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ITR फाइलिंग चेकलिस्ट 2026: जरूरी दस्तावेज, फॉर्म और डेडलाइन

2026-27 के लिए ITR फाइलिंग चेकलिस्ट: कौन से दस्तावेज जुटाएं, कौन सा ITR फॉर्म भरें, इनकम-टैक्स एक्ट 2025 की ड्यू डेट, लेट फीस और आम गलतियां।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 7 मिनट में पढ़ें
ITR फाइलिंग चेकलिस्ट 2026: जरूरी दस्तावेज, फॉर्म और डेडलाइन
इस लेख में
  1. आप किस साल का रिटर्न भर रहे हैं?
  2. ITR की ड्यू डेट (अक्टूबर 2026 की स्थिति)
  3. दस्तावेजों की चेकलिस्ट
  4. कौन सा ITR फॉर्म भरें
  5. रिटर्न भरने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
  6. उदाहरण: देर से रिटर्न भरने की कीमत (समझाने के लिए)
  7. ऐसी गलतियां जिनसे नोटिस आता है
  8. मुख्य बातें
फ्री टूलIncome Tax Calculatorखोलें →

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) बिना गलती के भरने के लिए अपने PAN-आधार की जानकारी, फॉर्म 130 (पुराना फॉर्म 16), फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS), बैंक के ब्याज सर्टिफिकेट, कैपिटल गेन स्टेटमेंट और डिडक्शन के सबूत जुटा लें। सही ITR फॉर्म चुनें, हर आंकड़े को AIS से मिलाएं, ड्यू डेट तक रिटर्न भरें और 30 दिन के अंदर ई-वेरिफाई करें। टैक्स ईयर 2026-27 के लिए ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों की सामान्य ड्यू डेट 31 जुलाई 2027 है।

आप किस साल का रिटर्न भर रहे हैं?

इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ और इसने "फाइनेंशियल ईयर" और "असेसमेंट ईयर" की जगह एक ही टैक्स ईयर रखा। अक्टूबर 2026 में दो स्थितियां चल रही हैं:

  • FY 2025-26 (AY 2026-27) की आय: इस पर पुराना 1961 का कानून लागू है। 31 जुलाई 2026 की सामान्य ड्यू डेट निकल चुकी है। आप अब भी बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं।
  • टैक्स ईयर 2026-27 (1 अप्रैल 2026 – 31 मार्च 2027) की आय: इस पर 2025 का कानून लागू है। इसका रिटर्न आप 2027 में सेक्शन 263 (पुराना सेक्शन 139) के तहत भरेंगे।

ITR की ड्यू डेट (अक्टूबर 2026 की स्थिति)

टैक्सपेयर FY 2025-26 (AY 2026-27) टैक्स ईयर 2026-27
व्यक्ति, बिना ऑडिट (ITR-1, ITR-2) 31 जुलाई 2026 31 जुलाई 2027
बिजनेस या प्रोफेशन, बिना ऑडिट (ITR-3, ITR-4) 31 अगस्त 2026 31 अगस्त 2027
ऑडिट वाले मामले 21 नवंबर 2026 (CBDT ने 31 अक्टूबर से बढ़ाई) 31 अक्टूबर 2027
ट्रांसफर प्राइसिंग वाले मामले 30 नवंबर 2026 30 नवंबर 2027
बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 31 दिसंबर 2027
रिवाइज्ड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 टैक्स ईयर खत्म होने से 12 महीने तक (31 मार्च 2028), 9 महीने के बाद फीस

बिना ऑडिट वाले बिजनेस और प्रोफेशनल टैक्सपेयर के लिए 31 अगस्त की तारीख फाइनेंस एक्ट, 2026 से आई है। CBDT नोटिफिकेशन से तारीखें बढ़ सकती हैं, इसलिए किसी भी तारीख पर भरोसा करने से पहले ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) जरूर देखें।

दस्तावेजों की चेकलिस्ट

पहचान और बैंक

  • PAN, और PAN से लिंक आधार (PAN इनऑपरेटिव होने पर TDS ज्यादा कटता है और रिफंड में देरी होती है)
  • ई-फाइलिंग पोर्टल का लॉगिन
  • रिफंड के लिए कम से कम एक प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट

सैलरी और पेंशन

  • हर एम्प्लॉयर से फॉर्म 130 (पुराना फॉर्म 16)। इनकम-टैक्स रूल्स, 2026 में सैलरी के TDS सर्टिफिकेट का नंबर बदल गया है।
  • अगर साल के बीच नौकरी बदली है तो सैलरी स्लिप, ताकि स्टैंडर्ड डिडक्शन दो बार न गिना जाए या कोई आय न छूटे
  • पुरानी रिजीम में HRA क्लेम कर रहे हैं तो किराए की रसीदें और मकान मालिक का PAN (सालाना ₹1 लाख से ज्यादा किराया होने पर)

टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट

  • फॉर्म 26AS (टैक्स ईयर 2026-27 के लिए इसकी जगह फॉर्म 168 आ रहा है): TDS, TCS, एडवांस टैक्स और सेल्फ-असेसमेंट टैक्स
  • AIS और TIS: ब्याज, डिविडेंड, शेयरों के सौदे, म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन, बड़े कैश डिपॉजिट, किराया और ऐसी दूसरी जानकारी जो डिपार्टमेंट को रिपोर्ट की गई है

ब्याज और दूसरी आय

  • सेविंग्स, FD और RD के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस के ब्याज सर्टिफिकेट, भले ही TDS न कटा हो
  • डिविडेंड स्टेटमेंट
  • हाउस प्रॉपर्टी की आय के लिए मिला किराया और चुकाया गया म्युनिसिपल टैक्स

कैपिटल गेन

  • CAMS और KFintech (या MF Central) से म्यूचुअल फंड का कैपिटल गेन स्टेटमेंट
  • शेयर, ETF और F&O के लिए ब्रोकर की टैक्स P&L रिपोर्ट
  • प्रॉपर्टी के लिए सेल डीड और खरीद की लागत, साथ में सुधार (इम्प्रूवमेंट) पर हुआ खर्च

डिडक्शन (ज्यादातर सिर्फ पुरानी रिजीम में)

  • सेक्शन 123 (पुराना 80C): PPF, ELSS, लाइफ इंश्योरेंस, ट्यूशन फीस, होम लोन का मूलधन
  • सेक्शन 124 (पुराना 80CCD): NPS में योगदान
  • सेक्शन 126 (पुराना 80D): हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और प्रिवेंटिव चेक-अप
  • सेक्शन 129 (पुराना 80E): एजुकेशन लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट
  • सेक्शन 133 (पुराना 80G): दान की रसीदें, जिन पर दान लेने वाले का PAN हो
  • होम लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट (हाउस प्रॉपर्टी डिडक्शन, अब सेक्शन 22)

नई रिजीम में इनमें से ज्यादातर डिडक्शन नहीं मिलते। एम्प्लॉयर का NPS योगदान उन गिने-चुने डिडक्शन में से एक है जो मिलता है। हर विकल्प से क्या फायदा होता है, यह जानने के लिए देखें 80C के तहत टैक्स बचाने के विकल्प।

दूसरी जानकारियां

  • रेजिडेंट के लिए विदेशी बैंक अकाउंट, विदेश में रखे शेयर या ESOP (शेड्यूल FA), भले ही उनसे कोई कमाई न हो
  • क्रिप्टो या वर्चुअल डिजिटल एसेट के लेनदेन
  • ₹5,000 से ज्यादा की कृषि आय

कौन सा ITR फॉर्म भरें

फॉर्म आम तौर पर कौन भरता है
ITR-1 (सहज) रेजिडेंट व्यक्ति, जिसकी कुल आय ₹50 लाख तक हो और सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी, ब्याज और लिस्टेड इक्विटी पर ₹1.25 लाख तक के छोटे LTCG से हो
ITR-2 व्यक्ति और HUF, जिनके कैपिटल गेन ITR-1 की सीमा से ज्यादा हों, एक से ज्यादा मकान हों, विदेशी संपत्ति हो, या आय ₹50 लाख से ज्यादा हो, लेकिन बिजनेस की आय न हो
ITR-3 व्यक्ति और HUF, जिनकी बिजनेस या प्रोफेशनल आय हो, जिसमें F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग भी शामिल है
ITR-4 (सुगम) ₹50 लाख तक की आय वाले रेजिडेंट, जो सेक्शन 58 (पुराना 44AD/44ADA) के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन अपनाते हैं

हर साल CBDT जब फॉर्म नोटिफाई करता है, तब फॉर्म की पात्रता नए सिरे से तय होती है। शुरू करने से पहले पोर्टल पर पुष्टि कर लें। फ्रीलांसर हमारी फ्रीलांसर टैक्स गाइड जरूर पढ़ें।

रिटर्न भरने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

  1. AIS, TIS और फॉर्म 26AS/168 डाउनलोड करें। आय की हर लाइन नोट करें।
  2. इन्हें अपने दस्तावेजों से मिलाएं। अगर AIS में ऐसा ब्याज दिख रहा है जो आप भूल गए थे, तो उसे शामिल करें। अगर AIS में गलती है, तो पोर्टल पर फीडबैक दें।
  3. अपनी रिजीम चुनें। नौकरीपेशा लोग हर साल रिजीम चुन सकते हैं। बिजनेस आय वालों के लिए बार-बार रिजीम बदलने पर पाबंदियां हैं।
  4. टैक्स निकालें और बाकी टैक्स रिटर्न भरने से पहले e-Pay Tax के जरिए सेल्फ-असेसमेंट टैक्स के रूप में चुकाएं।
  5. फॉर्म भरें (प्री-फिल्ड डेटा मदद करता है, लेकिन उसे जांचें), वैलिडेट करें और सबमिट करें।
  6. 30 दिन के अंदर ई-वेरिफाई करें, आधार OTP, नेट बैंकिंग, या बैंक या डीमैट EVC से। वरना रिटर्न अमान्य हो जाएगा।
  7. प्रोसेसिंग पर नजर रखें और किसी भी इंटिमेशन या डिफेक्टिव-रिटर्न नोटिस का जवाब दी गई तारीख तक दें।

उदाहरण: देर से रिटर्न भरने की कीमत (समझाने के लिए)

टैक्स ईयर 2026-27 के लिए प्रिया की आय ₹14 लाख है। TDS के बाद भी उस पर ₹40,000 टैक्स बाकी है। वह 31 जुलाई 2027 की जगह 15 सितंबर 2027 को रिटर्न भरती है।

  • लेट फीस (सेक्शन 428, पुराना 234F): आय ₹5 लाख से ज्यादा है, इसलिए ₹5,000
  • देर से भरने पर ब्याज (सेक्शन 423, पुराना 234A): 1 अगस्त से 15 सितंबर तक बाकी टैक्स पर हर महीने 1%। महीने का हिस्सा भी पूरा महीना गिना जाता है, इसलिए 2 महीने × 1% × ₹40,000 = ₹800
  • कम एडवांस टैक्स पर ब्याज (सेक्शन 424 और 425, पुराने 234B और 234C) भी लग सकता है, क्योंकि TDS के बाद उस पर ₹10,000 से ज्यादा टैक्स बाकी था

कम से कम अतिरिक्त खर्च: ₹5,800, एडवांस टैक्स के ब्याज से पहले। समय पर रिटर्न भरने और 31 जुलाई से पहले ₹40,000 चुका देने से ये दोनों खर्च बच जाते।

ऐसी गलतियां जिनसे नोटिस आता है

  • AIS में दिख रहे सेविंग्स या FD के ब्याज को नजरअंदाज करना
  • नई रिजीम में रिटर्न भरते हुए पुरानी रिजीम के डिडक्शन क्लेम करना
  • म्यूचुअल फंड के छोटे रिडेम्पशन से हुए कैपिटल गेन छोड़ देना
  • नौकरी बदलने के बाद दो फॉर्म 130 होना और स्टैंडर्ड डिडक्शन दो बार क्लेम करना
  • विदेश में रखी संपत्ति या ESOP की जानकारी न देना
  • गलत बैंक अकाउंट देना, जिससे रिफंड फेल हो जाए

अगर आपके निवेश भी हैं, तो हमारी FD, म्यूचुअल फंड और शेयरों पर टैक्स वाली गाइड बताती है कि हर एक को कैसे रिपोर्ट करें। पहले आप इनकम टैक्स कैलकुलेटर से अपने टैक्स का अनुमान लगा सकते हैं।

मुख्य बातें

  • टैक्स ईयर 2026-27 से रिटर्न इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 के सेक्शन 263 के तहत भरे जाएंगे। फॉर्म 16 अब फॉर्म 130 है और फॉर्म 26AS की जगह फॉर्म 168 आ रहा है।
  • अक्टूबर 2026 की स्थिति: टैक्स ईयर 2026-27 की ड्यू डेट 31 जुलाई 2027 (बिना ऑडिट), 31 अगस्त 2027 (बिना ऑडिट बिजनेस) और 31 अक्टूबर 2027 (ऑडिट) हैं।
  • FY 2025-26 का रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक देर से भरा जा सकता है, जिस पर ₹5,000 तक की फीस लगेगी।
  • रिटर्न भरने से पहले हर आंकड़ा AIS से मिलाएं, और 30 दिन के अंदर ई-वेरिफाई करें।
  • देर से रिटर्न भरने पर तय फीस के साथ बाकी टैक्स पर हर महीने 1% ब्याज लगता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नौकरीपेशा व्यक्ति को ITR भरने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?

आपको PAN और आधार, एम्प्लॉयर से मिला फॉर्म 130 या फॉर्म 16, फॉर्म 26AS या फॉर्म 168, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS), बैंक के ब्याज सर्टिफिकेट, अगर निवेश बेचे हैं तो कैपिटल गेन स्टेटमेंट, और पुरानी रिजीम में क्लेम किए गए डिडक्शन के सबूत चाहिए।

टैक्स ईयर 2026-27 के लिए ITR की ड्यू डेट क्या है?

1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच की आय के लिए, जिन व्यक्तियों को ऑडिट की जरूरत नहीं है और जो ITR-1 या ITR-2 भरते हैं उनके लिए ड्यू डेट 31 जुलाई 2027 है, बिना ऑडिट वाली बिजनेस या प्रोफेशनल आय के लिए 31 अगस्त 2027, और ऑडिट वाले मामलों के लिए 31 अक्टूबर 2027, जब तक सरकार इन्हें आगे न बढ़ाए।

क्या मैं अक्टूबर 2026 में भी FY 2025-26 का रिटर्न भर सकता हूं?

हां, अगर आपसे 31 जुलाई 2026 की तारीख छूट गई है तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं, जिसमें ₹5,000 तक की लेट फीस और बकाया टैक्स पर ब्याज लगेगा। CBDT के एक्सटेंशन के बाद ऑडिट वाले मामलों के पास 21 नवंबर 2026 तक का समय है।

ड्यू डेट के बाद ITR भरने पर कितनी लेट फीस लगती है?

फीस ₹5,000 है, या कुल आय ₹5 लाख से ज्यादा न हो तो ₹1,000। इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 में यह सेक्शन 428 है, जिसने पुराने सेक्शन 234F की जगह ली है।

क्या रिटर्न अपलोड करते ही फाइलिंग पूरी हो जाती है?

नहीं। अपलोड करने के 30 दिन के अंदर रिटर्न को ई-वेरिफाई करना जरूरी है, आम तौर पर आधार OTP या नेट बैंकिंग से। बिना वेरिफाई किया गया रिटर्न भरा हुआ नहीं माना जाता।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

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