PMEGP प्रोजेक्ट रिपोर्ट: लोन के लिए कैसे बनाएं
2026 में PMEGP प्रोजेक्ट रिपोर्ट कैसे बनाएं: लागत के नियम, 40%/60% वर्किंग कैपिटल सीमा, जमीन की लागत बाहर, ₹14 लाख की नमूना रिपोर्ट, DSCR और ब्रेक-ईवन।

इस लेख में
PMEGP प्रोजेक्ट रिपोर्ट वह बिजनेस प्लान है जिसके आधार पर KVIC, KVIB या जिला उद्योग केंद्र (DIC) की टास्क फोर्स और फिर बैंक तय करते हैं कि आपकी यूनिट को लोन और 15% से 35% मार्जिन मनी सब्सिडी मिलेगी या नहीं। इसमें दिखाना होता है कि आप क्या बनाएंगे या बेचेंगे, यूनिट लगाने में कितना खर्च होगा, पैसा कहां से आएगा, और मुनाफे से लोन कैसे चुकेगा। साफ और वास्तविक रिपोर्ट ही वह सबसे बड़ी चीज है जो आपके हाथ में है। नीचे दिए नियम अक्टूबर 2026 तक के हैं।
पहले स्टेटस देख लें: PMEGP की 2021-22 से 2025-26 की मंजूरी 31 मार्च 2026 को खत्म हो गई, और सरकार ने कहा कि आगे सब्सिडी जारी होना इसे जारी रखने की मंजूरी पर निर्भर है। समय लगाने से पहले KVIC PMEGP ई-पोर्टल या अपने DIC से पुष्टि करें कि नए आवेदन लिए जा रहे हैं और शर्तें नहीं बदलीं। सब्सिडी की दरें और सीमाएं हमारी PMEGP लोन सब्सिडी गाइड में हैं; यह लेख सिर्फ प्रोजेक्ट रिपोर्ट के बारे में है।
PMEGP प्रोजेक्ट रिपोर्ट किसे चाहिए
हर PMEGP आवेदक ऑनलाइन आवेदन के साथ इसे अपलोड करता है:
- 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग जो नई मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस या बिजनेस यूनिट शुरू कर रहे हैं
- स्वयं सहायता समूह, रजिस्टर्ड सोसाइटी, उत्पादन सहकारी समितियां और चैरिटेबल ट्रस्ट
- अपग्रेड के लिए दूसरे लोन का आवेदन करने वाली मौजूदा PMEGP यूनिट्स
मैन्युफैक्चरिंग में ₹10 लाख या सर्विस में ₹5 लाख से ऊपर के प्रोजेक्ट के लिए आवेदक का आठवीं पास होना जरूरी है। अधिकतम प्रोजेक्ट लागत ₹50 लाख (मैन्युफैक्चरिंग) और ₹20 लाख (सर्विस या बिजनेस) है।
प्रोजेक्ट लागत के नियम जो रिपोर्ट में मानने होंगे
| नियम | आपकी रिपोर्ट के लिए मतलब |
|---|---|
| प्रोजेक्ट लागत = पूंजीगत खर्च + वर्किंग कैपिटल का एक चक्र | बिना पूंजीगत खर्च वाले प्रोजेक्ट पात्र नहीं |
| जमीन बाहर | प्रोजेक्ट लागत में जमीन की कीमत न डालें |
| वर्कशेड | तैयार बना, लंबी लीज वाला या किराए का वर्कशेड जोड़ सकते हैं, लेकिन सिर्फ 3 साल तक की लागत |
| वर्किंग कैपिटल की सीमा | मैन्युफैक्चरिंग में प्रोजेक्ट लागत का 40% तक, सर्विस या ट्रेडिंग में 60% तक |
| असल खर्च पर सब्सिडी | अगर असल पूंजीगत खर्च रिपोर्ट से कम हुआ, तो ज्यादा सब्सिडी लौटानी होगी |
| वर्किंग कैपिटल का इस्तेमाल जरूरी | दिशानिर्देशों के अनुसार 3 साल के लॉक-इन में कैश क्रेडिट लिमिट का ठीक से इस्तेमाल न हो तो आनुपातिक सब्सिडी वसूली जा सकती है |
| बढ़ा-चढ़ाकर न दिखाएं | दिशानिर्देश ज्यादा सब्सिडी के लिए लागत बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी देते हैं |
PMEGP प्रोजेक्ट रिपोर्ट के हिस्से
- प्रमोटर की जानकारी: नाम, उम्र, शिक्षा, कैटेगरी (जनरल या विशेष), अनुभव, EDP या स्किल ट्रेनिंग।
- प्रोजेक्ट का सार: काम, प्रोडक्ट या सर्विस, जगह (ग्रामीण या शहरी), क्षमता और बनने वाले रोजगार।
- बाजार: कौन खरीदेगा, स्थानीय मांग, प्रतिस्पर्धी, बिक्री मूल्य और बेचने का तरीका।
- तकनीकी जानकारी: प्रक्रिया, सप्लायर कोटेशन के साथ मशीनों की सूची, बिजली और पानी की जरूरत, कच्चे माल के स्रोत।
- प्रोजेक्ट की लागत: पूंजीगत खर्च की मदें और वर्किंग कैपिटल (नीचे तालिका)।
- फाइनेंस के स्रोत: अपनी रकम, बैंक लोन, मार्जिन मनी सब्सिडी।
- 3 से 5 साल का अनुमानित मुनाफा: बिक्री, कच्चा माल, मजदूरी, ओवरहेड, ब्याज, मूल्यह्रास, मुनाफा।
- चुकाने की क्षमता: डेट सर्विस कवरेज रेशियो (DSCR) और लोन चुकाने का शेड्यूल।
- ब्रेक-ईवन पॉइंट।
- रोजगार और काम पूरा करने का शेड्यूल।
उदाहरण: ₹14 लाख का मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट
मान लीजिए शहरी क्षेत्र का एक जनरल कैटेगरी आवेदक अपनी ही जमीन पर पैकेजिंग मटेरियल की छोटी यूनिट लगाना चाहता है।
प्रोजेक्ट की लागत
| मद | रकम |
|---|---|
| मशीनरी और उपकरण (कोटेशन के साथ) | ₹7,00,000 |
| अपनी जमीन पर वर्कशेड निर्माण (जमीन की लागत बाहर) | ₹2,70,000 |
| बिजली फिटिंग और फर्नीचर | ₹30,000 |
| पूंजीगत खर्च | ₹10,00,000 |
| वर्किंग कैपिटल (एक चक्र) | ₹4,00,000 |
| कुल प्रोजेक्ट लागत | ₹14,00,000 |
वर्किंग कैपिटल की जांच: ₹4,00,000 ÷ ₹14,00,000 = 28.6%, मैन्युफैक्चरिंग की 40% सीमा के भीतर।
फाइनेंस के स्रोत (जनरल कैटेगरी, शहरी)
| स्रोत | गणना | रकम |
|---|---|---|
| अपनी रकम | 10% × ₹14,00,000 | ₹1,40,000 |
| बैंक लोन | 90% × ₹14,00,000 | ₹12,60,000 |
| मार्जिन मनी सब्सिडी (3 साल की TDR में) | 15% × ₹14,00,000 | ₹2,10,000 |
मासिक अनुमान (पहला साल, उदाहरण के लिए)
| मद | रकम |
|---|---|
| बिक्री | ₹3,50,000 |
| कच्चा माल (बिक्री का 60%) | ₹2,10,000 |
| मजदूरी (3 कर्मचारी) | ₹45,000 |
| बिजली और दूसरे ओवरहेड | ₹25,000 |
| ऑपरेटिंग सरप्लस | ₹70,000 |
| मालिक की निकासी | ₹20,000 |
| लोन चुकाने के लिए उपलब्ध नकदी | ₹50,000 |
चुकाने की क्षमता। उदाहरण के तौर पर 10% पर 60 महीने के लिए पूरे ₹12,60,000 पर ईएमआई करीब ₹26,771 है। उपलब्ध नकदी ÷ ईएमआई = ₹50,000 ÷ ₹26,771 ≈ 1.87। कई बैंक DSCR आराम से 1.5 से ऊपर देखना चाहते हैं; करीब 1.1 दिखाने वाली रिपोर्ट पर सवाल उठेंगे। ₹2,10,000 की TDR के बराबर लोन के हिस्से पर ब्याज नहीं लगता, इसलिए असल में ब्याज वाला कर्ज ₹10,50,000 है (उन्हीं शर्तों पर ईएमआई करीब ₹22,309)। अलग-अलग हालात ईएमआई कैलकुलेटर में जांचें।
ब्रेक-ईवन। तय मासिक लागत (मजदूरी + ओवरहेड) = ₹70,000। कंट्रीब्यूशन मार्जिन = बिक्री का 40% (100% − 60% कच्चा माल)। ब्रेक-ईवन बिक्री = ₹70,000 ÷ 0.40 = ₹1,75,000 महीना, यानी अनुमानित बिक्री का आधा, जो सुरक्षा की गुंजाइश दिखाता है। तरीके के लिए ब्रेक-ईवन बिक्री की गणना देखें।
ये आंकड़े उदाहरण के लिए हैं और टैक्स से पहले के हैं। आपकी रिपोर्ट में आपके अपने कोटेशन और सावधानी से लगाए बिक्री के अनुमान होने चाहिए।
रिपोर्ट के साथ लगाने वाले दस्तावेज
- आधार, पैन और फोटो
- विशेष कैटेगरी की दर मांग रहे हों तो जाति या विशेष कैटेगरी प्रमाणपत्र
- ग्रामीण प्रोजेक्ट के लिए ग्रामीण क्षेत्र प्रमाणपत्र
- जहां जरूरी हो वहां शिक्षा प्रमाणपत्र
- EDP या स्किल ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (सब्सिडी जारी होने से पहले EDP जरूरी है; यह मंजूरी के बाद भी हो सकती है)
- मशीनरी और उपकरण के कोटेशन
- परिसर का प्रमाण: मालिकाना, लीज या किराया अनुबंध
- संस्थाओं के लिए: रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और आवेदन का अधिकार पत्र
नई PMEGP यूनिट्स को उद्यम पर भी रजिस्टर करना होता है; देखें उद्यम रजिस्ट्रेशन और MSME लोन के फायदे।
आधिकारिक आवेदन प्रक्रिया
- KVIC PMEGP ई-पोर्टल पर दिए टेम्पलेट और मॉडल प्रोजेक्ट प्रोफाइल से रिपोर्ट तैयार करें।
- आधार के साथ KVIC PMEGP ई-पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें, एजेंसी (KVIC, KVIB या DIC) और बैंक ब्रांच चुनें। आवेदन जनसमर्थ पोर्टल से भी शुरू हो सकता है; देखें हमारी जनसमर्थ पोर्टल गाइड।
- सेल्फ-असेसमेंट स्कोर। पोर्टल आपकी जानकारी से, KVIC द्वारा बैंकरों के साथ बनाए स्कोरिंग मॉडल के आधार पर स्कोर बनाता है; कमजोर रिपोर्ट का स्कोर कम आता है।
- जिला टास्क फोर्स की जांच, फिर बैंक को भेजा जाना।
- व्यवहार्यता और क्रेडिट हिस्ट्री का बैंक आकलन, फिर मंजूरी।
- EDP ट्रेनिंग, अपनी रकम जमा और लोन जारी; सब्सिडी 3 साल की TDR में रखी जाती है।
- यूनिट का भौतिक सत्यापन और जियो-टैगिंग।
पोर्टल पर आवेदन मुफ्त है। PMEGP की पक्की मंजूरी का वादा करने वाले किसी को पैसे न दें।
स्टेटस ट्रैक करना
अपनी एप्लिकेशन ID से PMEGP ई-पोर्टल पर लॉगिन करें और हर चरण देखें: जमा, एजेंसी द्वारा भेजा गया, बैंक को मिला, मंजूर, मार्जिन मनी क्लेम और जारी। पोर्टल और एजेंसियां मुख्य चरणों पर SMS भेजती हैं।
रिपोर्ट की आम गलतियां और सुधार
| गलती | सुधार |
|---|---|
| प्रोजेक्ट लागत में जमीन जोड़ी | हटाएं; अनुमति के अनुसार सिर्फ वर्कशेड की लागत रखें |
| वर्किंग कैपिटल 40% (मैन्युफैक्चरिंग) या 60% (सर्विस) से ज्यादा | स्टॉक और उधारी चक्र का वास्तविक हिसाब लगाकर संतुलित करें |
| कोटेशन नहीं, या अनजान सप्लायर के कोटेशन | GST रजिस्टर्ड सप्लायर्स के तारीख वाले कोटेशन लगाएं |
| पहले महीने से पूरी क्षमता पर बिक्री का अनुमान | 50-60% क्षमता से शुरू करके धीरे-धीरे बढ़ाएं |
| DSCR 1 के आसपास | लोन घटाएं, अपनी रकम बढ़ाएं या अवधि बढ़ाएं |
| काम नेगेटिव लिस्ट में | रिपोर्ट बनाने से पहले मौजूदा नेगेटिव लिस्ट जांचें |
| तालिकाओं में आंकड़े मेल नहीं खाते | जोड़ दोबारा जांचें: प्रोजेक्ट की लागत फाइनेंस के स्रोतों के बराबर होनी चाहिए |
कमजोर क्रेडिट रिकॉर्ड अच्छी रिपोर्ट को भी डुबो सकता है; देखें सिबिल स्कोर कैसे सुधारें। ₹10 लाख से ऊपर के लोन में बैंक गिरवी की जगह CGTMSE गारंटी ले सकते हैं; देखें CGTMSE बिना गारंटी वाला लोन।
शिकायत कैसे करें
- जिला टास्क फोर्स ने खारिज किया: दिशानिर्देशों के अनुसार आप DIC के जनरल मैनेजर या KVIC के स्टेट डायरेक्टर, जो भी वरिष्ठ हो, के पास शिकायत कर सकते हैं।
- बैंक की देरी या रिजेक्शन: कारण लिखित में मांगें, बैंक के ग्रीवेंस ऑफिसर तक जाएं, और 30 दिन में हल न हो तो cms.rbi.org.in पर मुफ्त शिकायत करें।
- एजेंसी या सब्सिडी में देरी: MSME मंत्रालय/KVIC के खिलाफ pgportal.gov.in (CPGRAMS) पर शिकायत करें।
- फीस मांगने वाली फर्जी PMEGP वेबसाइट या एजेंट: cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर कॉल करें।
मुख्य बातें
- PMEGP प्रोजेक्ट रिपोर्ट में पूंजीगत खर्च, वर्किंग कैपिटल का एक चक्र, फाइनेंस के स्रोत, मुनाफा, DSCR और ब्रेक-ईवन दिखाना होता है।
- जमीन बाहर रहती है; वर्किंग कैपिटल प्रोजेक्ट लागत के 40% (मैन्युफैक्चरिंग) या 60% (सर्विस/ट्रेडिंग) तक सीमित है।
- ₹14 लाख के उदाहरण में जनरल शहरी आवेदक ₹1.4 लाख लगाता है, ₹12.6 लाख उधार लेता है और ₹2.1 लाख सब्सिडी पाता है, DSCR करीब 1.87।
- KVIC PMEGP पोर्टल का मुफ्त टेम्पलेट इस्तेमाल करें और आंकड़े सावधानी से रखें; बढ़ा-चढ़ाकर बनी रिपोर्ट खारिज होती है या सब्सिडी जाती है।
- PMEGP की 2021-26 की मंजूरी 31 मार्च 2026 को खत्म हुई; आवेदन से पहले पुष्टि करें कि आवेदन खुले हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMEGP प्रोजेक्ट रिपोर्ट में क्या होना चाहिए?
इसमें प्रमोटर, प्रोडक्ट या सर्विस, जगह, कोटेशन के साथ पूंजीगत खर्च, वर्किंग कैपिटल का एक चक्र, फाइनेंस के स्रोत (अपनी रकम, बैंक लोन, सब्सिडी), अनुमानित बिक्री और लागत, मुनाफा, लोन चुकाने की क्षमता और पैदा होने वाले रोजगार का ब्योरा होना चाहिए।
क्या PMEGP प्रोजेक्ट में जमीन की लागत जोड़ सकते हैं?
नहीं। PMEGP प्रोजेक्ट लागत में जमीन की लागत शामिल नहीं होती। तैयार बने, लंबी लीज वाले या किराए के वर्कशेड की लागत जोड़ी जा सकती है, लेकिन अधिकतम तीन साल तक की ही।
PMEGP प्रोजेक्ट में कितनी वर्किंग कैपिटल की अनुमति है?
राज्य की लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा प्रकाशित PMEGP दिशानिर्देशों के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में वर्किंग कैपिटल प्रोजेक्ट लागत के 40% और सर्विस या ट्रेडिंग यूनिट में 60% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
क्या PMEGP प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाने के लिए कंसल्टेंट को पैसे देने होंगे?
नहीं। KVIC PMEGP ई-पोर्टल पर टेम्पलेट और मॉडल प्रोजेक्ट प्रोफाइल मिलते हैं जिन्हें आप खुद अपने हिसाब से बदल सकते हैं। मदद लें तो भी आंकड़े वास्तविक रखें; बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई लागत से रिजेक्शन या सब्सिडी की वसूली हो सकती है।
क्या 2026 में PMEGP के लिए आवेदन खुले हैं?
PMEGP की 2021-22 से 2025-26 की मंजूरी 31 मार्च 2026 को खत्म हो गई, और आगे सब्सिडी जारी होना अगले चक्र की मंजूरी पर निर्भर है। अक्टूबर 2026 में आवेदन तैयार करने से पहले KVIC PMEGP पोर्टल या अपने जिला उद्योग केंद्र से पुष्टि करें।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।