पीएम किसान मानधन योजना 2026: किसानों को ₹3,000 पेंशन
पीएम किसान मानधन योजना: छोटे किसानों को 60 साल पर ₹3,000 महीना पेंशन, पात्रता, ₹55 से उम्र के हिसाब से योगदान चार्ट, बाहर निकलने के नियम और मुफ्त आवेदन।

इस लेख में
पीएम किसान मानधन योजना (PM-KMY) सरकार की पेंशन योजना है, जो छोटे और सीमांत किसानों को 60 साल की उम्र से कम से कम ₹3,000 महीने की पक्की पेंशन देती है। आप 18 से 40 साल की उम्र के बीच जुड़ते हैं, अपनी उम्र के हिसाब से हर महीने ₹55 से ₹200 जमा करते हैं, और केंद्र सरकार उतनी ही रकम डालती है। अक्टूबर 2026 तक इस योजना में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और आधिकारिक पोर्टल pmkmy.gov.in के जरिए मुफ्त में जुड़ा जा सकता है।
यह योजना सितंबर 2019 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने शुरू की थी। पेंशन फंड को LIC संभालता है और वही पेंशन देता है। जुड़ने की रफ्तार धीमी रही है: आधिकारिक पोर्टल अक्टूबर 2026 में 19 लाख से कुछ ज्यादा रजिस्ट्रेशन दिखाता है, जो भारत के छोटे किसानों का छोटा सा हिस्सा है। यानी कई पात्र किसानों को इसके बारे में पता ही नहीं है।
क्या मिलता है
- पक्की पेंशन: 60 साल से जीवन भर कम से कम ₹3,000 महीना।
- फैमिली पेंशन: पेंशन शुरू होने के बाद आपकी मृत्यु होने पर आपके जीवनसाथी को 50% (₹1,500 महीना) मिलता है, बशर्ते वे खुद पहले से PM-KMY के सदस्य न हों। फैमिली पेंशन सिर्फ जीवनसाथी को मिलती है।
- 60 से पहले मृत्यु: आपका जीवनसाथी योगदान जारी रखकर बाद में पेंशन ले सकता है, या बाहर निकलकर ब्याज समेत जमा रकम वापस ले सकता है।
- बराबर का योगदान: आप जो भी रुपया जमा करते हैं, भारत सरकार उतना ही मिलाती है।
इसमें कम्यूटेशन (एकमुश्त रकम) का कोई विकल्प नहीं है। पेंशन शुरू होने के बाद हर महीने मिलती है।
पात्रता (अक्टूबर 2026 तक)
आप तभी जुड़ सकते हैं जब ये सभी शर्तें पूरी हों:
- जुड़ते समय उम्र 18 से 40 साल।
- आपके पास 2 हेक्टेयर (करीब 5 एकड़) तक खेती लायक जमीन हो और राज्य के भू-अभिलेख में आपका नाम हो। योजना में भू-अभिलेख की कट-ऑफ तारीख 1 अगस्त 2019 है।
- आप छोटे या सीमांत किसान हों, पुरुष या महिला।
आप नहीं जुड़ सकते अगर आप:
- NPS, EPFO, ESIC या किसी दूसरी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना में शामिल हैं।
- पहले से PM-SYM (असंगठित कामगारों के लिए) या व्यापारियों की पेंशन योजना (NPS-Traders / PM-LVM) में जुड़ चुके हैं।
- पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स भरा है।
- केंद्र या राज्य सरकार या PSU के मौजूदा या रिटायर्ड कर्मचारी हैं (ग्रुप D और मल्टी-टास्किंग स्टाफ फिर भी जुड़ सकते हैं)।
- प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या आर्किटेक्ट हैं, मौजूदा या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, या संस्थागत भूमिधारक हैं।
अगर आपके नाम पर कोई जमीन नहीं है, जैसे बटाईदार किसान या खेत मजदूर, तो PM-KMY आपके लिए नहीं है। इसकी जगह अटल पेंशन योजना देखें।
PM-KMY योगदान चार्ट
आपका योगदान जुड़ने के दिन की उम्र से तय होता है और बाद में नहीं बदलता।
| जुड़ने की उम्र | आपका मासिक योगदान | सरकार का योगदान | कुल प्रति माह |
|---|---|---|---|
| 18 | ₹55 | ₹55 | ₹110 |
| 20 | ₹61 | ₹61 | ₹122 |
| 25 | ₹80 | ₹80 | ₹160 |
| 29 | ₹100 | ₹100 | ₹200 |
| 30 | ₹105 | ₹105 | ₹210 |
| 35 | ₹150 | ₹150 | ₹300 |
| 38 | ₹180 | ₹180 | ₹360 |
| 40 | ₹200 | ₹200 | ₹400 |
स्रोत: कृषि मंत्रालय के PM-KMY FAQ। 18 से 40 साल तक हर उम्र का पूरा चार्ट pmkmy.gov.in पर है। आप हर महीने, तिमाही, चार महीने या छमाही भुगतान कर सकते हैं; किस्त उसी तारीख को देय होती है जो आपके रजिस्ट्रेशन की तारीख है।
उदाहरण: 29 साल का किसान
रमेश 29 साल का है और उसके पास 1.5 एकड़ जमीन है। वह नवंबर 2026 में PM-KMY से जुड़ता है।
- योगदान: 60 साल का होने तक ₹100 महीना, यानी 31 साल × 12 = 372 महीने।
- उसका कुल जमा: 372 × ₹100 = ₹37,200।
- सरकार भी उतना ही देती है: ₹37,200।
- 60 साल से: ₹3,000 महीना = ₹36,000 सालाना पेंशन।
करीब 12 से 13 महीने की पेंशन में ही रमेश को लगभग उतना वापस मिल जाता है जितना उसने जमा किया। अगर वह 75 साल तक जीता है तो उसे करीब 15 × ₹36,000 = ₹5.4 लाख मिलते हैं, और उसके बाद उसकी पत्नी को ₹1,500 महीना मिल सकता है।
अगर रमेश को पीएम-किसान (साल में तीन किस्तों में ₹6,000) मिलता है, तो वह ऑटो-डेबिट मैंडेट पर साइन कर सकता है ताकि सालाना ₹1,200 उसी लाभ से कट जाए। तब उसके पास पीएम-किसान के ₹4,800 बचते हैं और अपनी जेब से कुछ दिए बिना पेंशन बनती जाती है।
दिक्कत महंगाई की है। योजना के दस्तावेज पेंशन को कम से कम ₹3,000 पर तय करते हैं; हर साल बढ़ोतरी का वादा नहीं करते। 6% महंगाई पर 2057 में ₹3,000 से लगभग उतना ही सामान आएगा जितना आज करीब ₹500 में आता है। इसे खुद हमारे इन्फ्लेशन कैलकुलेटर से जांचें। PM-KMY एक अच्छी शुरुआत है, पूरा रिटायरमेंट प्लान नहीं; PPF या NPS में थोड़ी अतिरिक्त बचत मदद करती है।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- IFSC के साथ बचत खाते (या जन धन खाते) की पासबुक
- मोबाइल नंबर
- जमीन के रिकॉर्ड की जानकारी (CSC ऑपरेटर या राज्य नोडल अधिकारी आपकी जमीन की मिल्कियत जांचते हैं)
- जीवनसाथी का नाम और जन्म तारीख, और नॉमिनी की जानकारी
जन्म तारीख एक बार दर्ज होने के बाद बदली नहीं जा सकती, इसलिए पक्का करें कि यह आधार से मेल खाती हो।
पीएम किसान मानधन योजना में आवेदन कैसे करें
कॉमन सर्विस सेंटर पर (सबसे आम तरीका):
- आधार और बैंक पासबुक लेकर नजदीकी CSC पर जाएं।
- विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (VLE) मानधन सिस्टम पर आपका आधार, बैंक, जमीन और परिवार की जानकारी भरता है और आधार ऑथेंटिकेशन करता है।
- आपकी उम्र के हिसाब से मासिक योगदान अपने आप दिख जाता है।
- पहली किस्त CSC पर नकद जमा करें।
- एनरोलमेंट-कम-ऑटो-डेबिट मैंडेट फॉर्म पर साइन करें। चुनें कि योगदान पीएम-किसान लाभ से कटे या सीधे आपके बैंक खाते से।
- फॉर्म स्कैन करके अपलोड होता है, और आपको पेंशन खाता नंबर और पेंशन कार्ड मिलता है।
खुद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: pmkmy.gov.in (या maandhan.in) पर जाएं, किसान योजना चुनें, मोबाइल नंबर और OTP से रजिस्टर करें, फॉर्म भरें और मैंडेट पूरा करें। आप जिला स्तर पर पीएम-किसान के राज्य नोडल अधिकारी के जरिए भी जुड़ सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन मुफ्त है। सिर्फ pmkmy.gov.in, maandhan.in या CSC का इस्तेमाल करें। फर्जी वेबसाइटें और कॉल करने वाले कई बार किसानों से "रजिस्ट्रेशन फीस" मांगते हैं या OTP पूछते हैं; इनमें से कुछ भी कभी न करें।
किस्त छूट जाए या योजना छोड़नी हो
- किस्त छूटने पर: ऑटो-डेबिट अगले चक्र में फिर से कोशिश करता है। आप सरकार के तय ब्याज के साथ सारा बकाया भरकर खाता नियमित कर सकते हैं। छह महीने तक भुगतान न होने पर खाता निष्क्रिय हो जाता है, लेकिन बकाया चुकाकर इसे फिर चालू किया जा सकता है।
- जुड़ने के 10 साल के अंदर छोड़ने पर: सिर्फ आपका अपना योगदान सेविंग्स बैंक ब्याज के साथ लौटता है।
- 10 साल बाद लेकिन 60 से पहले छोड़ने पर: आपका योगदान और साथ में फंड का कमाया ब्याज या सेविंग्स बैंक ब्याज, जो ज्यादा हो।
- अगर आप अपात्र हो जाएं (जैसे इनकम टैक्स देने लगें): सरकार का योगदान बंद हो जाता है; आप खुद जारी रख सकते हैं और 60 पर अपना योगदान सेविंग्स बैंक ब्याज के साथ निकाल सकते हैं।
हर मामले में सरकार का बराबर वाला हिस्सा वापस फंड में चला जाता है। इसीलिए तभी जुड़ना समझदारी है जब आप 60 तक भुगतान जारी रख सकें।
आवेदन क्यों रिजेक्ट होते हैं
- जमीन आपके नाम पर नहीं, या रिकॉर्ड में 2 हेक्टेयर से ज्यादा
- उम्र 40 से ज्यादा, या जन्म तारीख आधार से मेल न खाना
- पहले से NPS, EPFO, ESIC, PM-SYM या NPS-Traders के सदस्य
- पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स रिटर्न भरा
- बैंक खाता बंद या आधार से जुड़ा नहीं, जिससे मैंडेट फेल हो जाता है
शिकायत कहां करें
- पेंशन खाता नंबर और आधार लेकर उसी CSC पर जाएं जहां आपने रजिस्ट्रेशन कराया था।
- pmkmy.gov.in पर दी गई PM-KMY हेल्पलाइन (अक्टूबर 2026 तक 1800-3000-3468) पर कॉल करें, या जिले के पीएम-किसान नोडल अधिकारी से संपर्क करें।
- गलत ऑटो-डेबिट के लिए अपने बैंक में शिकायत करें; मैंडेट डेबिट के विवाद NPCI के डिस्प्यूट सिस्टम से निपटाए जाते हैं और 30 दिन के अंदर सुलझाने होते हैं।
- जो मामले न सुलझें, उन्हें राज्य और जिला शिकायत प्रकोष्ठ में उठाया जा सकता है, जिनमें राज्य नोडल अधिकारी और LIC शामिल हैं।
अगर आपको खेती के लिए कर्ज भी चाहिए, तो हमारी कृषि गोल्ड लोन और KCC ब्याज छूट वाली गाइड देखें।
मुख्य बातें
- PM-KMY 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले छोटे और सीमांत किसानों को 60 साल से कम से कम ₹3,000 महीने की पक्की पेंशन देती है।
- 18 से 40 साल के बीच जुड़ें; योगदान ₹55 से ₹200 महीना है, और सरकार उतना ही मिलाती है।
- पीएम-किसान लाभार्थी अपना योगदान पीएम-किसान लाभ से ऑटो-डेबिट करा सकते हैं।
- जल्दी छोड़ने पर सिर्फ आपका हिस्सा ब्याज के साथ लौटता है, इसलिए तभी जुड़ें जब 60 तक जारी रख सकें।
- CSC या pmkmy.gov.in पर रजिस्ट्रेशन मुफ्त है; पेंशन महंगाई से जुड़ी नहीं है, इसलिए दूसरी बचत भी करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीएम किसान मानधन योजना क्या है?
यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए स्वैच्छिक, अंशदान वाली पेंशन योजना है। आप 18-40 साल की उम्र से 60 साल तक हर महीने ₹55 से ₹200 जमा करते हैं, केंद्र सरकार उतनी ही रकम जोड़ती है, और 60 साल के बाद आपको कम से कम ₹3,000 महीने की पक्की पेंशन मिलती है।
पीएम किसान मानधन योजना के लिए कौन पात्र है?
18 से 40 साल के वे किसान जिनके पास राज्य के भू-अभिलेख के हिसाब से 2 हेक्टेयर तक खेती लायक जमीन है। इनकम टैक्स देने वाले, सरकारी कर्मचारी, प्रोफेशनल, संवैधानिक पदों पर रहे लोग और पहले से NPS, EPFO, ESIC, PM-SYM या NPS-Traders में शामिल लोग इससे बाहर हैं।
PM-KMY में हर महीने कितना योगदान देना होता है?
यह जुड़ते समय आपकी उम्र पर निर्भर है: 18 साल पर ₹55 महीना, 29 पर ₹100 और 40 पर ₹200। सरकार उतनी ही रकम आपके पेंशन खाते में अलग से डालती है।
क्या PM-KMY का योगदान पीएम-किसान के पैसे से कट सकता है?
हां। अगर आपको पीएम-किसान की किस्तें मिलती हैं तो आप ऑटो-डेबिट मैंडेट पर साइन कर सकते हैं, जिससे PM-KMY का योगदान उसी लाभ से कट जाएगा और आपकी जेब से अलग से कुछ नहीं जाएगा।
पीएम किसान मानधन योजना बीच में छोड़ने पर क्या होता है?
अगर आप 10 साल के अंदर बाहर निकलते हैं तो सिर्फ आपका अपना योगदान सेविंग्स बैंक ब्याज के साथ लौटता है। 10 साल बाद लेकिन 60 से पहले निकलने पर आपका योगदान फंड के कमाए ब्याज या सेविंग्स बैंक ब्याज, जो ज्यादा हो, उसके साथ मिलता है। सरकार का हिस्सा नहीं मिलता।
क्या पीएम किसान मानधन योजना में जुड़ने की कोई फीस है?
नहीं। योजना के नियमों के तहत कॉमन सर्विस सेंटर पर रजिस्ट्रेशन मुफ्त है। रजिस्ट्रेशन फीस मांगने वाले किसी एजेंट या वेबसाइट को पैसे न दें।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।