आई खेडूत पोर्टल 2026: किसान सब्सिडी योजनाएं और आवेदन
आई खेडूत पोर्टल 2026: गुजरात की किसान सब्सिडी योजनाएं, 2026-27 की आवेदन विंडो, तार फेंसिंग और कृषि यंत्र सहायता, दस्तावेज, आवेदन और स्टेटस।

इस लेख में
आई खेडूत पोर्टल (ikhedut.gujarat.gov.in) पर गुजरात के किसान लगभग हर राज्य कृषि सब्सिडी के लिए आवेदन करते हैं, ट्रैक्टर और तार फेंसिंग से लेकर बागवानी और पशु शेड सहायता तक। अक्टूबर 2026 तक 148 सब्सिडी घटकों के लिए 2026-27 की मुख्य विंडो 27 मार्च से 26 अप्रैल 2026 तक चली थी, और साल भर छोटी विंडो खुलती रहती हैं, इसलिए सब्सिडी पाने की कुंजी है सही विंडो में जल्दी आवेदन करना और आवेदन मंजूर होने से पहले उपकरण न खरीदना।
आई खेडूत पोर्टल क्या है
आई खेडूत गुजरात सरकार की सिंगल-विंडो ऑनलाइन व्यवस्था है। किसान और पशुपालक आधार से एक बार रजिस्ट्रेशन करके इन विभागों की योजनाओं में आवेदन करते हैं:
- कृषि विभाग (कृषि यंत्र, फेंसिंग, फसल भंडारण, सोलर और पंप सेट, बीज)
- बागवानी विभाग (फल, फूल और सब्जी की खेती, नेट हाउस और पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, मिनी ट्रैक्टर)
- पशुपालन विभाग (कैटल शेड, डेयरी यूनिट, बछड़ा पालन, बकरी यूनिट, मुर्गी पालन ट्रेनिंग)
समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के रजिस्ट्रेशन जैसे कामों के लिए भी यही पोर्टल इस्तेमाल होता है। यह लोन नहीं देता; सहायता और सब्सिडी देता है, इसलिए बाकी खर्च का इंतजाम आपको करना होता है।
अब तक की 2026-27 विंडो
| विंडो | तारीख (2026) | क्या शामिल था |
|---|---|---|
| मुख्य विंडो | 27 मार्च से 26 अप्रैल | 148 घटक: 42 कृषि, 94 बागवानी, 12 पशुपालन |
| रबी बीज | 4 अक्टूबर से 15 अक्टूबर | प्रमाणित बीज, बीज मिनीकिट और प्रदर्शन |
| समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री रजिस्ट्रेशन | 24 अक्टूबर तक बढ़ाया गया | मूंगफली, मूंग, सोयाबीन और उड़द |
रिपोर्टों में मई और जून 2026 में किसान ड्रोन जैसी चीजों के लिए छोटी "आई खेडूत 2.0" विंडो का भी जिक्र है। अगर कोई विंडो छूट गई हो तो इसका मतलब यह नहीं कि योजना बंद है; पोर्टल नियमित देखें और अपनी चीज के लिए अगली विंडो कब खुलेगी, यह ग्राम सेवक से पूछें।
2026-27 के लिए कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा कि पात्र किसानों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना, आवेदन आने और सत्यापित होने के साथ सब्सिडी मिलेगी। इसलिए शुरुआती कुछ दिनों में आवेदन करना फायदेमंद है।
आई खेडूत पर मुख्य सब्सिडी योजनाएं
| क्षेत्र | 2026-27 के घटकों के उदाहरण |
|---|---|
| कृषि यंत्र | ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कंबाइन हार्वेस्टर, लेजर लैंड लेवलर, ऑयल इंजन |
| खेत की सुरक्षा और भंडारण | तार फेंसिंग, फसल भंडारण ढांचे |
| ऊर्जा और सिंचाई | सोलर पावर यूनिट, पंप सेट |
| डिजिटल | किसानों के लिए स्मार्टफोन सहायता |
| बागवानी | 20 PTO HP तक के मिनी ट्रैक्टर, नेट हाउस, पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, ड्रैगन फ्रूट, ऑयल पाम, फल, फूल और सब्जी की खेती |
| पशुपालन | कैटल शेड, दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट, बछड़ा पालन, बकरी यूनिट, मुर्गी पालन ट्रेनिंग स्टाइपेंड |
सब्सिडी की दरें घटक, किसान की कैटेगरी (छोटे या सीमांत, SC, ST, महिला, जनरल) और जोत के हिसाब से अलग होती हैं, और प्रस्ताव (GR) से बदलती हैं। खासकर ट्रैक्टर के लिए निजी वेबसाइटें बहुत अलग आंकड़े बताती हैं, इसलिए आवेदन के समय पोर्टल पर घटक के सामने दिखाई गई दर ही पढ़ें।
तार फेंसिंग: 2026 में क्या बदला
मई 2026 में गुजरात कैबिनेट के फैसले के बाद की रिपोर्टों के अनुसार:
- सहायता ₹200 प्रति रनिंग मीटर या खर्च का 50%, जो कम हो से बढ़ाकर ₹300 प्रति रनिंग मीटर या असल खर्च का 50% की गई
- न्यूनतम क्लस्टर क्षेत्र 2 हेक्टेयर से घटाकर 1 हेक्टेयर किया गया
- ₹240 करोड़ मंजूर हुए, और जरूरत हो तो साल में दूसरी बार पोर्टल खोला जा सकता है
स्मार्टफोन सहायता
निजी स्रोत स्मार्टफोन सहायता को फोन की कीमत का 40%, अधिकतम ₹6,000, प्रति जमीन खाता एक बार बताते हैं। फोन खरीदने से पहले पोर्टल पर मौजूदा नियम पक्का कर लें।
माइक्रो-इरिगेशन के लिए आवेदन से पहले ड्रिप इरिगेशन सब्सिडी पर हमारी अलग गाइड पढ़ें।
उदाहरण: तार फेंसिंग और स्मार्टफोन
फेंसिंग। किसानों का एक समूह 1 हेक्टेयर के क्लस्टर के चारों ओर ₹500 प्रति मीटर के असल खर्च पर 400 रनिंग मीटर बाड़ बनाता है।
- कुल खर्च = 400 × ₹500 = ₹2,00,000
- खर्च का 50% = ₹1,00,000
- पुराना नियम: ₹200 × 400 = ₹80,000, बनाम ₹1,00,000; कम = ₹80,000
- नया नियम, अगर "जो कम हो" की शर्त जारी रहे: ₹300 × 400 = ₹1,20,000, बनाम ₹1,00,000; कम = ₹1,00,000
यानी किसानों का अपना हिस्सा ₹1,20,000 से घटकर ₹1,00,000 हो जाता है, ₹20,000 की बचत। अगर नए नियम में "जो कम हो" की शर्त न हो, तो सहायता ₹1,20,000 तक हो सकती है; मंजूरी पत्र में रकम लिखी होगी।
स्मार्टफोन। 40%, अधिकतम ₹6,000 के हिसाब से:
- ₹12,000 का फोन: 40% = ₹4,800, जो सीमा से कम है, इसलिए सहायता ₹4,800।
- ₹20,000 का फोन: 40% = ₹8,000, लेकिन सीमा ₹6,000।
अगर ट्रैक्टर जैसी बड़ी चीज लोन पर खरीद रहे हैं, तो अनुमानित सब्सिडी मंजूर होने के बाद ही घटाएं, और पूरे लोन की ईएमआई ईएमआई कैलकुलेटर में जांचें। KCC के तहत सोने पर भी कृषि लोन मिलता है; देखें कृषि गोल्ड लोन।
आमतौर पर जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड (रजिस्ट्रेशन और पहचान सत्यापन के लिए)
- आपके नाम के 7/12 (सातबारा) और 8-अ जमीन रिकॉर्ड
- DBT के लिए बैंक पासबुक या कैंसल चेक
- OTP के लिए मोबाइल नंबर
- आरक्षित वर्ग की दर मांग रहे हों तो जाति प्रमाणपत्र (SC/ST)
- योजना मांगे तो राशन कार्ड
- संयुक्त खाते में दूसरे खातेदारों की सहमति; कुछ यंत्रों के लिए एम्पैनल्ड डीलर का कोटेशन
आई खेडूत पर आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम
- खुली योजनाएं देखें। ikhedut.gujarat.gov.in पर जाकर आवेदन के लिए खुली योजनाओं की सूची देखें।
- रजिस्ट्रेशन करें। आधार और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें, या ग्राम पंचायत के VCE या ग्राम सेवक के जरिए कराएं।
- घटक चुनें। योजना और सटीक चीज चुनें (जैसे किसी खास साइज का रोटावेटर)।
- विवरण भरें। सर्वे नंबर, जमीन का क्षेत्र, बैंक खाता और कैटेगरी का विवरण रिकॉर्ड के अनुसार ही भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन कन्फर्म करें। बिना कन्फर्म आवेदन गिना नहीं जाता।
- मांगा जाए तो प्रिंट जमा करें। कुछ घटकों में अब भी प्रिंट निकालकर, हस्ताक्षर करके, दस्तावेजों के साथ तय समय में ग्राम सेवक या तालुका कार्यालय में जमा करना होता है।
- पूर्व मंजूरी का इंतजार करें। यंत्रों और ढांचों के लिए पूर्व मंजूरी मिलने के बाद ही खरीदें या निर्माण करें। मंजूरी से पहले की तारीख के बिल खारिज होने का आम कारण हैं।
- खरीदें, बिल जमा करें और सत्यापन कराएं। GST बिल, फोटो और जरूरी प्रमाणपत्र जमा करें। मौके पर सत्यापन के बाद सहायता DBT से आपके बैंक खाते में आती है।
- स्टेटस देखें पोर्टल पर आवेदन की स्थिति के विकल्प से।
आवेदन खारिज होने के आम कारण
- पूर्व मंजूरी से पहले खरीदारी, या जहां जरूरी हो वहां नॉन-एम्पैनल्ड डीलर से खरीदारी
- आधार, 7/12 और आवेदन में नाम या सर्वे नंबर का अंतर
- आवेदन कन्फर्म नहीं किया, या जरूरत होने पर प्रिंट जमा नहीं किया
- बैंक खाता आधार से जुड़ा न होने के कारण DBT फेल
- योजना की दोहराव अवधि में वही लाभ दोबारा लेना
- आपके तालुका या कैटेगरी का बजट लक्ष्य पूरा हो जाना
शिकायत कैसे करें
- पहले अपने ग्राम सेवक या तालुका कृषि कार्यालय से संपर्क करें (उन योजनाओं के लिए बागवानी या पशुपालन कार्यालय)।
- फिर जिला कृषि अधिकारी या संबंधित विभाग के उप निदेशक तक शिकायत ले जाएं।
- मार्गदर्शन के लिए केंद्र के किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर फोन करें।
- गुजरात की SWAGAT व्यवस्था (swagat.gujarat.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत करें।
सिर्फ आधिकारिक पोर्टल ही इस्तेमाल करें। फर्जी वेबसाइटें और सोशल मीडिया पेज आई खेडूत के नाम की नकल करके आधार और बैंक विवरण जुटाते हैं या "रजिस्ट्रेशन फीस" लेते हैं। रजिस्ट्रेशन मुफ्त है, और कोई एजेंट चयन की गारंटी नहीं दे सकता।
किसानों के लिए संबंधित योजनाएं
छोटे और सीमांत किसान पीएम किसान मानधन योजना से पेंशन भी बना सकते हैं। खेती के साथ डेयरी या प्रोसेसिंग यूनिट जैसा छोटा कारोबार करना हो, तो गुजरात की वाजपेयी बैंकेबल योजना से तुलना करें।
मुख्य बातें
- आई खेडूत (ikhedut.gujarat.gov.in) गुजरात की कृषि, बागवानी और पशुपालन सब्सिडी के लिए एक ही पोर्टल है।
- 2026-27 की मुख्य विंडो 27 मार्च से 26 अप्रैल 2026 तक 148 घटकों के लिए चली; साल भर छोटी विंडो खुलती हैं।
- रिपोर्टों के अनुसार तार फेंसिंग सहायता ₹300 प्रति रनिंग मीटर या खर्च का 50% की गई, और न्यूनतम क्लस्टर 1 हेक्टेयर किया गया।
- आधार, 7/12, 8-अ और आधार से जुड़ा बैंक खाता तैयार रखें, और आवेदन ऑनलाइन कन्फर्म करें।
- पूर्व मंजूरी से पहले कभी उपकरण न खरीदें, और रजिस्ट्रेशन के लिए किसी को पैसे न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आई खेडूत पोर्टल क्या है?
आई खेडूत (ikhedut.gujarat.gov.in) गुजरात सरकार का एक ही ऑनलाइन पोर्टल है, जहां किसान और पशुपालक कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग की सब्सिडी योजनाओं के लिए आवेदन करते हैं, और समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री जैसा रजिस्ट्रेशन करते हैं।
2026 में आई खेडूत पोर्टल कब खुलता है?
2026-27 के लिए मुख्य विंडो 27 मार्च से 26 अप्रैल 2026 तक 148 घटकों के लिए खुली थी। खास चीजों के लिए बाद में छोटी विंडो खुलती हैं, जैसे 4 से 15 अक्टूबर 2026 की रबी बीज विंडो। अगली विंडो के लिए पोर्टल या अपने ग्राम सेवक से पूछें।
गुजरात में तार फेंसिंग के लिए कितनी सहायता मिलती है?
मई 2026 के कैबिनेट फैसले के बाद की रिपोर्टों के अनुसार सहायता पहले के ₹200 प्रति रनिंग मीटर से बढ़ाकर ₹300 या असल खर्च का 50% की गई, और न्यूनतम क्लस्टर क्षेत्र 2 हेक्टेयर से घटाकर 1 हेक्टेयर किया गया। बाड़ बनाने से पहले पोर्टल पर अंतिम नियम जांच लें।
आई खेडूत आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
आमतौर पर आधार, 7/12 और 8-अ जमीन के रिकॉर्ड, बैंक पासबुक या कैंसल चेक, OTP के लिए मोबाइल नंबर, और आरक्षित वर्ग का लाभ मांग रहे हों तो जाति प्रमाणपत्र। कुछ योजनाओं में कोटेशन या संयुक्त खातेदारों की सहमति जैसे अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाते हैं।
आई खेडूत आवेदन का स्टेटस कैसे देखें?
आई खेडूत पोर्टल खोलकर आवेदन की स्थिति का विकल्प चुनें और आवेदन नंबर या रजिस्टर्ड विवरण डालें। आप ग्राम सेवक या तालुका कृषि कार्यालय से भी पूछ सकते हैं।
आई खेडूत सब्सिडी पहले आओ पहले पाओ से मिलती है या ड्रॉ से?
यह घटक और बजट पर निर्भर करता है। 2026-27 के लिए कृषि मंत्री ने कहा कि पात्र आवेदन जैसे-जैसे आएंगे और सत्यापित होंगे, अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना मंजूर होंगे। लक्ष्य से ज्यादा आवेदन होने पर योजना के नियमों के अनुसार प्राथमिकता या ड्रॉ से चयन हो सकता है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।