आईपीओ एप्लीकेशन कैंसिल या मॉडिफाई कैसे करें (2026 नियम)
आईपीओ बिड बंद होने से पहले कैंसिल या बदलें: रिटेल बनाम HNI नियम, शाम 5 बजे की कट-ऑफ, नया यूपीआई मैंडेट, SME आईपीओ की पाबंदी और ब्लॉक पैसा कब छूटता है।

इस लेख में
हां, इश्यू बंद होने से पहले आप आईपीओ (IPO) एप्लीकेशन कैंसिल या मॉडिफाई कर सकते हैं, लेकिन सिर्फ तभी जब आप मेन-बोर्ड आईपीओ में रिटेल व्यक्तिगत निवेशक हों। रिटेल बिडर (₹2 लाख तक की बिड) बंद होने के दिन शाम 5 बजे तक बिड बढ़ा, घटा या कैंसिल कर सकते हैं। अक्टूबर 2026 तक के नियमों में HNI और संस्थागत बिडर सिर्फ अपनी बिड बढ़ा सकते हैं, और SME आईपीओ की बिड बिल्कुल कैंसिल नहीं हो सकती।
यह गाइड बताती है कि कौन क्या बदल सकता है, मौजूदा ऑफर डॉक्यूमेंट के हिसाब से सही समय-सीमा क्या है, यूपीआई और नेट बैंकिंग से यह कैसे करें, और ब्लॉक पैसा कब वापस आता है। अगर आपने अभी अप्लाई नहीं किया है, तो पहले पढ़ें आईपीओ में ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें।
कौन कैंसिल या मॉडिफाई कर सकता है, और कब तक
नीचे दिए नियम अक्टूबर 2026 में फाइल हुए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के "Issue Procedure" सेक्शन और SME आईपीओ के लिए एक्सचेंज सर्कुलर से लिए गए हैं। हर इश्यू का RHP ही अंतिम नियम है, इसलिए कोई इश्यू अलग लगे तो उसे जरूर देखें।
| निवेशक का प्रकार | बिड बढ़ाना | बिड घटाना | बिड कैंसिल | बंद होने के दिन आखिरी समय |
|---|---|---|---|---|
| रिटेल व्यक्तिगत (₹2 लाख तक की बिड), मेन बोर्ड | हां | हां | हां | शाम 5 बजे |
| नॉन-इंस्टीट्यूशनल (NII / HNI, ₹2 लाख से ऊपर), मेन बोर्ड | हां | नहीं | नहीं | शाम 4 बजे |
| QIB (संस्थाएं), मेन बोर्ड | हां | नहीं | नहीं | शाम 4 बजे |
| एंकर निवेशक | नहीं | नहीं | नहीं | एंकर डे के बाद लागू नहीं |
| SME आईपीओ में कोई भी कैटेगरी (1 जुलाई 2025 या बाद खुलने वाले) | हां | नहीं | नहीं | बिडिंग शाम 4 बजे बंद; मैंडेट शाम 5 बजे तक |
इस टेबल के पीछे कुछ अहम बातें:
- सिर्फ कामकाजी दिन। बिड और बदलाव सिर्फ एक्सचेंज के कामकाजी दिनों में, सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 5 बजे तक स्वीकार होते हैं। शनिवार और सरकारी छुट्टियां नहीं गिनी जातीं।
- यूपीआई मैंडेट की डेडलाइन बंद होने के दिन शाम 5 बजे है। अगर आप 4:55 बजे बदलाव करते हैं, तब भी उसका मैंडेट 5 बजे तक अप्रूव होना चाहिए।
- ऑफर डॉक्यूमेंट आखिरी घंटे तक इंतजार न करने की सलाह देते हैं। हाल के RHP बिडर से बंद होने के दिन दोपहर 3 बजे तक बिड लगाने को कहते हैं, क्योंकि आखिरी दिन भारी ट्रैफिक से कुछ बिड अपलोड नहीं हो पातीं।
- SME आईपीओ अलग तरह से चलते हैं। सेबी ICDR संशोधन के बाद जारी NSE के जून 2025 सर्कुलर के मुताबिक SME आईपीओ में किसी भी कैटेगरी के लिए बिड घटाना और कैंसिल करना "लागू नहीं" है, और कट-ऑफ पर बिड नहीं लगती। बाकी अंतर के लिए देखें SME आईपीओ बनाम मेनबोर्ड आईपीओ।
आईपीओ बिड कैंसिल कैसे करें
ब्रोकर ऐप से (यूपीआई बिड)
- आईपीओ सेक्शन खोलें और "Orders", "Applied" या "My bids" में जाएं।
- बिड चुनें और Cancel पर टैप करें। ज्यादातर ऐप पुष्टि मांगते हैं।
- देखें कि स्टेटस "Cancelled" या "Withdrawn" हो गया है। तारीख और समय के साथ स्क्रीनशॉट ले लें।
- बैंक के एसएमएस पर नजर रखें। सेबी के यूपीआई नियमों के तहत बैंकों को आईपीओ रकम ब्लॉक और अनब्लॉक होने पर एसएमएस अलर्ट भेजना होता है।
आम तौर पर आपको यूपीआई ऐप में कुछ करने की जरूरत नहीं होती। कैंसिलेशन एक्सचेंज तक जाता है, रजिस्ट्रार उसे बैंकों को भेजता है और बैंक होल्ड हटा देता है। ब्रोकर के पास कैंसिल करने की जगह यूपीआई ऐप से मैंडेट "रिवोक" करने की कोशिश न करें, क्योंकि बिड एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर बनी रह सकती है।
नेट बैंकिंग से (ASBA बिड)
- लॉग इन करें और IPO / ASBA सेक्शन खोलें।
- "View / Modify / Cancel" या इसी तरह के मेन्यू में एप्लीकेशन ढूंढें।
- Withdraw या Cancel चुनें और पासवर्ड या ओटीपी से पुष्टि करें। वह ओटीपी किसी से साझा न करें।
- एक्नॉलेजमेंट सेव कर लें।
अगर आपने ब्रांच में या ब्रोकर के ऑफिस में कागजी फॉर्म से अप्लाई किया था, तो उसी जगह जाकर विड्रॉल या रिवीजन रिक्वेस्ट जमा करें।
आईपीओ बिड मॉडिफाई कैसे करें
रिटेल निवेशक लॉट की संख्या या कीमत बदल सकते हैं। कुछ आम वजहें:
- कट-ऑफ पर स्विच करना। अगर आपने तय कीमत पर बिड लगाई और फाइनल कीमत उससे ऊपर तय हुई, तो बिड रिजेक्ट हो जाती है। "कट-ऑफ" चुनने का मतलब है कि बैंड के भीतर जो भी फाइनल कीमत तय हो, आप उसे स्वीकार करते हैं। प्राइस बैंड और कट-ऑफ के नियम आईपीओ प्राइस बैंड और कट-ऑफ प्राइस में समझाए गए हैं।
- लॉट की संख्या बदलना, ऊपर या नीचे, जब तक रिटेल कैटेगरी के लिए कुल रकम ₹2 लाख के भीतर रहे।
- डेडलाइन से पहले मात्रा की गलती ठीक करना।
यूपीआई बिड में बदली हुई बिड के लिए पूरी बदली हुई रकम का नया मैंडेट रिक्वेस्ट आता है, सिर्फ अंतर का नहीं। ऑफर डॉक्यूमेंट के मुताबिक आपको यह नया रिक्वेस्ट अपने यूपीआई ऐप में अप्रूव करना होता है। अप्रूव करने तक बदलाव पूरा नहीं होता।
नेट बैंकिंग वाली ASBA बिड में बदलाव जमा करते ही बैंक सीधे ब्लॉक को एडजस्ट कर देता है।
मॉडिफाई करके आम तौर पर यूपीआई आईडी, पैन या कैटेगरी नहीं बदली जा सकती। दूसरी यूपीआई आईडी इस्तेमाल करनी हो तो पहली बिड कैंसिल करें और नई लगाएं। एक इश्यू में एक पैन से सिर्फ एक वैध एप्लीकेशन हो सकती है, इसलिए दोबारा अप्लाई करने से पहले पक्का करें कि पुरानी बिड "Cancelled" दिखा रही है। अगर नई बिड का मैंडेट न आए, तो देखें आईपीओ यूपीआई मैंडेट नहीं आया।
उदाहरण से समझें: रिटेल बिड बदलना (काल्पनिक)
मान लीजिए किसी इश्यू का प्राइस बैंड ₹410 से ₹432 है और लॉट साइज 34 शेयर है। रिटेल बिड पर रकम बैंड के ऊपरी सिरे पर ब्लॉक होती है।
| स्टेप | हिसाब | ब्लॉक रकम |
|---|---|---|
| मूल बिड: कट-ऑफ पर 3 लॉट | 3 × 34 × ₹432 = 102 × ₹432 | ₹44,064 |
| बढ़ाकर 5 लॉट | 5 × 34 × ₹432 = 170 × ₹432 | ₹73,440 (इस पूरी रकम का नया मैंडेट) |
| इसके बजाय घटाकर 2 लॉट | 2 × 34 × ₹432 = 68 × ₹432 | ₹29,376 |
| सबसे बड़ी रिटेल बिड: 13 लॉट | 13 × 34 × ₹432 = 442 × ₹432 | ₹1,90,944 |
| 14 लॉट होते तो | 476 × ₹432 | ₹2,05,632 (₹2 लाख से ऊपर, इसलिए रिटेल बिड नहीं) |
इन आंकड़ों से दो सबक:
- 5 लॉट का बदलाव पुराने ब्लॉक की जगह लेता है। आपके बैंक में आखिर में ₹73,440 ब्लॉक रहने चाहिए, ₹44,064 और ₹73,440 दोनों नहीं। अगर दोनों रकम ब्लॉक रहें, तो यह सेबी फ्रेमवर्क के तहत "एक से ज्यादा रकम ब्लॉक होना" है: अतिरिक्त रकम तुरंत छोड़नी होगी, और उस अतिरिक्त रकम पर ₹100 प्रतिदिन या 15% सालाना, जो भी ज्यादा हो, मुआवजा देना होगा।
- गलती से ₹2 लाख के पार बिड न बढ़ाएं। ₹2,05,632 की बिड रिटेल कैटेगरी से बाहर है, और नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिड न घटाई जा सकती है, न वापस ली जा सकती है।
कैंसिल करने के बाद ब्लॉक पैसा कब छूटता है
हाल के RHP के मुताबिक रजिस्ट्रार एक्सचेंजों से कैंसिल, विड्रॉ और डिलीट हुई एप्लीकेशन लेकर हर दिन बिडिंग बंद होने के 60 मिनट के भीतर बैंकों (SCSB) को भेजता है, और बैंकों को उन्हें उसी कामकाजी दिन के अंत तक अनब्लॉक करना होता है। व्यवहार में कई लोगों का होल्ड उसी शाम या अगले कामकाजी दिन हट जाता है।
बाहरी सीमा पार होने पर जुर्माना लगता है। अक्टूबर 2026 तक ऑफर डॉक्यूमेंट कहते हैं:
| स्थिति | मुआवजा | कब से गिना जाता है |
|---|---|---|
| कैंसिल या विड्रॉ की गई बिड इश्यू बंद होने के दो कामकाजी दिन में अनब्लॉक नहीं हुई | बिड रकम पर ₹100 प्रतिदिन या 15% सालाना, जो ज्यादा हो | जिस दिन आपने कैंसिलेशन किया |
| एक ही यूपीआई बिड पर दो या ज्यादा बार ब्लॉक | अतिरिक्त रकम तुरंत रिलीज, साथ में अतिरिक्त रकम पर ₹100 प्रतिदिन या 15% सालाना | जिस दिन अतिरिक्त रकम ब्लॉक हुई |
| बिड रकम से ज्यादा ब्लॉक | अंतर तुरंत रिलीज, साथ में अंतर पर ₹100 प्रतिदिन या 15% सालाना | जिस दिन ज्यादा रकम ब्लॉक हुई |
उदाहरण (काल्पनिक): आप सोमवार को ₹73,440 की बिड कैंसिल करते हैं। इश्यू बुधवार को बंद होता है, इसलिए दो कामकाजी दिन की सीमा शुक्रवार को खत्म होती है। होल्ड अगले मंगलवार को हटता है, यानी सीमा पार हो चुकी है। तब मुआवजा आपके कैंसिल करने के दिन (सोमवार) से अनब्लॉक होने के दिन (अगले मंगलवार) तक गिना जाता है:
- 8 कैलेंडर दिन गिनें तो: ₹100 × 8 = ₹800, जबकि ₹73,440 × 15% × 8 ÷ 365 = करीब ₹241। ज्यादा रकम ₹800 है।
- 6 कामकाजी दिन गिनें तो: ₹100 × 6 = ₹600, जबकि करीब ₹181। ज्यादा रकम ₹600 है।
कौन-सी गिनती लागू होगी, यह इश्यू के डॉक्यूमेंट पर निर्भर करता है, इसलिए अपने दावे में RHP के सटीक शब्दों का हवाला दें। तुलना के लिए, ₹73,440 पर 7% वाली फिक्स्ड डिपॉजिट आठ दिन में करीब ₹113 कमाती है; हमारे एफडी कैलकुलेटर पर आजमाएं।
अगर पैसा ब्लॉक ही रहे, तो आईपीओ का पैसा ब्लॉक, रिफंड नहीं आया में बताए शिकायत के कदम अपनाएं: पहले बैंक, फिर रजिस्ट्रार, फिर scores.sebi.gov.in पर सेबी SCORES।
अगर प्राइस बैंड बदल जाए
कंपनियां बिड पीरियड के दौरान प्राइस बैंड दोनों तरफ 20% तक बदल सकती हैं। ऐसा होने पर बिड पीरियड कम से कम तीन कामकाजी दिन बढ़ा दिया जाता है, कुल सीमा 10 कामकाजी दिन है, और बदलाव की घोषणा एक्सचेंजों और अखबारों के जरिए होती है। इससे रिटेल बिडर को सोचकर बिड बदलने या कैंसिल करने का समय मिलता है। कट-ऑफ बिड फाइनल कीमत के साथ चलती है, लेकिन ब्लॉक रकम बदल सकती है, इसलिए ब्रोकर का मैसेज पढ़ें और कोई नया मैंडेट रिक्वेस्ट आए तो अप्रूव करें।
क्या न करें
- पहली एप्लीकेशन चालू रहते उसी पैन से दूसरी एप्लीकेशन न लगाएं; डुप्लीकेट रिजेक्ट हो सकती हैं।
- शाम 4:59 तक इंतजार न करें। आपका मैंडेट अप्रूवल भी 5 बजे तक पहुंचना चाहिए।
- शुरुआती कुछ मिनट मैंडेट धीमा आने पर ही कैंसिल न करें। पहले ऑर्डर स्टेटस देखें।
- ओटीपी, यूपीआई पिन या स्क्रीन किसी से साझा न करें, चाहे वह ब्रोकर, बैंक या रजिस्ट्रार से होने का दावा करे। बिड कैंसिल करने के लिए किसी असली अधिकारी को इनकी जरूरत नहीं होती।
- "गारंटीड अलॉटमेंट" ऑफर या ग्रे मार्केट टिप्स पर भरोसा न करें। ये आंकड़े अनौपचारिक क्यों हैं, यह आईपीओ जीएमपी क्या है में देखें।
खुले इश्यू और उनकी क्लोजिंग तारीखें आप हमारे लाइव आईपीओ डैशबोर्ड पर देख सकते हैं। यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है और किसी आईपीओ की सिफारिश नहीं करता।
मुख्य बातें
- मेन-बोर्ड आईपीओ में रिटेल निवेशक बंद होने के दिन शाम 5 बजे तक बिड बढ़ा, घटा या कैंसिल कर सकते हैं।
- NII (HNI) और QIB बिडर सिर्फ शाम 4 बजे तक बिड बढ़ा सकते हैं; वे कभी बिड घटा या वापस नहीं ले सकते।
- 1 जुलाई 2025 या बाद खुलने वाले SME आईपीओ में किसी के लिए भी कैंसिलेशन या बिड घटाने की सुविधा नहीं है।
- यूपीआई से बदलाव करने पर पूरी बदली हुई रकम का नया मैंडेट आता है; उसे शाम 5 बजे तक अप्रूव करें।
- कैंसिल बिड आम तौर पर उसी कामकाजी दिन अनब्लॉक हो जाती है; क्लोजिंग के बाद दो कामकाजी दिन से ज्यादा देरी पर ₹100 प्रतिदिन या 15% सालाना, जो ज्यादा हो, मुआवजा बनता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अप्लाई करने के बाद आईपीओ एप्लीकेशन कैंसिल कर सकते हैं?
हां, अगर आप मेन-बोर्ड आईपीओ में रिटेल व्यक्तिगत निवेशक हैं (₹2 लाख तक की बिड)। आप इश्यू खुलने के दिन सुबह 10 बजे से बंद होने के दिन शाम 5 बजे तक, उसी ब्रोकर ऐप या नेट बैंकिंग से बिड कैंसिल या बदल सकते हैं जिससे आपने अप्लाई किया था।
क्या HNI या NII निवेशक आईपीओ बिड कैंसिल कर सकते हैं?
नहीं। ऑफर डॉक्यूमेंट के मुताबिक QIB और नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर किसी भी स्टेज पर अपनी बिड वापस नहीं ले सकते और न ही उसकी मात्रा या रकम घटा सकते हैं। वे सिर्फ बिड बढ़ा सकते हैं, और वह भी बंद होने के दिन शाम 4 बजे तक।
क्या SME आईपीओ की एप्लीकेशन कैंसिल हो सकती है?
नहीं। 1 जुलाई 2025 या उसके बाद खुलने वाले SME आईपीओ के लिए, संशोधित सेबी नियमों पर NSE का सर्कुलर कहता है कि किसी भी कैटेगरी को बिड घटाने या कैंसिल करने की सुविधा नहीं है, और कट-ऑफ पर बिड भी नहीं लगाई जा सकती।
आईपीओ बिड कैंसिल करने के बाद पैसा कब वापस मिलता है?
ऑफर डॉक्यूमेंट के मुताबिक रजिस्ट्रार कैंसिल हुई एप्लीकेशन रोज बैंकों को भेजता है और बैंकों को उसी कामकाजी दिन के अंत तक उन्हें अनब्लॉक करना होता है। अगर इश्यू बंद होने के दो कामकाजी दिन बाद भी पैसा ब्लॉक है, तो आपको रकम पर ₹100 प्रतिदिन या 15% सालाना, जो भी ज्यादा हो, मुआवजा मिलना चाहिए।
आईपीओ बिड बदलने के बाद क्या नया यूपीआई मैंडेट अप्रूव करना होगा?
हां। यूपीआई से बिड बदलने पर पूरी बदली हुई रकम का नया मैंडेट रिक्वेस्ट आपके यूपीआई ऐप में आता है। आपके अप्रूव करने के बाद ही बदलाव गिना जाता है, और मैंडेट की कट-ऑफ बंद होने के दिन शाम 5 बजे है।
क्या आईपीओ बिड में यूपीआई आईडी या पैन बदल सकते हैं?
ज्यादातर ब्रोकर ऐप सिर्फ मात्रा और कीमत बदलने देते हैं। दूसरी यूपीआई आईडी इस्तेमाल करनी हो तो पुरानी बिड कैंसिल करें और डेडलाइन से पहले नई बिड लगाएं। एक इश्यू में एक पैन से सिर्फ एक वैध एप्लीकेशन हो सकती है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।