EPF vs PPF vs NPS: रिटायरमेंट के लिए कौन बेहतर?
EPF, PPF और NPS की 2026-27 के लिए तुलना: ब्याज दर, रिटर्न, लॉक-इन, निकासी के नियम और नए कानून में टैक्स, ₹1.5 लाख सालाना निवेश के उदाहरण के साथ।

इस लेख में
EPF उन नौकरीपेशा लोगों के लिए सही है जो स्थिर रिटर्न चाहते हैं (2025-26 के लिए 8.25%)। PPF हर उस व्यक्ति के लिए सही है जो 15 साल की अवधि के साथ पूरी तरह टैक्स-फ्री, सरकार समर्थित रिटर्न चाहता है (अक्टूबर 2026 के हिसाब से 7.1%)। NPS उन लोगों के लिए है जो लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न की संभावना के लिए बाजार का जोखिम ले सकते हैं, और तीनों में यही अकेला विकल्प है जिसमें एम्प्लॉयर योगदान के जरिए नई टैक्स व्यवस्था में भी अच्छा टैक्स फायदा मिलता है। ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए जवाब कोई एक विजेता नहीं, बल्कि तीनों का मिश्रण है।
EPF vs PPF vs NPS एक नजर में (अक्टूबर 2026 के हिसाब से)
| फीचर | EPF | PPF | NPS (Tier I) |
|---|---|---|---|
| कौन जुड़ सकता है | EPF के दायरे वाले संस्थानों के नौकरीपेशा कर्मचारी | कोई भी निवासी व्यक्ति | 18 से 70 साल के भारतीय नागरिक |
| रिटर्न | 2025-26 के लिए 8.25%, हर साल घोषित | अक्टूबर–दिसंबर 2026 के लिए 7.1%, हर तिमाही तय | बाजार से जुड़ा; कोई गारंटी नहीं |
| जोखिम | बहुत कम | सरकारी गारंटी | मध्यम से ऊंचा, इक्विटी हिस्से पर निर्भर |
| योगदान | PF वेतन का 12% आपका और 12% एम्प्लॉयर का | सालाना ₹500 से ₹1.5 लाख | न्यूनतम ₹1,000 सालाना; कोई ऊपरी सीमा नहीं |
| लॉक-इन | रिटायरमेंट तक, आंशिक निकासी के साथ | 15 साल, 5-5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं | 60 तक, सीमित आंशिक निकासी के साथ |
| योगदान पर टैक्स (पुरानी व्यवस्था) | Section 123 (पहले 80C) | Section 123 (पहले 80C) | Section 123 + Section 124 (पहले 80CCD(1B)) में अतिरिक्त ₹50,000 |
| योगदान पर टैक्स (नई व्यवस्था) | आपके योगदान पर कुछ नहीं | कुछ नहीं | एम्प्लॉयर का बेसिक + DA के 14% तक (पहले 80CCD(2)) |
| मैच्योरिटी पर टैक्स | लगातार 5 साल की नौकरी के बाद टैक्स-फ्री | पूरी तरह टैक्स-फ्री (EEE) | 60% टैक्स-फ्री; एन्युटी आय पर टैक्स |
| रेगुलेटर | EPFO | वित्त मंत्रालय (पोस्ट ऑफिस और बैंकों के जरिए) | PFRDA |
EPF: नौकरीपेशा लोगों का डिफॉल्ट विकल्प
दर: 2025-26 के लिए 8.25%, जिसे EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने मार्च 2026 में मंजूर किया और जून 2026 में वित्त मंत्रालय ने सहमति दी। यह दर हर साल घोषित होती है और पिछले दशक में 8.1% से 8.65% के बीच रही है।
योगदान: आप और आपका एम्प्लॉयर दोनों PF वेतन (बेसिक + DA) का 12% देते हैं। एम्प्लॉयर के हिस्से का कुछ भाग Employees' Pension Scheme (EPS) में जाता है। सितंबर 2026 में केंद्रीय कैबिनेट ने अनिवार्य वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 महीना करने को मंजूरी दी, जिससे इस दायरे के कर्मचारियों का PF बढ़ेगा। वॉलंटरी PF (VPF) से आप उसी दर पर और ज्यादा जमा कर सकते हैं।
टैक्स: EPF का ब्याज एक सीमा तक ही टैक्स-फ्री है। आपके अपने योगदान पर सालाना ₹2.5 लाख से ऊपर (जहां एम्प्लॉयर योगदान नहीं है वहां ₹5 लाख से ऊपर) के योगदान का ब्याज टैक्सेबल है। EPF, NPS और सुपरएनुएशन में एम्प्लॉयर का कुल योगदान सालाना ₹7.5 लाख से ज्यादा होने पर उस पर पर्क्विजिट के रूप में टैक्स लगता है। लगातार पांच साल की नौकरी से पहले निकासी टैक्सेबल है, सिवाय कुछ मामलों के जैसे खराब सेहत या एम्प्लॉयर का कारोबार बंद होना।
निकासी: EPF Scheme, 2026 (2026 के मध्य में अधिसूचित) निकासी के कारणों को तीन श्रेणियों में बांटती है और योग्य बैलेंस का कम से कम 25% खाते में रखना जरूरी करती है। आवेदन करने से पहले EPFO पोर्टल पर मौजूदा सीमाएं जांच लें।
PPF: टैक्स-फ्री और गारंटीड
दर: अक्टूबर–दिसंबर 2026 के लिए 7.1%, जो कई तिमाहियों से नहीं बदली। सरकार हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं की दरों की समीक्षा करती है।
नियम: एक वित्त वर्ष में ₹500 से ₹1.5 लाख जमा करें। खाता 15 पूरे वित्त वर्षों के बाद मैच्योर होता है और नई जमा के साथ या बिना, 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। सातवें साल से आंशिक निकासी और तीसरे साल से लोन की सुविधा है।
टैक्स: एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट। पुरानी व्यवस्था में जमा पर Section 123 (पहले 80C) की छूट मिलती है, और दोनों व्यवस्थाओं में ब्याज और मैच्योरिटी रकम टैक्स-फ्री है।
कमजोरी: ₹1.5 लाख की सीमा, और ऐसा रिटर्न जो लंबे समय में महंगाई से मुश्किल से आगे निकलता है। दूसरे विकल्पों से इसकी तुलना PPF vs FD vs ELSS में देखें।
NPS: बाजार से जुड़ी पेंशन
निवेश: आप पेंशन फंड मैनेजर और इक्विटी हिस्सा चुनते हैं, या ऑटो चॉइस इस्तेमाल करते हैं। 1 अक्टूबर 2025 से PFRDA के Multiple Scheme Framework के तहत गैर-सरकारी सब्सक्राइबर नए पैसे के लिए 100% तक इक्विटी वाली स्कीम चुन सकते हैं; कॉमन स्कीमों में 75% इक्विटी की सीमा बनी हुई है। म्यूचुअल फंड के मुकाबले फंड चार्ज कम हैं।
निकास के नियम (गैर-सरकारी सब्सक्राइबर, PFRDA के दिसंबर 2025 के संशोधनों के बाद):
- सामान्य निकास पर (60 साल पर, या वेस्टिंग अवधि के बाद) 80% तक एकमुश्त लिया जा सकता है; कम से कम 20% से एन्युटी खरीदनी होगी।
- छोटा कॉर्पस (करीब ₹8 लाख या उससे कम) पूरा निकाला जा सकता है।
- 60 से पहले निकास पर आम तौर पर सिर्फ 20% एकमुश्त मिलता है, और 80% से एन्युटी लेनी होती है।
- NPS खाते को अब रेगुलेटेड लेंडर्स से लोन के लिए गिरवी रखा जा सकता है।
टैक्स: मौजूदा टैक्स कानून में निकास पर कॉर्पस का सिर्फ 60% टैक्स-फ्री है। बजट 2026 ने यह छूट नई 80% निकासी सीमा तक नहीं बढ़ाई, इसलिए अतिरिक्त 20% पर स्लैब रेट से टैक्स लग सकता है। एन्युटी आय पर हर साल स्लैब रेट से टैक्स लगता है।
नई व्यवस्था में फायदा: नई व्यवस्था में आपके अपने योगदान पर कोई छूट नहीं मिलती, लेकिन एम्प्लॉयर के बेसिक और DA के 14% तक के योगदान (अब Section 124 के अंदर) पर मिलती है। इसलिए डिफॉल्ट टैक्स व्यवस्था में एम्प्लॉयर के जरिए NPS ही टैक्स बचाने वाला मुख्य रिटायरमेंट प्रोडक्ट बचा है।
उदाहरण: 15 साल तक ₹1.5 लाख सालाना (उदाहरण के लिए)
मान लीजिए 15 साल तक हर साल की शुरुआत में ₹1.5 लाख निवेश किए जाते हैं, और हर दर एक जैसी रहती है। असली दरें बदलेंगी।
| विकल्प | अनुमानित सालाना रिटर्न | 15 साल बाद रकम | मैच्योरिटी पर टैक्स |
|---|---|---|---|
| PPF | 7.1% | ₹40.68 लाख | कुछ नहीं |
| EPF (VPF के जरिए) | 8.25% | ₹44.96 लाख | कुछ नहीं, ₹2.5 लाख ब्याज सीमा के अंदर |
| NPS (ज्यादातर इक्विटी) | 10% (अनुमान) | ₹52.42 लाख | 60% टैक्स-फ्री; 80% तक एकमुश्त, कम से कम 20% एन्युटी में |
हर मामले में कुल निवेश ₹22.5 लाख है। फॉर्मूला है FV = P × [((1 + r)^n − 1) / r] × (1 + r), जहां P = ₹1,50,000 और n = 15। PPF के लिए: 1,50,000 × [(1.071^15 − 1) / 0.071] × 1.071 ≈ ₹40.68 लाख।
NPS का आंकड़ा सबसे अच्छा दिखता है, लेकिन यह अनुमानित रिटर्न पर टिका है और इसका सिर्फ एक हिस्सा ही टैक्स-फ्री नकद के रूप में मिलता है। यह भी ध्यान रखें कि ₹1.5 लाख सालाना VPF तभी संभव है जब आपका PF वेतन इसकी इजाजत दे। अपने PPF के आंकड़े PPF कैलकुलेटर में आजमाएं।
कैसे चुनें
- नौकरीपेशा, नई व्यवस्था: EPF चलने दें। अपने एम्प्लॉयर से पेरोल के जरिए NPS के बारे में पूछें (बेसिक + DA के 14% तक, टैक्स छूट के योग्य)। टैक्स-फ्री, कम जोखिम वाले हिस्से के लिए PPF इस्तेमाल करें।
- नौकरीपेशा, पुरानी व्यवस्था: EPF अक्सर ₹1.5 लाख की Section 123 सीमा का ज्यादातर हिस्सा भर देता है। अगर एन्युटी का नियम मंजूर है, तो Section 124 की अतिरिक्त छूट के लिए NPS में ₹50,000 डालें।
- सेल्फ-एम्प्लॉयड या फ्रीलांसर: EPF नहीं है। सुरक्षा के लिए PPF, बढ़त के लिए NPS या इक्विटी म्यूचुअल फंड।
- लिक्विडिटी या जल्दी रिटायरमेंट चाहिए: इक्विटी म्यूचुअल फंड NPS से ज्यादा लचीलापन देते हैं। देखें शुरुआती निवेशकों के लिए इंडेक्स फंड।
कुल कितना फंड चाहिए, यह जानने के लिए पढ़ें रिटायरमेंट के लिए कितना पैसा चाहिए।
मुख्य बातें
- अक्टूबर 2026 के हिसाब से: EPF पर 8.25% (2025-26), PPF पर 7.1% (अक्टूबर–दिसंबर 2026), और NPS बाजार से जुड़ा है।
- PPF अकेला ऐसा विकल्प है जो बिना किसी शर्त के पूरी तरह टैक्स-फ्री है। आपके सालाना ₹2.5 लाख से ज्यादा योगदान पर EPF का ब्याज टैक्सेबल हो जाता है।
- NPS में अब गैर-सरकारी सब्सक्राइबर निकास पर 80% तक एकमुश्त ले सकते हैं, लेकिन मौजूदा कानून में सिर्फ 60% टैक्स-फ्री है।
- नई व्यवस्था में सिर्फ एम्प्लॉयर के NPS योगदान पर छूट मिलती है।
- यहां दिए सभी अनुमान उदाहरण के लिए हैं; PPF और घोषित EPF दर के अलावा कोई रिटर्न गारंटीड नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रिटायरमेंट के लिए कौन बेहतर है: EPF, PPF या NPS?
तीनों का काम अलग है। EPF नौकरीपेशा लोगों को 8.25% का लगभग गारंटीड जैसा रिटर्न देता है, PPF 15 साल के लॉक-इन के साथ 7.1% पूरी तरह टैक्स-फ्री देता है, और NPS बाजार से जुड़ा है जिसमें ज्यादा रिटर्न की संभावना है, लेकिन एकमुश्त कितना निकाल सकते हैं इस पर नियम हैं। बहुत से लोग EPF को आधार बनाते हैं और टैक्स व्यवस्था व जोखिम क्षमता के हिसाब से PPF या NPS जोड़ते हैं।
2025-26 के लिए EPF ब्याज दर कितनी है?
EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने 2025-26 के लिए 8.25% मंजूर किया, जो पिछले दो सालों जितना ही है, और बाद में वित्त मंत्रालय ने इसे मंजूरी दी। 2026-27 की दर 2027 में घोषित होगी।
60 साल पर NPS से कितना पैसा निकाल सकते हैं?
PFRDA के दिसंबर 2025 के संशोधनों के बाद गैर-सरकारी सब्सक्राइबर कॉर्पस का 80% तक एकमुश्त ले सकते हैं और कम से कम 20% से एन्युटी खरीदनी होती है। मौजूदा टैक्स कानून में कॉर्पस का सिर्फ 60% टैक्स-फ्री है; अतिरिक्त 20% पर टैक्स लग सकता है।
क्या नई टैक्स व्यवस्था में NPS फायदेमंद है?
नई व्यवस्था में आपके अपने NPS योगदान पर कोई छूट नहीं मिलती। एम्प्लॉयर का बेसिक और DA के 14% तक का योगदान अब भी छूट के योग्य है, इसलिए एम्प्लॉयर के जरिए NPS नई व्यवस्था में भी उपयोगी है।
क्या PPF और EPF दोनों में निवेश कर सकते हैं?
हां। नौकरीपेशा लोग एम्प्लॉयर के जरिए EPF खाता रख सकते हैं और अलग से PPF खाता खोल सकते हैं। पुरानी व्यवस्था में दोनों एक ही ₹1.5 लाख की Section 123 (पहले 80C) सीमा में गिने जाते हैं।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।