सोलर सब्सिडी vs सोलर लोन: क्या लौटाना पड़ता है
2026 में रूफटॉप सोलर सब्सिडी और सोलर लोन: पीएम सूर्य घर सब्सिडी लौटानी नहीं पड़ती, बैंक लोन चुकाना पड़ता है। रकम, SBI की दरें, 2 kW उदाहरण और आवेदन।

इस लेख में
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना की सब्सिडी सरकार का पैसा है जो आपको लौटाना नहीं पड़ता: घर के रूफटॉप सिस्टम के लिए ₹78,000 तक (विशेष श्रेणी वाले राज्यों में ₹85,800)। सोलर लोन बैंक का लोन है जिसे बाकी लागत के लिए लिया जाता है और ब्याज के साथ चुकाना पड़ता है। ज्यादातर परिवारों को दोनों चाहिए: सब्सिडी प्लांट की कमीशनिंग के बाद ही आती है, इसलिए वेंडर को पहले लोन (या आपकी बचत) से भुगतान होता है, और सब्सिडी बाद में आपका कर्ज घटाती है।
यह गाइड अक्टूबर 2026 के हिसाब से बताती है कि आपको क्या मिलता है, क्या चुकाना है, दोनों कैसे साथ चलते हैं और क्या जांचना है। पूरी योजना के लिए हमारी पीएम सूर्य घर सब्सिडी और लोन गाइड देखें।
यह किन पर लागू होता है
- जिन मकान मालिकों के नाम पर घरेलू बिजली कनेक्शन है और छत इस्तेमाल लायक है।
- जिन परिवारों ने उसी कनेक्शन पर पहले रूफटॉप सोलर सब्सिडी नहीं ली।
- जो तय कर रहे हैं कि नकद दें, लोन लें या रुकें।
किरायेदार आमतौर पर सब्सिडी क्लेम नहीं कर सकते, जब तक कनेक्शन और छत के अधिकार उनके नाम पर न हों।
सब्सिडी vs लोन: एक टेबल में अंतर
| फीचर | रूफटॉप सोलर सब्सिडी (CFA) | सोलर लोन |
|---|---|---|
| यह क्या है | MNRE की केंद्रीय वित्तीय सहायता | बैंक लोन, मुख्य रूप से सरकारी बैंकों से |
| क्या लौटाना है? | नहीं | हां, ब्याज के साथ |
| रकम | ₹30,000 (1 kW), ₹60,000 (2 kW), ₹78,000 (3 kW और ऊपर) | SBI में ₹6 लाख तक, दो स्लैब में |
| कब मिलती है | इंस्टॉलेशन, नेट मीटर और DISCOM कमीशनिंग के बाद | इंस्टॉलेशन से पहले, वेंडर को |
| कहां जाती है | आपका बैंक खाता, या लोन लिया हो तो लोन खाता | वेंडर को |
| कहां आवेदन | pmsuryaghar.gov.in | बैंक, या जनसमर्थ पोर्टल |
| सिक्योरिटी | कोई नहीं | सोलर सिस्टम का हाइपोथिकेशन; SBI में और कोई गारंटी नहीं |
| क्या वापस ली जा सकती है? | सिर्फ गलत तरीके से लेने या नियम तोड़ने पर | डिफॉल्ट पर सिबिल स्कोर बिगड़ता है और बैंक बकाया वसूल सकता है |
आपको क्या मदद मिलती है (अक्टूबर 2026 तक)
सब्सिडी पहले 2 kW के लिए बेंचमार्क लागत का 60% और तीसरे kW के लिए 40% है, 3 kW पर सीमित:
| सिस्टम का आकार | सामान्य राज्य | विशेष श्रेणी वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश |
|---|---|---|
| 1 kW | ₹30,000 | ₹33,000 |
| 2 kW | ₹60,000 | ₹66,000 |
| 3 kW या ज्यादा | ₹78,000 (अधिकतम) | ₹85,800 (अधिकतम) |
विशेष श्रेणी में पूर्वोत्तर राज्य, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल हैं। कुछ राज्य अतिरिक्त टॉप-अप देते हैं; पोर्टल पर आपके DISCOM का पेज यह दिखाता है। बड़ा सिस्टम लगाया जा सकता है, लेकिन सब्सिडी 3 kW की रकम पर ही रुकती है।
आपको क्या चुकाना है: सोलर लोन
SBI का पीएम सूर्य घर लोन पेज (15 अक्टूबर 2026 से लागू दरें) एक अच्छा पैमाना है:
| शर्त | ₹2 लाख तक | ₹2 लाख से ऊपर ₹6 लाख तक |
|---|---|---|
| ब्याज दर | 6.00% (EBLR माइनस 2.15%) | 8.15% (EBLR) |
| न्यूनतम आय | तय नहीं | शुद्ध सालाना आय ₹3 लाख |
| सिबिल स्कोर | कोई न्यूनतम नहीं, पर कोई डिफॉल्ट या राइट-ऑफ न हो | न्यूनतम 650 |
| पैन | जरूरी नहीं | जरूरी |
| आपका मार्जिन | प्रोजेक्ट लागत का कम से कम 10% | कम से कम 10% |
| अवधि | 120 महीने तक, 6 महीने की मोरेटोरियम सहित | वही |
| प्रोसेसिंग फीस | शून्य | शून्य |
| प्रीपेमेंट पेनल्टी | नहीं | नहीं |
दरें फ्लोटिंग हैं और रेपो रेट के साथ बदलती हैं। दूसरे बैंकों की शर्तें अलग हैं, इसलिए तुलना करें। SBI के पेज के मुताबिक उसका लोन लेने पर सब्सिडी लोन खाते में ही जमा होनी चाहिए। ₹2 लाख से ज्यादा लोन लेने की सोच रहे हैं, तो पहले अपना सिबिल स्कोर चेक करें।
उदाहरण: 2 kW सिस्टम, लोन vs नकद
मान लें सामान्य श्रेणी वाले राज्य में 2 kW सिस्टम लगवाने की लागत ₹1,30,000 है (उदाहरण के लिए; दाम वेंडर और राज्य के हिसाब से बदलते हैं)।
| मद | लोन के साथ | नकद भुगतान |
|---|---|---|
| सिस्टम की लागत | ₹1,30,000 | ₹1,30,000 |
| आपका शुरुआती भुगतान | ₹13,000 (10% मार्जिन) | ₹1,30,000 |
| 6% पर 10 साल का लोन | ₹1,17,000 | शून्य |
| सब्सिडी से पहले ईएमआई | ₹1,299 | शून्य |
| सब्सिडी | ₹60,000 लोन में जमा | ₹60,000 आपके बैंक खाते में |
| सब्सिडी के बाद लोन | ₹57,000 | शून्य |
| ₹57,000 पर 6% से 10 साल की ईएमआई | ₹633 | शून्य |
| ₹57,000 पर 10 साल का ब्याज | करीब ₹18,900 | शून्य |
| आपकी कुल लागत | ₹13,000 + ₹57,000 + करीब ₹18,900 = करीब ₹88,900 | ₹1,30,000 − ₹60,000 = ₹70,000 |
यानी लोन नकद से करीब ₹18,900 महंगा पड़ता है, लेकिन शुरुआत में सिर्फ ₹13,000 लगते हैं। 2 kW सिस्टम आमतौर पर महीने में करीब 240 यूनिट बनाता है (प्रति kW रोज करीब 4 यूनिट)। औसतन ₹6 प्रति यूनिट पर यह बिल में करीब ₹1,440 महीने की बचत है, जो ₹633 की ईएमआई से काफी ज्यादा है। उत्पादन, टैरिफ और नेट-मीटरिंग नियम राज्य के हिसाब से बदलते हैं, इसलिए इसे सिर्फ उदाहरण मानें। असल में सब्सिडी आने तक पूरे ₹1,17,000 पर ब्याज लगता है, और जमा होने के बाद बैंक या तो ईएमआई घटाते हैं या अवधि। पूछ लें कि कौन सा। अपने आंकड़े ईएमआई कैलकुलेटर में देखें।
जरूरी दस्तावेज
सब्सिडी के लिए (पोर्टल): बिजली उपभोक्ता नंबर और ताजा बिल, मोबाइल नंबर और ईमेल, आधार से जुड़े पहचान विवरण, छत का मालिकाना हक, कैंसिल चेक या पासबुक की कॉपी के साथ बैंक विवरण।
लोन के लिए: केवाईसी (आधार, और ₹2 लाख से ऊपर के लोन के लिए पैन), ताजा बिजली बिल, रजिस्टर्ड वेंडर का कोटेशन और फिजिबिलिटी रिपोर्ट, घर के मालिकाना हक का सबूत, और ऊंचे स्लैब के लिए आय का प्रमाण।
दोनों के लिए आवेदन कैसे करें
- pmsuryaghar.gov.in पर अपने राज्य, DISCOM और उपभोक्ता नंबर के साथ रजिस्टर करें।
- रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करें और DISCOM की फिजिबिलिटी मंजूरी का इंतजार करें। इससे पहले इंस्टॉल न करें।
- रजिस्टर्ड वेंडर चुनें और लिखित कोटेशन लें; हमारी रूफटॉप सोलर वेंडर चुनने की गाइड देखें।
- कोटेशन के साथ जनसमर्थ या अपने बैंक के जरिए लोन के लिए आवेदन करें (वैकल्पिक)।
- इंस्टॉलेशन, नेट मीटर और जांच DISCOM द्वारा, जो पोर्टल पर कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी करता है।
- सब्सिडी क्लेम करने के लिए पोर्टल पर बैंक विवरण (या लोन खाता नंबर) जमा करें।
स्टेटस ट्रैक करना
पोर्टल लॉगिन में हर चरण दिखता है: आवेदन, फिजिबिलिटी, इंस्टॉलेशन विवरण, जांच, कमीशनिंग और सब्सिडी। लोन का स्टेटस बैंक के ऐप या जनसमर्थ पर दिखता है। कमीशनिंग के बाद सब्सिडी में देरी हो तो इंस्टॉलेशन के बाद सोलर सब्सिडी पेंडिंग पढ़ें।
आम समस्याएं और उनके हल
- सब्सिडी के बाद ईएमआई नहीं घटी: हो सकता है बैंक ने अवधि घटाई हो। नया शेड्यूल मांगें।
- सब्सिडी लोन की जगह सेविंग खाते में आई: बैंक को बताएं; वह इसे लोन में ट्रांसफर करने को कह सकता है।
- बिजली बिल, बैंक और आधार में नाम अलग: क्लेम से पहले ठीक करवाएं।
- फिजिबिलिटी मंजूरी से पहले इंस्टॉल कर लिया: आमतौर पर सब्सिडी के लिए पात्र नहीं।
शिकायत कैसे करें
सब्सिडी के लिए पोर्टल लॉगिन से शिकायत दर्ज करें या राष्ट्रीय हेल्पलाइन 15555 पर कॉल करें। लोन के लिए बैंक के ग्रीवेंस चैनल का इस्तेमाल करें, फिर 30 दिन बाद आरबीआई इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन के पास cms.rbi.org.in पर जाएं। योजना से जुड़े अनसुलझे मामले CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर MNRE के नाम दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन मुफ्त है; "सब्सिडी मंजूरी" के लिए कभी किसी को पैसे न दें। धोखाधड़ी की रिपोर्ट cybercrime.gov.in या 1930 पर करें।
मुख्य बातें
- रूफटॉप सोलर सब्सिडी अनुदान है (₹30,000 से ₹78,000, विशेष श्रेणी वाले राज्यों में ₹85,800 तक) और इसे लौटाना नहीं पड़ता।
- सोलर लोन ब्याज के साथ चुकाना होता है; 15 अक्टूबर 2026 तक SBI ₹2 लाख तक 6.00% और ₹2-6 लाख पर 8.15% लेता है।
- लोन लेने पर सब्सिडी कमीशनिंग के बाद लोन खाते में आती है और ईएमआई या अवधि घटाती है।
- 2 kW के उदाहरण में लोन नकद से करीब ₹18,900 महंगा है, लेकिन शुरुआत में सिर्फ ₹13,000 चाहिए।
- आवेदन सिर्फ pmsuryaghar.gov.in और अपने बैंक के जरिए करें; एजेंटों को कभी पैसे न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रूफटॉप सोलर सब्सिडी वापस करनी पड़ती है?
नहीं। पीएम सूर्य घर सब्सिडी अनुदान है, लोन नहीं। इसे सिर्फ तभी वसूला जा सकता है जब यह गलत तरीके से ली गई हो, जैसे झूठे विवरण, एक ही कनेक्शन पर दोबारा क्लेम, या योजना के नियमों पर खरा न उतरने वाला सिस्टम।
2026 में रूफटॉप सोलर सब्सिडी कितनी है?
अक्टूबर 2026 तक केंद्र की सब्सिडी 1 kW के लिए ₹30,000, 2 kW के लिए ₹60,000 और 3 kW या उससे ज्यादा के लिए ₹78,000 है। विशेष श्रेणी वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ₹85,800 तक मिलती है। कुछ राज्य अपनी सब्सिडी अलग से जोड़ते हैं।
पीएम सूर्य घर में सोलर लोन की ब्याज दर क्या है?
SBI की 15 अक्टूबर 2026 से लागू दरें ₹2 लाख तक के लोन पर 6.00% और ₹2-6 लाख पर 8.15% हैं, जो फ्लोटिंग हैं और उसके एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ी हैं। दूसरे सरकारी बैंक भी ऐसे ही बिना गारंटी वाले लोन देते हैं; दर अपने सैंक्शन लेटर में पक्की करें।
सोलर लोन लेने पर सब्सिडी कहां जाती है?
लोन लेने पर SBI जैसे बैंक सब्सिडी लोन खाते में जमा करवाते हैं। इससे मूलधन घटता है, इसलिए या तो ईएमआई कम होती है या अवधि।
क्या लोन लिए बिना सिर्फ सब्सिडी ले सकते हैं?
हां। लोन वैकल्पिक है। आप वेंडर को खुद भुगतान कर सकते हैं, और कमीशनिंग के बाद सब्सिडी आपके अपने बैंक खाते में आती है।
क्या सोलर लोन लेना फायदेमंद है?
तब हो सकता है जब बिजली बिल में हर महीने की बचत ईएमआई से ज्यादा हो। फैसला करने से पहले अपनी असल यूनिट खपत, राज्य का टैरिफ और नेट-मीटरिंग नियम, और सब्सिडी जमा होने के बाद की ईएमआई जांच लें।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।