स्टैंड-अप इंडिया योजना 2026: स्थिति और अब कौन सा लोन लें
स्टैंड-अप इंडिया लोन योजना मार्च 2025 में खत्म हुई और नया रूप अभी आना बाकी है। 2026 की स्थिति और SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए अभी के विकल्प जानें।

इस लेख में
स्टैंड-अप इंडिया योजना, जिसमें SC/ST और महिला उद्यमियों को पहले उद्यम के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बैंक लोन मिलता था, अब नए लोन के लिए खुली नहीं है। यह अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2025 तक चली, और मार्च 2026 में वित्त मंत्री ने संसद को बताया कि इसका नया रूप तैयार किया जा रहा है। अक्टूबर 2026 तक हमें नई योजना की कोई आधिकारिक अधिसूचना नहीं मिली, इसलिए अगर आप आज SC, ST या महिला उद्यमी हैं, तो व्यावहारिक रास्ता CGTMSE गारंटी वाला MSE लोन, PMEGP या मुद्रा है, जो नीचे समझाया गया है।
कुछ बैंक और एग्रीगेटर पेज अब भी स्टैंड-अप इंडिया को खुला दिखाते हैं, और कुछ इसके "दोबारा शुरू" होने का दावा करते हैं। हमने संसद में वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के बयान और पीआईबी देखे, और अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक स्थिति ऊपर बताई गई ही है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने से पहले अपने बैंक से लिखित में पूछें कि वह किस योजना में लोन मंजूर कर सकता है।
स्टैंड-अप इंडिया का क्या हुआ
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| अप्रैल 2016 | स्टैंड-अप इंडिया शुरू: हर बैंक ब्रांच से कम से कम एक SC/ST और एक महिला उधारकर्ता |
| 2021 | 15वें वित्त आयोग की अवधि के लिए 31 मार्च 2025 तक बढ़ाई गई |
| 1 फरवरी 2025 | केंद्रीय बजट 2025-26 में 5 लाख पहली बार की महिला, SC और ST उद्यमियों के लिए पांच साल में ₹2 करोड़ तक के टर्म लोन की नई योजना की घोषणा |
| 31 मार्च 2025 | स्टैंड-अप इंडिया में नए लोन बंद |
| 16 मार्च 2026 | वित्त मंत्री ने लोकसभा को बताया कि नीति आयोग ने योजना का अध्ययन किया है और ज्यादा फायदे देने के लिए इसे नए सिरे से बनाया जा रहा है |
| अक्टूबर 2026 | नई योजना की कोई आधिकारिक अधिसूचना नहीं मिली; पीआईबी और DFS वेबसाइट पर नजर रखें |
योजना खत्म होने से पहले मंजूर हुए लोन अपनी मूल शर्तों पर चलते रहेंगे।
पुरानी योजना कैसे काम करती थी (संदर्भ के लिए)
इससे आपको नई योजना आने पर तुलना करने में मदद मिलेगी।
- किसके लिए: 18 साल या ज्यादा उम्र के SC/ST और/या महिला उद्यमी। कंपनी या फर्म में कम से कम 51% हिस्सेदारी और नियंत्रण SC/ST या महिला उद्यमी के पास होना जरूरी था।
- क्या: मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, ट्रेडिंग या कृषि से जुड़ी गतिविधियों में ग्रीनफील्ड (पहली बार के) उद्यम।
- लोन: ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक कंपोजिट लोन (टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल), जो प्रोजेक्ट लागत का 75% तक कवर करे।
- अपनी रकम: प्रोजेक्ट लागत का कम से कम 10%।
- ब्याज दर: उस रेटिंग कैटेगरी के लिए बैंक की सबसे कम दर, अधिकतम MCLR + 3% + टेनर प्रीमियम।
- चुकाने की अवधि: 18 महीने तक की मोरेटोरियम के साथ 7 साल तक।
- सिक्योरिटी: प्राइमरी सिक्योरिटी, साथ में कोलैटरल या क्रेडिट गारंटी फंड फॉर स्टैंड-अप इंडिया लोन्स (CGFSIL) की गारंटी, जैसा बैंक तय करे।
- पोर्टल: standupmitra.in, जो आवेदकों को बैंकों और सहायता एजेंसियों से जोड़ता था।
सरकारी जवाबों के आंकड़े बताते हैं कि योजना ज्यादातर महिलाओं तक पहुंची: जनवरी 2025 तक करीब 1.95 लाख महिला उद्यमियों को लोन मंजूर हुए थे, जबकि करीब 49,000 SC और 16,000 ST उद्यमियों को।
2026 में इसकी जगह क्या इस्तेमाल करें
इनमें से कोई भी सिर्फ SC/ST या महिलाओं के लिए नहीं है, लेकिन हर एक में उनके लिए खास फायदे हैं।
| विकल्प | लोन की रकम | SC/ST और महिलाओं के लिए फायदा | कहां आवेदन करें |
|---|---|---|---|
| CGTMSE गारंटी वाला बैंक MSE लोन | प्रति उधारकर्ता ₹10 करोड़ तक गारंटी | कोई कोलैटरल नहीं; योग्य लोन पर महिला-नेतृत्व वाली यूनिट को 90% तक और SC/ST यूनिट को 85% तक गारंटी कवर; गारंटी फीस में 10% छूट | कोई भी बैंक ब्रांच या जनसमर्थ पोर्टल |
| PMEGP | प्रोजेक्ट ₹50 लाख तक (मैन्युफैक्चरिंग) या ₹20 लाख तक (सर्विस) | विशेष कैटेगरी: 25% (शहरी) या 35% (ग्रामीण) सब्सिडी, सिर्फ 5% अपनी रकम | KVIC PMEGP पोर्टल |
| मुद्रा लोन | ₹10 लाख तक (तरुण); ₹20 लाख तक (तरुण लोन चुकाने के बाद तरुण प्लस) | बिना कोलैटरल; आरक्षण नहीं, लेकिन महिलाएं इसका खूब इस्तेमाल करती हैं | बैंक, एनबीएफसी, एमएफआई या जनसमर्थ |
| आरबीआई कोलैटरल नियम | 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद मंजूर ₹20 लाख तक के माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज लोन | बैंक कोलैटरल नहीं मांग सकता | कोई भी बैंक |
दो सावधानियां: PMEGP के 2021-26 चक्र की मंजूरी 31 मार्च 2026 को खत्म हुई और सरकार ने कहा कि इसे जारी रखने का मूल्यांकन चल रहा है, इसलिए KVIC पोर्टल पर पक्का करें कि आवेदन खुले हैं। और CGTMSE कवर बैंक के अपने क्रेडिट मूल्यांकन पर निर्भर है: यह कोलैटरल की जरूरत हटाता है, अच्छे प्लान की जरूरत नहीं। हमारी गाइड CGTMSE बिना गारंटी लोन और PMEGP लोन सब्सिडी देखें।
उदाहरण: आज ₹30 लाख का पहला उद्यम
शहर की एक महिला उद्यमी ₹30 लाख की कुल प्रोजेक्ट लागत से छोटी गारमेंट यूनिट शुरू करना चाहती है। पुरानी स्टैंड-अप इंडिया में वह कम से कम ₹3 लाख लगाकर कंपोजिट लोन मांगती। अभी उपलब्ध दो रास्ते, उदाहरण के तौर पर 11% ब्याज और 7 साल (84 महीने) की अवधि के साथ:
रास्ता A: CGTMSE कवर वाला बैंक टर्म लोन
- अपनी रकम 10% = ₹3,00,000; बैंक लोन = ₹27,00,000
- ईएमआई = P × r × (1 + r)^n / [(1 + r)^n − 1], जहां r = 11 / 12 / 100 = ₹46,231
- 7 साल का कुल ब्याज = करीब ₹11,83,369
- साथ में लोन पर सालाना गारंटी फीस, जो बैंक आप पर डाल सकता है; महिला उधारकर्ताओं को फीस दर में 10% छूट मिलती है
रास्ता B: PMEGP (अगर खुली हो), विशेष कैटेगरी, शहरी
- अपनी रकम 5% = ₹1,50,000; बैंक लोन = ₹28,50,000
- सब्सिडी ₹30,00,000 का 25% = ₹7,50,000, जो डिपॉजिट में रखी जाती है और बाद में लोन में एडजस्ट होती है
- ब्याज वाला कर्ज = ₹28,50,000 − ₹7,50,000 = ₹21,00,000
- ₹21,00,000 पर ईएमआई = ₹35,957; कुल ब्याज = करीब ₹9,20,398
PMEGP वाला हिसाब सरल रखा गया है (सब्सिडी तीन साल बाद ही एडजस्ट होती है, और शेड्यूल बैंक तय करता है), लेकिन यह दिखाता है कि कैपिटल सब्सिडी गारंटी से ज्यादा बचत क्यों कराती है। अपने आंकड़े ईएमआई कैलकुलेटर में जांचें।
अभी आवेदन कैसे करें, चरण दर चरण
- अपना बिजनेस उद्यम पर रजिस्टर करें (मुफ्त)। इससे आप माइक्रो या स्मॉल एंटरप्राइज के रूप में दर्ज होते हैं और महिला या SC/ST स्वामित्व साबित कर सकते हैं। देखें एमएसएमई लोन के लिए उद्यम रजिस्ट्रेशन के फायदे।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाएं, जिसमें मशीनरी के कोटेशन, वर्किंग कैपिटल की जरूरत और वास्तविक बिक्री हो।
- बैंक जाने से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखें; पुराना डिफॉल्ट रिजेक्शन की आम वजह है। हमारी गाइड सिबिल स्कोर मुफ्त में कैसे चेक करें इस्तेमाल करें।
- आवेदन करें जनसमर्थ पोर्टल पर या ब्रांच में CGTMSE कवर वाले MSE लोन के लिए, या KVIC PMEGP पोर्टल पर अगर वह खुला है।
- की फैक्ट स्टेटमेंट मांगें और ब्याज दर, गारंटी फीस और यह जांचें कि ₹20 लाख तक के लोन पर कोई कोलैटरल तो नहीं मांगा जा रहा।
रिजेक्शन की आम वजहें
- कमजोर प्रोजेक्ट रिपोर्ट: बिक्री इतनी नहीं कि ईएमआई आराम से निकल जाए।
- क्रेडिट हिस्ट्री की दिक्कत: राइट-ऑफ या सेटल हुआ लोन।
- पुराने उद्यम को नया बताना उस योजना में जिसमें ग्रीनफील्ड यूनिट चाहिए (पुरानी स्टैंड-अप इंडिया, PMEGP)।
- स्वामित्व साफ तौर पर महिला या SC/ST प्रमोटर के पास नहीं, जो ज्यादा CGTMSE कवर और फीस छूट के लिए मायने रखता है।
शिकायत कैसे करें
अगर बैंक आपका आवेदन लटकाए रखे या ऐसा कोलैटरल मांगे जो वह नहीं ले सकता, तो ब्रांच और फिर बैंक के ग्रीवांस ऑफिसर को लिखित शिकायत करें। आरबीआई के नियम के मुताबिक ₹25 लाख तक के MSE लोन पर 14 कामकाजी दिनों में क्रेडिट फैसला होना चाहिए। अगर 30 दिन में संतोषजनक जवाब न मिले, तो cms.rbi.org.in पर शिकायत करें। किसी सरकारी दफ्तर की देरी के लिए pgportal.gov.in इस्तेमाल करें। "स्टैंड-अप इंडिया सैंक्शन" के नाम पर फीस मांगने वाले एजेंट को कभी पैसे न दें; योजना नए लोन के लिए बंद है।
मुख्य बातें
- स्टैंड-अप इंडिया में 31 मार्च 2025 से नए लोन बंद हैं; नए रूप की घोषणा हुई लेकिन अक्टूबर 2026 तक अधिसूचना नहीं आई।
- पहली बार की महिला, SC और ST उद्यमियों के लिए ₹2 करोड़ तक के टर्म लोन का बजट 2025-26 का वादा इसकी संभावित उत्तराधिकारी योजना है; पीआईबी और DFS वेबसाइट पर नजर रखें।
- आज CGTMSE गारंटी वाला MSE लोन (महिला-नेतृत्व वाली यूनिट को 90% तक कवर), खुली हो तो PMEGP, या मुद्रा इस्तेमाल करें।
- 1 अप्रैल 2026 से मंजूर ₹20 लाख तक के MSE लोन पर बैंक कोलैटरल नहीं ले सकते।
- स्टैंड-अप इंडिया के मौजूदा उधारकर्ता अपनी मंजूर शर्तों पर चलते रहेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या स्टैंड-अप इंडिया योजना 2026 में खुली है?
नहीं। वित्त मंत्री ने मार्च 2026 में लोकसभा को बताया कि योजना मार्च 2025 में खत्म हो गई और इसे नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। अक्टूबर 2026 तक हमें नए रूप को लागू करने की कोई आधिकारिक अधिसूचना नहीं मिली, इसलिए पुरानी योजना में नए लोन मंजूर नहीं हो रहे।
स्टैंड-अप इंडिया में लोन की रकम कितनी थी?
18 साल या उससे ज्यादा उम्र के SC/ST और महिला उद्यमियों को मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, ट्रेडिंग या कृषि से जुड़ी गतिविधियों में पहले (ग्रीनफील्ड) उद्यम के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बैंक लोन। उधार लेने वाले को प्रोजेक्ट लागत का कम से कम 10% खुद लगाना होता था।
महिला, SC और ST उद्यमियों के लिए ₹2 करोड़ वाली लोन योजना क्या है?
केंद्रीय बजट 2025-26 में 5 लाख पहली बार की महिला, SC और ST उद्यमियों के लिए पांच साल में ₹2 करोड़ तक के टर्म लोन की नई योजना की घोषणा हुई, जो स्टैंड-अप इंडिया के अनुभवों पर आधारित होगी। अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक स्रोतों में इसकी ऑपरेशनल गाइडलाइंस नहीं मिलीं।
महिला या SC/ST उद्यमी अब स्टैंड-अप इंडिया की जगह क्या इस्तेमाल करें?
मुख्य विकल्प हैं CGTMSE गारंटी वाला बैंक लोन (महिला और SC/ST के लिए ज्यादा गारंटी कवर और फीस में 10% छूट), नई यूनिट के लिए PMEGP सब्सिडी, और ₹20 लाख तक मुद्रा लोन। साथ ही बैंक ₹20 लाख तक के माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज लोन पर कोलैटरल नहीं मांग सकते।
मेरा स्टैंड-अप इंडिया लोन पहले से चल रहा है, उसका क्या होगा?
मौजूदा लोन आपके सैंक्शन लेटर की शर्तों पर चलता रहेगा। योजना खत्म होने से सिर्फ नए लोन रुके हैं; आप तय शर्तों पर किस्तें भरते रहेंगे, और योजना खत्म होने की वजह से बैंक शर्तें नहीं बदल सकता।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।