रिवाइज्ड रिटर्न: ITR में हुई गलती कैसे सुधारें
ITR में गलती हो गई? रिवाइज्ड रिटर्न कैसे भरें, 31 मार्च की नई डेडलाइन और फीस, और कब ITR-U, रेक्टिफिकेशन या डिफेक्टिव रिटर्न नोटिस का जवाब चुनें।

इस लेख में
अगर आपको पहले से भरे इनकम टैक्स रिटर्न में कोई गलती दिखे, तो रिवाइज्ड रिटर्न भरें। FY 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए, अक्टूबर 2026 की स्थिति में, आप 31 मार्च 2027 तक रिवाइज कर सकते हैं: 31 दिसंबर 2026 तक कोई फीस नहीं, और उसके बाद ₹1,000 या ₹5,000 फीस। अगर यह समय निकल चुका है, तो गलती के हिसाब से अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) या रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट अब भी काम आ सकती है।
आपकी गलती के लिए कौन सा रास्ता सही है?
| आपकी स्थिति | रास्ता | पुराना सेक्शन (1961 एक्ट) | नया सेक्शन (2025 एक्ट) |
|---|---|---|---|
| समय-सीमा के अंदर पता चला कि कोई आय छूट गई, गलत डिडक्शन क्लेम हुआ, गलत फॉर्म या रिजीम की गलत जानकारी भरी | रिवाइज्ड रिटर्न | 139(5) | 263(5) |
| समय-सीमा निकल चुकी है और आप पर ज्यादा टैक्स बनता है | अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) | 139(8A) | 263(6) |
| डिपार्टमेंट की प्रोसेसिंग में साफ गलती है (TDS क्रेडिट नहीं हुआ, हिसाब में गलती) | रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट | 154 | 2025 एक्ट में नया नंबर |
| आपको "डिफेक्टिव रिटर्न" का नोटिस मिला | डिफेक्ट नोटिस का जवाब, आम तौर पर 15 दिन में | 139(9) | 2025 एक्ट में नया नंबर |
| आपने रिटर्न भरा ही नहीं और ड्यू डेट निकल गई | बिलेटेड रिटर्न | 139(4) | 263(4) |
FY 2025-26 के रिटर्न पर 1961 का कानून लागू है। टैक्स ईयर 2026-27 से 2025 के कानून के नंबर लागू होंगे।
रिवाइज्ड रिटर्न: डेडलाइन और फीस
बजट 2026 ने रिवीजन का समय संबंधित साल खत्म होने के बाद नौ महीने से बढ़ाकर बारह महीने कर दिया, और आखिरी तीन महीनों में रिवीजन पर फीस जोड़ दी। अक्टूबर 2026 की स्थिति:
| रिटर्न किस साल का | बिना फीस का समय | फीस के साथ | फीस |
|---|---|---|---|
| FY 2025-26 (AY 2026-27) | 31 दिसंबर 2026 तक | 1 जनवरी से 31 मार्च 2027 | आय ₹5 लाख तक होने पर ₹1,000, वरना ₹5,000 (पुराना सेक्शन 234-I) |
| टैक्स ईयर 2026-27 | 31 दिसंबर 2027 तक | 1 जनवरी से 31 मार्च 2028 | यही रकम (2025 एक्ट का सेक्शन 428) |
हर मामले में रिवीजन असेसमेंट पूरा होने से पहले भी भरना जरूरी है। अगर आपका रिटर्न स्क्रूटनी के लिए चुना जाता है और असेसमेंट ऑर्डर पहले पास हो जाता है, तो आपका रिवाइज करने का अधिकार खत्म हो जाता है।
बिलेटेड रिटर्न पर भी यही डेडलाइन लागू है, इसलिए देर से रिटर्न भरने वाले भी अब उसे सुधार सकते हैं। इस बदलाव से पहले दिसंबर के आखिर में भरे गए रिटर्न को रिवाइज करने का समय मुश्किल से ही मिलता था।
रिवाइज्ड रिटर्न कैसे भरें
- ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें और उसी असेसमेंट ईयर के लिए File Income Tax Return चुनें।
- फाइलिंग टाइप: revised return चुनें (FY 2025-26 के लिए 139(5))।
- ओरिजिनल रिटर्न का एक्नॉलेजमेंट नंबर और फाइलिंग की तारीख भरें।
- सही ITR फॉर्म इस्तेमाल करें। आप फॉर्म बदल सकते हैं, जैसे कैपिटल गेन छूट गया हो तो ITR-1 से ITR-2।
- पूरा रिटर्न दोबारा पूरा भरें। रिवाइज्ड रिटर्न ओरिजिनल की पूरी तरह जगह लेता है; यह सिर्फ बदलावों की लिस्ट नहीं है।
- अगर अतिरिक्त टैक्स बनता है, तो पहले उसे ब्याज के साथ सेल्फ-असेसमेंट टैक्स के रूप में चुकाएं, और चालान की जानकारी भरें।
- अगर आप 31 दिसंबर के बाद भर रहे हैं, तो रिवीजन फीस चुकाएं और उसका चालान भरें।
- सबमिट करें और 30 दिन के अंदर ई-वेरिफाई करें। बिना वेरिफाई किया गया रिवाइज्ड रिटर्न भरा हुआ नहीं माना जाता।
शुरू करने से पहले अपने AIS, TIS और फॉर्म 26AS की ताजा कॉपी डाउनलोड करें। हमारी फॉर्म 16, AIS और 26AS गाइड बताती है कि इन्हें कैसे मिलाएं, ताकि दूसरी बार रिवाइज न करना पड़े।
उदाहरण: FD का ब्याज छूट गया
अर्जुन ने जुलाई 2026 में नई रिजीम में अपना FY 2025-26 का रिटर्न भरा। उसकी टैक्सेबल सैलरी ₹13,25,000 थी, यानी 15% स्लैब। नवंबर 2026 में उसे पता चलता है कि उसने ₹40,000 का FD ब्याज छोड़ दिया था, जिस पर बैंक ने ₹4,000 TDS काटा था।
- अतिरिक्त टैक्स: ₹40,000 × 15% = ₹6,000
- 4% सेस: ₹240
- कुल अतिरिक्त टैक्स: ₹6,240
- घटाएं पहले से कटा TDS: ₹4,000
- बाकी देय: ₹2,240, साथ में पोर्टल जो भी देर से भुगतान का ब्याज निकाले
वह नवंबर में, यानी 31 दिसंबर 2026 से पहले रिवाइज कर रहा है, इसलिए कोई रिवीजन फीस नहीं लगती।
अगर वह फरवरी 2027 तक रुकता है, तो वह अब भी रिवाइज कर सकता है, लेकिन उसकी आय ₹5 लाख से ज्यादा है, इसलिए ₹5,000 फीस देनी होगी। यह फीस उसके बकाया टैक्स के दोगुने से भी ज्यादा है, इसीलिए जल्दी सुधार करना जरूरी है।
अगर उसे अगस्त 2027 में पता चलता है, तो रिवीजन का समय निकल चुका होगा। उसे ITR-U भरना होगा। असेसमेंट ईयर खत्म होने के 12 महीने के अंदर अतिरिक्त टैक्स, देय टैक्स और ब्याज का 25% है। समझने के लिए, ₹2,240 पर यह ₹560 होता है, इसलिए उसे ब्याज के अलावा करीब ₹2,800 देने होंगे। इसे बिना सुधारे छोड़ने पर नोटिस का खतरा है, क्योंकि यह ब्याज पहले से उसके AIS में दिख रहा है।
अपडेटेड रिटर्न (ITR-U)
ITR-U से आप रिवीजन का समय निकलने के बाद भी छूटी हुई आय दिखा सकते हैं, बशर्ते इससे टैक्स बढ़े। अक्टूबर 2026 की स्थिति में इसकी समय-सीमा असेसमेंट ईयर खत्म होने से 48 महीने है, और आपको देय टैक्स और ब्याज पर अतिरिक्त टैक्स देना होता है:
| कब भरा (असेसमेंट ईयर खत्म होने से) | अतिरिक्त टैक्स |
|---|---|
| 12 महीने के अंदर | 25% |
| 24 महीने के अंदर | 50% |
| 36 महीने के अंदर | 60% |
| 48 महीने के अंदर | 70% |
ITR-U का इस्तेमाल आप इनके लिए नहीं कर सकते:
- लॉस दिखाने या टैक्स घटाने के लिए
- रिफंड बढ़ाने के लिए
- उस साल के लिए सर्च, सर्वे या असेसमेंट शुरू होने के बाद रिटर्न भरने के लिए
ऐसे मामलों में रास्ते सिर्फ समय के अंदर रिवाइज्ड रिटर्न, या रेक्टिफिकेशन या अपील हैं।
रेक्टिफिकेशन: जब गलती डिपार्टमेंट की हो
अगर आपका रिटर्न सही था लेकिन प्रोसेसिंग में गड़बड़ी हुई, जैसे फॉर्म 26AS में दिखने के बावजूद TDS क्रेडिट नहीं हुआ, या इंटिमेशन में हिसाब की गलती है, तो पोर्टल पर Services में जाकर ऑनलाइन रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट डालें। आप रिटर्न को दोबारा प्रोसेस करवाने या टैक्स क्रेडिट के मिसमैच को सुधारने का विकल्प चुन सकते हैं। रेक्टिफिकेशन रिकॉर्ड से साफ दिखने वाली गलतियों के लिए है, नए क्लेम या छूटी आय के लिए नहीं।
डिफेक्टिव रिटर्न नोटिस
अगर डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को डिफेक्टिव मानता है, जैसे कोई शेड्यूल छूटा हो या टैक्स देय दिखाया गया हो लेकिन चुकाया न गया हो, तो आपको नोटिस मिलता है जिसमें गलती सुधारने को कहा जाता है, आम तौर पर 15 दिन में। ई-फाइलिंग पोर्टल पर e-Proceedings में जवाब दें। जवाब न देने पर रिटर्न अमान्य माना जा सकता है, जो देर से सुधार करने से कहीं ज्यादा बुरा है।
आम गलतियां जिन्हें रिवाइज करना चाहिए
- सेविंग्स अकाउंट या FD का ब्याज छूट जाना
- शेयर या म्यूचुअल फंड के कैपिटल गेन रिपोर्ट न करना
- दो एम्प्लॉयर की सैलरी न जोड़ना, या स्टैंडर्ड डिडक्शन दो बार क्लेम करना
- रिफंड के लिए गलत बैंक अकाउंट (इसे अक्सर बिना रिवाइज किए पोर्टल पर ठीक किया जा सकता है)
- नई रिजीम में HRA या चैप्टर VIII के डिडक्शन क्लेम करना, जहां ये मिलते ही नहीं; देखें हमारे HRA छूट के नियम
- विदेश में रखी संपत्ति या ESOP शेड्यूल FA में न दिखाना
रिवीजन आपके फायदे का भी हो सकता है: अगर आप पुरानी रिजीम में कोई ऐसा डिडक्शन भूल गए जिसके आप हकदार थे, या TDS कम क्लेम किया, तो समय के अंदर भरा रिवाइज्ड रिटर्न आपका रिफंड बढ़ा सकता है। अगली बार क्या-क्या जुटाना है, इसके लिए ITR फाइलिंग चेकलिस्ट देखें, और फर्क का अनुमान इनकम टैक्स कैलकुलेटर से लगाएं। अगर रिफंड ही अटका हुआ है, तो देखें इनकम टैक्स रिफंड में देरी।
मुख्य बातें
- अक्टूबर 2026 की स्थिति में FY 2025-26 का रिटर्न 31 मार्च 2027 तक रिवाइज किया जा सकता है, या असेसमेंट पूरा होने तक, अगर वह पहले हो।
- 31 दिसंबर 2026 के बाद रिवीजन पर ₹1,000 (आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 फीस लगती है।
- रिवाइज्ड रिटर्न ओरिजिनल की पूरी तरह जगह लेता है; इसे 30 दिन के अंदर ई-वेरिफाई करें।
- समय निकलने के बाद ITR-U से 48 महीने तक आय जोड़ी जा सकती है, 25% से 70% अतिरिक्त टैक्स के साथ, लेकिन इससे टैक्स घटाया नहीं जा सकता।
- डिपार्टमेंट की प्रोसेसिंग की गलतियों के लिए रेक्टिफिकेशन करें, और डिफेक्टिव रिटर्न नोटिस का जवाब समय पर दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
FY 2025-26 के लिए रिवाइज्ड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख क्या है?
अक्टूबर 2026 की स्थिति में 31 मार्च 2027, या असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो। बजट 2026 ने यह समय संबंधित साल खत्म होने के बाद नौ महीने से बढ़ाकर बारह महीने कर दिया है।
क्या रिवाइज्ड रिटर्न भरने पर फीस लगती है?
अगर आप साल खत्म होने के नौ महीने के अंदर रिवाइज करते हैं, यानी FY 2025-26 के लिए 31 दिसंबर 2026 तक, तो कोई फीस नहीं लगती। उसके बाद 31 मार्च 2027 तक भरे गए रिवीजन पर कुल आय ₹5 लाख तक होने पर ₹1,000 और बाकी मामलों में ₹5,000 फीस लगती है।
मैं अपना ITR कितनी बार रिवाइज कर सकता हूं?
इसकी कोई तय सीमा नहीं है। हर रिवाइज्ड रिटर्न पिछले रिटर्न की जगह ले लेता है, बशर्ते वह समय-सीमा के अंदर भरा जाए और असेसमेंट पूरा न हुआ हो।
क्या बिलेटेड रिटर्न को रिवाइज किया जा सकता है?
हां। बिलेटेड रिटर्न भी उसी समय-सीमा के अंदर रिवाइज किया जा सकता है, जो FY 2025-26 के लिए 31 मार्च 2027 है।
अगर रिवाइज्ड रिटर्न की डेडलाइन छूट जाए तो क्या करें?
अगर सुधार से आपका टैक्स बढ़ता है, तो आप 48 महीने के अंदर अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) भर सकते हैं, जिसमें टैक्स और ब्याज का 25% से 70% अतिरिक्त टैक्स देना होता है। ITR-U से टैक्स घटाया नहीं जा सकता और न ही बड़ा रिफंड क्लेम किया जा सकता है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।