ट्रैक्टर सब्सिडी योजना 2026: SMAM की दरें और राज्य की स्कीम
ट्रैक्टर और कृषि यंत्र सब्सिडी: SMAM में 40-50% सब्सिडी, ट्रैक्टर पर ₹1.6 लाख से शुरू सीमा, राज्य पोर्टल, दस्तावेज, लोन का उदाहरण और नकली योजनाएं।

इस लेख में
ज्यादातर किसान जिस ट्रैक्टर और कृषि यंत्र सब्सिडी की तलाश करते हैं, वह है कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM): केंद्र और आपका राज्य मिलकर छोटे और सीमांत, SC/ST, महिला और पूर्वोत्तर के किसानों के लिए मशीन की लागत का 50% और बाकी के लिए 40% देते हैं, हर मशीन की एक तय सीमा तक। आपको दिल्ली में आवेदन नहीं करना होता; आवेदन आपके राज्य के कृषि विभाग के पोर्टल पर उसकी आवेदन अवधि में होता है, और सब्सिडी DBT से मिलती है।
नीचे के सभी आंकड़े संशोधित SMAM दिशानिर्देश (2025) और जुलाई 2026 के एक PIB बैकग्राउंडर से हैं, और अक्टूबर 2026 तक के हैं। SMAM चालू है और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में चलता है। राज्य हर साल चुन सकते हैं कि किन मशीनों को फंड करें और अपनी तरफ से टॉप-अप जोड़ सकते हैं, इसलिए आखिरी फैसला आपके राज्य की सूचना का है।
यह किन पर लागू होता है
- अपने इस्तेमाल के लिए मशीन खरीदने वाले व्यक्तिगत किसान।
- कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) या फार्म मशीनरी बैंक खोलने वाले ग्रामीण उद्यमी, FPO, SHG, सहकारी समितियां और पंचायतें।
- छोटे और सीमांत किसानों, महिलाओं, SC/ST किसानों और पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों को प्राथमिकता। PIB नोट के अनुसार SMAM के 30% फंड महिला किसानों के लिए तय हैं।
क्या मदद मिलती है
| घटक | मदद (अक्टूबर 2026 तक) |
|---|---|
| व्यक्तिगत मशीनें | SC/ST, छोटे और सीमांत, महिला और पूर्वोत्तर लाभार्थियों को लागत का 50%; बाकी को 40%; हर मशीन की सीमा तक |
| कस्टम हायरिंग सेंटर | ₹250 लाख तक के प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्ट लागत का 40%, क्रेडिट-लिंक्ड और बैक-एंडेड |
| फार्म मशीनरी बैंक | ₹30 लाख तक के प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्ट लागत का 80% (सहकारी समितियां, FPO, SHG और ऐसे समूह) |
| पूर्वोत्तर क्षेत्र | छोटी मशीनों पर 100% तक और फार्म मशीनरी बैंक पर 95% |
| कृषि स्नातक द्वारा किसान ड्रोन CHC | ड्रोन लागत का 50% या ₹5 लाख, जो कम हो |
| किराये की सेवाएं | छोटे और सीमांत किसानों को CHC, SHG और FPO से ड्रोन समेत मशीनी सेवाओं के लिए ₹2,000 प्रति हेक्टेयर |
ट्रैक्टर और पावर टिलर की सीमा
| मशीन | 50% पर अधिकतम सब्सिडी (SC/ST, छोटे/सीमांत, महिला, पूर्वोत्तर) | 40% पर अधिकतम सब्सिडी (बाकी) |
|---|---|---|
| ट्रैक्टर 2WD, 20 PTO HP तक | ₹2.00 लाख | ₹1.60 लाख |
| ट्रैक्टर 4WD, 20 PTO HP तक | ₹2.45 लाख | ₹1.96 लाख |
| ट्रैक्टर 2WD, 20-40 PTO HP | ₹3.00 लाख | ₹2.40 लाख |
| ट्रैक्टर 4WD, 20-40 PTO HP | ₹3.60 लाख | ₹2.88 लाख |
| ट्रैक्टर 2WD, 40-50 PTO HP | ₹4.50 लाख | ₹3.60 लाख |
| ट्रैक्टर 4WD, 40-50 PTO HP | ₹5.45 लाख | ₹4.36 लाख |
| पावर टिलर, 8-11 BHP | ₹1.00 लाख | ₹0.80 लाख |
| पावर टिलर, 11 BHP से ऊपर | ₹1.20 लाख | ₹1.00 लाख |
दिशानिर्देश कहते हैं कि 40 HP से ऊपर के ट्रैक्टर और कंबाइन हार्वेस्टर जैसी महंगी मशीनों को मुख्य रूप से कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए बढ़ावा देना चाहिए, और इनके व्यक्तिगत स्वामित्व को मशीन बजट के 25% तक सीमित किया जा सकता है। इसलिए छोटे किसान को 50 HP ट्रैक्टर की तुलना में 20-40 HP ट्रैक्टर या पावर टिलर मंजूर होने की संभावना कहीं ज्यादा है।
उदाहरण: सब्सिडी के साथ ट्रैक्टर लोन
एक छोटा किसान ₹6,50,000 का 2WD, 35 PTO HP ट्रैक्टर खरीदता है।
- लागत का 50%: ₹3,25,000, लेकिन सीमा ₹3,00,000 है, इसलिए सब्सिडी ₹3,00,000
- किसान का हिस्सा: ₹6,50,000 − ₹3,00,000 = ₹3,50,000
- अगर पूरा हिस्सा 5 साल के लिए उदाहरण के तौर पर 10% पर उधार लिया जाए: ईएमआई ₹7,436, कुल ब्याज करीब ₹96,188
वही ट्रैक्टर खरीदने वाला सामान्य श्रेणी का किसान:
- लागत का 40%: ₹2,60,000, सीमा ₹2,40,000, इसलिए सब्सिडी ₹2,40,000
- हिस्सा: ₹4,10,000; उसी 10% पर 5 साल में ईएमआई ₹8,711, कुल ब्याज करीब ₹1,12,677
दो व्यावहारिक बातें। पहली, कई राज्य खरीद और सत्यापन के बाद DBT से सब्सिडी देते हैं, इसलिए सब्सिडी आने तक आपको पूरी कीमत चुकानी या फाइनेंस करनी पड़ सकती है; अपने डीलर और बैंक से पूछें कि वे इसे कैसे संभालते हैं। दूसरी, ट्रैक्टर लोन की दरें और डाउन-पेमेंट के नियम लेंडर के हिसाब से बदलते हैं। अपने आंकड़े ईएमआई कैलकुलेटर में डालकर देखें, और खास ट्रैक्टर लोन की तुलना अपनी किसान क्रेडिट कार्ड लिमिट से करें।
आमतौर पर जरूरी दस्तावेज
- आधार और आधार-सीडेड बैंक खाता (DBT के लिए)
- जमीन के रिकॉर्ड (7/12, खतौनी, जमाबंदी या आपके राज्य का समकक्ष)
- SC/ST दरों के लिए जाति प्रमाणपत्र; जहां राज्य मांगे वहां छोटे/सीमांत किसान का प्रमाणपत्र
- पासपोर्ट फोटो और मोबाइल नंबर
- सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) निर्माता का डीलर कोटेशन, और खरीद के बाद टैक्स इनवॉइस
- सॉइल हेल्थ कार्ड: दिशानिर्देश कहते हैं कि इसकी जरूरत हो सकती है; न हो तो सैंपल की जांच कराई जा सकती है
आवेदन कैसे करें: आधिकारिक रास्ता
- अपने राज्य का पोर्टल खोजें। अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट पर "कृषि यंत्र सब्सिडी" या "SMAM" खोजें। उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में MahaDBT और गुजरात में iKhedut। जिन राज्यों का अपना पोर्टल नहीं है वे agrimachinery.nic.in इस्तेमाल करते हैं।
- आवेदन की अवधि पर नजर रखें। राज्य सीमित समय के लिए, अक्सर साल में एक बार, और सिर्फ उस साल की योजना वाली मशीनों के लिए आवेदन खोलते हैं।
- रजिस्टर करें और आवेदन करें, आधार, जमीन और बैंक विवरण के साथ, मशीन का प्रकार चुनकर।
- चयन। अगर आवेदन लक्ष्य से ज्यादा हों, तो 2025 के दिशानिर्देश राज्यों से 'पहले आओ, पहले पाओ' की जगह ऑनलाइन लॉटरी करने को कहते हैं। पोर्टल पर चयन सूची देखें।
- मंजूरी के बाद ही खरीदें। अपने राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से, मोलभाव की गई कीमत पर, मंजूरी पत्र में दिए समय के भीतर खरीदें। मंजूरी से पहले खरीदने पर आप अपात्र हो सकते हैं।
- सत्यापन। ₹1 लाख या उससे ज्यादा की मशीनों की जियो-रेफरेंसिंग होती है, और ट्रैक्टर जैसी स्वचालित मशीनों पर टेलीमैटिक्स किट होना जरूरी है। एक अधिकारी मशीन और इनवॉइस का सत्यापन करता है।
- DBT से सब्सिडी आपके आधार-सीडेड बैंक खाते में।
आवेदन ट्रैक करना
अपने राज्य पोर्टल पर एप्लिकेशन आईडी से स्टेटस देखें, जिसमें आवेदन, चयन, प्री-सैंक्शन, खरीद अपलोड, सत्यापन और भुगतान जैसे चरण दिखते हैं। अगर सब्सिडी मंजूर है पर जमा नहीं हुई, तो देखें कि आपका बैंक खाता चालू है और आधार से सीड है।
आम समस्याएं और उनका हल
| समस्या | हल |
|---|---|
| लॉटरी में चयन नहीं हुआ | अगली अवधि में फिर आवेदन करें; कई राज्य वेटिंग लिस्ट नहीं रखते |
| डीलर तय कीमत से ज्यादा मांग रहा | निर्माताओं को बिक्री कीमत दिखानी होती है; तुलना करें और जिला कृषि कार्यालय में शिकायत करें |
| सब्सिडी मंजूर पर भुगतान नहीं | बैंक सीडिंग, इनवॉइस और सत्यापन का स्टेटस जांचें; जिला कार्यालय से फॉलो-अप करें |
| मंजूरी से पहले खरीद लिया | आमतौर पर अपात्र; कार्यालय से लिखित में पूछें कि कोई छूट लागू होती है या नहीं |
| उसी मशीन पर पहले सब्सिडी ले चुके | राज्य कई साल तक उसी चीज पर दोबारा सब्सिडी नहीं देते; अपने राज्य का नियम देखें |
शिकायत कैसे करें
सबसे पहले अपनी एप्लिकेशन आईडी के साथ ब्लॉक या जिला कृषि अधिकारी को लिखित शिकायत दें। फिर अपने राज्य का शिकायत पोर्टल या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन इस्तेमाल करें, और आखिर में CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग चुनकर शिकायत करें।
नकली "पीएम किसान ट्रैक्टर योजना" से सावधान
PIB फैक्ट चेक ने कहा है कि केंद्र सरकार "पीएम किसान ट्रैक्टर योजना" नाम की कोई योजना नहीं चलाती, और इस नाम वाली वेबसाइटों को फिशिंग साइट बताया गया है जो किसानों का विवरण और "रजिस्ट्रेशन फीस" इकट्ठा करती हैं। असली ट्रैक्टर सब्सिडी सिर्फ SMAM और राज्य योजनाओं के जरिए .gov.in या .nic.in पर खत्म होने वाले सरकारी पोर्टल से मिलती है। चयन के लिए कभी किसी एजेंट को पैसे न दें।
दूसरे सरकारी कर्ज विकल्पों के लिए देखें सरकारी बिजनेस लोन योजनाएं और केसीसी लोन के लिए ब्याज सबवेंशन योजना।
मुख्य बातें
- SMAM मशीन की लागत का 50% (SC/ST, छोटे और सीमांत, महिला, पूर्वोत्तर) या 40% (बाकी) देता है, हर मशीन की सीमा तक।
- 20-40 PTO HP के 2WD ट्रैक्टर पर सीमा 50% पर ₹3 लाख और 40% पर ₹2.4 लाख है।
- सिर्फ अपने राज्य के कृषि पोर्टल या agrimachinery.nic.in पर, आवेदन अवधि में आवेदन करें; ज्यादा आवेदन होने पर लॉटरी होती है।
- मंजूरी के बाद ही, सूचीबद्ध निर्माता से खरीदें; सत्यापन के बाद सब्सिडी DBT से आती है।
- "पीएम किसान ट्रैक्टर योजना" जैसी कोई योजना नहीं है; फीस मांगने वाली साइटों को नजरअंदाज करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत में ट्रैक्टर पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
केंद्र के कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM) के तहत राज्य छोटे और सीमांत, SC/ST, महिला और पूर्वोत्तर के किसानों को मशीन की लागत का 50% और बाकी को 40% देते हैं, हर मशीन की तय अधिकतम सीमा तक। 20-40 PTO HP के 2WD ट्रैक्टर पर सीमा 50% पर ₹3 लाख और 40% पर ₹2.4 लाख है। राज्य अपनी तरफ से अतिरिक्त मदद जोड़ सकते हैं।
क्या पीएम किसान ट्रैक्टर योजना असली है?
नहीं। PIB फैक्ट चेक ने कहा है कि केंद्र सरकार 'पीएम किसान ट्रैक्टर योजना' नाम की कोई योजना नहीं चलाती, और इस नाम वाली वेबसाइटों को फिशिंग बताया गया है। असली रास्ता SMAM है, जिसके लिए आपके राज्य के कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन होता है।
ट्रैक्टर सब्सिडी के लिए कहां आवेदन करें?
आवेदन की अवधि के दौरान अपने राज्य के कृषि विभाग के कृषि यंत्र पोर्टल या कार्यालय से आवेदन करें। राज्यों को अपने पोर्टल केंद्रीय पोर्टल agrimachinery.nic.in से जोड़ने होते हैं, और जिन राज्यों का अपना पोर्टल नहीं है वे सीधे इसी का इस्तेमाल करते हैं।
क्या ट्रैक्टर सब्सिडी और ट्रैक्टर लोन साथ में मिल सकते हैं?
हां। सब्सिडी आपकी चुकाई जाने वाली कीमत घटाती है, और बैंक का ट्रैक्टर लोन या केसीसी आपके हिस्से को फाइनेंस कर सकता है। कई राज्य खरीद और सत्यापन के बाद DBT से सब्सिडी देते हैं, इसलिए सब्सिडी आने तक पूरी रकम कैसे देंगे, इसकी योजना बना लें।
अगर लक्ष्य से ज्यादा किसान आवेदन करें तो क्या होता है?
2025 के SMAM दिशानिर्देश राज्यों से कहते हैं कि आवेदन लक्ष्य से ज्यादा हों तो 'पहले आओ, पहले पाओ' की जगह पारदर्शी ऑनलाइन लॉटरी से चयन करें। कुछ राज्य अपने तरीके अपनाते हैं, इसलिए अपने पोर्टल की सूचना देखें।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।