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बच्चे का बैंक खाता: दस्तावेज़, नियम और पैरेंट की ड्यूटी

2026 में बच्चे का बैंक खाता कैसे खोलें: आरबीआई के माइनर खाता नियम, 10 साल से खुद चलाने की छूट, दस्तावेज़, माता-पिता की ज़िम्मेदारी, टैक्स और 18 साल पर बदलाव।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 6 मिनट में पढ़ें
बच्चे का बैंक खाता: दस्तावेज़, नियम और पैरेंट की ड्यूटी
इस लेख में
  1. यह किन पर लागू होता है
  2. बच्चे के लिए कौन से खाते खोल सकते हैं
  3. ज़रूरी दस्तावेज़
  4. खाता कैसे खोलें
  5. उदाहरण: तोहफे की एफडी और टैक्स का पहलू
  6. माता-पिता और अभिभावक की ज़िम्मेदारियां
  7. 18 साल पर क्या बदलता है
  8. स्थिति और आम समस्याएं
  9. शिकायत कैसे करें
  10. मुख्य बातें

भारत में किसी भी उम्र के बच्चे का बैंक खाता खोला जा सकता है। 10 साल से कम उम्र में माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाता खोलते और चलाते हैं; 10 साल से आरबीआई बैंकों को इजाज़त देता है कि वे बच्चे को बैंक की तय सीमाओं में सेविंग्स या फिक्स्ड डिपॉज़िट खाता खुद चलाने दें। आपको बच्चे की पहचान और जन्मतिथि का प्रमाण और अभिभावक की पूरी केवाईसी चाहिए होगी, और बच्चे के 18 साल का होने तक खाते के इस्तेमाल की ज़िम्मेदारी माता-पिता की रहती है।

नीचे दिए नियम अक्टूबर 2026 के अनुसार हैं और नाबालिगों के जमा खातों पर आरबीआई के अप्रैल 2025 के निर्देशों पर आधारित हैं, जिन्हें बैंकों को 1 जुलाई 2025 तक लागू करना था।

यह किन पर लागू होता है

बच्चे की उम्र खाता कौन खोलता है कौन चलाता है आम सुविधाएं
10 से कम प्राकृतिक या कानूनी अभिभावक (मां भी अभिभावक हो सकती है) अभिभावक पासबुक; कार्ड या नेट बैंकिंग सिर्फ अभिभावक के लिए, अगर बैंक दे
10 से 17 अभिभावक, या बैंक अनुमति दे तो बच्चा खुद बच्चा अकेले (बैंक की सीमा में) या अभिभावक बैंक अपनी नीति के तहत डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई, चेक बुक दे सकता है
18 और ऊपर बच्चा बच्चा, वयस्क के रूप में नई केवाईसी और हस्ताक्षर के बाद पूरा सेविंग्स खाता

ध्यान देने वाली बातें:

  • प्राकृतिक अभिभावक का मतलब माता या पिता है। आरबीआई लंबे समय से मां को अभिभावक के रूप में खाता खोलने और चलाने की अनुमति देता है।
  • कानूनी अभिभावक वह है जिसे अदालत नियुक्त करे, जैसे जब माता-पिता दोनों न रहे हों।
  • माइनर खाते, चाहे बच्चा चलाए या अभिभावक, ओवरड्रॉ नहीं हो सकते। कोई ओवरड्राफ्ट या क्रेडिट सुविधा नहीं मिलती।

बच्चे के लिए कौन से खाते खोल सकते हैं

  • माइनर सेविंग्स खाता: रोज़मर्रा का विकल्प; कई बैंकों में कम न्यूनतम बैलेंस वाला "किड्स" या "जूनियर" खाता होता है।
  • नाबालिग के नाम पर फिक्स्ड या रेकरिंग डिपॉज़िट: जन्मदिन या त्योहार पर मिले तोहफों के लिए उपयोगी।
  • ज़ीरो बैलेंस (BSBD) खाता: बैंक अनुमति दे तो नाबालिग भी रख सकता है; देखें ज़ीरो बैलेंस बनाम रेगुलर सेविंग्स खाता।
  • सुकन्या समृद्धि योजना: 10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए, बैंकों और डाकघरों के ज़रिए चलने वाली लंबी अवधि की छोटी बचत योजना; देखें हमारी सुकन्या समृद्धि योजना गाइड।

माइनर खाता बचत जितना ही सिखाने का ज़रिया भी है। उम्र के हिसाब से पॉकेट मनी के आइडिया के लिए देखें बच्चों को पैसे के बारे में सिखाएं।

ज़रूरी दस्तावेज़

सटीक ज़रूरतें बैंक के हिसाब से बदलती हैं, पर आम सूची यह है:

बच्चे के लिए

  • बच्चे का आधार कार्ड (ज़्यादातर बैंक यही पसंद करते हैं) या जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र
  • हाल की पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • कुछ बैंक सहायक दस्तावेज़ के रूप में स्कूल आईडी ले सकते हैं

माता-पिता या अभिभावक के लिए

  • पहचान और पते के लिए आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस
  • पैन कार्ड, या पैन न हो तो फॉर्म 60
  • फोटो
  • अगर अभिभावक माता-पिता नहीं हैं तो अदालत का अभिभावक आदेश

10+ उम्र का बच्चा खुद खाता खोले तो

  • बच्चे का अपना आधार और फोटो
  • एक नमूना हस्ताक्षर जिसे बच्चा हमेशा एक जैसा करेगा
  • कई बैंक फिर भी अभिभावक की जानकारी और सहमति मांगते हैं

खाता कैसे खोलें

  1. बैंक और प्रोडक्ट चुनें। न्यूनतम बैलेंस, कार्ड की रोज़ की सीमा, चार्ज और यह देखें कि बैंक के ऐप में माता-पिता के कंट्रोल हैं या नहीं।
  2. बच्चे के साथ ब्रांच जाएं (ज़्यादातर बैंक नाबालिग को देखना चाहते हैं) या अगर बैंक माइनर खातों के लिए वीडियो केवाईसी देता है तो ऑनलाइन शुरुआत करें।
  3. माइनर खाता फॉर्म भरें, जिसमें अभिभावक का नाम और खाता चलाने का तरीका लिखें: "सिर्फ अभिभावक" या "सिर्फ नाबालिग" (10+)।
  4. बच्चे और अभिभावक दोनों के केवाईसी दस्तावेज़ जमा करें।
  5. शुरुआती जमा करें, अगर प्रोडक्ट में ज़रूरी हो।
  6. सीमाएं तय करें: बच्चा खुद खाता चलाए तो बैंक से यूपीआई, एटीएम और कार्ड की रोज़ की कम सीमा तय करवाएं।
  7. नॉमिनी जोड़ें। बैंक अपनी नीति के अनुसार माइनर खातों में नॉमिनेशन की अनुमति देते हैं; ब्रांच से पूछें।

उदाहरण: तोहफे की एफडी और टैक्स का पहलू

बच्चे को जन्मदिन और त्योहारों पर ₹50,000 तोहफे में मिलते हैं। माता-पिता इसे बच्चे के नाम पर 7% सालाना ब्याज वाली 1 साल की एफडी में लगाते हैं, जिसमें ब्याज तिमाही चक्रवृद्धि होता है।

  • तिमाही दर: 7% ÷ 4 = 1.75%
  • मैच्योरिटी रकम: ₹50,000 × (1.0175)^4 = ₹50,000 × 1.071859 = ₹53,592.95
  • कमाया गया ब्याज: ₹53,592.95 − ₹50,000 = ₹3,592.95

यह ₹3,592.95 बच्चे की आय है, लेकिन क्लबिंग नियम के तहत इसे ज़्यादा कमाने वाले माता-पिता की आय में जोड़ा जाता है (पुरानी धारा 64(1A), जो आयकर अधिनियम, 2025 में भी आई है)। माता-पिता जोड़ी गई रकम में से हर बच्चे की छोटी छूट घटा सकते हैं (पुराने कानून में ₹1,500; मौजूदा आंकड़ा और धारा जांच लें)। यानी लगभग ₹2,093 पर माता-पिता के स्लैब से टैक्स लगेगा। एफडी के आंकड़े उदाहरण के लिए हैं; अपने बैंक की दर हमारे एफडी कैलकुलेटर से देखें।

बच्चे की अपनी हुनर, प्रतिभा या काम से हुई आय, जैसे इनाम की राशि या परफॉर्मेंस फीस, आमतौर पर क्लब नहीं की जाती।

माता-पिता और अभिभावक की ज़िम्मेदारियां

  • अगर आप खाता चलाते हैं तो 18 साल तक खाते के लिए आप जवाबदेह हैं, और 10+ बच्चा खुद चलाए तब भी निगरानी रखें।
  • किसी और को बच्चे के खाते से पैसे घुमाने न दें। नाबालिगों के खाते कभी-कभी फ्रॉड के पैसे के लिए म्यूल खाते के रूप में इस्तेमाल होते हैं। ऐसा हो तो खाता फ्रीज़ हो सकता है; देखें बैंक खाता फ्रीज़।
  • ओटीपी और पिन की सुरक्षा जल्दी सिखाएं। कोई बैंक, स्कूल या गेम पैसे देने के लिए ओटीपी या यूपीआई पिन नहीं मांगता।
  • केवाईसी अपडेट रखें। अगर बच्चे का आधार अपडेट हो (जैसे 5 और 15 साल पर बायोमेट्रिक अपडेट), तो बैंक मांगे तो उसे बताएं।
  • हर महीने पासबुक या स्टेटमेंट देखें कि कोई अनजान जमा या कटौती तो नहीं।

18 साल पर क्या बदलता है

जब बच्चा बालिग हो जाता है:

  • बैंक को खाताधारक से नए ऑपरेटिंग निर्देश और नमूना हस्ताक्षर लेने होते हैं।
  • अभिभावक का खाता चलाने का अधिकार खत्म हो जाता है। अभिभावक के दिए स्टैंडिंग निर्देश दोबारा मंज़ूर करने पड़ सकते हैं।
  • बैंक आमतौर पर नई केवाईसी मांगता है और खाते को रेगुलर सेविंग्स खाते में बदल देता है, जिसका न्यूनतम बैलेंस अलग हो सकता है। बदलाव से पहले चार्ज के बारे में पूछ लें।
  • बदलाव पूरा न करें तो कुछ बैंक तब तक डेबिट पर रोक लगा देते हैं।

स्थिति और आम समस्याएं

समस्या हल
बैंक 10+ उम्र पर खुद खाता चलाने से मना करता है बैंक अपनी नीति से सीमा तय करते हैं; नीति लिखित में मांगें या ऐसा बैंक चुनें जो यह सुविधा दे
18 साल के बाद बच्चे के खाते में डेबिट ब्लॉक ब्रांच में नई केवाईसी और नमूना हस्ताक्षर जमा करें
माइनर खाते पर न्यूनतम बैलेंस चार्ज ज़ीरो बैलेंस या BSBD विकल्प के बारे में पूछें; बिना नोटिस कटे चार्ज को चुनौती दें
नाबालिग के लिए यूपीआई उपलब्ध नहीं कई बैंक नाबालिगों के लिए यूपीआई सीमित रखते हैं; अभिभावक का यूपीआई या ऐसा बैंक इस्तेमाल करें जो यह देता हो
आधार से नाम या जन्मतिथि मेल नहीं खाती पहले आधार ठीक करवाएं, फिर बैंक रिकॉर्ड अपडेट करें

शिकायत कैसे करें

  1. ब्रांच या कस्टमर केयर पर समस्या दर्ज करें और रेफरेंस नंबर नोट करें।
  2. हल न हो तो बैंक के ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर तक ले जाएं।
  3. 30 दिन में संतोषजनक जवाब न मिले तो cms.rbi.org.in पर आरबीआई लोकपाल से शिकायत करें या 14448 पर कॉल करें।
  4. बच्चे के खाते से जुड़े फ्रॉड पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

मुख्य बातें

  • किसी भी उम्र के बच्चे का बैंक खाता खुल सकता है; 10 से कम उम्र में अभिभावक इसे चलाते हैं।
  • 10 साल से आरबीआई बैंकों को इजाज़त देता है कि नाबालिग बैंक की सीमाओं में सेविंग्स और एफडी खाते खुद चलाएं; ओवरड्राफ्ट कभी नहीं मिलता।
  • बच्चे का आधार या जन्म प्रमाण पत्र, फोटो और अभिभावक की केवाईसी पैन या फॉर्म 60 के साथ तैयार रखें।
  • बच्चे के नाम पर मिला ब्याज आमतौर पर ज़्यादा कमाने वाले माता-पिता की आय में जुड़ता है।
  • 18 साल पर बैंक नई केवाईसी और हस्ताक्षर लेता है और अभिभावक का अधिकार खत्म हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में बच्चे का बैंक खाता खोलने की न्यूनतम उम्र क्या है?

कोई न्यूनतम उम्र नहीं है। किसी भी उम्र के नाबालिग का सेविंग्स या फिक्स्ड डिपॉज़िट खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक चला सकते हैं। 10 साल की उम्र से आरबीआई बैंकों को इजाज़त देता है कि वे बैंक की तय सीमाओं के अंदर बच्चे को खुद खाता चलाने दें।

माइनर बैंक खाता खोलने के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

बैंक आमतौर पर बच्चे की पहचान और जन्मतिथि का प्रमाण जैसे आधार या जन्म प्रमाण पत्र, एक फोटो, और खाता चलाने वाले माता-पिता या अभिभावक की पूरी केवाईसी मांगते हैं, जिसमें पैन या फॉर्म 60 शामिल है। सटीक सूची हर बैंक में अलग हो सकती है।

क्या 10 साल का बच्चा डेबिट कार्ड और यूपीआई इस्तेमाल कर सकता है?

आरबीआई बैंकों को अपनी जोखिम नीति के आधार पर नाबालिगों को इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और चेक बुक देने की छूट देता है, इसलिए यह बैंक पर निर्भर है। माइनर खातों में ओवरड्राफ्ट नहीं हो सकता, और बैंक आमतौर पर रोज़ खर्च की कम सीमा रखते हैं।

बच्चे के 18 साल का होने पर माइनर खाते का क्या होता है?

बैंक को नए वयस्क खाताधारक से नए ऑपरेटिंग निर्देश और नमूना हस्ताक्षर लेने होते हैं, और आमतौर पर नई केवाईसी भी मांगी जाती है। अभिभावक का खाता चलाने का अधिकार खत्म हो जाता है।

क्या बच्चे के बैंक खाते के ब्याज पर टैक्स लगता है?

नाबालिग की ब्याज आय आमतौर पर ज़्यादा कमाने वाले माता-पिता की आय में जोड़ दी जाती है, यह क्लबिंग नियम पुरानी धारा 64(1A) से आयकर अधिनियम, 2025 में आया है। जोड़ी गई रकम पर हर बच्चे के लिए एक छोटी छूट मिलती है; बच्चे की अपनी हुनर या मेहनत से हुई आय नहीं जोड़ी जाती।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

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