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टीडीएस फॉर्म 26AS या AIS में नहीं दिख रहा? ऐसे ठीक करें

टीडीएस कटा लेकिन फॉर्म 26AS (अब फॉर्म 168) या AIS में नहीं दिख रहा? वजह पता करें, डिडक्टर से करेक्शन करवाएं और आईटीआर में क्रेडिट व रिफंड बचाएं।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 7 मिनट में पढ़ें
टीडीएस फॉर्म 26AS या AIS में नहीं दिख रहा? ऐसे ठीक करें
इस लेख में
  1. नया कानून, नए नाम
  2. टीडीएस गायब क्यों होता है
  3. स्टेप-बाय-स्टेप समाधान
  4. जब एम्प्लॉयर ने टीडीएस काटा लेकिन जमा नहीं किया
  5. उदाहरण से समझें: इस अंतर की कीमत (काल्पनिक)
  6. खास मामले
  7. डिडक्टर को भेजी जाने वाली रिक्वेस्ट का नमूना
  8. क्या न करें
  9. मुख्य बातें
फ्री टूलIncome Tax Calculatorखोलें →

"मेरी सैलरी स्लिप और फॉर्म 16 में टीडीएस दिख रहा है, लेकिन फॉर्म 26AS में कम दिख रहा है, इसलिए मेरे आईटीआर में टैक्स बकाया दिख रहा है।" टीडीएस फॉर्म 26AS (टैक्स ईयर 2026-27 से फॉर्म 168) में तभी दिखता है जब डिडक्टर आपके सही पैन के साथ सही तिमाही टीडीएस रिटर्न फाइल करता है। डिडक्टर से वह रिटर्न फाइल या ठीक करने को कहें; क्रेडिट दिखने के बाद अपना आईटीआर या रेक्टिफिकेशन फाइल करें, ताकि क्रेडिट और रिफंड मंजूर हो सकें।

आप फॉर्म 26AS को खुद एडिट नहीं कर सकते, लेकिन वजह जल्दी पता करके सबूत के साथ डिडक्टर पर दबाव बना सकते हैं। यह गाइड दोनों बातें बताती है, अक्टूबर 2026 तक के फॉर्म और नियमों के साथ। किस स्टेटमेंट में क्या होता है, यह जानने के लिए देखें फॉर्म 16 vs AIS vs 26AS।

नया कानून, नए नाम

1 अप्रैल 2026 से Income-tax Act, 2025 और Income-tax Rules, 2026 ने ज्यादातर टीडीएस फॉर्म के नाम बदल दिए हैं। प्रक्रिया वही है।

काम वित्त वर्ष 2025-26 तक टैक्स ईयर 2026-27 से
टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट Form 26AS Form 168
सैलरी टीडीएस सर्टिफिकेट Form 16 Form 130
सैलरी के अलावा टीडीएस सर्टिफिकेट (एफडी ब्याज, किराया, फीस) Form 16A Form 131
एम्प्लॉयर का तिमाही टीडीएस रिटर्न Form 24Q Form 138
अन्य रेजिडेंट टीडीएस रिटर्न Form 26Q Form 140
सैलरी टीडीएस का सेक्शन Section 192 Section 392

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2026 में फाइल किए जाने वाले रिटर्न में आप अब भी फॉर्म 26AS का इस्तेमाल करेंगे। मौजूदा टैक्स ईयर के लिए पोर्टल अब सालाना स्टेटमेंट नए नाम से दिखाता है।

टीडीएस गायब क्यों होता है

वजह कैसे पहचानें कौन ठीक करेगा
तिमाही टीडीएस रिटर्न अभी फाइल नहीं हुआ पूरी तिमाही की एंट्री गायब है डिडक्टर
गलत पैन डाला गया आपके सर्टिफिकेट में एक अंक अलग पैन है, या पैन ही नहीं है डिडक्टर, करेक्शन स्टेटमेंट से
गलत साल या तिमाही क्रेडिट किसी दूसरे साल के स्टेटमेंट में दिखता है डिडक्टर
टैक्स काटा लेकिन जमा नहीं किया चालान मेल नहीं खाता; डिडक्टर टालता है या चुप हो जाता है डिडक्टर; टैक्स विभाग कार्रवाई कर सकता है
चालान मेल नहीं खाता एंट्री "U" (unmatched) या "P" (provisional) स्टेटस के साथ दिखती है डिडक्टर
आपका पैन इनऑपरेटिव है ज्यादा टीडीएस कटा; रिफंड जारी नहीं हुआ आप, आधार लिंक करके
रिटर्न फाइल हुआ लेकिन अभी प्रोसेस हो रहा है तिमाही अभी खत्म हुई है कुछ दिन इंतजार करें

हर एंट्री के आगे लिखा बुकिंग-स्टेटस अक्षर बहुत कुछ बताता है। "F" का मतलब final (जमा रकम से मिलान हो गया)। "U" का मतलब unmatched, "P" provisional और "O" overbooked; इन सभी में डिडक्टर को चालान की जानकारी ठीक करनी होगी।

स्टेप-बाय-स्टेप समाधान

स्टेप 1: स्टेटमेंट ठीक से जांचें

  1. incometax.gov.in पर लॉग इन करें।
  2. e-File > Income Tax Returns > View Form 26AS पर जाएं (इससे TRACES खुलता है), और असेसमेंट ईयर चुनें। टैक्स ईयर 2026-27 के लिए इसी जगह फॉर्म 168 देखें।
  3. Services में AIS भी खोलें। TDS/TCS वाला हिस्सा जांचें।
  4. डिडक्टर का नाम और TAN, भुगतान की गई रकम, टीडीएस, तिमाही और बुकिंग स्टेटस को अपने सर्टिफिकेट या पेस्लिप से मिलाएं।

स्टेप 2: पीछे पड़ने से पहले डेडलाइन देखें

तिमाही टीडीएस रिटर्न की डेडलाइन 31 जुलाई (Q1), 31 अक्टूबर (Q2), 31 जनवरी (Q3) और 31 मई (Q4) है। अगर आप जून की शुरुआत में Q4 का सैलरी टीडीएस देख रहे हैं, तो हो सकता है वह अभी प्रोसेस हो रहा हो।

स्टेप 3: डिडक्टर को लिखें

डिडक्टर (एम्प्लॉयर का पेरोल, बैंक ब्रांच, किरायेदार, क्लाइंट) को अपने पैन, अवधि, रकम और टीडीएस के साथ लिखित रिक्वेस्ट भेजें, और टीडीएस रिटर्न फाइल या ठीक करने को कहें। चालान नंबर (CIN) और जमा करने की तारीख मांगें। एम्प्लॉयर और बैंक आम तौर पर कुछ हफ्तों में TRACES पर करेक्शन स्टेटमेंट फाइल कर देते हैं।

स्टेप 4: अगर डिडक्टर जवाब न दे

  • ई-फाइलिंग पोर्टल पर e-Nivaran में शिकायत करें, टीडीएस से जुड़ी कैटेगरी चुनें और अपना सर्टिफिकेट व पेस्लिप लगाएं।
  • बैंक के मामले में, ब्रांच मैनेजर, फिर बैंक के ग्रीवांस या नोडल ऑफिसर तक जाएं। अगर बैंक 30 दिन में सेवा की चूक ठीक नहीं करता, तो आरबीआई इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन (cms.rbi.org.in) मामला उठा सकता है।
  • सबूत रखें: पेस्लिप, Form 16/130 या 16A/131 सर्टिफिकेट, नेट भुगतान दिखाने वाले बैंक स्टेटमेंट।

स्टेप 5: अपना आईटीआर फाइल करें या ठीक करें

  • अगर डेडलाइन इजाजत दे, तो ठीक किया गया क्रेडिट दिखने तक इंतजार करें, फिर फाइल करें।
  • अगर अभी फाइल करना जरूरी है, तो असल में कटा टीडीएस क्लेम करें, लेकिन उम्मीद रखें कि प्रोसेस होने के बाद इंटिमेशन में सिर्फ स्टेटमेंट में मौजूद रकम ही मंजूर होगी।
  • डिडक्टर के ठीक करने के बाद, ऑनलाइन रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट फाइल करें ताकि क्रेडिट मंजूर हो जाए। अगर गलती आपके रिटर्न में ही है, तो देखें आईटीआर की गलती ठीक करने के लिए रिवाइज्ड रिटर्न।

जब एम्प्लॉयर ने टीडीएस काटा लेकिन जमा नहीं किया

यह सबसे खराब स्थिति है, लेकिन कानून आपको सुरक्षा देता है। पुराने एक्ट की Section 205 पहले से कटे टैक्स के लिए डिडक्टी से सीधी डिमांड पर रोक लगाती थी, और 1 जून 2015 के सीबीडीटी निर्देश ने अफसरों से कहा कि ऐसी डिमांड टैक्सपेयर से न वसूलें। गुजरात हाईकोर्ट ने 2024 में फैसला दिया कि जिस कर्मचारी के एम्प्लॉयर ने टीडीएस काटा लेकिन जमा नहीं किया, उस पर कोई डिमांड नहीं उठाई जा सकती, और रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 2026 में विभाग की अपील खारिज कर दी। टैक्स कटने का सबूत रखें: सैलरी स्लिप, सर्टिफिकेट और नेट सैलरी के बैंक क्रेडिट। अगर डिमांड या नोटिस आए, तो पोर्टल पर इसी सबूत के साथ जवाब दें।

उदाहरण से समझें: इस अंतर की कीमत (काल्पनिक)

सैलरीड कर्मचारी करण का वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,20,000 टीडीएस कटा: हर तिमाही ₹30,000। उसके फॉर्म 26AS में सिर्फ ₹90,000 दिख रहा है, क्योंकि उसके एम्प्लॉयर ने Q4 का रिटर्न देर से फाइल किया।

  • उसकी आय पर देय टैक्स: ₹1,05,000।
  • आईटीआर में क्लेम किया गया टीडीएस: ₹1,20,000, इसलिए उसे ₹1,20,000 − ₹1,05,000 = ₹15,000 रिफंड की उम्मीद है।
  • प्रोसेसिंग में मंजूर टीडीएस: ₹90,000।
  • नतीजा: ₹15,000 के रिफंड की जगह इंटिमेशन में ₹1,05,000 − ₹90,000 = ₹15,000 टैक्स बकाया दिखता है, साथ में ब्याज।
  • उसके खिलाफ कुल अंतर: ₹15,000 + ₹15,000 = ₹30,000, ठीक गायब तिमाही जितना।

एम्प्लॉयर के Q4 रिटर्न फाइल करने और ₹30,000 दिखने के बाद करण ने रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट फाइल की। डिमांड हट गई और ₹15,000 का रिफंड प्रोसेस हो गया। पहले इनकम टैक्स कैलकुलेटर से अपना टैक्स जांच लें।

खास मामले

  • पैन इनऑपरेटिव होने से ज्यादा टीडीएस: क्रेडिट तो दिखता है, लेकिन रिफंड रुका रहता है। पहले इसे ठीक करें; देखें आधार लिंक न होने से पैन इनऑपरेटिव।
  • टीडीएस किसी दूसरे साल में दिख रहा है: यह मार्च में बुक हुए और अप्रैल में कटे एफडी ब्याज के साथ आम है। डिडक्टर साल ठीक कर सकता है, या नियमों के हिसाब से आप उस साल क्रेडिट क्लेम कर सकते हैं जिसमें आय पर टैक्स लगता है; रकम बड़ी हो तो किसी टैक्स प्रोफेशनल से पूछें।
  • टीडीएस AIS में है लेकिन फॉर्म 26AS में नहीं (या उल्टा): क्रेडिट आम तौर पर फॉर्म 26AS/168 के हिसाब से मिलता है। अगर आय का कोई आंकड़ा गलत है तो AIS फीडबैक का इस्तेमाल करें।
  • ठीक होने के बाद भी रिफंड में देरी: देखें इनकम टैक्स रिफंड में देरी।

डिडक्टर को भेजी जाने वाली रिक्वेस्ट का नमूना

विषय: टीडीएस फॉर्म 26AS में नहीं दिख रहा - पैन [पैन] - [अवधि]

प्रिय [पेरोल टीम / ब्रांच मैनेजर],

[तिमाही, वित्त वर्ष] के लिए मेरी [सैलरी / एफडी ब्याज / फीस] से काटा गया
₹[रकम] का टीडीएस [पेस्लिप / फॉर्म 16 / फॉर्म 16A] में दिख रहा है, लेकिन
असेसमेंट ईयर [वर्ष] के मेरे फॉर्म 26AS में नहीं दिख रहा। मेरा पैन [पैन] है।

कृपया चालान (CIN) और जमा करने की तारीख की पुष्टि करें, और टीडीएस रिटर्न
फाइल करें या ठीक करें ताकि क्रेडिट मेरे पैन पर दिखे। कृपया करेक्शन
स्टेटमेंट की तारीख भी बताएं।

नाम: [नाम]   मोबाइल: [नंबर]

क्या न करें

  • अगर आपके पास टैक्स कटने का सबूत है तो "डिमांड" दोबारा न भरें; इसकी जगह पोर्टल पर जवाब दें।
  • जो क्रेडिट कभी दिखा ही नहीं, उसे बिना फॉलो-अप के क्लेम न करें; वह नामंजूर होगा और उस पर ब्याज लग सकता है।
  • "26AS अपडेट करने" का ऑफर देने वाले किसी को अपना ई-फाइलिंग पासवर्ड या ओटीपी न बताएं; इसे न आप एडिट कर सकते हैं, न एजेंट।
  • इनऑपरेटिव पैन को नजरअंदाज न करें; यह हर साल का रिफंड रोक देता है।

मुख्य बातें

  • टीडीएस फॉर्म 26AS (टैक्स ईयर 2026-27 से फॉर्म 168) में तभी पहुंचता है जब डिडक्टर आपके पैन के साथ सही तिमाही रिटर्न फाइल करता है।
  • बुकिंग स्टेटस देखें: "F" के अलावा कुछ भी हो तो डिडक्टर को चालान की जानकारी ठीक करनी होगी।
  • अपने पैन, अवधि और रकम के साथ डिडक्टर को लिखें; e-Nivaran से और बैंकों के मामले में ग्रीवांस ऑफिसर और आरबीआई CMS से शिकायत आगे बढ़ाएं।
  • अगर टैक्स काटा गया लेकिन जमा नहीं हुआ, तो आपसे उसे दोबारा नहीं वसूला जाना चाहिए; सबूत रखें।
  • क्रेडिट दिखने के बाद रेक्टिफिकेशन फाइल करें ताकि डिमांड हटे और रिफंड जारी हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरा टीडीएस फॉर्म 26AS में क्यों नहीं दिख रहा?

आम तौर पर डिडक्टर ने अभी तक अपना तिमाही टीडीएस रिटर्न फाइल नहीं किया होता, गलत पैन डाला होता है, गलत साल या सेक्शन में फाइल किया होता है, या टैक्स काटकर जमा नहीं किया होता। कभी-कभी रिटर्न फाइल हो चुका होता है और एंट्री बस प्रोसेस होने का इंतजार कर रही होती है।

अगर टीडीएस फॉर्म 26AS में नहीं है तो क्या मैं आईटीआर में उसका क्लेम कर सकता हूं?

आप इसे दिखा सकते हैं, लेकिन रिटर्न फॉर्म 26AS (टैक्स ईयर 2026-27 से फॉर्म 168) में मौजूद टैक्स क्रेडिट के आधार पर प्रोसेस होता है, इसलिए गायब रकम नामंजूर हो जाएगी और डिमांड बन सकती है। समाधान यह है कि डिडक्टर करेक्शन फाइल करे; क्रेडिट दिखने के बाद आप रेक्टिफिकेशन मांग सकते हैं।

तिमाही खत्म होने के कितने समय बाद टीडीएस फॉर्म 26AS में दिखता है?

डिडक्टर चारों तिमाहियों के टीडीएस रिटर्न 31 जुलाई, 31 अक्टूबर, 31 जनवरी और 31 मई तक फाइल करते हैं। रिटर्न प्रोसेस होने के बाद एंट्री आम तौर पर कुछ दिनों से लेकर दो-एक हफ्ते में दिख जाती है।

अगर एम्प्लॉयर ने टीडीएस काटा लेकिन जमा नहीं किया तो क्या होगा?

उस टैक्स के लिए डिडक्टर जिम्मेदार है। पुराने एक्ट की Section 205 और सीबीडीटी के 2015 के निर्देश के तहत, अगर आप दिखा सकें कि टैक्स काटा गया था तो विभाग को वह टैक्स आपसे दोबारा नहीं मांगना चाहिए, और अदालतों ने इसे सही ठहराया है। सैलरी स्लिप और टीडीएस सर्टिफिकेट सबूत के तौर पर रखें और ई-फाइलिंग पोर्टल पर डिडक्टर की शिकायत करें।

फॉर्म 26AS, फॉर्म 168 और AIS में क्या अंतर है?

फॉर्म 26AS वित्त वर्ष 2025-26 तक इस्तेमाल होने वाला टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट है। Income-tax Rules, 2026 के तहत टैक्स ईयर 2026-27 से यह स्टेटमेंट फॉर्म 168 है। AIS बड़ा सालाना सूचना स्टेटमेंट है, जिसमें आय और लेनदेन भी दिखते हैं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

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