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ITR ऑनलाइन कैसे भरें: ई-फाइलिंग पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप

incometax.gov.in पर ITR ऑनलाइन कैसे भरें: लॉगिन, फॉर्म चुनें, प्री-फिल्ड डेटा जांचें, टैक्स व्यवस्था चुनें, टैक्स भरें, सबमिट और ई-वेरिफाई करें।

लेखक: Moksh Shahअपडेट: 7 मिनट में पढ़ें
ITR ऑनलाइन कैसे भरें: ई-फाइलिंग पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप
इस लेख में
  1. अक्टूबर 2026 में आप कौन सा रिटर्न भर रहे हैं?
  2. लॉगिन करने से पहले
  3. स्टेप-बाय-स्टेप: ई-फाइलिंग पोर्टल पर ITR भरना
  4. उदाहरण: रिफंड क्लेम करने के लिए बिलेटेड रिटर्न (सिर्फ समझाने के लिए)
  5. पोर्टल पर इन गलतियों से बचें
  6. मुख्य बातें
फ्री टूलIncome Tax Calculatorखोलें →

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) ऑनलाइन भरने के लिए आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) पर अपने पैन या आधार से लॉगिन करें, e-File > Income Tax Returns > File Income Tax Return पर जाएं, असेसमेंट ईयर और अपना ITR फॉर्म चुनें, प्री-फिल्ड आय और टैक्स डेटा को अपने दस्तावेजों से मिलाएं, बकाया टैक्स भरें, सबमिट करें और 30 दिन के अंदर ई-वेरिफाई करें। Form 16 वाला और बिना जटिल आय वाला सैलरीड व्यक्ति आम तौर पर एक घंटे से कम में यह काम पूरा कर लेता है।

यह स्क्रीन-दर-स्क्रीन गाइड है। अगर आपको अभी कागजात इकट्ठा करने हैं, तो हमारी ITR फाइलिंग चेकलिस्ट से शुरू करें, जिसमें दस्तावेज, फॉर्म और ड्यू डेट विस्तार से बताए गए हैं।

अक्टूबर 2026 में आप कौन सा रिटर्न भर रहे हैं?

आयकर अधिनियम, 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ है, इसलिए अभी दो तरह के नियम चल रहे हैं:

किस अवधि की आय कौन सा कानून लागू अभी आप क्या कर सकते हैं (अक्टूबर 2026 तक)
FY 2025-26 (AY 2026-27) आयकर अधिनियम, 1961 नॉन-ऑडिट मामलों के लिए मूल ड्यू डेट (31 जुलाई 2026) निकल चुकी है। 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भरें, या पहले से भरे रिटर्न को इसी तारीख तक रिवाइज करें
टैक्स ईयर 2026-27 (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027) आयकर अधिनियम, 2025 अभी कुछ भरना नहीं है। रिटर्न 2027 के बीच से सेक्शन 263 (पुराना सेक्शन 139) के तहत भरे जाएंगे, ज्यादातर सैलरीड लोगों के लिए ड्यू डेट 31 जुलाई 2027

2026 के आखिर में यह पढ़ने वाले ज्यादातर लोग या तो FY 2025-26 का बिलेटेड रिटर्न भर रहे हैं या अगले साल की तैयारी कर रहे हैं। पोर्टल के स्टेप दोनों के लिए एक जैसे हैं।

लॉगिन करने से पहले

ये चीजें तैयार रखें, क्योंकि पोर्टल ज्यादातर फील्ड खुद भर देता है लेकिन उसे यह नहीं पता कि क्या छूट गया है:

  • आधार से लिंक पैन, और ओटीपी के लिए आधार में दर्ज मोबाइल नंबर
  • हर एम्प्लॉयर से Form 16 (टैक्स ईयर 2026-27 से इसे Form 130 कहा जाता है)
  • AIS, TIS और Form 26AS, जो पोर्टल से ही डाउनलोड होते हैं
  • बैंक ब्याज सर्टिफिकेट, और अगर आपने शेयर या म्यूचुअल फंड यूनिट बेचे हैं तो कैपिटल गेन स्टेटमेंट
  • रिफंड के लिए प्री-वैलिडेटेड बैंक खाता (Profile > My Bank Account में देखें)

शुरू करने से पहले इन्हें आपस में कैसे मिलाएं, यह हमारी Form 16, AIS और 26AS गाइड में बताया गया है।

स्टेप-बाय-स्टेप: ई-फाइलिंग पोर्टल पर ITR भरना

स्टेप 1: लॉगिन करें

incometax.gov.in खोलें और यूजर आईडी के रूप में अपने पैन (या आधार) और पासवर्ड से लॉगिन करें, या नेट बैंकिंग से। पहली बार इस्तेमाल करने वाले पहले पैन से रजिस्टर करें।

स्टेप 2: नया रिटर्न शुरू करें

e-File > Income Tax Returns > File Income Tax Return पर जाएं। चुनें:

  • Assessment year: FY 2025-26 की आय के लिए AY 2026-27
  • Mode of filing: Online (या Offline, अगर आप डाउनलोड होने वाली यूटिलिटी इस्तेमाल करते हैं, जो ज्यादा एंट्री वाले ITR-2 और ITR-3 भरने वालों के लिए ठीक है)

Start New Filing पर क्लिक करें। अगर आपने पहले ड्राफ्ट सेव किया था, तो Resume Filing चुनें।

स्टेप 3: स्टेटस और फॉर्म चुनें

Individual चुनें, फिर अपना ITR फॉर्म चुनें। अगर आप तय नहीं कर पा रहे, तो पोर्टल का "Help me decide" विकल्प कुछ सवाल पूछकर मदद करता है। मोटे तौर पर:

आपकी आय आम तौर पर फॉर्म
सैलरी या पेंशन, एक हाउस प्रॉपर्टी, ब्याज, ₹1.25 लाख तक लिस्टेड इक्विटी पर LTCG, कुल आय ₹50 लाख तक, रेजिडेंट ITR-1
सैलरी के साथ ITR-1 की सीमा से ज्यादा कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति, ₹50 लाख से ज्यादा आय, कोई बिजनेस नहीं ITR-2
बिजनेस या प्रोफेशनल आय, F&O और इंट्राडे समेत ITR-3
सीमा तक प्रिजम्प्टिव बिजनेस या प्रोफेशनल आय ITR-4

फॉर्म की योग्यता हर साल नोटिफाई होती है, इसलिए चुनने से पहले पोर्टल पर कन्फर्म कर लें।

स्टेप 4: रिटर्न भरने का कारण बताएं

चुनें कि आप रिटर्न क्यों भर रहे हैं: टैक्सेबल आय बेसिक छूट सीमा से ज्यादा है, या कोई तय शर्त लागू है जैसे ज्यादा बिजली बिल या विदेश यात्रा पर खर्च, या रिफंड क्लेम करना है।

स्टेप 5: टैक्स व्यवस्था कन्फर्म करें

पर्सनल इंफॉर्मेशन सेक्शन में टैक्स व्यवस्था का सवाल दिखेगा। नई व्यवस्था डिफॉल्ट है। ध्यान रखें:

  • बिना बिजनेस आय वाला सैलरीड व्यक्ति पुरानी व्यवस्था सिर्फ मूल ड्यू डेट तक भरे गए रिटर्न में चुन सकता है। FY 2025-26 के बिलेटेड रिटर्न में नई व्यवस्था लागू होगी।
  • बिजनेस आय वाले लोग ड्यू डेट से पहले एक अलग फॉर्म भरकर नई व्यवस्था से बाहर निकलते हैं, और वापस आने पर पाबंदियां हैं।

अगर आप अगले साल के लिए फैसला कर रहे हैं, तो हमारी नई बनाम पुरानी टैक्स व्यवस्था गाइड में ब्रेकईवन टेबल देखें।

स्टेप 6: प्री-फिल्ड सेक्शन जांचें

पोर्टल पांच हिस्से पहले से भर देता है। हर एक खोलें और कन्फर्म करें:

  1. Personal information: पता, बैंक खाता, टैक्स व्यवस्था का चुनाव
  2. Gross total income: Form 16 से सैलरी, हाउस प्रॉपर्टी, दूसरे स्रोत जैसे सेविंग्स और FD ब्याज और डिविडेंड, और कैपिटल गेन
  3. Total deductions: ज्यादातर पुरानी व्यवस्था की छूटें। नई व्यवस्था में मुख्य रूप से एम्प्लॉयर का एनपीएस योगदान और कुछ और ही बचते हैं
  4. Taxes paid: Form 26AS में दिखाए गए टीडीएस, टीसीएस, एडवांस टैक्स और सेल्फ-असेसमेंट टैक्स
  5. Total tax liability: निकाला गया टैक्स, रिबेट, ब्याज और फीस

सबसे ज्यादा गलतियां हिस्सा 2 में होती हैं। प्री-फिल्ड सैलरी तभी सही है जब आपके एम्प्लॉयर ने अपने टीडीएस रिटर्न ठीक से भरे हों। ब्याज अक्सर कम भरा होता है। AIS में दिख रही जो भी चीज छूटी है उसे जोड़ें, जब तक आपने जांच न लिया हो कि AIS की वह एंट्री गलत है; ऐसे में AIS पर फीडबैक दें।

स्टेप 7: बकाया टैक्स भरें

अगर समरी में टैक्स बकाया दिखे, तो Pay Now पर क्लिक करें। इससे e-Pay Tax खुलता है, जहां आप नेट बैंकिंग, यूपीआई, डेबिट कार्ड या बैंक काउंटर पर सेल्फ-असेसमेंट टैक्स भर सकते हैं। बिलेटेड रिटर्न के लिए लेट फीस भी इसी तरह भरें। चालान की जानकारी फिर अपने-आप आपके रिटर्न में आ जाती है। टैक्स बकाया रहते हुए रिटर्न सबमिट न करें, क्योंकि उसे डिफेक्टिव माना जाएगा।

स्टेप 8: प्रीव्यू करें और सबमिट करें

Preview Return पर क्लिक करें, पूरा ड्राफ्ट एक बार पढ़ें, डिक्लेरेशन पर टिक करें और Proceed to Validation पर क्लिक करें। पोर्टल जो भी गलती बताए उसे ठीक करें, फिर सबमिट करें।

स्टेप 9: 30 दिन के अंदर ई-वेरिफाई करें

सबमिट करना आखिरी कदम नहीं है। ई-वेरिफिकेशन का एक तरीका चुनें:

  • आधार ओटीपी (ज्यादातर लोगों के लिए सबसे तेज)
  • प्री-वैलिडेटेड बैंक खाते या डीमैट खाते से EVC
  • नेट बैंकिंग लॉगिन
  • डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट

अगर कोई तरीका काम न करे, तो आप ITR-V पर साइन करके 30 दिन के अंदर स्पीड पोस्ट से CPC बेंगलुरु भेज सकते हैं। 30 दिन के बाद वेरिफाई किया गया रिटर्न वेरिफिकेशन की तारीख पर भरा हुआ माना जाता है।

स्टेप 10: प्रोसेसिंग ट्रैक करें

e-File > Income Tax Returns > View Filed Returns में स्टेटस ट्रैक करें। प्रोसेस होने पर आपको ईमेल से इंटिमेशन मिलेगा। अगर रिफंड में देरी हो, तो हमारी इनकम टैक्स रिफंड में देरी वाली गाइड देखें।

उदाहरण: रिफंड क्लेम करने के लिए बिलेटेड रिटर्न (सिर्फ समझाने के लिए)

सैलरीड रोहन ने FY 2025-26 का रिटर्न नहीं भरा क्योंकि उनके एम्प्लॉयर ने सैलरी से कोई टैक्स नहीं काटा था। अक्टूबर 2026 में वे AIS देखते हैं और पाते हैं कि ₹60,000 के FD ब्याज पर बैंक ने 10% यानी ₹6,000 टीडीएस काटा है।

मद रकम
सैलरी ₹10,00,000
घटाएं स्टैंडर्ड डिडक्शन (नई व्यवस्था) ₹75,000
FD ब्याज ₹60,000
कुल आय ₹9,85,000
स्लैब टैक्स: ₹4-8 लाख पर 5% + ₹1.85 लाख पर 10% ₹20,000 + ₹18,500 = ₹38,500
रिबेट (पुराना सेक्शन 87A, ₹12 लाख तक आय) ₹38,500
देय टैक्स शून्य
पहले से कटा टीडीएस ₹6,000
बिलेटेड रिटर्न की लेट फीस (पुराना सेक्शन 234F, ₹5 लाख से ज्यादा आय) ₹5,000

रोहन को रिटर्न भरने से पहले e-Pay Tax से ₹5,000 फीस भरनी होगी, और फिर वे ₹6,000 टीडीएस रिफंड के रूप में वापस क्लेम कर सकते हैं। उनका कुल फायदा करीब ₹1,000 है। अगर वे 31 जुलाई 2026 तक रिटर्न भर देते, तो पूरे ₹6,000 उनके रहते और कोई फीस नहीं लगती। आप अपने आंकड़े हमारे इनकम टैक्स कैलकुलेटर से जांच सकते हैं।

पोर्टल पर इन गलतियों से बचें

  • प्री-फिल्ड डेटा पर आंख मूंदकर भरोसा। यह वही दिखाता है जो दूसरों ने रिपोर्ट किया है, जरूरी नहीं कि आपकी पूरी आय।
  • नई व्यवस्था के रिटर्न में पुरानी व्यवस्था की छूट क्लेम करना। पोर्टल एंट्री ले सकता है, लेकिन प्रोसेसिंग में यह खारिज हो जाएगी।
  • ई-वेरिफाई करना भूल जाना। बिना वेरिफाई का रिटर्न भरा हुआ नहीं माना जाता।
  • बिना वैलिडेट खाते में रिफंड। सबमिट करने से पहले बैंक खाता वैलिडेट करें।
  • रिवाइज करने की जगह दोबारा रिटर्न भरना। भरे हुए रिटर्न को सुधारने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक रिवाइज्ड रिटर्न भरें। देखें रिटर्न कैसे रिवाइज करें।

मुख्य बातें

  • incometax.gov.in पर e-File > Income Tax Returns > File Income Tax Return से रिटर्न भरें, फिर साल, फॉर्म और मोड चुनें।
  • अक्टूबर 2026 तक, FY 2025-26 के रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक देर से भरे जा सकते हैं, पुराने कानून के तहत ₹5,000 तक की फीस के साथ।
  • बिना बिजनेस आय वाले बिलेटेड रिटर्न पर नई व्यवस्था से टैक्स लगता है। पुरानी व्यवस्था के लिए समय पर रिटर्न भरना जरूरी है।
  • हर प्री-फिल्ड हिस्से को AIS, Form 26AS और अपने रिकॉर्ड से मिलाएं, और सबमिट करने से पहले बकाया टैक्स भरें।
  • 30 दिन के अंदर ई-वेरिफाई करें, आम तौर पर आधार ओटीपी से, वरना रिटर्न नहीं गिना जाता।
  • टैक्स ईयर 2026-27 के रिटर्न 2027 में आयकर अधिनियम, 2025 के सेक्शन 263 के तहत भरे जाएंगे, जिसमें Form 16 की जगह Form 130 होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं बिना सीए के खुद ITR ऑनलाइन भर सकता हूं?

हां। आसान आय वाले सैलरीड लोग Form 16, AIS और Form 26AS के प्री-फिल्ड डेटा की मदद से incometax.gov.in पर खुद ITR-1 या ITR-2 भर सकते हैं। बिजनेस आय, विदेशी संपत्ति या जटिल कैपिटल गेन होने पर किसी प्रोफेशनल की मदद लें।

क्या अक्टूबर 2026 में भी FY 2025-26 का ITR भर सकते हैं?

हां। 31 जुलाई 2026 की सामान्य ड्यू डेट निकल चुकी है, लेकिन आप 31 दिसंबर 2026 तक ₹5,000 लेट फीस के साथ बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं, या कुल आय ₹5 लाख तक होने पर ₹1,000 फीस के साथ। बकाया टैक्स पर ब्याज भी लगेगा।

क्या बिलेटेड रिटर्न में पुरानी टैक्स व्यवस्था चुन सकते हैं?

अगर आपकी बिजनेस आय नहीं है तो नहीं। सैलरीड व्यक्ति पुरानी व्यवस्था सिर्फ मूल ड्यू डेट तक भरे गए रिटर्न में ही चुन सकता है। बिलेटेड रिटर्न पर डिफॉल्ट नई व्यवस्था से टैक्स लगता है।

ITR भरने के बाद इनकम टैक्स रिफंड कितने दिन में आता है?

कई आसान रिटर्न ई-वेरिफिकेशन के कुछ हफ्तों में प्रोसेस हो जाते हैं, लेकिन कोई तय गारंटी नहीं है। रिफंड सिर्फ आपके पैन से जुड़े प्री-वैलिडेटेड बैंक खाते में ही आता है।

अगर रिटर्न ई-वेरिफाई न करें तो क्या होगा?

अपलोड के 30 दिन के अंदर वेरिफाई न किया गया रिटर्न भरा हुआ नहीं माना जाता। 30 दिन के बाद वेरिफाई करने पर वेरिफिकेशन की तारीख ही फाइलिंग की तारीख मानी जाती है, इसलिए लेट फीस और ब्याज लग सकते हैं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले अपने बैंक, लेंडर या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

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