया, FY 2024-25 में रजिस्टर्ड | ₹5,000 प्रति kWh | ₹10,000 | पुराना |
| ई-दोपहिया, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक रजिस्टर्ड | ₹2,500 प्रति kWh | ₹5,000 | चालू |
| ई-तिपहिया L5 (कमर्शियल) | प्रति kWh, सीमा के साथ | अधिसूचना के अनुसार | 26 दिसंबर 2025 को बंद (लक्ष्य पूरा) |
| रजिस्टर्ड ई-रिक्शा / ई-कार्ट (कमर्शियल) | प्रति kWh, सीमा के साथ | अधिसूचना के अनुसार | 31 मार्च 2028 तक बढ़ा, कम आवंटन |
दोपहिया के लिए प्रोत्साहन तीन रकमों में से सबसे कम होता है: ₹2,500 x बैटरी kWh, ₹5,000, और एक्स-फैक्ट्री कीमत का 15%। ₹1.5 लाख से ज्यादा एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले वाहनों को कुछ नहीं मिलता। MHI ने कहा है कि बैटरी सस्ती होने के साथ प्रति kWh रकम की समीक्षा हो सकती है, इसलिए खरीदने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर ताजा आंकड़ा देखें।
कौन से वाहन और खरीदार पात्र हैं
- सिर्फ रजिस्टर्ड वाहन। जिन लो-स्पीड स्कूटरों का रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं, वे पात्र नहीं हैं।
- एडवांस बैटरी। सिर्फ योजना में प्रमाणित एडवांस केमिस्ट्री बैटरी (जैसे लिथियम-आयन) वाले मॉडल।
- पोर्टल पर मंजूर मॉडल। मॉडल के पास टेस्टिंग एजेंसी का वैध पीएम ई-ड्राइव सर्टिफिकेट होना चाहिए। सूची pmedrive.heavyindustries.gov.in पर है।
- ई-दोपहिया खरीदार: व्यक्ति, निजी या कंपनी के स्वामित्व वाले वाहन, और कमर्शियल इस्तेमाल भी।
- ई-तिपहिया खरीदार: सिर्फ कमर्शियल इस्तेमाल के लिए रजिस्टर्ड वाहन।
- हर श्रेणी में एक व्यक्ति, एक वाहन। कोई व्यक्ति उसी श्रेणी के दूसरे वाहन पर प्रोत्साहन नहीं ले सकता।
उदाहरण: असल में कितनी बचत होती है
अक्टूबर 2026 में रजिस्टर हुए तीन काल्पनिक स्कूटर:
| स्कूटर | बैटरी | एक्स-फैक्ट्री कीमत | ₹2,500 x kWh | एक्स-फैक्ट्री कीमत का 15% | प्रोत्साहन |
|---|---|---|---|---|---|
| A | 1.5 kWh | ₹70,000 | ₹3,750 | ₹10,500 | ₹3,750 |
| B | 3.0 kWh | ₹1,10,000 | ₹7,500 | ₹16,500 | ₹5,000 (सीमा) |
| C | 4.0 kWh | ₹1,60,000 | ₹10,000 | ₹24,000 | ₹0 (कीमत ₹1.5 लाख से ज्यादा) |
स्कूटर B के लिए ₹5,000 एक्स-फैक्ट्री कीमत का करीब 4.5% है। FY 2024-25 की तुलना में, जब सीमा ₹10,000 थी, सहायता आधी हो गई है। आपका राज्य भी अपनी ईवी नीति के तहत रोड टैक्स या रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर सकता है, जिसकी कीमत केंद्र के प्रोत्साहन से ज्यादा हो सकती है, इसलिए डीलर से राज्य के हिसाब से ब्रेक-अप मांगें।
अगर आप स्कूटर लोन पर ले रहे हैं, तो प्रोत्साहन लोन की गणना से पहले ही कीमत घटा देता है, जिससे लोन भी कम होता है। दोपहिया लोन किसी भी वाहन लोन की तरह काम करता है; हमारी कार लोन गाइड में ब्याज दर, अवधि और फीस की बातें इसी तरह लागू होती हैं। ईएमआई हमारे ईएमआई कैलकुलेटर से देख सकते हैं।
डीलर पर ई-वाउचर प्रक्रिया कैसे होती है
आपको किसी सरकारी साइट पर फॉर्म नहीं भरना होता। MHI के ऑपरेशनल दिशानिर्देशों के अनुसार स्टेप ये हैं:
- पात्र मॉडल चुनें अधिकृत डीलर से। डीलर से कोटेशन में पीएम ई-ड्राइव प्रोत्साहन की लाइन दिखाने को कहें।
- वाहन का रजिस्ट्रेशन RTO में होता है।
- आधार फेस ऑथेंटिकेशन। डीलर पीएम ई-ड्राइव ऐप पर फेस मोड से आधार ई-केवाईसी करके आपकी पहचान जांचता है। व्यक्तियों के लिए आधार जरूरी है; इसके बिना प्रोत्साहन नहीं।
- ई-वाउचर बनता है। पोर्टल एक यूनिक नंबर वाला ई-वाउचर बनाता है और आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर डाउनलोड लिंक भेजता है।
- वाउचर पर साइन करें। डीलर इसे रंगीन प्रिंट करता है, आप साइन करते हैं, डीलर साइन और मुहर लगाकर अपलोड करता है और आपको एक कॉपी देता है।
- सेल्फी। डीलर सेल्फी बूथ पर वाहन के साथ आपकी फोटो लेकर अपलोड करता है।
- क्लेम। निर्माता कंपनी MHI से प्रोत्साहन क्लेम करती है। आपको यह पहले ही कम कीमत के रूप में मिल चुका होता है।
साइन किया हुआ ई-वाउचर और इनवॉइस संभालकर रखें। इनवॉइस में पीएम ई-ड्राइव प्रोत्साहन से पहले और बाद की कीमत दिखनी चाहिए। अगर ई-वाउचर का लिंक आपके फोन पर न आए, तो डीलर के पास जाने से पहले देख लें कि आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू है, क्योंकि वाउचर किसी दूसरे के नंबर पर नहीं बन सकता।
खरीदारों के सब्सिडी से चूकने के आम कारण
- मॉडल की एक्स-फैक्ट्री कीमत ₹1.5 लाख से ज्यादा है या मॉडल मंजूर सूची में नहीं है
- लो-स्पीड, बिना रजिस्ट्रेशन वाला स्कूटर
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर काम नहीं कर रहा, इसलिए ई-वाउचर लिंक नहीं आया
- वही आधार योजना में पहले ई-दोपहिया खरीदने में इस्तेमाल हो चुका है
- 26 दिसंबर 2025 के बाद L5 ई-ऑटो खरीदना, जब वह श्रेणी बंद हो गई
- आपके रजिस्ट्रेशन की तारीख से पहले उस श्रेणी का फंड खत्म हो गया
शिकायत कैसे करें
- डीलर और निर्माता: अगर इनवॉइस में प्रोत्साहन नहीं दिखाया गया, तो इनवॉइस और ई-वाउचर के साथ डीलर और कंपनी के कस्टमर केयर को लिखें।
- MHI: जो डीलर प्रोत्साहन आगे नहीं देता, उसकी शिकायत pmedrive.heavyindustries.gov.in पर दिए संपर्क और सपोर्ट विकल्पों से करें।
- उपभोक्ता फोरम: ज्यादा वसूली पर नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (1915) या ई-दाखिल पर शिकायत करें।
- CPGRAMS: pgportal.gov.in पर भारी उद्योग मंत्रालय के नाम शिकायत करें।
फर्जी सब्सिडी ऑफर
खरीदारों के लिए अलग से कोई "पीएम ई-ड्राइव सब्सिडी रजिस्ट्रेशन" नहीं है, और इस योजना में सरकार खरीदारों के बैंक खाते में पैसा नहीं भेजती। "ईवी सब्सिडी क्लेम" करने के लिए फीस मांगने या OTP मांगने वाले मैसेज धोखाधड़ी हैं। इनकी शिकायत cybercrime.gov.in पर करें या 1930 पर कॉल करें। अगर पैसा दे चुके हैं तो यूपीआई स्कैम और क्या करें देखें।
मुख्य बातें
- अक्टूबर 2026 तक पीएम ई-ड्राइव 31 मार्च 2028 तक रजिस्टर होने वाले पात्र ई-दोपहिया पर ₹2,500 प्रति kWh, अधिकतम ₹5,000 देती है।
- प्रोत्साहन ₹2,500 x kWh, ₹5,000 और एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15% में से सबसे कम होता है; ₹1.5 लाख से ज्यादा एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले मॉडल को कुछ नहीं मिलता।
- L5 ई-तिपहिया श्रेणी 26 दिसंबर 2025 को बंद हो गई; ई-रिक्शा और ई-कार्ट सीमित फंड के साथ मार्च 2028 तक जारी हैं।
- छूट डीलर पर आधार फेस ऑथेंटिकेशन और साइन किए ई-वाउचर के बाद मिलती है; हर श्रेणी में एक व्यक्ति, एक वाहन।
- योजना फंड पर निर्भर है और क्लेम 31 दिसंबर 2027 को बंद होंगे, इसलिए सब्सिडी चलती रहने के भरोसे खरीद न टालें।
- ईवी सब्सिडी के "रजिस्ट्रेशन" के लिए किसी को पैसा न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीएम ई-ड्राइव में इलेक्ट्रिक स्कूटर पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 के बीच रजिस्टर होने वाले ई-दोपहिया पर बैटरी क्षमता के हर kWh पर ₹2,500 मिलते हैं, अधिकतम ₹5,000 प्रति वाहन या एक्स-फैक्ट्री कीमत का 15%, जो भी कम हो। सिर्फ ₹1.5 लाख तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत वाले मॉडल पात्र हैं।
क्या इलेक्ट्रिक दोपहिया के लिए पीएम ई-ड्राइव बढ़ाई गई है?
हां। भारी उद्योग मंत्रालय की 10 अगस्त 2026 की अधिसूचना ने ई-दोपहिया प्रोत्साहन 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दिया और ई-दोपहिया का आवंटन ₹2,767 करोड़ कर दिया। योजना फंड पर निर्भर है, इसलिए पैसा खत्म होने पर पहले भी बंद हो सकती है।
क्या पीएम ई-ड्राइव सब्सिडी के लिए अलग से आवेदन करना होता है?
नहीं। प्रोत्साहन डीलर पर कीमत से घट जाता है। डीलर पीएम ई-ड्राइव ऐप पर आधार फेस ऑथेंटिकेशन करता है, ई-वाउचर बनाता है जो आपके आधार से जुड़े मोबाइल पर आता है, और आप उस पर साइन करते हैं। इसके बाद निर्माता कंपनी सरकार से पैसा क्लेम करती है।
क्या ई-रिक्शा और L5 तिपहिया पर सब्सिडी मिलती है?
L5 ई-तिपहिया श्रेणी लक्ष्य पूरा होने के बाद 26 दिसंबर 2025 को बंद हो गई। रजिस्टर्ड ई-रिक्शा और ई-कार्ट को बहुत कम आवंटन के साथ 31 मार्च 2028 तक बढ़ाया गया है, और तिपहिया प्रोत्साहन सिर्फ कमर्शियल इस्तेमाल के लिए रजिस्टर्ड वाहनों पर है।
क्या पीएम ई-ड्राइव सब्सिडी पर दो इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीद सकते हैं?
नहीं। दिशानिर्देशों में एक व्यक्ति को एक श्रेणी में एक ही वाहन की अनुमति है; अगर उसी आधार से उस श्रेणी का ईवी योजना में पहले खरीदा जा चुका है तो ई-वाउचर नहीं बनता।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।