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होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट: क्या है और कैसे इस्तेमाल करें

होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट आसान भाषा में: हर आंकड़े का मतलब, प्रोविजनल बनाम फाइनल, डाउनलोड कैसे करें, और कंपनी व आईटीआर में कैसे इस्तेमाल करें।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 6 मिनट में पढ़ें
होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट: क्या है और कैसे इस्तेमाल करें
इस लेख में
  1. सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है
  2. सर्टिफिकेट में क्या लिखा होता है
  3. प्रोविजनल बनाम फाइनल सर्टिफिकेट
  4. इसे कैसे डाउनलोड करें
  5. उदाहरण: जॉइंट लोन का सर्टिफिकेट
  6. कंपनी के साथ इसका इस्तेमाल
  7. रिटर्न में इसका इस्तेमाल
  8. इन आम गलतियों की जांच करें
  9. मुख्य बातें
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होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट लेंडर का वह स्टेटमेंट है जो बताता है कि एक टैक्स ईयर में आपने कितना ब्याज और कितना मूलधन चुकाया। पुरानी व्यवस्था की दो छूटें इसी दस्तावेज पर टिकी हैं: सेल्फ-ऑक्यूपाइड घर पर ₹2 लाख तक ब्याज (पुराना Section 24(b), अब Section 22) और ₹1.5 लाख की सीमा में मूलधन (पुराना Section 80C, अब Section 123)। साल के दौरान आप प्रोविजनल सर्टिफिकेट कंपनी को देते हैं और रिटर्न भरते समय फाइनल सर्टिफिकेट इस्तेमाल करते हैं। नियम अक्टूबर 2026, वित्त वर्ष 2026-27 के अनुसार हैं।

सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है

Income-tax Act, 2025 का Section 22 सेल्फ-ऑक्यूपाइड घर पर ₹2 लाख की ऊंची ब्याज सीमा कुछ शर्तें पूरी होने पर ही देता है, और इनमें से एक है लोन पर देय ब्याज दिखाने वाला लेंडर का सर्टिफिकेट। असल में आपकी कंपनी टीडीएस घटाने से पहले इसे मांगेगी, और आपके क्लेम पर सवाल उठा तो टैक्स अधिकारी भी इसे मांगेगा। इसके बिना क्लेम साबित करना मुश्किल है।

सर्टिफिकेट में क्या लिखा होता है

बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के फॉर्मेट अलग होते हैं, लेकिन ज्यादातर सर्टिफिकेट में ये फील्ड होते हैं।

फील्ड मतलब कहां इस्तेमाल होता है
कर्जदार और को-बॉरोअर के नाम लोन के लिए जिम्मेदार सभी लोग तय करता है कि कौन क्लेम कर सकता है
लोन अकाउंट नंबर, सैंक्शन की तारीख लोन की पहचान पांच साल में निर्माण पूरा होने की जांच
प्रॉपर्टी का पता जिस घर के लिए लोन लिया क्लेम वाले घर से मेल खाना चाहिए
मंजूर और जारी लोन की रकम कुल रकम और अब तक जारी रकम दिखाता है कि निर्माण चल रहा है या नहीं
साल का ब्याज 1 अप्रैल से 31 मार्च तक देय ब्याज Section 22 (मकान से आय)
साल का मूलधन उसी अवधि में चुकाया गया मूलधन Section 123
प्री-ईएमआई या निर्माण से पहले का ब्याज पजेशन से पहले चुकाया गया ब्याज पजेशन के बाद पांच किस्तों में क्लेम
लोन का मकसद खरीद, निर्माण, मरम्मत, रेनोवेशन सेल्फ-ऑक्यूपाइड घर में मरम्मत पर सिर्फ ₹30,000 की सीमा
प्रोविजनल या फाइनल अनुमान या असली रिटर्न में फाइनल इस्तेमाल करें

जांचें कि टैक्स ईयर सही हो (वित्त वर्ष 2026-27 यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027) और आंकड़े ब्याज और मूलधन में अलग-अलग बंटे हों। सिर्फ ईएमआई का कुल जोड़ काफी नहीं है।

प्रोविजनल बनाम फाइनल सर्टिफिकेट

प्रोविजनल सर्टिफिकेट: टैक्स ईयर की शुरुआत से जारी होता है, ईएमआई शेड्यूल के आधार पर। जब आप अपना डिक्लेरेशन (Form 124, जिसने Form 12BB की जगह ली है) देते हैं तो कंपनियां इसे मांगती हैं, ताकि हर महीने का टीडीएस घटा सकें।

फाइनल सर्टिफिकेट: 31 मार्च के बाद असली आंकड़ों के साथ जारी होता है। अगर आपने लोन का कुछ हिस्सा पहले चुकाया, दर बदली, या रेपो रेट बदलने के बाद बैंक ने आपकी ईएमआई बदली, तो फाइनल आंकड़े प्रोविजनल से अलग हो सकते हैं।

अगर फाइनल ब्याज कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए गए आंकड़े से ज्यादा है, तो बाकी रकम रिटर्न में क्लेम करें; अंतर आपको रिफंड में मिलेगा। अगर कम है, तो कम आंकड़ा ही दिखाएं; रिटर्न में प्रोविजनल आंकड़ा भरने से मिसमैच और टैक्स डिमांड आ सकती है।

इसे कैसे डाउनलोड करें

  1. नेट बैंकिंग या ऐप: लॉग इन करें, होम लोन अकाउंट खोलें और "interest certificate", "tax certificate" या "statements" देखें। टैक्स ईयर चुनें और पीडीएफ डाउनलोड करें।
  2. लेंडर की वेबसाइट: कई हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का कस्टमर पोर्टल होता है, जो लोन अकाउंट नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर मांगता है।
  3. ईमेल या कस्टमर केयर: रजिस्टर्ड ईमेल से मांगें; आम तौर पर कुछ कामकाजी दिनों में मिल जाता है।
  4. ब्रांच: पुराने लोन, बंद हो चुके लोन, या कई पिछले सालों का सर्टिफिकेट चाहिए तो यह तरीका काम आता है।

अगर साल के दौरान आपने लोन दूसरे लेंडर के पास ट्रांसफर किया है, तो दोनों लेंडर से सर्टिफिकेट लें और ब्याज व मूलधन जोड़ लें। नए लोन का ब्याज भी छूट के लायक रहता है, क्योंकि उससे मूल होम लोन चुकाया गया था। हमारी होम लोन बैलेंस ट्रांसफर वाली गाइड इसकी जानकारी देती है।

उदाहरण: जॉइंट लोन का सर्टिफिकेट

मीरा और संजय अपने सेल्फ-ऑक्यूपाइड फ्लैट के 60:40 में सह-मालिक और को-बॉरोअर हैं। दोनों मालिकाना हिस्से के अनुपात में ईएमआई देते हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के उनके फाइनल सर्टिफिकेट में:

  • कुल चुकाई गई ईएमआई: ₹4,20,000
  • ब्याज: ₹3,10,000
  • मूलधन: ₹1,10,000

दोनों पुरानी व्यवस्था में हैं और उनकी Section 123 की सीमा में जगह बची है।

मीरा (60%) संजय (40%)
ब्याज का हिस्सा ₹1,86,000 ₹1,24,000
₹2 लाख की सीमा में? हां हां
मूलधन का हिस्सा ₹66,000 ₹44,000
कुल डिडक्शन ₹2,52,000 ₹1,68,000
स्लैब 30% 20%
टैक्स बचत (स्लैब + 4% सेस) ₹2,52,000 × 31.2% = ₹78,624 ₹1,68,000 × 20.8% = ₹34,944

दोनों मिलकर ₹1,13,568 बचाते हैं। अगर सिर्फ मीरा क्लेम करती, तो उसका ब्याज ₹2 लाख पर रुक जाता और ₹1,10,000 का ब्याज बिना क्लेम के रह जाता। मालिकाना हिस्से के हिसाब से बांटने से दोनों की सीमा का फायदा मिलता है। सह-मालिक किसे माना जाता है, इसके नियमों के लिए जॉइंट होम लोन देखें।

अपने कुल टैक्स पर असर देखने के लिए हमारे इनकम टैक्स कैलकुलेटर में अपने आंकड़े डालें।

कंपनी के साथ इसका इस्तेमाल

  • साल की शुरुआत में Form 124 के साथ प्रोविजनल सर्टिफिकेट दें, और घर हाल में बना हो तो पजेशन का सबूत भी।
  • अगर टीडीएस में छूट चाहिए, तो कंपनी के साथ पुरानी व्यवस्था चुनें। डिफॉल्ट नई व्यवस्था में कंपनी सेल्फ-ऑक्यूपाइड घर के सर्टिफिकेट को नजरअंदाज कर देगी।
  • कई कंपनियां जनवरी या फरवरी में फाइनल या अपडेटेड सर्टिफिकेट मांगती हैं। यह छूट जाए तो रिटर्न भरते समय छूट क्लेम करें।

कंपनी के टीडीएस सर्टिफिकेट (Form 130, जिसने Form 16 की जगह ली है) में वह हाउस प्रॉपर्टी लॉस दिखना चाहिए जो कंपनी ने माना है। कंपनियां डिक्लेरेशन कैसे लागू करती हैं, यह हमारी सैलरी पर टीडीएस वाली गाइड में समझाया गया है।

रिटर्न में इसका इस्तेमाल

  1. मकान से आय (income from house property) में घर को सेल्फ-ऑक्यूपाइड या किराए पर दिया हुआ चुनें।
  2. फाइनल सर्टिफिकेट से ब्याज भरें, और निर्माण से पहले के ब्याज की पांचवें हिस्से वाली किस्त हो तो वह भी। सेल्फ-ऑक्यूपाइड घर के लिए पुरानी व्यवस्था में कुल सीमा ₹2 लाख है।
  3. मूलधन को Section 123 में अपनी दूसरी मदों के साथ ₹1.5 लाख तक भरें।
  4. जॉइंट लोन में सिर्फ अपना हिस्सा भरें और बंटवारे का हिसाब लिखकर रखें।
  5. सर्टिफिकेट, सेल डीड और पजेशन लेटर कम से कम उतने समय तक रखें, जितने समय तक टैक्स विभाग आपका रिटर्न दोबारा खोल सकता है।

इन आम गलतियों की जांच करें

  • गलत साल का सर्टिफिकेट, या टैक्स ईयर की जगह कैलेंडर ईयर का।
  • ब्याज और मूलधन एक ही आंकड़े में।
  • जॉइंट लोन होने पर भी सिर्फ एक कर्जदार का नाम।
  • प्री-ईएमआई ब्याज को चालू साल के ब्याज में मिला देना।
  • टॉप-अप लोन का ब्याज, बिना इस सबूत के कि पैसा घर में लगा।

होम लोन की सभी सीमाओं के लिए हमारी होम लोन टैक्स बेनिफिट वाली मुख्य गाइड देखें।

मुख्य बातें

  • इंटरेस्ट सर्टिफिकेट टैक्स ईयर की आपकी ईएमआई को ब्याज (Section 22) और मूलधन (Section 123) में बांटता है।
  • कंपनी के लिए प्रोविजनल और रिटर्न के लिए फाइनल सर्टिफिकेट इस्तेमाल करें।
  • इसे नेट बैंकिंग, लेंडर के पोर्टल, ईमेल या ब्रांच से लें; बैलेंस ट्रांसफर के बाद दोनों लेंडर से एक-एक सर्टिफिकेट लें।
  • जॉइंट बॉरोअर आंकड़ों को मालिकाना हिस्से और योगदान के हिसाब से बांटते हैं; उदाहरण में इससे ₹1,13,568 बचे।
  • इसे आईटीआर के साथ नहीं लगाना होता, लेकिन अपने रिकॉर्ड में रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट क्या होता है?

यह आपके लेंडर का स्टेटमेंट है जो बताता है कि एक टैक्स ईयर में आपने होम लोन पर कितना ब्याज और कितना मूलधन चुकाया। इसके आधार पर आप Section 22 (पुराना Section 24(b)) के तहत ब्याज और Section 123 (पुराना Section 80C) के तहत मूलधन की छूट क्लेम करते हैं।

होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट कैसे डाउनलोड करें?

ज्यादातर बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां इसे नेट बैंकिंग या ऐप से डाउनलोड करने देती हैं, आम तौर पर लोन अकाउंट के स्टेटमेंट या सर्टिफिकेट सेक्शन में। आप इसे ईमेल, कस्टमर केयर या ब्रांच से भी मांग सकते हैं।

प्रोविजनल और फाइनल इंटरेस्ट सर्टिफिकेट में क्या अंतर है?

प्रोविजनल सर्टिफिकेट साल की शुरुआत में मिलता है और आपके ईएमआई शेड्यूल के आधार पर उस टैक्स ईयर में चुकाए जाने वाले ब्याज और मूलधन का अनुमान बताता है। फाइनल सर्टिफिकेट 31 मार्च के बाद मिलता है, इसमें असली रकम होती है, और रिटर्न भरते समय इसी पर भरोसा करें।

क्या आईटीआर के साथ इंटरेस्ट सर्टिफिकेट अपलोड करना होता है?

नहीं। रिटर्न के साथ कोई दस्तावेज नहीं लगाया जाता, लेकिन आप सर्टिफिकेट के आंकड़े भरते हैं और उसे अपने पास रखते हैं ताकि टैक्स विभाग मांगे तो दिखा सकें।

जॉइंट बॉरोअर एक ही इंटरेस्ट सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कैसे करें?

लेंडर आम तौर पर सभी कर्जदारों के नाम पर एक ही सर्टिफिकेट जारी करते हैं। जो सह-मालिक को-बॉरोअर भी है, वह मालिकाना हिस्से और ईएमआई में अपने असली योगदान के हिसाब से ब्याज और मूलधन का अपना हिस्सा क्लेम करता है।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

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