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बैंक बैलेंस कैसे चेक करें: सभी बैंक (मिस्ड कॉल, SMS, यूपीआई)

सभी बैंकों का बैलेंस चेक करने के तरीके: मिस्ड कॉल और SMS नंबर, बिना इंटरनेट *99#, यूपीआई ऐप, नेट बैंकिंग, एटीएम, पासबुक और सुरक्षा टिप्स।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 8 मिनट में पढ़ें
बैंक बैलेंस कैसे चेक करें: सभी बैंक (मिस्ड कॉल, SMS, यूपीआई)
इस लेख में
  1. सभी बैंक बैलेंस चेक के तरीके एक नजर में
  2. 1. मिस्ड कॉल से बैंक बैलेंस चेक
  3. 2. SMS से बैलेंस इंक्वायरी
  4. 3. यूएसएसडी *99#: बिना इंटरनेट बैलेंस चेक
  5. 4. यूपीआई ऐप: रोज का ऑनलाइन बैलेंस चेक
  6. 5. मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग
  7. 6. एटीएम और पासबुक
  8. उदाहरण: दो बैलेंस मेल क्यों नहीं खाते
  9. सुरक्षा: असली बैलेंस चेक कभी ये नहीं मांगता
  10. अगर कोई तरीका काम न करे
  11. मुख्य बातें

भारत में सभी बैंकों का बैलेंस चेक करने का सबसे तेज और फ्री तरीका है अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से बैंक के बैलेंस इंक्वायरी नंबर पर मिस्ड कॉल या SMS; बिना इंटरनेट आप *99# भी डायल कर सकते हैं, और इंटरनेट हो तो कोई भी यूपीआई ऐप, बैंक का ऐप या नेट बैंकिंग तुरंत बैलेंस दिखा देता है। ब्रांच के पास हों तो एटीएम या पासबुक अपडेट भी काम आता है। नीचे दिए सभी तरीके लगभग हर भारतीय बैंक के लिए चलते हैं; बस नंबर और ऐप के मेन्यू अलग होते हैं। ज्यादातर तरीकों की मुख्य शर्त यह है कि आपका मोबाइल नंबर बैंक में रजिस्टर्ड हो।

अगर बैलेंस पता नहीं, बल्कि गलत लग रहा है, तो हर एंट्री समझने के लिए बैंक स्टेटमेंट कैसे पढ़ें पढ़ें।

सभी बैंक बैलेंस चेक के तरीके एक नजर में

तरीका इंटरनेट चाहिए? क्या चाहिए आम तौर पर खर्च
मिस्ड कॉल नहीं रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर आम तौर पर फ्री
SMS बैंकिंग नहीं रजिस्टर्ड मोबाइल, बैंक का SMS फॉर्मेट सामान्य SMS चार्ज लग सकता है
यूएसएसडी *99# नहीं रजिस्टर्ड मोबाइल, यूपीआई पिन हर सेशन पर टेलीकॉम का छोटा चार्ज लग सकता है
यूपीआई ऐप हां यूपीआई पिन फ्री
बैंक ऐप / नेट बैंकिंग हां लॉगिन आईडी, पासवर्ड, ओटीपी फ्री
व्हाट्सऐप बैंकिंग (जहां उपलब्ध) हां रजिस्टर्ड मोबाइल फ्री
एटीएम नहीं डेबिट कार्ड और एटीएम पिन अपने बैंक के एटीएम पर फ्री; दूसरे बैंक के एटीएम पर फ्री लिमिट में गिना जा सकता है
पासबुक अपडेट नहीं पासबुक, ब्रांच या कियोस्क जाना पासबुक अपने आप में फ्री

1. मिस्ड कॉल से बैंक बैलेंस चेक

यह सबसे लोकप्रिय इंस्टेंट बैलेंस चेक है। रजिस्टर्ड मोबाइल से बैंक के बैलेंस इंक्वायरी नंबर पर कॉल करें, एक-दो रिंग के बाद कॉल कट जाती है, और कुछ सेकंड में बैलेंस का SMS आ जाता है। खाते से कोई पैसा नहीं कटता।

नीचे दिए नंबर अक्टूबर 2026 में हर बैंक की अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जांचे गए हैं। बैंक कभी-कभी ये नंबर बदलते हैं, इसलिए कोई नंबर काम न करे तो बैंक की साइट या ऐप पर पुष्टि करें।

बैंक बैलेंस इंक्वायरी मिनी स्टेटमेंट बैंक की वेबसाइट के अनुसार नोट
एसबीआई +91 92237 66666 पर मिस्ड कॉल या "BAL" SMS +91 92237 66666 पर मिस्ड कॉल या "MSTMT" SMS पहले +91 72089 33148 पर "REG खाता नंबर" SMS से रजिस्टर करें; आखिरी "क्लियर" बैलेंस दिखता है
एचडीएफसी बैंक 1800 270 3333 1800 270 3355 (पिछले 7 दिन के लेनदेन) रजिस्टर्ड मोबाइल से मिस्ड कॉल
आईसीआईसीआई बैंक 95946 12612 95946 13613 (आखिरी 3 लेनदेन) रजिस्टर्ड फोन से बिना चार्ज कॉल
एक्सिस बैंक 1800 419 5959 (हिंदी: 1800 419 5858) 1800 419 6969 (हिंदी: 1800 419 6868) SMS बैंकिंग में रजिस्ट्रेशन भी जरूरी
पंजाब नेशनल बैंक 1800 180 2223 (या 0120 2303090) बैंक से पूछें सेविंग और करंट खातों के लिए
बैंक ऑफ बड़ौदा 84680 01155 या 73040 15000 99660 66621 या 73040 16000 बैलेंस दिन में 3 बार तक, मिनी स्टेटमेंट दिन में एक बार
कोटक महिंद्रा बैंक 1800 274 0110 बैंक से पूछें रजिस्टर्ड मोबाइल से कॉल करें

किसी और बैंक के लिए, चाहे सहकारी, स्मॉल फाइनेंस या ग्रामीण बैंक हो, उसका नंबर बैंक की वेबसाइट पर देखें, आम तौर पर "मिस्ड कॉल बैंकिंग" या "SMS बैंकिंग" सेक्शन में। सोशल मीडिया पोस्ट से नंबर न लें; ठग अक्सर नकली "कस्टमर केयर" नंबर फैलाते हैं।

अगर एक मोबाइल नंबर पर कई खाते जुड़े हैं, तो कुछ बैंक सिर्फ प्राइमरी खाते का बैलेंस भेजते हैं या SMS से पसंदीदा खाता तय करने को कहते हैं।

2. SMS से बैलेंस इंक्वायरी

कई बैंक "BAL" जैसा कीवर्ड किसी लंबे नंबर पर भेजने की सुविधा देते हैं। जैसे, उनकी वेबसाइट के अनुसार एसबीआई रजिस्टर्ड मोबाइल से "BAL" और आईसीआईसीआई बैंक "IBAL" (92156 76766 पर) स्वीकार करता है। SMS चार्ज, अगर लगे, तो आपके मोबाइल प्लान के हिसाब से लगता है। फॉर्मेट हर बैंक में काफी अलग होता है, इसलिए बैंक के SMS बैंकिंग पेज पर दिया सही कीवर्ड ही इस्तेमाल करें।

3. यूएसएसडी *99#: बिना इंटरनेट बैलेंस चेक

*99# एनपीसीआई (NPCI) की यूएसएसडी सेवा है। यह किसी भी मोबाइल फोन पर, साधारण फीचर फोन पर भी, बिना मोबाइल डेटा के चलती है:

  1. बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर से *99# डायल करें।
  2. पूछे जाने पर अपनी भाषा चुनें।
  3. बैलेंस चेक करने का विकल्प चुनें।
  4. अपना यूपीआई पिन डालें। स्क्रीन पर बैलेंस आ जाएगा।

अगर यूपीआई पिन नहीं बनाया है, तो आम तौर पर इसी मेन्यू में डेबिट कार्ड की जानकारी से बना सकते हैं। टेलीकॉम कंपनियां ट्राई (TRAI) के नियमों के तहत हर यूएसएसडी सेशन पर छोटा चार्ज ले सकती हैं, इसलिए मोबाइल बैलेंस से मामूली कटौती पर हैरान न हों। इसी सेवा से पैसे भी भेजे जा सकते हैं, जैसा हमारी यूपीआई काम नहीं कर रहा गाइड में बताया गया है।

4. यूपीआई ऐप: रोज का ऑनलाइन बैलेंस चेक

कोई भी यूपीआई ऐप (बैंक का अपना या थर्ड-पार्टी) हर जुड़े खाते का बैलेंस दिखा सकता है:

  1. ऐप खोलें और बैंक अकाउंट सेक्शन में जाएं।
  2. खाते पर "Check balance" दबाएं।
  3. यूपीआई पिन डालें।

अगस्त 2025 से लागू एनपीसीआई के एपीआई इस्तेमाल नियमों के तहत बैलेंस इंक्वायरी हर ऐप पर दिन में लगभग 50 बार तक सीमित है, जो किसी की भी जरूरत से कहीं ज्यादा है। ध्यान रहे कि यूपीआई लाइट में डाला पैसा फोन में अलग बैलेंस के रूप में रहता है और बैंक बैलेंस का हिस्सा नहीं होता; अगर वह अटका लगे तो यूपीआई लाइट बैलेंस की समस्याएं देखें। पिन भूल गए हैं तो यूपीआई पिन रीसेट कैसे करें पढ़ें।

5. मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग

बैंक का आधिकारिक ऐप या नेट बैंकिंग लॉगिन के बाद होम स्क्रीन पर उपलब्ध बैलेंस, हाल के लेनदेन और डाउनलोड करने लायक स्टेटमेंट दिखाता है। यह सबसे विस्तृत ऑनलाइन बैलेंस चेक है, क्योंकि इसमें खाते पर लगे होल्ड, लियन और जुड़ी एफडी भी दिखती हैं। गलत प्रयासों के बाद लॉक हो गए हों तो नेट बैंकिंग लॉक देखें।

कई बैंक रजिस्टर्ड मोबाइल से व्हाट्सऐप बैंकिंग पर भी बैलेंस बताते हैं। सिर्फ बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दिया नंबर सेव करें और वेरिफाइड बिजनेस बैज देखें।

6. एटीएम और पासबुक

  • एटीएम: डेबिट कार्ड डालें, पिन डालें, "Balance enquiry" चुनें। दूसरे बैंक के एटीएम पर बैलेंस चेक आपकी महीने की फ्री एटीएम लेनदेन लिमिट में गिना जा सकता है, इसलिए अपने बैंक के चार्ज देख लें।
  • पासबुक: ब्रांच काउंटर या सेल्फ-सर्विस पासबुक प्रिंटिंग कियोस्क पर अपडेट कराएं। आरबीआई लंबे समय से बैंकों से कहता रहा है कि व्यक्तिगत सेविंग खाताधारकों को पासबुक सुविधा दें। पासबुक में सिर्फ आखिरी प्रिंट तक की एंट्री होती है, इसलिए वह लाइव बैलेंस से पीछे रह सकती है।

उदाहरण: दो बैलेंस मेल क्यों नहीं खाते

प्रिया का SMS बैलेंस और यूपीआई ऐप दोनों ₹18,200 दिखाते हैं, लेकिन 1 अक्टूबर को आखिरी बार छपी पासबुक ₹26,450 दिखाती है। उसने 22 अक्टूबर को ₹5,000 का चेक भी जमा किया था।

  • पासबुक (1 अक्टूबर): ₹26,450
  • उसके बाद के डेबिट: किराया ₹7,000 + यूपीआई खर्च ₹1,250 = ₹8,250
  • ₹26,450 − ₹8,250 = ₹18,200, जो SMS और यूपीआई बैलेंस से मेल खाता है।
  • ₹5,000 का चेक अभी शामिल नहीं है क्योंकि वह क्लियर नहीं हुआ। क्लियर होने पर बैलेंस ₹18,200 + ₹5,000 = ₹23,200 हो जाना चाहिए।

यानी पासबुक बस पुरानी थी। अगर उसके खाते में ₹10,000 का औसत मासिक बैलेंस जरूरी हो और महीने के ज्यादातर दिन ₹18,200 रहे, तो वह आराम से उससे ऊपर है। फिर भी चार्ज लगे तो मिनिमम बैलेंस चार्ज को कैसे चुनौती दें देखें। मिनिमम से काफी ज्यादा पड़ा पैसा कहीं और ज्यादा कमा सकता है; एफडी कैलकुलेटर से विकल्प तुलना करें। ब्रांच गए बिना हर एंट्री देखने के लिए बैंक की डिजिटल पासबुक या स्टेटमेंट डाउनलोड का इस्तेमाल करें।

सुरक्षा: असली बैलेंस चेक कभी ये नहीं मांगता

बैलेंस चेक करने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को कुछ भी बताने की जरूरत नहीं होती। ये नियम याद रखें:

  • ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवीवी या नेट बैंकिंग पासवर्ड कभी किसी को न बताएं, चाहे वह खुद को बैंक का कर्मचारी बताए। बैंक ये चीजें नहीं मांगते।
  • यूपीआई पिन सिर्फ अपने ऐप में पैसे भेजने या बैलेंस देखने के लिए डाला जाता है। पैसे पाने के लिए कभी पिन नहीं चाहिए।
  • "फ्री बैलेंस चेक ऐप" के ऑफर से सावधान रहें। ऐप स्टोर में कई ऐप बैंक SMS पढ़कर सभी बैंकों का बैलेंस दिखाने का वादा करते हैं। कुछ नुकसानदेह नहीं होते, लेकिन कुछ SMS, कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग या एक्सेसिबिलिटी जैसी गैरजरूरी परमिशन मांगते हैं और ओटीपी पढ़ सकते हैं। बैंक का आधिकारिक ऐप या एनपीसीआई की वेबसाइट पर सूचीबद्ध यूपीआई ऐप चुनें, और ऐप के काम से मेल न खाने वाली परमिशन मना करें। जोखिम भरी परमिशन कैसे काम करती हैं, यह हमारी लोन ऐप परमिशन गाइड में बताया गया है।
  • सर्च विज्ञापन या सोशल मीडिया पर दिखे नंबर पर कॉल न करें। डेबिट कार्ड, पासबुक या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर छपा नंबर ही इस्तेमाल करें।
  • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखें। बैलेंस SMS और फ्रॉड अलर्ट उसी नंबर पर आते हैं। देखें बैंक खाते में मोबाइल नंबर कैसे बदलें।

अगर आपने ओटीपी बता दिया है या कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल कर लिया है, तो तुरंत बैंक से कार्ड और यूपीआई ब्लॉक कराएं, 1930 साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, और फर्जी ऐप फ्रॉड की शिकायत कैसे करें पढ़ें।

अगर कोई तरीका काम न करे

  1. पक्का करें कि कॉल या SMS रजिस्टर्ड मोबाइल से हो रहा है और नेटवर्क है।
  2. मिस्ड कॉल या SMS बैंकिंग में रजिस्टर करें, क्योंकि कुछ बैंक एक बार रजिस्ट्रेशन मांगते हैं।
  3. देखें कि खाता निष्क्रिय (डॉर्मेंट) या फ्रीज तो नहीं; निष्क्रिय खातों पर ये सेवाएं जवाब नहीं दे सकतीं। देखें डॉर्मेंट खाता दोबारा कैसे चालू करें।
  4. बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर पर कॉल करें या पासबुक और आईडी लेकर ब्रांच जाएं।

मुख्य बातें

  • ज्यादातर बैंकों में रजिस्टर्ड मोबाइल से मिस्ड कॉल या SMS सबसे तेज और फ्री बैलेंस चेक है।
  • *99# यूपीआई पिन के साथ किसी भी फोन पर बिना इंटरनेट चलता है।
  • यूपीआई ऐप, बैंक ऐप और नेट बैंकिंग तुरंत ऑनलाइन बैलेंस दिखाते हैं; पासबुक सिर्फ आखिरी अपडेट तक की एंट्री दिखाती है।
  • बैलेंस इंक्वायरी नंबर सिर्फ बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से लें, क्योंकि नंबर बदलते हैं और नकली नंबर भी घूमते हैं।
  • ओटीपी या पिन कभी न बताएं, और SMS या कॉन्टैक्ट्स की परमिशन मांगने वाले बैलेंस ऐप से बचें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बिना इंटरनेट के बैंक बैलेंस कैसे चेक करें?

अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से बैंक के बैलेंस इंक्वायरी नंबर पर मिस्ड कॉल दें या SMS भेजें, या *99# डायल करें, जो बिना मोबाइल डेटा के साधारण फोन पर भी चलता है। एटीएम पर बैलेंस इंक्वायरी या ब्रांच में पासबुक अपडेट भी बिना इंटरनेट काम करते हैं।

क्या मिस्ड कॉल से बैलेंस चेक करना फ्री है?

ज्यादातर बैंक अपनी मिस्ड कॉल बैलेंस सेवा को फ्री बताते हैं और कॉल उठने से पहले अपने-आप कट जाती है। SMS से पूछने पर आपके मोबाइल प्लान का सामान्य SMS चार्ज लग सकता है, इसलिए अपने बैंक की शर्तें देख लें।

मिस्ड कॉल से बैलेंस चेक क्यों नहीं हो रहा?

कॉल उसी मोबाइल नंबर से होनी चाहिए जो उस बैंक खाते में रजिस्टर्ड है, और कुछ बैंक पहले SMS बैंकिंग में रजिस्ट्रेशन भी मांगते हैं। अगर नंबर बदला है तो पहले ब्रांच या नेट बैंकिंग से उसे अपडेट कराएं।

क्या सभी बैंकों का बैलेंस दिखाने वाला थर्ड-पार्टी ऐप सुरक्षित है?

एनपीसीआई की वेबसाइट पर सूचीबद्ध यूपीआई ऐप यूपीआई पिन डालने के बाद ही बैलेंस दिखाते हैं, जो काफी सुरक्षित है। SMS, कॉन्टैक्ट्स या एक्सेसिबिलिटी की परमिशन मांगने वाले अनजान 'ऑल बैंक बैलेंस' ऐप से बचें, और ओटीपी, पिन या सीवीवी किसी को न बताएं।

यूपीआई ऐप का बैलेंस पासबुक से अलग क्यों दिखता है?

यूपीआई और SMS आम तौर पर लाइव उपलब्ध बैलेंस दिखाते हैं, जबकि पासबुक में सिर्फ आखिरी अपडेट तक की एंट्री छपी होती है। क्लियर न हुए चेक, होल्ड या लियन और यूपीआई लाइट में रखी रकम से भी आंकड़े अलग दिख सकते हैं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

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