म्यूचुअल फंड कैसे निकालें: रिडेम्पशन का तरीका, समय, टैक्स
म्यूचुअल फंड ऑनलाइन रिडीम कैसे करें: आंशिक और पूरा रिडेम्पशन, कट-ऑफ टाइम, T+1 से T+3 में पैसा, एग्जिट लोड, टैक्स और पैसा देर से आए तो क्या करें।

इस लेख में
"मुझे अपने म्यूचुअल फंड से पैसा चाहिए। इसे कैसे निकालूं, और यह मेरे बैंक में कब आएगा?" जिस प्लेटफॉर्म पर यूनिट्स हैं, वहां ऑनलाइन यूनिट्स रिडीम करें, और रकम, यूनिट्स की संख्या या पूरी होल्डिंग चुनें। अक्टूबर 2026 तक लिक्विड और ओवरनाइट फंड आम तौर पर अगले कामकाजी दिन (T+1), इक्विटी फंड दो कामकाजी दिनों में (T+2) पैसा देते हैं, और ज्यादातर स्कीमों के लिए सेबी (SEBI) की अधिकतम सीमा तीन कामकाजी दिन है। पैसा सिर्फ आपके फोलियो में रजिस्टर्ड बैंक खाते में जाता है।
क्लिक करने से पहले दो चीजें जांचें, जो तय करती हैं कि असल में आपके हाथ कितना आएगा: एग्जिट लोड और कैपिटल गेन टैक्स। दोनों नीचे समझाए गए हैं।
रिडेम्पशन की समय-सीमा एक नजर में
| स्कीम का प्रकार | आम तौर पर पैसा (अक्टूबर 2026 तक) | ध्यान दें |
|---|---|---|
| ओवरनाइट और लिक्विड फंड | T+1 कामकाजी दिन | कुछ लिक्विड फंड ₹50,000 या होल्डिंग का 90%, जो भी कम हो, तक तुरंत रिडेम्पशन भी देते हैं |
| इक्विटी, हाइब्रिड और इंडेक्स फंड | T+2 कामकाजी दिन | फरवरी 2023 से इंडस्ट्री का चलन |
| डेट फंड (लिक्विड के अलावा) | T+1 से T+2 कामकाजी दिन | स्कीम के हिसाब से अलग |
| ज्यादातर स्कीमें, सेबी की अधिकतम सीमा | T+3 कामकाजी दिन | AMC को इसके अंदर पैसा देना होगा |
| 80% या ज्यादा विदेशी संपत्ति वाली स्कीमें (विदेश में निवेश करने वाले कई फंड ऑफ फंड्स सहित) | T+5 कामकाजी दिन तक | विदेश में सेटलमेंट में ज्यादा समय |
| किसी किस्त के 3 साल के अंदर ELSS | इजाजत नहीं | हर किस्त का अपना लॉक-इन |
"T" वह दिन है जब आपका अनुरोध स्वीकार होता है, जो कट-ऑफ टाइम पर निर्भर करता है। ज्यादातर स्कीमों में कारोबारी दिन दोपहर 3 बजे से पहले के अनुरोध पर उसी दिन की NAV, और 3 बजे के बाद वाले पर अगले कारोबारी दिन की NAV मिलती है। सेबी ने 2025 में लिक्विड और ओवरनाइट फंड के कट-ऑफ बदले, और अब नियम इस पर निर्भर करते हैं कि अनुरोध कैसे भेजा गया, इसलिए इन फंड के लिए प्लेटफॉर्म पर दिखने वाला नोट पढ़ें। शनिवार-रविवार और बाजार की छुट्टियां नहीं गिनी जातीं।
अगर AMC सेबी की सीमा के बाद देर से पैसा देता है, तो उसे सेबी के म्यूचुअल फंड नियमों के तहत देरी के लिए 15% सालाना ब्याज देना होता है।
आंशिक बनाम पूरा रिडेम्पशन
- रकम के हिसाब से: आप मान लीजिए ₹30,000 मांगते हैं। AMC उसे NAV से भाग देकर तय करता है कि कितनी यूनिट्स बेचनी हैं। फिर अगर एग्जिट लोड है तो वह इस रकम से काटा जाता है।
- यूनिट्स के हिसाब से: आप सटीक यूनिट्स चुनते हैं, जो तब काम आता है जब आप सिर्फ वे यूनिट्स बेचना चाहते हैं जिनका एग्जिट-लोड या टैक्स होल्डिंग पीरियड पूरा हो चुका है।
- पूरा रिडेम्पशन ("redeem all"): उस स्कीम और फोलियो की हर यूनिट बिक जाती है। जब तक आप फोलियो बंद न करें, वह जीरो बैलेंस के साथ खुला रहता है।
यूनिट्स हमेशा फर्स्ट-इन, फर्स्ट-आउट (FIFO) क्रम में निकलती हैं: सबसे पुरानी यूनिट्स पहले। यही नियम तय करता है कि किन यूनिट्स पर एग्जिट लोड लगेगा और हर गेन शॉर्ट-टर्म है या लॉन्ग-टर्म। हमारी एग्जिट लोड गाइड FIFO का एक उदाहरण समझाती है।
अगर आपको थोड़े समय के लिए ही नकदी चाहिए और निवेश बनाए रखना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड पर लोन भी तुलना करने लायक विकल्प है।
स्टेप-बाय-स्टेप: ऑनलाइन रिडीम कैसे करें
- उस प्लेटफॉर्म पर लॉग इन करें जहां यूनिट्स हैं: AMC की साइट या ऐप, MF Central, रजिस्ट्रार का पोर्टल (CAMS या KFintech), या आपका ब्रोकर ऐप। डीमैट में रखी यूनिट्स आपके ब्रोकर के जरिए बेची जाती हैं।
- फोलियो में दिख रहा बैंक खाता जांचें। अगर वह पुराना या बंद है, तो पहले सबूत के साथ चेंज-ऑफ-बैंक अनुरोध से उसे अपडेट करें; रिडेम्पशन किसी दूसरे खाते में नहीं जा सकता।
- स्कीम चुनें और "Redeem" या "Withdraw" चुनें।
- रकम, यूनिट्स या "all units" डालें। स्क्रीन पर आम तौर पर अनुमानित वैल्यू और कोई एग्जिट लोड दिखता है।
- पूरी तरह निकल रहे हैं तो पहले एसआईपी बंद करें। वरना अगली किस्त नई यूनिट्स खरीद लेगी। देखें एसआईपी कैसे रोकें या बंद करें।
- OTP से कन्फर्म करें। ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर के साथ कन्फर्मेशन संभालकर रखें।
- क्रेडिट ट्रैक करें। ऊपर दी गई समय-सीमा तक यह आपके बैंक में आ जाना चाहिए। AMC या रजिस्ट्रार ईमेल और SMS से ट्रांजैक्शन स्टेटमेंट भेजता है।
उदाहरण: आंशिक रिडेम्पशन, लोड और टैक्स
कविता के पास एक इक्विटी फंड की 2,000 यूनिट्स हैं, जो 1 अगस्त 2025 को ₹40 की NAV पर खरीदी गई थीं, यानी उसकी लागत ₹80,000 है। 20 अक्टूबर 2026 को NAV ₹50 है और उसे ₹30,000 चाहिए। खरीद के 12 महीने के अंदर रिडीम करने पर फंड 1% एग्जिट लोड लेता है।
बेची गई यूनिट्स: ₹30,000 ÷ ₹50 = 600 यूनिट्स।
एग्जिट लोड: यूनिट्स करीब 14.5 महीने पुरानी हैं, 12 महीने की अवधि से बाहर, इसलिए लोड शून्य है।
कैपिटल गेन: 600 × (₹50 − ₹40) = 600 × ₹10 = ₹6,000, लॉन्ग-टर्म, क्योंकि उसने इन्हें 12 महीने से ज्यादा रखा।
टैक्स: इक्विटी के लॉन्ग-टर्म गेन पर 12.5% टैक्स सिर्फ उस हिस्से पर लगता है जो एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से ऊपर जाए। अगर 2026-27 में यह ₹6,000 उसका इकलौता इक्विटी गेन है, तो टैक्स शून्य है।
भुगतान: ₹30,000 T+2 कामकाजी दिनों के अंदर उसके रजिस्टर्ड बैंक खाते में आ जाते हैं, और वह निवासी है इसलिए कोई TDS नहीं।
अब मान लीजिए यूनिट्स 1 मार्च 2026 को खरीदी गई होतीं। तब वे 12 महीने से कम पुरानी होतीं, इसलिए:
- एग्जिट लोड: 1% × ₹30,000 = ₹300, और उसे ₹29,700 मिलते।
- गेन: एग्जिट लोड बिक्री की वैल्यू घटाता है, इसलिए गेन ₹29,700 − ₹24,000 (600 × ₹40 लागत) = ₹5,700 होता। अब यह शॉर्ट-टर्म है, जिस पर 20% टैक्स = ₹1,140, साथ में 4% सेस।
कुछ महीने रुकने से लोड और टैक्स दोनों बच सकते हैं। हमारी म्यूचुअल फंड पर कैपिटल गेन टैक्स वाली गाइड डेट फंड के नियम बताती है, जो अलग हैं। अगर एकमुश्त रकम निवेशित रहे तो कितनी बढ़ सकती है, यह देखने के लिए लमसम कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
अगर रिडेम्पशन का पैसा नहीं आया
- प्लेटफॉर्म पर ट्रांजैक्शन स्टेटस देखें: "processed", "paid" या "rejected", भुगतान की तारीख के साथ।
- फोलियो में बैंक खाता जांचें। पुराने खाते में भेजा गया पैसा AMC के पास लौट आता है और उसके लिए बैंक-चेंज अनुरोध करना होता है।
- समय-सीमा बीत जाने के बाद AMC या रजिस्ट्रार को लिखें, फोलियो, स्कीम, अनुरोध की तारीख, रकम और ट्रांजैक्शन रेफरेंस बताते हुए।
- AMC के इन्वेस्टर सर्विस ऑफिसर तक मामला ले जाएं। हर AMC अपनी वेबसाइट पर इनकी जानकारी देता है।
- scores.sebi.gov.in पर सेबी SCORES में शिकायत करें। AMC को 21 कैलेंडर दिनों के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट के साथ जवाब देना होता है, और संतुष्ट न होने पर आप 15 दिन के अंदर रिव्यू मांग सकते हैं।
- SCORES के बाद भी मामला न सुलझे तो smartodr.in पर SMART ODR जाएं।
अगर भुगतान सेबी की सीमा के बाद देर से आया है, तो देरी का ब्याज भी मांगें।
AMC या रजिस्ट्रार को भेजने के लिए नमूना अनुरोध
विषय: रिडेम्पशन का पैसा नहीं मिला, फोलियो [नंबर]
मैंने [स्कीम का नाम], फोलियो [नंबर] में [यूनिट्स / ₹ रकम] का रिडेम्पशन [तारीख] को किया था, रेफरेंस [नंबर]। सेबी की समय-सीमा बीत जाने के बावजूद यह रकम [आखिरी 4 अंक] पर खत्म होने वाले मेरे रजिस्टर्ड बैंक खाते में जमा नहीं हुई है। कृपया लागू होने पर देरी के ब्याज के साथ रकम जमा करें, और भुगतान का रेफरेंस बताएं।
नाम: [नाम], रजिस्टर्ड मोबाइल: [नंबर]
मुख्य बातें
- जिस प्लेटफॉर्म पर यूनिट्स हैं, वहां रकम, यूनिट्स या पूरा रिडीम करें; पैसा सिर्फ फोलियो के रजिस्टर्ड बैंक खाते में जाता है।
- अक्टूबर 2026 तक: लिक्विड और ओवरनाइट फंड T+1, इक्विटी फंड T+2 पर पैसा देते हैं, और ज्यादातर स्कीमों के लिए सेबी की अधिकतम सीमा तीन कामकाजी दिन है।
- ज्यादातर स्कीमों में दोपहर 3 बजे का कट-ऑफ NAV तय करता है; लिक्विड और ओवरनाइट फंड के नियम अलग हैं।
- FIFO तय करता है कि कौन-सी यूनिट्स बिकेंगी, और इसी से एग्जिट लोड और गेन शॉर्ट-टर्म है या लॉन्ग-टर्म।
- पूरी तरह निकलने से पहले एसआईपी बंद करें, और देरी की शिकायत AMC या रजिस्ट्रार से इन्वेस्टर सर्विस ऑफिसर, सेबी SCORES और SMART ODR तक ले जाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन में कितना समय लगता है?
अक्टूबर 2026 तक लिक्विड और ओवरनाइट फंड आम तौर पर अगले कामकाजी दिन (T+1) और इक्विटी फंड दो कामकाजी दिनों के अंदर (T+2) पैसा देते हैं। ज्यादातर स्कीमों के लिए सेबी की अधिकतम सीमा तीन कामकाजी दिन है, और ज्यादातर विदेश में निवेश करने वाली स्कीमों के लिए पांच कामकाजी दिन।
रिडीम करने पर मुझे कौन-सी NAV मिलेगी?
ज्यादातर स्कीमों में कामकाजी दिन दोपहर 3 बजे के कट-ऑफ से पहले मिले वैध अनुरोध पर उसी दिन की NAV मिलती है; बाद के अनुरोधों पर अगले कामकाजी दिन की NAV। लिक्विड और ओवरनाइट फंड के कट-ऑफ नियम अलग हैं, इसलिए ऑर्डर देने से पहले प्लेटफॉर्म का नोट जरूर देखें।
क्या मैं म्यूचुअल फंड का सिर्फ कुछ हिस्सा रिडीम कर सकता हूं?
हां। आप रुपये में रकम, यूनिट्स की संख्या, या सब कुछ रिडीम कर सकते हैं। यूनिट्स फर्स्ट-इन, फर्स्ट-आउट आधार पर रिडीम होती हैं, जिससे हर यूनिट पर एग्जिट लोड और कैपिटल गेन टैक्स तय होता है।
क्या भारतीय निवासी के म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन पर TDS कटता है?
निवासी व्यक्तियों के लिए रिडेम्पशन से हुए कैपिटल गेन पर कोई TDS नहीं कटता। आप गेन को अपने इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाते हैं और उस फंड टाइप के नियमों के हिसाब से टैक्स चुकाते हैं। NRI के गेन पर TDS कटता है।
रिडेम्पशन का पैसा कहां जाता है?
सिर्फ आपके फोलियो में रजिस्टर्ड बैंक खाते में। अगर आपने बैंक बदला है, तो रिडीम करने से पहले AMC के पास फोलियो का बैंक मैंडेट अपडेट करें, क्योंकि AMC बिना रजिस्टर्ड खाते में पैसा नहीं भेजेगा।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।