Skip to content
Neminath Traders

सुकन्या समृद्धि योजना: ब्याज दर, नियम और मैच्योरिटी रकम

अक्टूबर-दिसंबर 2026 में सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज: जमा सीमा, 21 साल की मैच्योरिटी, 18 पर 50% निकासी, टैक्स नियम और ₹1.5 लाख सालाना का उदाहरण।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 8 मिनट में पढ़ें
सुकन्या समृद्धि योजना: ब्याज दर, नियम और मैच्योरिटी रकम
इस लेख में
  1. सुकन्या समृद्धि योजना कैसे काम करती है
  2. SSY एक नजर में (अक्टूबर 2026)
  3. उदाहरण: ₹1.5 लाख सालाना
  4. निकासी और खाता बंद करने के नियम
  5. वित्त वर्ष 2026-27 में टैक्स
  6. बेटी के लक्ष्यों के लिए SSY बनाम दूसरे विकल्प
  7. खाता कैसे खोलें और चलाएं
  8. इन गलतियों से बचें
  9. मुख्य बातें
फ्री टूलPPF Calculatorखोलें →

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के लिए सरकारी बचत योजना है, जिस पर अक्टूबर-दिसंबर 2026 में 8.2% सालाना ब्याज मिलता है, और ब्याज व मैच्योरिटी रकम दोनों टैक्स-फ्री हैं। आप 15 साल तक हर साल ₹250 से ₹1.5 लाख तक जमा करते हैं, खाता खुलने के 21 साल बाद मैच्योर होता है, और बेटी के 18 साल की होने पर उच्च शिक्षा के लिए आधा बैलेंस तक निकाला जा सकता है। यह उन माता-पिता के लिए ठीक है जो बेटी की पढ़ाई या शादी के लिए सुरक्षित, तय आय वाला आधार चाहते हैं, लेकिन इसमें पैसा लंबे समय तक बंधा रहता है।

सुकन्या समृद्धि योजना कैसे काम करती है

SSY वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है, जो पोस्ट ऑफिस और SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा, HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसे अधिकृत बैंकों में मिलती है। नीचे दिए नियम अक्टूबर 2026 के हैं।

  • कौन खोल सकता है: माता-पिता या कानूनी अभिभावक, 10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए।
  • कितने खाते: हर बेटी का एक खाता, और एक परिवार में ज्यादा से ज्यादा दो। तीसरा खाता सिर्फ तभी, जब दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बेटियां हों, या पहली डिलीवरी में तीन बेटियां हों।
  • जमा: हर वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख, कितनी भी किस्तों में। ₹1.5 लाख से ज्यादा रकम पर ब्याज नहीं मिलता।
  • जमा की अवधि: खाता खुलने से 15 साल।
  • मैच्योरिटी: खाता खुलने से 21 साल। 15वें से 21वें साल के बीच बिना नई जमा के बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है।
  • खाता कौन चलाएगा: बेटी के 18 साल की होने तक अभिभावक; उसके बाद KYC जमा करने पर खुद खाताधारक।

ब्याज कैसे गिना जाता है

ब्याज हर महीने 5 तारीख से महीने के आखिरी दिन के बीच के सबसे कम बैलेंस पर गिना जाता है, और साल में एक बार वित्त वर्ष के अंत में खाते में जुड़ता है, जहां वह कंपाउंड होता है। इसलिए महीने की 5 तारीख तक जमा किए पैसे पर उस महीने का ब्याज मिलता है। अगर आप एकमुश्त रकम जमा करते हैं, तो 5 अप्रैल से पहले जमा करने पर पूरे साल का ब्याज मिलता है।

दर पूरे खाते के लिए तय नहीं है। सरकार इसे हर तिमाही बदलती है, और खाते के हर रुपये पर उस तिमाही की लागू दर मिलती है। जनवरी 2024 से SSY की दर 8.2% है, लेकिन इसे आज की दर मानें, कोई वादा नहीं।

SSY एक नजर में (अक्टूबर 2026)

विशेषता नियम
ब्याज दर 8.2% सालाना (अक्टूबर-दिसंबर 2026), हर तिमाही समीक्षा
पात्रता 10 साल से कम उम्र की बेटी, खाता माता-पिता या अभिभावक खोलें
जमा हर वित्त वर्ष ₹250 से ₹1.5 लाख
जमा की अवधि खाता खुलने से 15 साल
मैच्योरिटी खाता खुलने से 21 साल
आंशिक निकासी 18 साल या 10वीं के बाद, पिछले साल के अंत के बैलेंस का 50% तक
समय से पहले बंद करना 18 के बाद शादी; मृत्यु; 5 साल बाद तय मानवीय आधार
जमा पर टैक्स पुराने सेक्शन 80C / सेक्शन 123 के तहत छूट, सिर्फ पुरानी व्यवस्था में
ब्याज और मैच्योरिटी पर टैक्स पूरी छूट
सुरक्षा भारत सरकार की गारंटी

उदाहरण: ₹1.5 लाख सालाना

मान लीजिए आप नवजात बेटी के लिए खाता खोलते हैं और 15 साल तक हर अप्रैल ₹1.5 लाख जमा करते हैं, यानी कुल ₹22.5 लाख। हिसाब आसान रखने के लिए दर पूरे 21 साल आज की 8.2% मानी गई है। यह सिर्फ समझाने के लिए है; असली रकम आगे की तिमाही दरों पर निर्भर करेगी।

हर साल बैलेंस ऐसे बढ़ता है: (शुरुआती बैलेंस + जमा) × 1.082।

समय बेटी की उम्र अनुमानित बैलेंस
15वें साल का अंत (आखिरी जमा का साल) 15 करीब ₹44.76 लाख
18वें साल का अंत 18 करीब ₹56.70 लाख
21वें साल का अंत (मैच्योरिटी) 21 करीब ₹71.82 लाख

₹71.82 लाख की मैच्योरिटी रकम में ₹22.5 लाख आपका पैसा है और करीब ₹49.3 लाख ब्याज है, जो पूरा टैक्स-फ्री है। ध्यान दें कि आखिरी छह साल में बिना एक भी नई जमा के करीब ₹27 लाख जुड़ जाते हैं; यह बड़े बैलेंस पर कंपाउंडिंग का असर है।

अगर आप सिर्फ ₹5,000 महीना (₹60,000 सालाना, हर साल की शुरुआत में जमा) ही लगा सकते हैं, तो इन्हीं मान्यताओं पर मैच्योरिटी पर करीब ₹28.7 लाख मिलेंगे।

18 साल पर आंशिक निकासी। मान लीजिए आपकी बेटी 18 साल पर कॉलेज जाती है। आप पिछले वित्त वर्ष के अंत के बैलेंस का 50% तक निकाल सकते हैं। ऊपर के उदाहरण में यह करीब ₹28 लाख तक है, जो फीस की रसीद या एडमिशन लेटर दिखाकर मिलता है। यह निकासी एक बार में या पांच साल तक सालाना किस्तों में ली जा सकती है, जो असली फीस की जरूरत तक सीमित है। जो पैसा खाते में बचता है, उस पर मैच्योरिटी तक ब्याज मिलता रहता है।

दूसरी जमा रकमों के लिए हिसाब लगाना हो, तो पीपीएफ कैलकुलेटर SSY के लिए भी काम करता है: SSY की दर और अपनी सालाना जमा डालें, और ध्यान रखें कि SSY में जमा 15वें साल के बाद रुक जाती है जबकि खाता 21वें साल तक चलता है।

निकासी और खाता बंद करने के नियम

पढ़ाई के लिए आंशिक निकासी

बेटी के 18 साल की होने या 10वीं पास करने पर, जो पहले हो, इसकी इजाजत है। सीमा पिछले वित्त वर्ष के अंत के बैलेंस का 50% है, और आपको एडमिशन का सबूत या फीस की मांग का कागज चाहिए।

शादी के लिए खाता बंद करना

बेटी की शादी के लिए खाता पहले बंद किया जा सकता है, बशर्ते शादी की तारीख पर उसकी उम्र कम से कम 18 साल हो। आवेदन शादी से एक महीने पहले से लेकर शादी के तीन महीने बाद तक किया जा सकता है।

दूसरे कारणों से खाता बंद करना

  • खाताधारक की मृत्यु: खाता बंद कर दिया जाता है और ब्याज समेत बैलेंस अभिभावक को दिया जाता है।
  • मानवीय आधार: 5 साल बाद, बेटी की जानलेवा बीमारी या अभिभावक की मृत्यु जैसे मामलों में, दस्तावेज देकर खाता बंद किया जा सकता है।

वित्त वर्ष 2026-27 में टैक्स

1 अप्रैल 2026 से इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 ने 1961 के एक्ट की जगह ले ली है। SSY की टैक्स स्थिति नहीं बदली है: यह हर स्तर पर टैक्स-फ्री है, जिसे अक्सर EEE कहा जाता है।

  • जमा: ₹1.5 लाख की वह छूट मिलती है जो पहले पुराने सेक्शन 80C में थी, अब नए एक्ट के सेक्शन 123 और शेड्यूल XV के तहत है। यह छूट सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलती है, और इसकी सीमा पीपीएफ, ईपीएफ, ELSS, लाइफ इंश्योरेंस वगैरह के साथ साझा है। देखें 80C के तहत टैक्स बचाने के विकल्प।
  • ब्याज और मैच्योरिटी: दोनों व्यवस्थाओं में पूरी तरह टैक्स-फ्री।

डिफॉल्ट नई व्यवस्था में जमा पर कोई छूट नहीं मिलती, फिर भी टैक्स-फ्री रिटर्न की वजह से SSY उतनी ही सुरक्षा वाली टैक्सेबल FD से बेहतर रहती है। कौन-सी व्यवस्था चुनें, यह जानने के लिए पढ़ें नई बनाम पुरानी टैक्स व्यवस्था।

बेटी के लक्ष्यों के लिए SSY बनाम दूसरे विकल्प

विकल्प रिटर्न लॉक-इन रिटर्न पर टैक्स जोखिम
SSY 8.2% (अक्टूबर-दिसंबर 2026), हर तिमाही रीसेट 21 साल; 18 पर 50% छूट सरकारी गारंटी
पीपीएफ 7.1% (अक्टूबर-दिसंबर 2026), हर तिमाही रीसेट 15 साल; 7वें साल से आंशिक छूट सरकारी गारंटी
बैंक FD बैंक तय करता है, बुकिंग पर फिक्स लचीला स्लैब पर टैक्स कम; हर बैंक में ₹5 लाख तक DICGC कवर
इक्विटी म्यूचुअल फंड एसआईपी बाजार से जुड़ा, गारंटी नहीं नहीं (ELSS 3 साल) ₹1.25 लाख सालाना से ऊपर 12.5% LTCG ज्यादा

फिलहाल SSY पीपीएफ से ज्यादा ब्याज देती है, और दोनों टैक्स-फ्री हैं। इसकी कमी नकदी की सुविधा है: कुछ खास मामलों को छोड़कर 18 साल से पहले कुछ नहीं निकलता, और तब भी 50% की सीमा लागू है। पढ़ाई का खर्च भी आम महंगाई से तेज बढ़ता है, इसलिए 15 या ज्यादा साल दूर के लक्ष्य के लिए कई माता-पिता ग्रोथ के लिए SSY के साथ इक्विटी एसआईपी भी करते हैं। पूरी प्लानिंग के लिए देखें बच्चों की पढ़ाई की प्लानिंग, और पीपीएफ की दूसरे टैक्स-सेविंग प्रोडक्ट्स से तुलना के लिए देखें पीपीएफ बनाम FD बनाम ELSS।

खाता कैसे खोलें और चलाएं

  1. पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक की शाखा में जाएं (कई बैंक मौजूदा ग्राहकों को नेट बैंकिंग से भी खाता खोलने देते हैं)।
  2. खाता खोलने का फॉर्म, बेटी का जन्म प्रमाणपत्र और माता-पिता या अभिभावक के KYC दस्तावेज (आधार और पैन) जमा करें।
  3. कम से कम ₹250 की पहली जमा करें।
  4. सालाना रिमाइंडर या स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन लगाएं, ताकि ₹250 की न्यूनतम जमा कभी न छूटे। डिफॉल्ट खाता 15 साल की जमा अवधि के दौरान हर छूटे साल के ₹250 और हर साल ₹50 पेनल्टी देकर फिर चालू किया जा सकता है।
  5. ज्यादा से ज्यादा ब्याज के लिए एकमुश्त रकम 5 अप्रैल से पहले, और मासिक रकम हर महीने की 5 तारीख से पहले जमा करें।
  6. बेटी के 18 साल की होने पर शाखा में उसका KYC अपडेट कराएं ताकि वह खुद खाता चला सके।

अगर अभिभावक या बेटी दूसरे शहर जाते हैं, तो खाता भारत में कहीं भी पोस्ट ऑफिस और बैंकों के बीच मुफ्त ट्रांसफर हो सकता है।

इन गलतियों से बचें

  • 5 तारीख के बाद जमा करना: 6 अप्रैल को आया पैसा उस रकम पर एक महीने का ब्याज खो देता है।
  • 8.2% को हमेशा के लिए मान लेना: सुरक्षित रहने के लिए अपनी प्लानिंग में कम दर लें।
  • इसे अकेला लक्ष्य फंड बनाना: इसका रिटर्न स्थिर है, लेकिन बढ़ती कॉलेज फीस से पीछे रह सकता है। इमरजेंसी फंड अलग रखें, क्योंकि SSY का पैसा परिवार की इमरजेंसी में नहीं निकलता।
  • ज्यादा जमा करना: एक वित्त वर्ष में ₹1.5 लाख से ज्यादा जमा पर कुछ नहीं मिलता।

मुख्य बातें

  • अक्टूबर-दिसंबर 2026 में SSY पर 8.2% सालाना ब्याज मिलता है, जो हर तिमाही रीसेट होता है और जिसे भारत सरकार की गारंटी है।
  • 15 साल तक हर साल ₹250 से ₹1.5 लाख जमा करें; खाता खुलने के 21 साल बाद मैच्योर होता है।
  • बेटी के 18 साल की होने या 10वीं पास करने पर पढ़ाई के लिए 50% तक निकाला जा सकता है; 18 के बाद शादी के लिए खाता बंद किया जा सकता है।
  • ब्याज और मैच्योरिटी टैक्स-फ्री हैं; जमा पर पुराने सेक्शन 80C / सेक्शन 123 की छूट सिर्फ पुरानी व्यवस्था में मिलती है।
  • उदाहरण में, 15 साल तक ₹1.5 लाख सालाना जमा 8.2% की दर बनी रहने पर 21 साल में करीब ₹71.8 लाख हो जाता है।
  • महीने की 5 तारीख से पहले जमा करें, ₹250 की न्यूनतम जमा कभी न छोड़ें, और लंबे लक्ष्यों के लिए SSY के साथ ग्रोथ वाले निवेश भी रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्टूबर-दिसंबर 2026 में सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर कितनी है?

अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए दर 8.2% सालाना है, जो पिछली तिमाही जितनी ही है। सरकार हर तिमाही इसकी समीक्षा करती है, इसलिए खाते के दौरान दर बदल सकती है।

सुकन्या समृद्धि खाते में कितने साल तक पैसा जमा करना होता है?

खाता खोलने की तारीख से 15 साल तक जमा करना होता है। इसके बाद बिना नई जमा के भी खाते पर ब्याज मिलता रहता है, जब तक कि खाता खुलने के 21 साल बाद मैच्योर न हो जाए।

क्या मैच्योरिटी से पहले SSY से पैसा निकाल सकते हैं?

हां। बेटी के 18 साल की होने या 10वीं पास करने के बाद, पिछले वित्त वर्ष के आखिर में जमा बैलेंस का 50% तक उसकी पढ़ाई के लिए निकाला जा सकता है। 18 साल के बाद शादी के लिए और कुछ तय मानवीय आधारों पर खाता पूरी तरह बंद किया जा सकता है।

क्या सुकन्या समृद्धि टैक्स-फ्री है?

ब्याज और मैच्योरिटी रकम टैक्स-फ्री हैं। जमा रकम पर ₹1.5 लाख की छूट (पुराना सेक्शन 80C, अब इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 का सेक्शन 123) तभी मिलती है जब जमा करने वाला पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनता है।

अगर किसी साल SSY में पैसा जमा करना छूट जाए तो क्या होगा?

अगर किसी वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹250 जमा नहीं होते, तो खाता डिफॉल्ट हो जाता है। जमा की अवधि के दौरान आप छूटी हुई न्यूनतम रकम और हर डिफॉल्ट साल के लिए ₹50 पेनल्टी देकर इसे फिर चालू कर सकते हैं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

और हिंदी गाइड